-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) सहनशीलता का शब्दिक अर्थ है शरीर और मन की अनुकूलता और प्रतिकूलता को सहन करना। मानव व्यक्तित्व के विकास और उन्नयन का मुख्य आधार तत्व सहिष्णुता है। स्वयं के विरूद्ध किसी भी आलोचना को स्वीकार नहीं करना मोटे रूप में असहिष्णुता है। बताया जाता है कि सहिष्णुता मनुष्य को दयालु और सहनशील बनाती है वहीं असहिष्णुता मनुष्य को दम्भी या अहंकारी बनाती है।…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) भारतीय संस्कृति में शामिल सभी बातें पूरे विश्व के लिए दिशादर्शक हैं, पाथेय हैं। इस राह पर चलकर भौतिक उत्थान भले ही नहीं मिले, लेकिन भौतिक उत्थान को प्राप्त करने का सामर्थ्य अवश्य ही पैदा होता है। यूं तो भारत के सांस्कृतिक दर्शन में सभी का उत्थान निहित है, तथापि मानव जीवन की संचेतना का प्रवाह भी संचरित होता है। भारतीय दर्शन का जिसने…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); वैसे तो हमारे देश में अनेक समस्याएँ हैं जैसे गरीबी बेरोजगारी भ्रष्टाचार आदि लेकिन एक समस्या जो हमारे समाज को दीमक की तरह खाए जा रही है,वो है शराब। दरअसल आज इसने हमारे समाज में जाति, उम्र, लिंग, स्टेटस, अमीर, गरीब,हर प्रकार के बन्धनों को तोड़ कर अपना एक ख़ास मुकाम बना लिया है। समाज का हर वर्ग…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) ईरान और इराक की सीमा पर रविवार देर रात को शक्तिशाली 7.3 तीव्रता वाले भूकंप से कम से कम 475 लोग मारे गए हैं और 7,500 से ज्यादा लोग घायल हो गए है।अमेरिकी भूगर्भ सर्वे के अनुसार भूकंप के बाद 150 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स के कारण राहत-बचाव में भारी कठिनाई आ रही है।मृतकों की संख्या बढ़ने की पूर्ण संभावना है।सबसे दुखद बात यह है…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) जम्मू कश्मीर के बारे में अभी तक वास्तविकता से अनभिज्ञ रहे देशवासी अब यह जानने लगे हैं कि कश्मीर के समस्या के मूल कारण क्या थे। अब यह भी कहा जाने लगा है कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते ही जम्मू कश्मीर में समस्याएं प्रभावी होती गर्इं। भारत की जनता यह कतई नहीं चाहती थी, लेकिन पाकिस्तान परस्त मानसिकता के चलते जो लोग पाकिस्तान की…
-प्रदीप उपाध्यायबचपन में यह ज्ञान दिया जाता रहा कि जो मन को अच्छा लगे वही करना लेकिन अब समझ में नहीं आता कि करें तो क्या करें।इंसान जैसे जैसे उम्र के साथ परिपक्व होता जाता है अपरिपक्वतापूर्ण बात करने लगता है।यही बात बोलने और मौन रहने पर भी लागू होती है।यदि ज्यादा बोलो तो गुनाह और नहीं बोलो तब भी गुनाह!यहाँ तो सभी एक दूसरे को गुनहगार ठहराने पर तुले…
न्यूयॉर्क/मुंबई (हम हिन्दुस्तानी)-इन दिनों अभिनेता विक्की कौशल कामयाबी की ऊंचाइयों पर हैं। अगले साल उनकी चार फिल्में रिलीज़ होने वाली हैं, और वह साल 2017-18 के सबसे व्यस्त कलाकारों में से एक हैं। आने वाले दिनों में विक्की, राजू हिरानी की चिरप्रतीक्षित फिल्म 'द दत्त बायोपिक' के अलावा मेघना गुलजार की फिल्म राज़ी, रॉनी स्क्रूवाला की फिल्म 'लव पर स्क्वायर फुट' और उरी हमले पर बनाई जा रही एक फिल्म…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार)हमारे देश में शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता होगा जब किसी न किसी इलाके से गरीबी, भुखमरी, कुपोषण, बेरोजगारी, कर्ज जैसी तमाम आर्थिक तथा अन्य सामाजिक दुश्वारियों से परेशान लोगों के आत्महत्या करने की खबरें न आती हों। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में दुनियाभर में होने वाली आत्महत्याओं को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके मुताबिक दुनिया के तमाम देशों में हर…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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