नई दिल्ली - संसद के सोमवार से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र में विपक्ष दोनों सदनों में भारत चीन सीमा पर तनातनी, कश्मीर की वर्तमान स्थिति, किसानों की दुर्दशा तथा गोरक्षा के नाम पर लोगों की पीट पीटकर हत्या करने के मुद्दों पर सरकार को एकजुट होकर घेरने का 'भरपूर प्रयास' करेगा। विपक्षी दलों के नेताओं ने यह जानकारी दी।
विपक्षी दलों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों के दोनों सदनों में नेताओं का यह प्रयास रहेगा कि वे इन मुद्दों पर एकजुट होकर सरकार को घेरने का प्रयास करें विशेषकर राज्यसभा में। उच्च सदन में विपक्षी दलों के सदस्यों की पर्याप्त संख्या होने के कारण वे सरकार पर दबाव बनाने की स्थिति में हैं।
कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि किसानों के मुद्दे पर लोकसभा में राहुल गांधी भी हस्तक्षेप कर सकते हैं। पार्टी पहले ही कह चुकी है कि वह मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में छह किसानों के मारे जाने की घटना सहित देश भर के किसानों की दुर्दशा और आत्महत्या के मुद्दों को संसद में उठायेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के लिए यह मुद्दा काफी महत्वपूर्ण है। मंदसौर फायरिंग घटना के बाद पीड़ितों से मिलने के लिए राहुल भी वहां गये थे।
पार्टी के राज्यसभा सदस्य पी एल पुनिया ने कहा कि बढ़ती असहिष्णुता, गोरक्षा के नाम पर लोगों की पीट पीटकर हत्या करने की बढ़ती घटनाएं, दलितों एवं अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न की बढ़ती घटनाएं, भारत-चीन एवं भारत-पाकिस्तान रिश्ते, कश्मीर के बिगड़ते हालात आदि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें हम संसद में प्रमुखता से उठायेंगे।
पुनिया ने कहा, जीएसटी को जिस तरीके से देश में बिना तैयारी और जल्दबाजी में लागू किया गया, उसे लेकर व्यापारियों एवं कारोबारियों सहित देश के विभिन्न वर्गों में असंतोष है। हम जीएसटी को लागू करने और इससे जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे और इनकी खामियो को उजागर करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें टैक्स स्लैब और बहुत सी ऐसी चीजों को कर दायरे में लाने का मुद्दा शामिल है जिन पर पहले कर लगता ही नहीं था।
कांग्रेस नेता ने किसानों के मुद्दे की चर्चा करते हुए कहा कि किसानों की ऋण माफी पर केन्द्र यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकता कि यह राज्यों की जिम्मेदारी है जबकि ऋण माफी की बात किसी और ने नहीं स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। उन्होंने कहा कि हमारी पाटीर् गोरक्षा के नाम पर लोगों को मारने पीटने के मुद्दे को भी जोर शोर से उठाएगी तथा सरकार से पूछा जाएगा कि ऐसी घटनाएं केवल भाजपा शासित प्रदेशों में ही क्यों हो रही हैं।
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि उनकी पार्टी दोनों सदनों में किसानों के मुद्दे और कर्ज माफी के सरकार द्वारा किये गये वादे को पूरा नहीं करने के विषय को मजबूती से उठायेगी। उन्होंने कहा कि साथ ही हम सरकार से यह सवाल करेंगे कि आखिर देश की विदेश नीति क्या है। इसमें भारत-चीन और भारत-पाक संबंधों, कश्मीर के वर्तमान मुद्दे पर भी सरकार को घेरा जाएगा। उन्होंने कहा कि पीट पीट कर हत्या करने के मामले में मेरा एक सवाल सूचीबद्ध है। इस मामले में सरकार से तमाम स्पष्टीकरण मांगे जाएंगे।
अग्रवाल ने इस बात को बल देकर कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को घेरने में विपक्षी दल एकजुटता दिखायेंगे ताकि सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया जा सके। विपक्षी दलों के सूत्रों ने बताया कि इन दलों के सदस्यों द्वारा दोनों सदनों में विपक्ष के विभिन्न सदस्यों के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना के तहत कावार्ई करने के लिए सीबीआई एवं ईडी जैसी संस्थाओं के कथित दुरूपयोग के मुद्दे को भी वे जोरशोर से उठायेंगे।
कांग्रेस के नेता एवं राज्यसभा सदस्य सत्यव्रत चतुर्वेदी ने बताया, 'कांग्रेस संसद के दोनों सदनों में देश भर में, विशेषकर मध्य प्रदेश में किसानों की दुर्दशा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। जिन मुद्दों के कारण यह स्थिति बनी है, उन्हें पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'हमारा तो यह प्रयास होगा कि दोनों सदनों में ज्यादा से ज्यादा लोग (सदस्य) इस मुद्दे पर बोलें और कषि क्षेत्र पर आये संकट, किसानों की आत्महत्या आदि के मुद्दे पर बोलें।' चतुर्वेदी ने कहा कि हम सरकार को हर उन मुद्दों पर घेरेंगे जिन पर उसने बड़े-बड़े दावे किये थे

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