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खेल (4013)

नई दिल्ली। बेंगलुरु में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे ऐतिहासिक टेस्ट मैच में अफगानिस्तान की टीम की पहली पारी सिर्फ 109 रन पर सिमट गई और भारत को पहली पारी के लिहाज़ से 365 रन की बढ़त मिली, क्योंकि पहली पारी में टीम इंडिया ने 474 रन का स्कोर खड़ा किया था। अपना पहला टेस्ट मैच खेल रही अफगानिस्तान की टीम ने इस मुकाबले में दो-दो ऐसे रिकॉर्ड बना दिए, जो कोई भी टीम कभी भी नहीं बनाना चाहेगी।
खेले सबसे कम ओवर:-अफगानिस्तान की टीम ने इस मैच की अपनी पहली पारी में 109 रन बनाने के लिए सिर्फ 27.5 ओवर तक बल्लेबाज़ी की। इसी के साथ अफगानिस्तान ने पहला टेस्ट मैच में सबसे कम ओवर बल्लेबाज़ी करने का रिकॉर्ड भी बना दिया। अफगानिस्तान से पहले ये रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था। बांग्लादेश की टीम ने अपने पहले टेस्ट की दूसरी पारी मेंं 46.3 ओवर बल्लेबाज़ी की थी। बांग्लादेश से पहले ये रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के नाम था जो अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 47.1 ओवर में ही सिमट गई थी।
भारत को मिली सबसे बड़ी बढ़त :-भारत ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे और इसके जवाब में अफगानिस्तान अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 109 रनों पर सिमट गई। इस लिहाज़ से भारत को 365 रन की बढ़त मिली और फिर टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने का न्यौता दिया। पहले टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए ये किसी भी टीम पर बनाई गई सबसे बड़ी बढ़त रही। इससे पहले 1928 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले गए मैच में इंग्लिश टीम ने कैरिबियाई टीम पर 224 रन की बढ़त बनाई थी। वो टेस्ट मैच लॉर्ड्‍स के मैदान पर खेला गया था और वो वेस्टइंडीज़ का पहला टेस्ट मैच था।
बेंगलुरु में बनाया सबसे कम रन का रिकॉर्ड:-एम, चिन्नास्वामी में अफगानिस्तान की टीम द्वारा बनाया गया 109 रन टेस्ट की एक पारी में सबसे कम रन हैं। इससे पहले 2017 में बेंगलुरु के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम के नाम इस मैदान पर सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड था। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 112 रन बनाकर सिमट गई थी।
चिन्नास्वामी में एक पारी में सबसे कम स्कोर
रन      टीम                  साल
109    अफगानिस्तान       2018
112    ऑस्ट्रेलिया           2017
116    पाकिस्तान           1987
118    भारत                 1975

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भारत की पहली पारी 474 रन पर सिमट गई। इस टेस्ट मैच के दूसरे दिन एक अफगानी खिलाड़ी ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसे कोई भी खिलाड़ी कभी नहीं बनाना चाहेगा।
मोहम्मद शहज़़ाद ने बनाया ये रिकॉर्ड:-अफगानिस्तान की टीम का ये पहला टेस्ट मैच है और जब भारत की पारी सिमटने के बाद अफगान टीम बल्लेबाज़ी करने उतरी तो पहली गेंद मोहम्मद शहज़ाद ने खेली। उमेस के पहले ओवर में शहज़ाद ने 8 रन बनाए। शहज़ाद इस पारी को आगे बढ़ाते-बढ़ाते 14 रन तक ले गए। लेकिन यहीं पर उनकी पारी पर ब्रेक लग गया। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर वो रन आउट हो गए। एक रन चुराने की कोशिश में वो हार्दिक पांड्या के थ्रो से पीछे रह गए और आउट हो गए। इसी के साथ वो टेस्ट क्रिकेट में अफगानिस्तान की तरफ से न सिर्फ रन आउट बल्कि आउट होने वाले भी पहले बल्लेबाज़ बन गए।
विराट से की थी खुद की तुलना:-कुछ दिनों पहले मोहम्मद शहज़ाद ने अपनी फिटनेस पर बात करते हुए भारतीय कप्तान विराट कोहली से अपनी तुलना की थी। शहज़ाद ने कहा था कि "देखिए हम फिटनेस पर भी पूरा ध्यान रखते हैं और खाते भी पूरा हैं। क्या ? आप मुझे कोहली की तरह फिटनेस के प्रति जुनूनी देखना चाहते हैं, तो यह संभव नहीं है लेकिन मैं वजन कम करने पर काम कर रहा हूं।" उन्होंने कहा कि, जितना लंबा वो( विराट) मारते हैं, मैं उससे ज्यादा लंबा छक्का मार सकता हूं, जरूरत क्या है उनकी तरह इतना डाइट करने की।मोहम्मद शहज़ाद का वजन 90 किलो है और उन्होंने कहा कि, मेरे कोच फिल सिमंस को पता है कि, "मैं पूरे पचास ओवर तक विकेटकीपिंग करने के बाद बाकी के पचास ओवर बल्लेबाजी कर सकता हूं।"
यहां कोहली से आगे हैं शहज़ाद:-टी 20 क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में भारतीय कप्तान कोहली चौथे तो शहज़ाद पांचवें नंबर पर हैं। कोहली के जहां 1983 रन हैं तो शहज़ाद के 1906 बनाए हैं, लेकिन टी 20 में चौके और छक्के लगाने के मामले में शहज़ाद कोहली से आगे हैं। कोहली ने 57 मैच में 210 चौकों के साथ-साथ 41 छक्के भी जड़े हैं। वहीं मोहम्मद शहज़ाद ने 63 मैचों में 216 चौके और 70 छक्के लगाए हैं।

सेंट लूसिया। शेनन गेब्रिएल (5/59) और केमार रोच (4/49) की शानदार बल्लेबाजी के दम पर वेस्टइंडीज ने डारेन सेमी नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में जारी दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन ही श्रीलंका की पारी 253 रनों पर समेट दी। इसके बाद अपनी पहली पारी खेलने उतरी वेस्टइंडीज ने दिन का खेल समाप्त होने तक दो रन बनाए। क्रेग ब्राथवेट (2) और डेवन स्मिथ नाबाद हैं।टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका के लिए पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। 59 के स्कोर तक उसने कुसल परेरा (32), महेला उदवाते और धनंजय डी सिल्वा (12) के रूप में अपने तीन विकेट गंवा दिए। उदवाते अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे।इसके बाद कप्तान दिनेश चंडीमल (नाबाद 119) ने टीम की पारी को संभाला। उन्होंने कुसल मेंडिस (45) के साथ 67 रनों की साझेदारी कर टीम को 126 के स्कोर तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर जेसन होल्डर ने मेंडिस का विकेट गिरा दिया।चंडीमल अंत तक पिच के एक छोर पर टीम की पारी को संभाले खड़े रहे, लेकिन उन्हें बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। मेंडिस के आउट होने के बाद दूसरे छोर से श्रीलंका के विकेट नियमित रूप से गिरते रहे और ऐसे में 253 के स्कोर पर लाहिरु कुमारा का विकेट गिरने के साथ ही श्रीलंका की पारी सिमट गई। लाहिरु खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के लिए इस पारी में गेब्रिएल और रोच के अलावा होल्डर ने एक विकेट हासिल किया।

नई दिल्ली। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच की शुरुआत एक खास शख्स के साथ हुई। टॉस के समय भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सलीम दुर्रानी भी मौजूद थे। सलीम दुर्रानी अफगानिस्तान में जन्म लेकर भारत के लिए खेलने वाले एकमात्र क्रिकेटर हैं। टॉस से पहले दुर्रानी अफगानिस्तान के कप्तान असगर स्टानिकजाई को एक मौमेंटो भेंट किया।
ऐतिहासिक टेस्ट से जुड़ गया नाता;-बीसीसीआइ ने इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच के लिए सलीम दुर्रानी को खासतौर पर आमंत्रित किया था और इस खास टेस्ट के दौरान टॉस से पहले दुर्रानी ने अफगानी कप्तान को मौमेंटो भेंट करने के बाद उन्हें बधाई दी और उनसे कुछ बात भी की।
इस वजह से मशहूर थे दुर्रानी:-अफगानिस्तान में जन्में सलीम दुर्रानी ने भारत के लिए 1 दिसंबर 1960 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना डेब्यू किया था। दुर्रानी ने भारत के लिए 1960 से 1973 तक 29 टेस्ट मैच खेले। दुर्रानी बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाज़ी करते थे, लेकिन वो अपनी गेंदबाज़ी से ज़्यादा अपनी बल्लेबाज़ी के लिए जाने जाते थे। उनकी बल्लेबाज़ी में एक खास बात थी कि वो दर्शकों की फ़रमाइश पर छक्का लगाते थे। इसमें भी खास ये कि वो छक्का भी उसी जगह पर लगाते थे जहां से सिक्स की मांग आती थी। उनकी इसी प्रतिभा की दुनिया कायल थी।
ऐसा करने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर हैं दुर्रानी:-सलीम दुर्रानी का उपनाम प्रिंस है। वो पहले ऐसे भारतीय क्रिकेटर थे उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से नवाज़ा गया। इसके के साथ उनके साथ जुड़ा एक खास वाक्या भी आपको बताते चलें 1973 में इंग्लैंड की टीम भारत के दौरे पर आई थी। इस दौरान जब उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया तो तो पूरे शहर में पोस्टर लग गए थे- 'नो दुर्रानी, नो टेस्ट'।
बॉलीवुड में भी की एक्टिंग:-क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद सलीम दुर्रानी ने बॉलीवुड में भी काम किया। उन्हें मशहूर फ़िल्म निर्देशक बाबूराम इशारा ने अपनी फ़िल्म चरित्र के लिए हीरो के तौर पर साइन किया। इस फिल्म में दुर्रानी की हिरइन के तौर पर परवीन बॉबी ने काम किया।

नई दिल्ली। भारतीय के ओपनिंग बल्लेबाज़ शिखर धवन ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसे दुनिया का कोई भी बल्लेबाज़ नहीं तोड़ पाएगा। बेंगलुरु में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में शिखर धवन ने शतक ठोक दिया। इसी के साथ उन्होंने एक ऐसी उपलब्धि हासिल कर ली जो दुनिया में कोई नहीं कर पाएगा।
कोई नहीं छोड़ पाएगा धवन को पीछे:-इस मैच में टीम इंडिया के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया। शिखर धवन ने शुरू से ही अफगानिस्तान के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाते हुए बल्लेेबाज़ी की। उन्होंने अफगान टीम के सभी बल्लेबाज़ों की जमकर खबर ली। इस पारी में धवन ने 87 गेंदों का सामना करते हुए शतक ठोक दिया। टेस्ट क्रिकेट में उनकी सातवीं सेंचुरी रही। इस पारी के दौरान 18 चौक्कों के साथ 3 छक्के भी जड़े। धवन इस पारी में 107 रन बनाकर आउट हो गए। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़ने वाले शिखर धवन पहले खिलाड़ी बन गए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ भविष्य में और भी खिलाड़ी शतक जमाएंगे लेकिन इस टीम के खिलाफ पहला सैंकड़ा लगाने का रिकॉर्ड शिखर धवन के नाम ही रहेगा और उनसे ये उपलब्धि की बराबरी भी कोई नहीं कर पाएगा।
अगर ऐसा होता, नहीं हासिल कर पाते ये उपलब्धि :-शिखर धवन ये उपलब्धि हासिल नहीं कर पाते अगर अंपायर से गलती न हुई होती। भारतीय पारी का 10वां ओवर चल रहा था। अफगानिस्तान की ओर से वफादार गेंदबाज़ी कर रहे थे और इस ओवर की पांचवी गेंद (9.5) को शिखर धवन को जीवनदान मिला। वफादार की गेंद शिखर धवन के बल्ले से लगकर विकेटकीपर अहमद शहजाद के हाथों में चली गई थी अफगान टीम ने जोरशोर के साथ अपील भी की, लेकिन अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया। वहीं अफगानिस्तान की टीम से भी गलती हो गई कि उन्होंने रिब्यू का इस्तेमाल नहीं किया और धवन नॉट आउट रह गए। जब ये घटना घटी तो शिखर 23 रन बनाकर खेल रहे थे। हालांकि इसके बाद टीवी रिप्ले में देखने को मिला की गेंद धवन के बल्ले से लग कर विकेटकीपर के हाथों में गई थी।
ऐसा करने वाले छठे खिलाड़ी बने धवन:-इस मैच में धवन ने पहले दिन के लंच से पहले ही सेंचुरी ठोक दी। इसी के साथ टीम इंडिया के गब्बर भारत की ओर से ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले दुनिया में सिर्फ पांच ही बल्लेबाज़ ऐसा कर सके हैं।
सलामी जोड़ी ने किया कमाल:-भारत के पहले बल्लेबाज़ी के फैसला को भारतीय बल्लेबाज़ों ने सही साबित किया। शिखर धवन और मुरली विजय ने भारत का दमदार आगाज़ कराया। मुरली विजय शुरुआत में छोड़ी सावधानी से खेलते नज़र आए। लेकिन धवन ने बेफिक्र अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की। पहले दिन के लंच तक इन दोनों बल्लेबाज़ों ने 157 रन की नाबाद साझेदारी कर ली थी। लेकिन लंच के बाद शिखर धवन का ध्यान भटका और वो 107 रन के स्कोर पर अहमदजई की गेंद पर नबी को कैच दे बैठे। इसी के साथ अहमदजई अफगानिस्तान की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में पहली विकेट लेने वाले खिलाडी बन गए। भारत को पहला झटका 168 रन के स्कोर पर लगा

नई दिल्ली। महिला क्रिकेट में न्यूज़ीलैंड और स्कॉटलैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच में एमेलिया केर ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया। 17 साल की एमेलिया ने इस मैच में नाबाद 232 रन की पारी खेलकर 21 साल पुराने विश्व रिकॉर्ड को तोड़ दिया। एमेलिया से पहले 1997 में ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क ने नाबाद 229 रन बनाए थे और तब से महिला क्रिकेट में ये किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा निजी स्कोर था, लेकिन 17 साल की एमेलिया ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए ये कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।
ऐसी रही एमेलिया की पारी;-एमेलिया ने इस शानदार पारी को खेलने के लिए 145 गेंदों का सामना किया। इस दौरान एमेलिया के बल्ले से 31 चौके और 2 छक्के भी निकले। आपको बता दें कि ये महिलाओं के वनडे क्रिकेट में सिर्फ दूसरा दोहरा शतक है।
एमेलिया की पारी से न्यूज़ीलैंड ने बनाया रिकॉर्ड:-एमेलिया की बेहतरीन पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने लगातार तीसरे मैच में 400 का आंकड़ा पार करते हुए इतिहास रच दिया। इस सीरीज़ में इससे पहले खेले गए दोनों मुकाबलों में भी कीवी टीम ने 400 से ज़्यादा रन का स्कोर खड़ा किया था। आपको बता दें कि ये भी अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड हैं, क्योंकि कोई पुरुष टीम भी लगातार दो मैचों में दो बार भी 400 रन का आंकड़ा नहीं छू सकी है और न्यूज़ीलैंड की महिलाओं ने तो ये कमाल लगातार तीसरी बार कर दिया है। इससे पहले न्यूजीलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ इस सीरीज के पहले मैच में रिकॉर्ड 490/4 और दूसरे मैच में 418 का स्कोर बनाया था।
5 में से 4 बार किया ये कमाल:-महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में अभी तक सिर्फ पांच बार 400 का स्कोर बनाया गया है और खास बात ये है कि इन पांच में से चार बार ये कमाल न्यूज़ीलैंड की टीम ने किया है। वहीं जो एक और बार 400 से ज़्यादा रन का स्कोर बना है वो ऑस्ट्रेलिया की टीम ने बनाया है।
ऐसा रहा मैच का हाल:-इस मुकाबले में टॉस जीतकर न्यूज़ीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। एमेलिया केर की धुआंधार बल्लेबाज़ी की बदौलत न्यूजीलैंड ने 440/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया। आई ले कैस्परक के साथ एमेलिया ने 295 रनों की साझेदारी निभाई, जो महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में किसी भी विकेट की दूसरी सबसे बड़ी और दूसरे विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। महिला एकदिवसीय में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड भारत की दीप्ति शर्मा और पूनम राउत (320 vs आयरलैंड, 2017) के नाम है।एमेलिया केर और ले कैस्परक ने अपना-अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया। एमेलिया केर ने पारी की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर जहाँ बेलिंडा क्लार्क का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा वहीं ले कैस्परक ने 105 गेंदों ने 113 रनों की पारी खेली। एमेलिया केर ने 31 चौकों के साथ एक पारी में सबसे ज्यादा चौके का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने दीप्ति शर्मा (27 चौके, 188*) का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके अलावा उन्होंने एक पारी में बाउंड्री से सबसे ज्यादा रन (136) का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया।441 रनों के विशाल लक्ष्य के सामने आयरलैंड की पूरी टीम 135 रन बनाकर ऑल आउट हो गई और 305 रनों से मुकाबला गंवा दिया। एमिलिया केर ने दोहरा शतक लगाने के बाद सिर्फ 17 रन देकर पांच विकेट भी लिए और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में शतक के साथ पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाने वाली पहली खिलाड़ी बनीं।आयरलैंड की तरफ से उना रेमंड होए ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाये और लगातार तीसरे मैच में आयरलैंड को 300 से ज्यादा रनों से हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज पर 3-0 से कब्जा किया।

नई दिल्ली। अफगानिस्तान के मिस्ट्री स्पिन गेंदबाज़ मुजीब उर रहमान ने मैदान पर उतरते ही इतिहास रच दिया। मुजीब ने भारत के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट मैच में जैसे ही मैदान पर कदम रखा उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जिसे तोड़ना अब किसी के भी बस की बात नहीं है। ऐसा नहीं कर पाएगा कोई:-17 साल के इस गेंदबाज़ ने भारत के खिलाफ बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में टेस्ट डेब्यू…
नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच बेंगलुरु में खेले जा रहे ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भारत के ओपनिंग बल्लेबाज़ मुरली विजय ने शानदार शतक ठोक दिया। मुरली विजय का ये 12वां टेस्ट शतक रहा। इस पारी में मुरली विजय ने धैर्य और समझदारी से खेलते हुए सेंचुरी लगाई। ऐसी रही विजय की पारी:-मुरली विजय ने इस मैच में शुरुआत में संभलकर बल्लेबाज़ी की, लेकिन एक बार सेट होने के…
नई दिल्ली। बेंगलुुरु में भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक टेस्ट मैच खेला जा रहा है। ये टेस्ट मैच इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि ये अफगानिस्तान का पहला टेस्ट मैच है और इसी के साथ अफगान टीम टेस्ट खेलने वाली 12वीं टीम बन गई। इस टेस्ट मैच में भारत के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। खबर लिखे जाने तक भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते…
नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ एतिहासिक टेस्ट मैच के दौरान भारतीय टेस्ट टीम में एक ऐसा वाकया हुआ जो अपनेआप में काफी रोचक है। भारतीय टेस्ट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक और टीम के ओपनर बल्लेबाज मुरली विजय भारत की तरफ से इस टेस्ट मैच में एक-साथ खेलते नजर आए। दोनों का एकसाथ टीम के साथ खेलना महज एक संयोग है। अपनी निजी जिंदगी में इन दोनों का एक-दूसरे के…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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