नई दिल्ली - साल 1997 में हुए बहुचर्चित गुलशन कुमार हत्याकांड में अब एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, ये माना जा रहा था कि ये हत्या दाऊद के इशारे पर गुलशन के साथ काम कर रहे हैं संगीतकार नदीम सैफी ने ही करवाई थी और अब जल्द ही ये बात सच साबित हो सकती है। जी हां, हाल ही में एक टीवी चैनल ने दाऊद का एक ऑडियो टेप रिलीज किया है, जिसमें अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम अपने एंजेट से नदीम की सेफ्टी की बात कर रहा है जो इस वक्त लंदन में रह रहा है। गौरतलब है कि गुलशन कुमार की हत्या के बाद से ही नदीम सैफी लंदन में रह रहा है। हालांकि, भारतीय एजेंसियां उसका प्रत्यर्पण कराने की कोशिश कर रही हैं।
डॉन को सता रहा है मोदी सरकार का डर...
खबरों की माने तो दाऊद इब्राहिम को अब मोदी सरकार का डर सता रहा है। दरअसल, पाकिस्तान में छिपे दाऊद से जुड़े एक टेप से इस बात खुलासा हुआ है कि 1997 में कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या में संगीतकार नदीम सैफी का हाथ है और दाऊद ही उसे लगातार सुरक्षा दिलवा रहा है।
लंदन वाला दोस्त...
नदीम सैफी नब्बे के दशक में बॉलीवुड का एक हिट म्यूजिशयन था, जो अब ब्रिटेन में रह रहा है। 2 अगस्त, 1997 को मुम्बई में गुलशन कुमार की हत्या में नदीम को सह-संदिग्ध के तौर पर नामजद किया गया था। हाल ही में एक टी.वी. चैनल द्वारा जारी की गई टेप में दाऊद को खुद फोन पर भारत सरकार की मुहिम और नदीम के बारे फिक्र जताते सुना जा सकता है। चैनल की ओर से जारी इस टेप से गुलशन कुमार हत्याकांड में कई सनसनी खेज खुलासे हेने की उम्मीद जताई जी रही है। फोन पर दाऊद और आईएसआई एंजेट के बीच बातचीत के दौरान नदीम को लंदन वाला दोस्त कहा गया है।
2015 से हो रही हैं रिकॉर्डिंग...
बताया जा रहा है कि ये बातचीत 2015 से ही रिकॉर्ड की जा रही है। इन टेप्स में दाऊद को चिंता जताते हुए साफ सुना जा सकता है। बातचीत के मुताबिक दाऊद फोन पर अपने एक गुर्गे से जिस शख्स बारे चिंता जता रहा है वो और कोई नहीं नदीम सैफी ही है। बातचीत का टेप खुलासा करता है कि कैसे दाऊद का एक गुर्गा उसे वांछित संगीतकार को लेकर संभावित कानूनी खतरे के बारे में आगाह कर रहा है। वो बता रहा है कि मोदी सरकार के ताजा शुरू किए गए प्रयासों के क्या परिणाम हो सकते हैं।
(मीडिया में चल रहे ऑडियो टेप की रिकॉर्डिंग में ये बातें सामने आईं)
दाऊद- हैलो (लोकेशन कराची)
गुर्गा- सर, असलाम वालेकुम....(लोकेशन दुबई).....सर, वो 'लंदन वाला दोस्त' खतरे में आ गया है....इधर प्रीपरेशन दे दी है....2 दिन में उठाएंगे उसको.
दाऊद- हम्म्म किसको
गुर्गा- लंदन वाला दोस्त सर
दाऊद- कौन सा वाला
गुर्गा- बड़ा उस्ताद सर
दाऊद- अच्छा
गुर्गा- हां.....मैंने कहा अपने सुनने की खबर थी....क्योंकि इधर हालात खराब होंगे इसलिए प्रीपरेशन दे दी है...2-3 दिन पहले की. भाई अपनी सिक्योरिटी वगैरह सारी टाइट कर लो, ये काम उठाने का हो रहा है.
दाऊद- अच्छा
गुर्गा- जी भाई
दाऊद- अच्छा...अच्छा.....वो अपना चश्मा वाला की बात कर रही है ना
गुर्गा- सर......आं.....कराची वाला जो चना मुर्श है
दाऊद- हां....हां....वो सिंगर है अपना
गुर्गा- हां जी....जी जी सर बिल्कुल
दाऊद- हां....हां...हां
गुर्गा- तो ये काम हो रहा है 2 दिन बाद
दाऊद- किधर, इधर भेजेंगे या उधर ही रखेंगे
गुर्गा- उधर ही रखेंगे, उधर ही केस है ना सर जी मर्डर तो उधर ही हुआ है ना
दाऊद- हां...हां
गुर्गा- लेकिन पकड़ने से ही हालात खराब हो जाते हैं ना सर, तो इसलिए वो कह रहे हैं की इधर रुको और अपना बंदोबस्त करो सबकुछ टाइट करो.....हम उठाएंगे उसको 2 दिन में जी भाई
दाऊद- ठीक है...ठीक है...मैं बोलता हूं

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