भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रहे 6 मैचों की सीरीज में भारत भले ही चौथा वन डे हार गया, लेकिन विराट की सेना अभी भी 1-3 से आगे है। यानी टीम इंडिया को इतिहास रचने के लिए सिर्फ एक जीत की दरकार है। लेकिन सवाल उठता है कि प्रोटियाज को लगातार तीन मैचों में हराने वाली ब्लू जर्सी वाली विराट की सेना दक्षिण अफ्रीका की पिंक जर्सी से कैसे हार गई। अगर पूरे मैच पर गौर करें तो टीम इंडिया हार की कई वजहें रहीं। तो आइए एक-एक जानते हैं आखिर वो कौन से कारण रहें जिससे दक्षिण अफ्रीका की गुलाबी गैंग फिर से वापसी कर गई। बार-बार बारिश के कारण खेल में बाधा आने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका ने 15 गेंद पहले ही लक्ष्य हासिल कर भारत को पांच विकेट से हरा दिया। इस मैच में मेहमान टीम की ओर से क्लासेन (43) और मिलर (39) की बेहतरीन बल्लेबाजी की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने इस जीत के बाद 6 मैचों की सीरीज का स्कोर 1-3 कर लिया। इससे पहले भारतीय पारी में सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (109) के करियर के 100वें मैच में शतक और कप्तान विराट कोहली (75) की हाफ सेंचुरी से टीम इंडिया ने 7 विकेट पर 289 रन बनाकर 290 रनों का लक्ष्य दिया था, न्यू वांडर्स की पीच पर टीम इंडिया की हार में कोई एक विलेन नहीं रहा बल्कि कई ऐसे कारण रहे जिनसे टीम इंडिया हार गई।
ये है टीम इंडिया की हार की वजह
1. स्पीनर्स का फ्लॉप शो:-हालांकि भारत के कलाई के स्पिनरों की जोड़ी युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने पिछले तीन मुकाबलों में दक्षिण अफ्रीकी बैटिंग लाइनअप की कमर तोड़ दी और भारत की जीत में शानदार भूमिका निभाई। लेकिन चौथे वन डे मैच में चहल और कुलदीप सबसे महंगे गेंदबाज साबित होंगे ये उनलोगों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज इन दोनों स्पिनर्स के फिरकी में नहीं फंसे और खूब रन बटोरो। अब आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि चहल ने इस मैच में कितने रन लुटाए होंगे। चहल ने इस मैच में 5.3 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 68 रन खर्च कर सिर्फ 1 विकेट लिया। यानी प्रति ओवर 12 से भी ज्यादा। वहीं चाइनामैन कुलदीप ने 8.50 रन प्रति ओवर खर्च किए। उनका बॉलिंग विश्लेषण भी कुछ इस प्रकार रहा। कुलदीप ने 6 ओवर में दो विकेट लेकर 51 रन खर्च कर दिये। मजे की बात है कि पहले तीन वनडे में चहल और कुलदीप की गेंदों पर कुल 13 बाउंड्री लगी, जिनमें 4 छक्के शामिल रहे। लेकिन अकेले चौथे वनडे में साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों ने 14 बाउंड्री जड़ दी, जिनमें 8 छक्के भी हैं।वहीं मौजूदा वनडे सीरीज में ये दोनों स्पिनर्स 12-12 विकेट लेकर शीर्ष पर हैं। शुरुआती तीन वनडे में दोनों की फिरकी इस कदर चली कि अफ्रीकी लगातार ढेर होते गए और टीम इंडिया ने छह वनडे मैचों की सीरीज में 3-0 की बढ़त हासिल कर ली।
2. भारी पड़ी चहल की गलती :-चहल की एक और गलती भारी पड़ी, जब मिलर को चहल ने बोल्ड कर दिया था, लेकिन वह नो बॉल थी। नो बॉल से मिलर को जीवनदान मिल गया। उस वक्त वो महज 7 रन पर थे। आखिरकार मिलर ने 39 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी। चहल ने इस मैच में 5.3 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 68 रन खर्च कर सिर्फ 1 विकेट लिया। यानी प्रति ओवर 12 से भी ज्यादा।
3. शिखर का आउट होना:-चौथे मैच में भारत की हार में मौसम भी विलेन बन कर उभरा। इस मैच में बारिश और कम रौशनी की वजह से खेल को बार-बार रोकना पड़ा। मैच रुकने की वजह से भारत को गंभीर नतीजे भुगतने पड़े। इन फॉर्म चल रहे शिखर धवन भी बारिश के बाद दोबारा खेल शुरू होने के बाद आउट हो गए। जब बारिश के कारण खेल रुका, तब टीम इंडिया 34.2 ओवर में दो विकेट खोकर 200 रन बना चुकी थी। तब यह लग रहा था कि कोहली का विकेट खोने के बावजूद टीम इंडिया करीब 350 रन का स्कोर बनाएगी। शिखर धवन और अजिंक्य रहाणे ब्रेक के समय क्रमशः 107 व 5 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।ब्रेक के बाद जब मैच शुरू हुआ, तो टीम इंडिया ने धवन और रहाणे के विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए। इससे टीम इंडिया का रनरेट धीमा हुआ और दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों को हावी होने का मौका मिला। अगले 15 ओवर में टीम इंडिया सिर्फ 89 रन जोड़ सकी जबकि उसने 5 विकेट गंवा दिए। टीम इंडिया का स्कोर 289/7 रहा, जो स्थिति को देखते हुए काफी कम लगा।इससे पहले शिखर ने अपने 100 वें वनडे में शानदार खेल का प्रदर्शन कर सेंचुरी जड़ी। इस पारी के साथ शिखर धवन ने खुद को खास क्लब में शामिल करा लिया। शिखर धवन इस पारी के साथ दुनिया के उन बल्लेबाजों में शामिल हो गए, जिन्होंने अपने 100वें वनडे मुकाबले में शतक जड़कर मैच को यादगार बना दिया। वास्तव में किसी भी बल्लेबाज के लिए अपने 100वें मैच को यादगार बनाने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता। इस वनडे सीरीज में शिखर धवन का बल्ला लगातार बोला। शिखर ने किंग्समीड में पहले वनडे में 35, सेंचुरियन में नाबाद 51 और केपटाउन में तीसरे वनडे में 76 रन बनाए थे और अब न्यूवांडर्स में शतक ठोकर अपने वनडे करियर का 13वां शतक जड़ डाला।
4. गेंदबाजी और फिल्डिंग की गलतियां:-टीम इंडिया की चौथे वन-डे में कई खामियां देखने को मिली। विराट कोहली पहले तीन वन-डे में हवाई शॉट्स खेलते नहीं दिखे, लेकिन शनिवार को उन्होंने कई बार बड़े शॉट्स खेलने का प्रयास किया। मोरिस की गेंद पर उन्होंने एक रिस्की शॉट खेला, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा और डेविड मिलर ने उनका आसान कैच लपका। वहीं गेंदबाजी में भी खिलाड़ियों का जोश पहले के तीन वन-डे की तुलना में कम नजर आया। चहल ने दो नो बॉल डाली, जिसमें से एक पर मिलर का विकेट मिला जबकि दूसरे पर क्लासेन ने छक्का जड़ दिया।टीम इंडिया का दिन खराब ही मान सकते हैं क्योंकि फील्डिंग भी उसकी टॉप लेवल की नजर नहीं आई, जिसके लिए वह जानी जाती है। श्रेयस अय्यर ने चहल की गेंद पर स्क्वायर लेग में 'किलर मिलर' का कैच टपका दिया। टीम इंडिया इन गलतियों के चलते मैच गंवा बैठी।
5.ओवर्स का घटना:-खराब मौसम के कारण जब दूसरी बार मैच रुका, तब यह तय हो गया कि पूरे 50 ओवर का मैच नहीं होगा। दूसरे ब्रेक के दौरान दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 7.2 ओवर में 1 विकेट पर 43 रन था। फिर ब्रेक के बाद उसे 28 ओवर में 202 रन का संशोधित लक्ष्य मिला।कई लोग यह कह सकते हैं कि प्रोटियाज टीम पर दबाव बढ़ा होगा, लेकिन सच्चाई यह रही कि स्थिति उनके पक्ष में गई।मौजूदा दक्षिण अफ्रीकी टीम टी20 प्रारूप में काफी अनुभवी है। यही हुआ कि रिस्ट स्पिनर्स से खौफ खाने वाले अफ्रीकी बल्लेबाजों ने मैदान के चारों कोनों में शॉट्स घुमाए और कुलदीप-चहल की जमकर पिटाई की। इस दौरान मिलर और क्लासेन अलग ही रूप में नजर आए।
6. मैदान का गीला होना पड़ गया भारी:-जब वांडरर्स मैदान पर बारिश हुई तो स्क्वायर के आकार को कवर कर दिया गया जबकि शेष मैदान पानी से भीगता रहा।जब मैच दोबारा शुरू हुआ तो आउटफील्ड काफी गीली थी। इससे टीम इंडिया को दो बड़ी मुश्किलें हुई; पहली कि स्पिनर्स की ग्रिप पर पकड़ नहीं बनी और दूसरी फील्डिंग भी चुनौती बन गई।चहल और 'चाइनामैन' कुलदीप यादव जो अब तक टीम इंडिया के ट्रंप कार्ड साबित हुए, उनकी खूब पिटाई हुई। वह गेंद को स्पिन नहीं करा पाए। उनकी गेंद पिच पर पड़ने के बाद फिसली नहीं और सीधे बल्ले पर जाकर लगी। गीले मैदान के कारण कुछ मिसफील्डिंग देखने को मिली, जिससे टीम इंडिया को काफी नुकसान हुआ।
7. डीविलियर्स की वापसी:-पिंक डे पर दक्षिण अफ्रीका की जीत की परंपरा नहीं टूटी और प्रोटियाज ने भारत को 5 विकेट से हरा दिया। इस जीत में एबी डीविलियर्स की वापसी को भी अहम माना जा रहा है। इस मैच में डीविलियर्स ने अपनी चुस्त फील्डिंग के दम पर कई रन बचाए और शिखर का कैच भी लिया। डीविलियर्स ने इस मैच में सिर्फ 18 गेंदों का सामना किया और दो छक्के और 1 चौका लगा 26 रन बनाए। एबी को पांड्या की गेंद पर रोहित ने लपका।

 

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