गुजरात सरकार ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत (पद्मावती) को राज्य में रिलीज करने की अनुमति नहीं देने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज यहां एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने नवंबर माह में तब पद्मावती नाम वाली इस फिल्म को सामाजिक सद्भाव बनाये रखने के लिए गुजरात में प्रदर्शित नहीं करने की अनुमति दी थी। इसके प्रदर्शन पर प्रतिबंध का यह आदेश आगे भी जारी रहेगा।
फिल्म में हुए ये बदलाव...:-इससे पहले फिल्म का नाम बदलने और दीपिका पादुकोण के विवादास्पद घूमर नृत्य में बदलाव समेत कुछ अन्य बदलावों के बाद सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को रिलीज की अनुमति दे दी है। इसके देश भर में 25 जनवरी को रिलीज किया जाना है। गुजरात से पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश ने भी इसकी रिलीज पर बैन लगा दिया है। बता दें कि सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और राजपूत रानी पद्मावती की ऐतिहासिक कथा पर आधारित इस फिल्म का राजपूत करणी सेना समेत कई संगठन विरोध कर रहे हैं। करणी सेना ने तो इसे प्रदर्शित करने पर सिनेमा घरों पर हिंसक प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
करणी सेना की मनमानी:-श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकतार्ओं ने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज को हरी झंडी दिखाए जाने के विरोध में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के कार्यालय के बाहर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस कुछ कार्यकतार्ओं को अपने साथ ले गई।सुखदेव सिंह गोगामेरी के नेतृत्व में राजपूत संगठन के सदस्यों ने विवादित फिल्म की रिलीज की अनुमति देने पर सीबीएफसी कायार्लय के बाहर एकत्र होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। करणी सेना के एक सदस्य जीवन सिंह सोलंकी ने कहा, “हम किसी भी स्थिति में देश में फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। कुछ राज्य पहले से ही हम से सहमत हैं और इसलिए फिल्म को प्रतिबंधित कर चुके हैं। हम पूरे देश में फिल्म को प्रतिबंधित होते देखना चाहते हैं।”सोलंकी ने कहा, “हम यही नहीं रुकेंगे, बल्कि हम हमारे प्रधानमंत्री से फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह करने जा रहे हैं क्योंकि फिल्म राजपूत समुदाय की विरासत और संस्कृति को बबार्द कर देगी। फिल्मकार ने राजपूतों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।”यह पूछे जाने पर कि क्या वह संदेह को दूर करने के लिए फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज से पहले देखना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, “फिल्म में हमारे समुदाय को पूरी तरह से गलत दिखाया गया है। हम इसफिल्म को नहीं देखना चाहते। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।”करणी सेना के प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया कि संगठन के सदस्य और अन्य राजपूत संगठनों के सदस्य भी यहां विरोध करने के लिए एकत्र हुए। सीबीएफसी ने पांच संशोधनों और फिल्म का नाम 'पद्मावती' से बदलकर 'पद्मावत' कर देने पर इसकी रिलीज को मंजूरी दी है। यह भारत में 25 जनवरी को रिलीज हो रही है, हालांकि यह राजस्थान में नहीं रिलीज होगी।सीबीएफसी ने तीन सदस्यीय सलाहकार पैनल से परामर्श के बाद फिल्म को यू/ए प्रमाणपत्र के साथ हरी झंडी दिखाई है।

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