मनीला - आसियान समिट के इतर मनीला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि अमेरिका और भारत के संबंध तेजी से गहरे हो रहे हैं और उनके बीच मानवता के लिए कुछ बेहतर करने पर चर्चा हुई।
छह महीने में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी द्विपक्षीय मुलाकात है। पीएम मोदी आज फिलीपींस के राष्ट्रपति रॉबर्ट दुतेर्ते से भी मुलाकात करेंगे। इस सम्मेलन में 10 प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्ष हर वर्ष शिरकत करते हैं। आसियान में ब्रुनेइ कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड और विएतनाम जैसे देश शामिल हैं।
मनीला रवाना होने से पहले पीएम मोदी की ओर से आधिकारिक बयान दिया गया था और उन्होंने कहा था, 'यह मेरी फिलीपींस की पहली द्विपक्षीय यात्रा है जहां मैं आसियान-भारत सम्मेलन और ईस्ट एशिया सम्मेलनों में हिस्सा लूंगा।' पीएम मोदी का मानना है कि इन सम्मेलनों में हिस्सा लेना भारत की आसियान देशों के साथ संबंध मजबूत करने के की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रविवार को सम्मेलन से अलग डिनर पर पीएम मोदी ने ट्रंप समेत कई नेताओं से मुलाकात भी की। इंदिरा गांधी के बाद मोदी पहले ऐसे पीएम हैं जो मनीला गए हैं और ऐसे में कोई भारतीय पीएम का 36 वर्षों बाद मनीला पहुंचा है। आसियान यानी एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस, 10 देशों का वह संगठन है जिसे आपसी व्यापार और रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू किया गया था।
आसियान का 31वां शिखर सम्मेलन सोमवार को दक्षिण चीन सागर में चीन की विस्तावादी नीतियों और उत्तर कोरिया के परमाणु महत्वकांक्षा की पृष्ठभूमि में शुरू होगा। माना जा रहा है कि दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति और प्रशांत क्षेत्र में मुक्त नौवहन इस सम्मेलन के एजेंडे में शीर्ष पर होगा। इस विवाद से आधे सदस्य सीधे तौर पर जुड़े हैं।
चार मुद्दों के चक्रव्यूह में सम्मेलन
-दक्षिण चीन सागर : संगठन के आधे देश सीधे तौर पर इस विवाद से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यह मुद्दा एजेंडे के शीर्ष पर होगा।
-नॉर्थ कोरिया: आसियान देश प्योंगयांग के खिलाफ राजनयिक सहित और सख्त प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित कर सकते हैं।
-आतंकवाद: मेजबान फिलीपींस मुस्लिम चरमपंथ का सामना कर रहा है। ऐसे में सम्मेलन में आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा होगा।
-रोहिंग्या: सदस्य देश म्यांमार से भागकर करीब छह रोहिंग्या ने बांग्लादेश में शरण ली है। इसके मद्देनजर बांग्लादेश सम्मेलन से दूरी बना सकता है।
अर्थतंत्र को प्रमुखता
-सम्मेलन से पहले रविवार को आसियान ने चीन और हांगकांग के साथ मुक्त व्यापार करार को मंजूरी दी।
-भारत के साथ मुक्त व्यापार के करार को और मजबूती देने की रूप रेखा पर भी सदस्य देश आगे बढ़ सकते।
-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित और बिना अवरोध के कारोबार के लिए प्रस्ताव हो सकता पारित, चीन डाल रहा अडंगा।
ये हस्तिया रहेंगी मौजूद सदस्य देशों के नेता
-सुल्तान हसनाल बोलकिया, ब्रुनेई
-हुन सेन, प्रधानमंत्री, कंबोडिया
-जोको विडोडो, राष्ट्रपति, इंडोनेशिया
-थांगलॉन सिसोयूलिथ, प्रधानमंत्री लाओस
-नजीब रजाक, प्रधानमंत्री, मलेशिया
-चान ओ छा, प्रधानमंत्री, थाईलैंड
-ली हेसिन लूंग, प्रधानमंत्री, सिंगापुर
-नेगूयेन झान फुक, प्रधानमंत्री, वियतनाम
-आंग सान सू की,स्टेट कांउसलर,म्यांमार
वार्ता साझेदार
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत
-डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति अमेरिका
-मैल्कम टर्नबुल, प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया
-ली केकियांग, प्रधानमंत्री, चीन
-डोनाल्ड टस्क, ईयू अध्यक्ष
-शिंजो अबे, प्रधानमंत्री जापान
-जेसिंडा एर्डेर्न, प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड
-मेन जेई इन, राष्ट्रपति दक्षिण कोरिया
-दिमित्री मेदवदेव, प्रधानमंत्री, रूस
जस्टिस ट्रिडियू, प्रधानमंत्री, कनाडा

 

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