नई दिल्‍ली - हम जैसे आम लोगों के बीच मौजूद रहकर ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्‍यों को बताने वाले दुनिया के महान वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग का आज 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्‍होंने कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को मानवता के लिए बड़ा खतरा बताया था।
ब्लैक होल और बिग बैंग थ्‍योरी को समझाने वाले हॉकिंग मानवता पर कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता के बढ़ते प्रभाव को लेकर हमेशा चिंतित रहे थे। पिछले साल नवंबर में दिए एक इंटरव्यू में उन्‍होंने कहा था कि पृथ्‍वी बहुत छोटी होती जा रही है और मानवता खुद का विनाश करने को बाध्‍य है, क्‍योंकि इस ग्रह पर कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता तेजी से हमारी जगह लेती जा रही है।
हॉकिंग ने जोर देते हुए यह कहा था कि मुझे डर है कि कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता पूरी तरह से मानव की जगह ले सकती है। वह इससे पहले भी कहते रहे हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता के क्षेत्र में इतने महान विकास हो रहे हैं कि एक दिन मानव की तुलना में मशीन अधिक बहुलता में होंगे।
वहीं 2016 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी सेंटर के उद्घाटन पर हॉकिंग ने कहा था कि कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता मानवता की या तो सबसे अच्‍छी या सबसे खराब अविष्‍कार साबित हो सकती है। कुल मिलाकर हॉकिंग का कहना था कि जिस विज्ञान को आप मानवता का रक्षक और तारणहार समझते रहे हैं, वही आने वाले वक्त में इसके विनाश का कारण बन सकता है।
गौरतलब है कि हॉकिंग ने बुधवार को ब्रिटेन के कैम्ब्रिज स्थित अपने आवास पर अंतिम सांसें ली। उनके बच्चों लुसी, रॉबर्ट और टिम ने बयान जारी कर कहा, 'हमें बेहद दुख है कि हमारे प्यारे पिता आज हमें छोड़कर चले गए।' हॉकिंग को 1963 में 21 साल की उम्र में Amyotrophic Lateral Sclerosis नामक बीमारी हो गई थी। इसके चलते उनके अधिकतर अंगों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया था। वैसे तो इस बीमारी से पीड़ित लोग आमतौर पर 2 से 5 साल तक ही जिंदा रह पाते हैं, लेकिन हॉकिंग दशकों जिए।

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