नई दिल्ली - पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को केन्द्र सरकार को नोटिस जारी कर कहा है कि वह पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की तरह इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में बठिंडा के सैनिक हवलदार धर्मपाल सिंह का मामला भी लेकर जाए। आपको बता दें कि हवलदार धर्मपाल सिंह को 1971 में पाकिस्तान के साथ हुई जंग में शहीद मान लिया गया था।
हाईकोर्ट ने यह नोटिस तब जारी किया है जब हेग की इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने पाकिस्तान की उन सब दलीलों को खारिज कर दिया जो उसने जाधव को फांसी दिलाने के लिए रखी थी। आईसीजे ने अपने आदेश में मामले की सुनवाई पूरी नहीं होने तक जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है और उसे काउंसलर एक्सेस देने को कहा है। वहीं धर्मपाल सिंह की 78 वर्षीय पत्नी पाल कौर ने पंजाब-हरियाण हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा कि उसके पति जिंदा है और पाकिस्तान की जेल में बंद है। जस्टिस एमएमएस बेदी ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र सरकार सहित चार अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार अगस्त तक जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता पाल कौर का कहना है कि पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए भारतीय सैनिक सतीश कुमार ने बताया था कि वह 19 जुलाई 1974 से 1976 तक एक जेल में थे और बाद में उन्हें दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। कोर्ट ने इस मामले में सतीश कुमार को भी नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।

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