नई दिल्ली - जम्‍मू-कश्मीर के अनंतनाग में शुक्रवार को आतंकी हमले में छह पुलिस के जवान शहीद हो गए। इसमें एसचओ और सब इंस्पेक्टर फिरोज अहमद डार भी शहीद हुए हैं। शनिवार को इन सभी जवान को श्रद्धांजलि दी गई। डार की कविता सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है।
ये कविता डार ने 2013 में लिखी थी और इसमें उन्होंने लिखा था,
क्या आपने कभी थोड़ी देर रुककर अपने आप से पूछा...
'कल्पना करो ... अपनी कब्र में खुद को। उस अंधेरे में... अकेले?
सोचो उस क्षण के बारे में जब आपके शव को नहलाया जाएगा और कब्र में ले जाने के लिए तैयार किया जाएगा
सोचो उस दिन के बारे में जब लोग तुम्हारे लिए तुम्हारी कब्र पर रोएंगे
और तुम्हारा परिवार रो रहा होगा...सोचो उस वक्त के बारे में जब तुम्हें कब्र में डाला जाएगा
जरा सोचो...अपने आपको कब्र में
उस अंधेरे में
अकेले
इसके भी अंधेरे तुम मदद के लिए रोना
लेकिन...
ये बहुत छोटी जगह है और आपकी हड्डियों को कुचल जाती हैं
आप पांच वक्त की नमाज, संगीत सुनने का पछतावा करते हैं, आप पछतावा करते हैं हिजाब ना पहनने का
आप अल्लाह के फरमान की तामील नहीं करते हैं
लेकिन इससे भाग नहीं सकते...
आप अपने कर्मों के साथ अकेले होते हो
वहां कोई पैसे, कोई ज्वैलरी नहीं होगी, सिर्फ आपके कर्मों होंगे
अल्लाह हम सबकी रक्षा करेंगे और हमें कब्र की सज़ा से बचाएंगे.आमीन

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