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नई दिल्ली - टीम इंडिया के क्रिकेटर गौतम गंभीर सोशल मुद्दों पर हमेशा से अपनी आवाज उठाते आए हैं। इस बार उन्होंने कठुआ गैंगरेप और उन्नाव रेप कांड को लेकर अपना गुस्सा सोशल मीडिया के जरिए जाहिर किया है। गंभीर ने कुछ ऐसे सवाल उठाए हैं, जो आपको अंदर तक झकझोर कर रख देंगे।
गंभीर के ये सवाल भारतीय समाज और सिस्टम पर उंगली उठा रहे हैं। मौजूदा आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी कर रहे गंभीर ने ट्वीट में लिखा, 'भारतीय चेतना का उन्‍नाव और फिर कठुआ में रेप किया गया। अब हमारे सड़ चुके सिस्‍टम में इसकी 'हत्‍या' की जा रही है। सामने आओ, मिस्‍टर सिस्‍टम, मैं आपको चुनौती देता हूं। अगर हिम्‍मत है तो दोषियों को सजा दो।'
इसके अलावा गंभीर ने एक और ट्वीट में लिखा, 'उन लोगों को, खासकर वकीलों को शर्म आनी चाहिए जो कठुआ की हमारी पीड़ि‍त बेटी की वकील दीपिका सिंह राजावत को चुनौती दे रहे हैं और रोक रहे हैं। बेटी बचाओ से क्‍या हम बलात्‍कारी बचाओ हो गए हैं।'

 


गोल्ड कोस्ट - राष्ट्रमंडल खेलों की 'नो नीडल पॉलिसी' का उल्लंघन करने की वजह से खेलों से बाहर हुए दोनों भारतीय एथलीटों पर एएफआई भी जांच के बाद प्रतिबंध लगाएगा। रेसवॉकर केटी इरफान और त्रिकूद खिलाड़ी वी राकेश बाबू को खेलों से बाहर करके स्वदेश लौटने को कहा गया, क्योंकि ये दोनों खेलगांव में बेडरूम से सुइयां मिलने का कारण स्पष्ट नहीं कर सके। दोनों ने पूछताछ के दौरान खूद को बेकसूर बताया लेकिन राष्ट्रमंडल खेल महासंघ अदालत ने उनकी दलील को अविश्वसनीय और कपटपूर्ण बताया।
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के सचिव सी के वाल्सन ने कहा,'एएफआई भी उन्हें सजा देगा। यह हमारे लिए शर्मिंदगी की बात है। खेल समाप्त होने के बाद मामले की जांच की जाएगी और एक समिति का गठन किया जाएगा। वाल्सन ने कहा कि खिलाड़ियों का कहना है कि वे बेकसूर हैं और उन्होंने पटियाला में खेलों के लिए रवाना होने से पहले शायद अपने बैग अच्छी तरह से चेक नहीं किये थे।
उन्होंने कहा,'खिलाड़ियों का कहना है कि गलती से सुई उनके बैग में रह गई, जब उन्होंने खेलों के लिये रवाना होने से पहले पैकिंग की थी। यहां आने पर बैग में सुई मिलने के बाद उन्होंने उसे कप में रख दिया क्योंकि उसे फेंका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा,'हम जांच करेंगे कि इन दावों में कितनी सच्चाई है।' वाल्सन ने कहा ,'डोपिंग का कोई मसला नहीं है। दोनों के टेस्ट निगेटिव थे। लेकिन यह गलती तो है ही, क्योंकि भारतीय खिलाड़ियों को बार बार इसके बारे में जानकारी दी गई थी। वे खेलगांव से चले गए हैं और जल्दी ही भारत रवाना होंगे।'


नई दिल्ली - चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के खिलाडिय़ों ने अपने घरेलू मैच पुणे में आयोजित कराए जाने के बीसीसीआइ के फैसले पर सोशल मीडिया के जरिए निराशा व्यक्त की। पूर्व आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और इस सत्र में सीएसके की तरफ से खेल रहे शेन वॉटसन ने ट्वीट किया, ' हमारी टीम और यहां चेन्नई के प्रशंसकों के लिए यह दुखद है कि हम इस सत्र में आगे यहां कोई मैच नहीं खेलेंगे। पिछले मैच में माहौल शानदार था। उम्मीद है कि तमिलनाडु में स्थिति में जल्द ही सुधार होगा।
सुरेश रैना ने कहा, 'हमें इस सत्र में अपने घरेलू मैदान पर न खेलने और चेन्नई के दर्शकों का मनोरंजन नहीं कर पाने की कमी खलेगी। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे। हरभजन सिंह ने कहा, 'यह दिल तोडऩे वाली खबर है। सीएसके के प्रशंसकों ने दो साल तक इंतजार किया। उम्मीद है कि मामले का जल्द समाधान होगा और चेन्नई में जल्द मैचों की वापसी होगी।
गौरतलब है कि बैन के दो वर्ष के बाद आइपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की वापसी हुई है। इस सीजन में वापसी करने के बाद चेन्नई ने अपने घरेलू मैदान पर पहला मैच कोलकाता के खिलाफ खेला था। इस मैच में दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 202 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था और चेन्नई को जीत के लिए 203 रन का लक्ष्य दिया था। चेन्नई ने इस विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इसे 19.5 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर पूरा कर लिया था। चेन्नई की तरफ से इस मैच में शेन वॉटसन (42), अंबाती रायडू (39) और सैम बिलिंग्स (56) की पारी के दम पर जीत हासिल की थी। इस मैच के दौरान चेन्नई से समर्थक मैदान पर अपनी टीम का गजब का समर्थन कर रहे थे। दर्शकों का उत्साह साफ तौर पर बता रहा था कि उनकी टीम की दो साल की वापसी के बाद उन्हें कितनी खुशी है लेकिन कावेरी जल विवाद की वजह से कुछ राजनीतिक दलों ने आइपीएल के मैचों पर सवाल खड़े किए थे। अब टीम को दर्शकों की सुरक्षा के मद्देनजर मैचों की जगह बदलने का फैसला किया गया है।

 


नई दिल्ली - आइपीएल की टीम चेन्नई सुपर किंग्स को एक के बाद एक दो बड़े झटके लगे हैं। इन दो झटके के बाद टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की चिंता बढ़ गई है। पहला तो चेन्नई में हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते इस टीम के मैचों को पुणे शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही साथ इस टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक सुरेश रैना चोट के चलते अगले दो मैचों से बाहर हो गए हैं।
रैना हुए दो मैच के लिए बाहर
सुरेश रैना को केकेआर के खिलाफ खेले गए मैच में पिंडली में चोट लगी थी, जिसकी वजह से उन्हें दौड़ने में भी परशानी हो रही थी। खबरों की मुताबिक रैना को इस चोट से रिकवर होने में दस दिन का वक्त लग सकता है। इसका मतलब साफ है कि अब रैना पंजाब और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होने वाले मैच नहीं खेल पाएंगे।
सुरेश रैना का टीम से बाहर होना सीएसके के लिए बड़ा झटका है। रैना एक दमदार बल्लेबाज़ के साथ-साथ एक बेहतरीन फील्डर भी हैं। उन्होंने अपनी बेहतरीन फील्डिंग का नज़ारा केकेआर के खिलाफ खेले गए मैच में रॉबिन उथप्पा को शानदार तरीके से रन आउट कर दिखाया था।
दो मैच में लगे दो झटके
आपको बता दें कि इस सीजन में चेन्नई की टीम ने अभी तक दो मैच खेले हैं और दोनों ही मैच जीतने के बाद धौनी की इस टीम को नुकसान भी उठाना पड़ा है। मुंबई के खिलाफ मिली जीत के बाद केदार जाधव चोटिल होकर पूरे सीजन से ही बाहर हो गए और अब कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मिली जीत के बाद सुरेश रैना की चोट ने चेन्नई की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। इससे पहले चेन्नई के ओपनर मुरली विजय पहले से ही चोट से उभरने की कोशिश कर रहे हैं।
धौनी के सामने आई ये चुनौती
अगले दोनों मैच में धौनी के लिए टीम का चयन बड़ा सिरदर्द बन सकता है। क्योंकि इस टीम के काफी खिलाड़ी चोटिल हैं। फॉफ डू प्लेसिस की अंगुली की चोट से उबर रहे हैं और हो सकता है कि वो रविवार को होने वाले मैच में मैदान पर वापसी करें। इसके अलावा अगर अनकैप्ड खिलाड़ियों की बात करें तो चेन्नई के पास ध्रुव शौरी, क्षितिज शर्मा और तामिलनाडु से खेलने वाले एन जगदीशन रैना के विकल्प के तौर पर मौजूद रहेंगे। लेकिन अंतिम 11 चुनने के लिए धौनी के सामने काफी चुनौतियां तो होंगी ही।


नई दिल्ली - टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजदा विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धौनी को वैसे तो गुस्सा कम आता है, लेकिन जब आता है तो उसका नुकसान सामने वाले को उठाना ही पड़ता है। धौनी ने रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप पर आरोप लगाया है कि इस कंपनी ने उनके करोड़ों रुपये हड़प लिए हैं।
धौनी ने घाटे में चल रही आम्रपाली ग्रुप पर आरोप लगाया है कि इस कंपनी ने उनके 150 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। बातचीत से जब बात नहीं बनी तो धौनी ने दिल्ली हाई कोर्ट जाने का फैसला लिया। अब ये मामला कोर्ट में पहुंच गया है।
धौनी ने आरोप लगाया है कि कंपनी का ब्रैंड एम्बेसेडर बनने के लिए उन्हें कई साल से पैसे नहीं दिए गए। आपको बता दें, आम्रपाली पिछले कुछ सालों से वित्तीय संकट का सामना कर रही है और अपने कई हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स तक पूरे नहीं कर सकी है।
छपी खबर के मुताबिक धौनी के अलावा कई क्रिकेटर्स के एंडोर्समेंट संभालने वाली फर्म रिति स्पोर्ट्स ने आम्रपाली के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में बकाया रकम की वसूली से जुड़ा केस दर्ज कराया है। रिति स्पोर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण पांडे का कहना है, ‘कंपनी ने ब्रैंडिंग और मार्केटिंग एक्टिविटीज के लिए पैसा नहीं दिया।’ पांडे के मुताबिक, 'रिति स्पोर्ट्स का आम्रपाली पर लगभग 200 करोड़ रुपए बकाया है।'
धौनी पिछले करीब 6-7 साल आम्रपाली ग्रुप के ब्रैंड एम्बेसडर रहे। आम्रपाली के हाउसिंग प्रॉजेक्ट के पूरा न होने को लेकर नाराज होमबायर्स के सोशल मीडिया पर धौनी को निशाना बनाने के बाद उन्होंने अप्रैल 2016 में कंपनी से ब्रैंड एम्बेसेडर के तौर पर अपना नाता तोड़ दिया था।
होमबायर्स ने अपने ट्वीट्स में धौनी से आम्रपाली से खुद को अलग करने या कंपनी पर हाउसिंग प्रोजेक्ट के बकाया काम को पूरा करने का दबाव डालने को कहा था।


नई दिल्ली - कावेरी विवाद का असर चेन्नई सुपरकिंग्स के घरेलू मैचों पर पड़ा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने तय किया है कि उसके बाकी छह घरेलू मैच अब चेन्नई की जगह पुणे में आयोजित होंगे। कावेरी जल विवाद के कारण तमिलनाडु के राजनेता शुरू से आइपीएल मैचों के चेन्नई में आयोजन का विरोध कर रहे थे। स्पॉट फिक्सिंग मामले में दो साल के निलंबन के बाद आइपीएल में वापसी करने वाली सीएसके के मालिकों और प्रशंसकों के लिए यह जोरदार झटका है। पहले बीसीसीआइ चेन्नई से मैचों को शिफ्ट करने के पक्ष में नहीं था, लेकिन तमिझागा वझुवुरिमाई काची और प्रदर्शन कर रहे लोगों की एक धमकी के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिकों, आइपीएल गवर्निग काउंसिल और बीसीसीआइ के लोगों को ये फैसला लेना पड़ा।
बीसीसीआइ सूत्रों के मुताबिक चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिकों, आइपीएल गवर्निग काउंसिल और बीसीसीआइ ने मिलकर तय किया है कि सीएसके के बचे हुए मैच पुणे में आयोजित किए जाएं। पुणे में ही प्लेऑफ के दो मैच आयोजित हो रहे हैं और इस कारण इस स्टेडियम को वरीयता दी गई क्योंकि यहां पहले से ही मैचों को लेकर तैयारियां चल रही थीं। पुणे में 23 मई को एलिमिनेटर और 25 मई को क्वालीफायर-2 आयोजित होना था।
तो छोड़ देंगे स्टेडियम में सांप
मंगलवार को तमिझागा वझुवुरिमाई काची (टीवीके) के समर्थकों और तमिल निर्देशकों के नए फोरम ने आइपीएल का विरोध करने का फैसला किया। टीवीके के कार्यकर्ताओं ने स्टेडियम का घेराव करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें तत्काल हटा दिया। इस दौरान टीवीके कार्यकर्ताओं ने आइपीएल मैच नहीं कराने के नारे लगाए। आइपीएल मैच का विरोध कर रहे कार्यकर्ता अपने हाथों में बैनर लिए थे जिन पर लिखा था कि हम आइपीएल नहीं चाहते, हम कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड चाहते हैं। इन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में कावेरी जल विवाद से ध्यान भटकाने के लिए मुकाबलों का आयोजन कराया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखकर मई 2015 के बाद पहली बार आइपीएल मुकाबले को आयोजित कर रहे चेपक स्टेडियम की सुरक्षा के लिए करीब 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा कमांडो और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी मौजूद थे। इस संगठन के लोगों का कहना था कि अगर यहां अब और मैच आयोजित कराए गए तो वे स्टेडियम में सांप छोड़ देंगे।’
पहले चार स्टेडियमों को चुना गया था
मंगलवार को चेपक स्टेडियम में सीएसके व केकेआर के मुकाबले के विरोध में जमकर प्रदर्शन हुए थे। कुछ दर्शकों ने मैच के बीच में सीएसके के खिलाड़ी फाफ डु प्लेसिस व रवींद्र जडेजा पर जूता भी फेंका था। इसको देखते हुए घरेलू फ्रेंचाइजी और बीसीसीआइ सकते में आ गया था। बुधवार की सुबह विशाखापत्तनम, त्रिवेंद्रम, पुणे और राजकोट में से किसी एक स्टेडियम में इन मैचों को कराने का निर्णय लिया गया। रात होते-होते पुणे के नाम पर मुहर लग गई। तमिलनाडु में कई संगठनों ने पहले ही चेन्नई से आइपीएल के मैचों की मेजबानी न करने को कहा था। वहां की परिस्थितियों के बाद बीसीसीआइ को अन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बीसीसीआइ के एक पदाधिकारी ने कहा कि हमें राज्य के राजनीतिक माहौल और सुरक्षा की स्थितियों को दिमाग में रखकर ही आगे बढ़ना है। 20 अप्रैल से पहले चेन्नई को घरेलू मैदान पर किसी टीम से नहीं भिड़ना था और यही कारण है कि सीएसके के पास सारा सामान पुणे में शिफ्ट करने के लिए पर्याप्त समय है।

 

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