नई दिल्ली - दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इंडियन मुजाहिदीन (IM) के मोस्ट वांटेड आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। आतंकी जुनैद की गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने बड़ी कामयाबी बताया है।
चार दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि कथित तौर पर जुनैद को चार दिन पहले ही नेपाल से गिरफ्तार कर लिया गया था। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, उसे पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया गया है। इस आतंकी की तलाश काफी समय से चल रही थी।
आतंकी जुनैद 10 साल से था फरार
आरोप है कि गिरफ्तार जुनैद दिल्ली के जामिया नगर इलाके में 13 सितंबर, 2008 को हुए बटला हाउस एनकाउंटर में भी शामिल था। हमले के बाद वो बीते लगभग 10 साल से फरार चल रहा था।
15 लाख रुपये का था इनाम
दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो आतंकी जुनैद पर 15 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, जुनैद बटला हाउस एनकाउंटर के बाद से ही फरार था। बटला हाउस के अलावा जुनैद पांच अन्य मामले में भी वॉन्टेड था। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने एएनआइ को बताया कि जुनैद बम बनाने में माहिर है। इसके अलावा, साजिश रचने और फिर उस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में भी उसका कोई सानी नहीं था।
जुनैद आतिम अमीन का साथी थी, जो बटला हाउस एनकाउंटर में पुलिस के हाथों मारा गया था। जुनैद यूपी में 2007 में हुए बम धमाकों में भी शामिल था। यूपी के अलावा, 2008 में जयपुर बम बलास्ट और अहमदाबाद के अलावा, उसका नाम बटलाहाउस एनकाउंटर में भी आया था, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक सिपाही की भी मौत हो गई थी।
बता दें कि 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल बम धमाकों में अहम भूमिका निभाने वाले इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी और यासीन भटकल का सहयोगी जुनैद अब तक दिल्ली पुलिस के गिरफ्त से बाहर था। आरोप है कि जुनैद ने ग्रेटर कैलाश एम ब्लॉक मार्केट स्थित प्रिंस पान कार्नर और लिवाइस के शो रूम के बाहर बम प्लांट किया था।
दो बम धमाकों से 10 दुकानें हुई थी क्षतिग्रस्त
गौरतलब है कि 13 सितंबर, 2008 की शाम 6.37 से 6.38 बजे के बीच हुए दो धमाकों में करीब दस दुकानें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम को पता चला था कि बटला हाउस के एल-18 नंबर के मकान में सीरियल बम धमाकों के आरोपी छिपे हुए हैं।
19 सितंबर 2008 को हुए बटला हाउस एनकाउंटर के दौरान जुनैद और शहजाद उर्फ पप्पू नामक आतंकी मौके से भागने में सफल हो गए थे। शहजाद को उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने आजमगढ़ से गिरफ्तार किया था। शहजाद पर कनाट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बम रखने का आरोप है। वहीं जुनैद का बटला हाउस एनकाउंटर के बाद से कुछ पता नहीं चला था।
वहीं, उस दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आतंकी शहजाद पप्पू के मुताबिक, 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए बम धमाकों में उसके अलावा जुनैद का भी अहम रोल था। उस वक्त शहजाद पप्पू इंडियन मुजाहिदीन में शामिल हो चुका था। दरअसल इन धमाकों के लिए विस्फोटक कर्नाटक के मनिपाल से सैफ और खालिद लेकर आए थे। उन दोनों को रिसीव करने के लिए इंडियन मुजाहिदीन का दिल्ली हेड आतिफ अमीन जुनैद को साथ ले गया था।
आतिफ ने सैफ को हिदायत दी थी कि विस्फोटक दिल्ली के किसी रेलवे स्टेशन तक नहीं लाने हैं, इसीलिए सैफ और खालिद फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतर गए। आतिफ और जुनैद ने फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर विस्फोटक रिसीव किए और एल-18 बटला हाउस के फ्लैट नंबर 108 में लेकर आए। इन्हीं विस्फोटकों से 13 सितंबर को दिल्ली में बम धमाके किए गए थे।

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