सिकर (राजस्‍थान) - एक तरफ जहां देश भर की अधिकतर मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक बिल के समर्थन में सामने आई हैं, जो सालों से चली आ रही इस मुस्लिम प्रथा का विरोध करती है वहीं दूसरी तरफ आज राजस्‍थान के सिकर में सैकड़ों की संख्‍या में बुर्का पहने मुस्लिम महिलाओं ने इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।
तीन तलाक बिल के खिलाफ सड़काें पर उतरी महिलाओं ने मांग की कि मुस्लिम पर्सनल कानून में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्‍होंने पूरे शहर इस कदम के खिलाफ जोर-शोर से नारे लगाए।
10 मार्च को महाराष्‍ट्र के पुणे की बुर्काधारी महिलाओं ने भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ इस मुद्दे पर एक रैली निकाली थी। वहीं इससे पहले सात मार्च को कुछ मुस्लिम महिलाओं ने तीन तला‍क बिल के खिलाफ कोलकाता की सड़काें पर विरोध-प्रदर्शन किया।
मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्‍शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल में तीन तलाक देने वाले पति के लिए तीन साल की जेल का प्रावधान है, जिसका विरोध किया जा रहा है। इसे लोकसभा में पास किया जा चुका है, मगर राज्‍यसभा में यह अब भी अटका हुआ है। विपक्ष को इसके अपराधीकरण किए जाने को लेकर आपत्ति है।
गौरतलब है कि कुछ मुस्लिम महिलाओं के संघर्ष की बदौलत ही तीन तलाक बिल अपने इस रूप में संसद पहुंचा है। इसके बाद कई मुस्लिम महिलाएं खुलकर सामने आईं और दर्दभरी दास्‍तां बयां करते हुए तीन तलाक के खिलाफ खड़ी हुईं। सु्प्रीम कोर्ट ने भी माना कि तीन तलाक की प्रथा असंवैधानिक और समानता के खिलाफ है।

 

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें