नई दिल्ली - भाजपा (एनडीए) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद IAS (UPSC) की परीक्षा में तीन बार शामिल हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता मिली थी लेकिन उन्होंने UPSC की नौकरी ठुकरा दी थी
रामनाथ कोविंद की शिक्षा
रामनाथ कोविंद कानपुर देहात में डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक अक्टूबर 1945 में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई। इसके बाद कोविंद कानपुर नगर के बीएनएसडी शिक्षा निकेतन से 12वीं की और कानपुर यूनिवर्सिटी (अब छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर) से बीकॉम और एलएलबी की पढ़ाई की।
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद कानपुर से कानून की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली आए और यहां आईएएस की तैयारी की।
उन्होंने देश की सर्वोच्च सिविल सेवा में जाने के लिए आईएएस की परीक्षा दी, लेकिन पहले और दूसरे प्रयास में वे असफल रहे। उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरी बार में उन्होंने परीक्षा पास कर ली। हालांकि, उन्होंने आईएएस की जॉब ठुकरा दी, क्योंकि उन्हें एलाइड सेवा में सर्विस मिल गई थी।
हरिद्वार में गंगा के तट पर स्थित कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए समर्पित संस्था दिव्य प्रेम सेवा मिशन के आजीवन संरक्षक भी रहे।
मुख्य सेवा में चयन न होने पर रामकोविंद ने संघ लोक सेवा आयोग की नौकरी ठुकरा दी और फिर दिल्ली कोर्ट में वकालत करने लगे।
1977 में जनता पार्टी जब सरकार बनी तो रामना कोविंद उस वक्त के वित्तमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव बनाए गए। उन्हें जनता पार्टी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जूनियर काउंसलर भी बनाया।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें