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नई दिल्ली - वनडे सीरीज़ के छठे मुकाबले में भारत ने द. अफ्रीका को 8 विकेट से मात दे दी। इस जीत के साथ ही भारत ने द. अफ्रीका में पहली बार वनडे सीरीज़ जीतकर ट्रॉफी उठाई। छठे मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17.5 ओवर शेष रहते 8 विकेट से हराया। इस जीत को हासिल करते ही टीम इंडिया ने सीरीज़ को 5-1 से अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही साथ भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एक ऐसा जख्म दिया जिसे प्रोटियाज हमेशा याद रखेंगे।
भारत ने द. अफ्रीका को किया शर्मसार
वनडे सीरीज़ के आखिरी मुकाबले में विराट कोहली के नाबाद शतक (129) की मदद से भारत ने सा सिर्फ मैच बल्कि 5-1 से सीरीज़ भी जीत ली। द. अफ्रीका के वनडे इतिहास में यह सिर्फ दूसरा मौका था जब उसके घर में किसी टीम ने उसके खिलाफ 5 मैच जीते। इससे पहले 2002 में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को उसी के घर में 7 मैचों की सीरीज में 5-1 से पराजित किया था। वो बतौर कप्तान रिकी पोंटिंग की पहली सीरीज़ थी और उस सीरीज में हीं कंगारुओं ने इतिहास रच दिया था। अब 16 साल बाद भारत ने उसे यह गहरा जख्म दिया, वह भी तब जब वह नंबर वन टीम थी।
नंबर वन की कुर्सी से किया बेदखल
भारत के खिलाफ सीरीज की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका ने आइसीसी की नंबर वन रैं‍क टीम के रूप में की थी। उस वक्त किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि इस सीरीज पर भारत 5-1 से कब्जा जमाएगा। भारत इससे पहले 26 सालों में कभी भी द. अफ्रीका में कोई सीरीज नहीं जीत था, लेकिन विराट के जांबाजों ने चमत्कारिक प्रदर्शन कर मेजबान टीम को उसी के घर में शर्मसार कर दिया। इसी सीरीज़ के दौरान ही भारतीय टीम ने द. अफ्रीका से उसके वनडे की नंबर वन टीम होने का गौरव भी छीन लिया। अब भारत वनडे रैंकिग में नंबर 1 टीम बन गई है।
चार बार प्रोटियाज हुए लाचार
किसी भी टीम द्वारा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक सीरीज में पांच वनडे जीतने का यह चौथा मौका था। वैसे दो बार द. अफ्रीका विदेशी धरती पर 5-5 मैच गंवा चुका है। न्यूजीलैंड ने 2003-04 में अपने घर में दक्षिण अफ्रीका को 6 मैचों की सीरीज में 5-1 से रौंदा था। इसके बाद 2004 में श्रीलंका ने भी अपने घर में प्रोटिज टीम को 5-0 से रौंदा था।


मुंबई - भारतीय अंडर19 टीम को अपनी कप्तानी में चौथी बार अंडर19 विश्व कप में जीत दिलाने वाले पृथ्वी शॉ को विजय हजारे ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबले के लिए मुंबई की टीम में शामिल किया गया है। 16 सदस्यीय मुंबई की टीम को 21 फरवरी को दिल्ली में अपना नॉकआउट मुकाबला खेलना है। मुंबई की टीम के कप्तान आदित्य तारे होंगे जबकि श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, सिद्धार्थ लाड और अखिल हेड़वाडकर भी टीम में शामिल हैं।
पृथ्वी शॉ ने हाल ही में न्यूजीलैंड में खेले गए अंडर19 विश्व कप की टीम में इंडिया अंडर19 टीम की कप्तानी की थी और भारत ने खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने इससे पहले चेन्नई में विजय हजारे ट्रॉफी में लीग स्टेड में खेले अपने चार मुकाबले में दो अर्धशतक लगाए थे। गोवा के खिलाफ पृथ्वी शॉ ने 53 रन जबकि राजस्थान के विरुद्ध उन्होंने 52 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर सबको प्रभावित किया था। इससे पहले विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था। विजय हजारे ट्रॉफी में ग्रुप सी से मुंबई और आंध्र प्रदेश ने नॉकआउट मुकाबले के लिए क्वालीफाई किया है।
इस मैच के लिए मुंबई की तरफ से तेज गेंदबाजी अटैक की अगुआई धवल कुलकर्णी करेंगे। इसके अलावा तेज गेंदबाज आकाश पार्कर जिन्होंने पिछले रणजी सीजन में अपनी गेंदबाजी से सबका दिल जीत लिया था वो भी इस टीम में शामिल हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबले के लिए मुंबई की टीम इस तरह से है।
मुंबई टीम-
आदित्य तारे (कप्तान), धवल कुलकर्णी (उप-कप्तान), श्रेयस अय्यर, सुर्यकुमार यादव, सिद्धार्थ लाड, अखिल हेड़वाडकर, जय बिस्टा, शिवम दूबे, एकनाथ केरकर, आकाश पार्कर, द्रुमिल माटकर, रेस्टन डायस, शम्स मुलानी, शुभम रंजन, शिवम मलहोत्रा, पृथ्वी शॉ।

 


नई दिल्ली - कप्तान विराट कोहली के आक्रामक शतक के दम पर भारत ने सीरीज के छठे और अंतिम वनडे मैच में आठ विकेट से जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत ने सीरीज पर 5-1 से अपना कब्जा जमाया। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए द.अफ्रीका की टीम 46.5 ओवर में 205 रन पर सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय कप्तान विराट कोहली के शतक की बदौलत टीम इंडिया ने आसानी से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने कई उपलब्धियां भी अपने नाम की, तो चलिए आपको बताते हैं उन उपलब्धियों के बारे में-
भारत की विदेश में द्विपक्षीय सीरीज़ में 5 जीत
भारतीय क्रिकेट इतिहास में ये तीसरा मौका रहा जब भारत ने विदेशी धरती पर किसी द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ के पांच मैच जीते हों।
5-0       बनाम ज़िम्बाब्वे    2013
5-0      बनाम श्रीलंका       2017
5-1      बनाम द. अफ्रीका    2018
कुलदीप-चहल ने बनाया रिकॉर्ड
इस वनडे सीरीज़ में कुलदीप और चहल ने मिलकर 33 विकेट लिए। कुलदीप ने इस सीरीज़ में 17 शिकार किए तो वहीं युजवेंद्र चहल ने अपने साथी से एक कम 16 विकेट अपने नाम किए। इसी के साथ ये दोनों किसी भी द्विपक्षीय सीरीज़ में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज़ों में क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर आ गए हैं। किसी भी द्विपक्षीय सीरीज़ में स्पिनर द्वारा सबसे ज़्यादा विकेट लेने के में अमित मिश्रा नंबर वन पर काबिज हैं। मिश्रा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 मैचों में 18 विकेट चटकाए थे।
शार्दुल ठाकुर ने किया अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
छठे मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार की जगह शार्दुल ठाकुर को मौका दिया गया। ये उनके करियर का तीसरा और सीरीज में अपना पहला रहा और इस मैच में इस युवा तेज गेंदबाज ने अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर दिखाया। ठाकुर ने सीरीज़ के आखिरी मुकाबले में 52 रन देकर चार विकेट झटके। उन्होंने द. अफ्रीका के दोनों ओपनर मार्करम और अमला दोनों को तो वापस पवेलियन भेजा ही, इसके साथ ही साथ ठाकुर ने फेहलुकवायो और फरहान बेहारदीन को भी आउट किया।कोहली ने ठोका 35वां शतक
कोहली ने करियर का 35वां शतक जड़ते हुए नाबाद 129 रन की पारी खेली। 96 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 19 चौके और दो छक्के जड़े, जिससे भारत ने 32.1 ओवर में दो विकेट पर 206 रन बनाकर मैच अपने नाम किया।
सबसे आगे कोहली
इस सीरीज़़ में 558 रन बनाकर विराट कोहली किसी भी एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले ये रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था। रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 491 रन बनाए थे। विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर कुल 800 इंटरनेशनल रन बनाए। इस दौरान उन्होने तीन टेस्ट और 6 वनडे मैचों की सीरीज खेली जिसमें 3 वनडे और 1 टेस्ट शतक भी शामिल है।
कोहली ने की डिविलियर्स की बराबरी
बतौर कप्तान सबसे ज़्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड रिकी पोंटिंग के नाम है। पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी करते हुए 220 पारियों में 22 शतक लगाए थे। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर एबी डिविलियर्स का नाम था। डिविलियर्स ने द. अफ्रीका का कप्तान रहते हुए 98 पारियों में 13 शतक लगाए थे और आखिरी वनडे में शतक लगाते ही विराट ने डिविलियर्स के 13 शतकों की बराबरी कर ली। खास बात ये है कि कोहली ने ये शतक डिविलियर्स द्वारा खेली गई आधी से भी कम इनिंग (46) में बनाए हैं। सबसे तेज़ 17 हज़ारी
विराट कोहली ने सेंचुरियन वनडे में जैसे ही अपनी पारी का 31वां रन बनाया उन्होंने एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम पारियों में 17000 रन पूरे कर लिये। यह कारनामा कोहली ने मात्र 361 पारियों में कर दिखाया। आपको बता दें कि कोहली ने सबसे कम मैचों में 16000 और 15000 इंटरनेशनल रन भी पूरे किये थे। इसके पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला के नाम था।
वनडे क्रिकेट में पूरे किए 9500 रन
विराट कोहली ने वनडे सीरीज के आखिरी वनडे की पारी में शतक लगाकर अपने वनडे करियर के 9500 रन भी पूरे कर लिये। विराट ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 9500 रन पूरे किये हैं जिसके लिये विराट को 208 वनडे मैच की 200 पारियां खेलनी पड़ी हैं। विराट ने जैसे ही अपनी पारी का 41 वां रन लिया वो इस क्लब में शामिल हो गए।
कोहली ने पकड़े 100 कैच
इस वनडे मैच में कोहली ने बुमराह की गेंद पर इमरान ताहिर (02) का कैच पकड़ कर वनडे क्रिकेट में 100 कैच भी पूरे कर लिए।
द. अफ्रीका की धरती पर सबसे ज्यादा रन
विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान किसी भी द्विपक्षीय सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने आखिरी वनडे में जैसे ही अपना 38वां रन लिया उन्होंने इंग्लैंड के केविन पीटरसन को पीछे छोड़ दिया। पीटरसन ने साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर 6 मैचों में 454 रन बनाए थे।
विराट कोहली 558 रन       6 इनिंग     साल 2018     दक्षिण अफ्रीका
केविन पीटरसन 454 रन    6 इनिंग     साल 2005     दक्षिण अफ्रीका
हाशिम अमला 413 रन     4 इनिंग      साल 2015      वेस्टइंडीज
फॉफ डुप्लेसिस 410 रन     5 इनिंग     साल 2017       श्रीलंका


नई दिल्ली - अफगानिस्तान और जिंबाब्वे के बीच शारजाह में खेली जा रही वनडे सीरीज के चौथे मैच में अफगानिस्तान महज 134 रन पर ऑल आउट हो गई। अफगानिस्तान के युवा स्पिनर मुजीब जादरान ने इस मैच में 10 ओवर में 50 रन देकर पांच विकेट झटके। मुजीब उर रहमान के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन (50/5) के बाद मोहम्मद शहजाद (75*, 74 गेंद, 10×4, 3×6) और इंशानुल्लाह (51*,53 गेंद, 6×4, 2×6) के शानदार अर्धशतकों की मदद से अफगानिस्तान ने चौथे वन-डे मैच में जिम्बाब्वे को 10 विकेट से हरा दिया। इस जीत के बाद पांच मैचों की सीरीज में अफगानिस्तान ने 3-1 की बढ़त बना ली। आखिरी मैच सोमवार को इसी स्थान पर होगा। मुजीब ने इस मैच के दौरान वकार यूनुस का विश्व रिकॉर्ड ध्वस्त किया।
मुजीब ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
इस मुकाबले में सिर्फ 16 साल के ऑफ स्पिनर मुजीब उर रहमान ने एतिहासिक प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 10 ओवरों में 50 रन देकर जिंबाब्वे टीम के 5 विकेट झटके, जिसके साथ ही मुजीब वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 5 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। मुजीब से पहले ये रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वकार यूनुस खान के नाम था। वकार युनिस ने साल 1990 में श्रीलंका के खिलाफ 5 विकेट लिए थे। जिंबाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच में मुजीब ने पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज वकार यूनुस का 28 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ है। वकार ने 18 वर्ष 164 दिन की आयु में पहली बार 5 विकेट लिए थे जबकि मुजीब ने 16 साल 325 दिन में यह उपलब्धि हासिल की।
मुजीब ने राशिद खान को भी छोड़ा पीछे
सबसे कम उम्र में 5 विकेट लेने की लिस्ट में मुजीब अफगानिस्तान के एकलौते खिलाड़ी नहीं है। मुजीब से पहले अफगानिस्तान के ही राशिद खान सबसे कम उम्र में 5 विकेट चटकाने वाले खिलाड़ी बने थे। राशिद ने 18 साल की उम्र में आयरलैंड के खिलाफ वनडे मैच में पिछले साल 6 विकेट लिए थे। लेकिन इस मैच में 16 वर्षीय मुजीब ने पांच शिकार करते हुए वकार यूनुस और राशिद खान दोनों को पीछे छोड़ दिया। फिलहाल मुजीब उर रहमान इस लिस्ट में पहले नंबर पर हैं, वकार यूनुस दूसरे और राशिद खान तीसरे नंबर पर हैं। इसके अलावा पारी का पहला ओवर फेंकते हुए 5 विकेट लेने वाले वो दुनिया के दूसरे स्पिनर बन गए हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड सिर्फ बरमूडा के ड्वेन लिवरोक के नाम दर्ज था।
ये रहा मैच का हाल
पहले खेलते हुए जिम्बाब्वे की टीम 38 ओवरों में 134 रन ही बना पाई। जवाब में अफगानिस्तान ने 21.1 ओवरों में बिना कोई विकेट खोए 135 रन बना लिए। शहजाद ने दसवां तो इंशानुल्लाह ने दूसरी अर्धशतक जड़ा। यही नहीं शहजाद ने 62वें मैच में 2 हजार रन का आंकड़ा भी पार किया। अब उनके नाम 2034 रन हो गए हैं। इससे पहले जिम्बाब्वे की पारी में क्रेग इर्विन (54*), ब्रेंडन टेलर (30), रेयान बर्ल (10) ही दोहरी रनसंख्या को छू सके।


नई दिल्ली - सेंचुरियन में खेले गए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज का छठा वनडे मैच भी भारत ने जीत लिया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए द. अफ्रीका की टीम 204 रनों पर ऑल आउट हो गयी। जवाब में 205 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने कप्तान विराट कोहली के शानदार शतक की बदौलत 32.1 ओवर में मैच जीत लिया। कोहली को उनकी बेहतरीन पारी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। यह उनके करियर का 35वां वनडे शतक था। विराट ने 96 गेंदों पर नाबाद 129 रनों की पारी खेली। इसके साथ ही विराट कोहली वनडे मैचों में अब शतक बनाने के मामले में सिर्फ सचिन तेंदुलकर (49) से ही पीछे हैं।
साल 2018 के मात्र 47 दिनों में विराट कोहली ने 500 रनों का आंकड़ा पार किया इसके पहले यह कारनामा सचिन तेंदुलकर ने साल 2003 के विश्वकप में किया था लेकिन उन्होंने इस आंकड़े को पार करने के लिए 69 दिन लिये थे। इसके अलावा इस मैच में विराट ने कई और कीर्तिमान बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर बाइलेटरल सीरीज में सबसे ज्यादा रन
विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान किसी भी बाइलेटरल सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने आखिरी वनडे में जैसे ही अपना 38वां रन लिया उन्होंने इंग्लैंड के केविन पीटरसन को पीछे छोड़ दिया। पीटरसन ने साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर 6 मैचों में 454 रन बनाए थे।
विराट कोहली 558 रन        6 इनिंग      साल 2018    दक्षिण अफ्रीका
केविन पीटरसन 454 रन      6 इनिंग     साल 2005     दक्षिण अफ्रीका
हाशिम अमला 413 रन       4 इनिंग     साल 2015      वेस्टइंडीज
फॉफ डुप्लेसिस 410 रन      5 इनिंग      साल 2017      श्रीलंका
वनडे मैचों की 200वीं पारी में पूरे किये 9500 रन
विराट कोहली ने वनडे सीरीज के आखिरी वनडे की पारी में शतक लगाकर अपने वनडे करियर के 9500 रन भी पूरे कर लिये। विराट ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 9500 रन पूरे किये हैं जिसके लिये विराट को 208 वनडे मैच की 200 पारियां खेलनी पड़ी हैं। विराट ने जैसे ही अपनी पारी का 41 वां रन लिया वो इस क्लब में शामिल हो गए।
सबसे तेज बनाए इंटरनेशनल क्रिकेट में 17000 रन
विराट कोहली ने सेंचुरियन वनडे में जैसे ही अपनी पारी का 31वां रन बनाया उन्होंने एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम पारियों में 17000 रन पूरे कर लिये। यह कारनामा कोहली ने मात्र 361 पारियों में कर दिखाया। आपको बता दें कि कोहली ने सबसे कम मैचों में 16000 और 15000 इंटरनेशनल रन भी पूरे किये थे। इसके पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला के नाम था
किसी भी वनडे सीरीज में 3 शतक
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही वनडे सीरीज भारत ने 5-1 से जीत ली है इस सीरीज में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बेहतरीन पारियां खेली जिसकी मदद से भारत को पहली बार दक्षिण अफ्रीका की धरती पर वनडे सीरीज जीतने में सफलता मिली। विराट ने इस दौरान 3 वनडे शतक लगाये, अब तक ऐसा करने वाले विराट अब तीसरे भारतीय बने उनके पहले पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने साल 2003 के विश्वकप में 3 शतक और वीवीएस लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वीबी सीरीज में 3 शतक लगाया था।
सौरव गांगुली, विश्वकप 2003 (दक्षिण अफ्रीका)
वीवीएस लक्ष्मण, वीबी सीरीज 2004 (ऑस्ट्रेलिया)
विराट कोहली, दक्षिण अफ्रीका 2018 (किसी भी बाइलेटरल सीरीज में पहले खिलाड़ी)
एक ही दौरे पर पूरे किए 800 इंटरनेशनल रन
विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर कुल 800 इंटरनेशनल रन बनाए। इस दौरान उन्होने तीन टेस्ट और 6 वनडे मैचों की सीरीज खेली जिसमें 3 वनडे और 1 टेस्ट शतक भी शामिल है।


ढाका - श्रीलंका-बांग्लादेश के बीच दो टी20 मैचों की सीरीज का पहला मैच 15 फरवरी को ढाका में खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 193 रन बनाए। इस मुकाबले में बांग्लादेश का टी20 क्रिकेट में बनाया सबसे बड़ा स्कोर भी उसके काम नहीं आया। बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मुश्फिकर रहीम के (44 गेंद में नाबाद 66 रन) और सौम्य सरकार (32 गेंद में 51 रन) के अर्धशतकों की मदद से पांच विकेट पर 193 रन का स्कोर खड़ा किया। श्रीलंका ने इस स्कोर का पीछा करते हुए मैच जीत लिया। श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज कुसाल मेंडिस (53 रन, 27 गेंद में आठ चौके और दो छक्के) के शानदार अर्धशतकीय की मदद से 20 गेंदें बाकी रहते छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
टी20 फॉर्मेट में ये मेजबान टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है. इससे पहले टीम का सर्वश्रेष्ठ टी20 स्कोर 2012 में बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ पांच विकेट पर 190 रन था। इसके साथ ही श्रीलंकाई टीम का भी ये सबसे बड़ा सफल रनचेज है। लेकिन श्रीलंकाई टीम ने कुसन मेंडिस के बाद दासुन शनाका (नाबाद 42) और तिसारा परेरा (नाबाद 39 रन) के बीच पांचवें विकेट के लिए महज 30 गेंदों में नाबाद 65 रन की साझेदारी की मदद से ये मुकाबला अपने नाम कर लिया। ओपनर कुसाल मेंडिस इस जीत के असली हीरो रहे जिन्होंने जीत की नींव रखी और पारी की शुरुआत से ही 196 के तूफानी स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

 

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