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नई दिल्ली:-टीम इंडिया के कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धौनी और विराट कोहली की ऑनफील्ड केमेस्ट्री से तो आप सब वाकिफ हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि धौनी की बेटी जीवा की कोहली अंकल से बहुत क्यूट केमेस्ट्री है।विराट कोहली सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहते हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर जीवा के साथ अपनी एक फोटो शेयर की है। फोटो जितनी क्यूट है उतना ही क्यूट इसका कैप्शन भी है।कोहली ने इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, 'जीवा मेरा फोन इस्तेमाल कर रही है और उसको पता है कि इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं। बहुत क्यूट और एडॉरेबल... बच्चों के साथ रहना बिल्कुल अलग होता है। उनकी मासूमियत देखकर आप सबकुछ भूल जाते हैं। लव इट...' (Baby zeeva using my phone and knowing how to handle it. Haha too cute and adorable. Kids are just unbelievable to be around. You literally switch off from everything looking at their innocence. Love it)टीम इंडिया को गुरुवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मैच खेलना है। मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है।

नई दिल्ली:-विराट कोहली 2009 के अंत तक टीम इंडिया में अपनी जगह बना चुके थे। जगह तो बन गई थी लेकिन विराट का मकसद महज जगह बनाना नहीं बल्कि क्रिकेट की बुलंदियों तक पहुंचने का था।कोहली एक दिन में इतना 'विराट' बल्लेबाज नहीं बना है। इसके पीछे क्रिकेट के लिए उनका समर्पण और दिन-रात की मेहनत शामिल है। 2010 की शुरुआत हुई बांग्लादेश में ट्राई सीरीज के साथ।

1- तेंदुलकर को मिला रेस्ट, कोहली ने दिखाया अपना बेस्ट:-बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ ट्राई सीरीज खेलने के लिए विराट कोहली टीम इंडिया के साथ बांग्लादेश गए। सचिन तेंदुलकर को इस सीरीज से रेस्ट दिया गया था और विराट को सारे मैच खेलने का मौका मिला। पहले मैच में टीम इंडिया हारी और इस मैच में कोहली ने 9 रन बनाए। बांग्लादेश ने अगले मैच में 297 का टारगेट दिया और भारत ने 51 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, विराट क्रीज पर आए और 91 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई। इस पारी में विराट का जुझारूपन हर किसी को दिखा था। अगले मैच में कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ नॉटआउट 71 रन बनाए और टीम इंडिया ने पहले मैच में मिली हार का बदला जीत से लिया। बांग्लादेश के खिलाफ अगले मैच में विराट के बल्ले से इंटरनेशनल करियर की दूसरी सेंचुरी निकली। 22वें बर्थडे से पहले टीम इंडिया के लिए दो वनडे इंटरनेशनल सेंचुरी जड़ने वाले विराट तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने। फाइनल में विराट का बल्ला नहीं चला और टीम इंडिया ने मैच भी गंवाया। लेकिन इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन विराट के बल्ले से ही निकले। 91.66 की औसत से उन्होंने 275 रन ठोके थे।

2- फरवरी में भी चला बल्ला:-अगले महीने दक्षिण अफ्रीकी टीम तीन मैचों की सीरीज के लिए भारत दौरे पर आई। दो मैच में विराट को बल्लेबाजी का मौका मिला और उन्होंने इससे जाया नहीं होने दिया। विराट ने 31 और 57 रनों की पारी खेली।

3- सबसे तेज पूरे किए 1000 वनडे रन:-मई-जून 2010 में टीम इंडिया जिम्बाब्वे गई और वहां उसे श्रीलंका और मेजबानों के साथ ट्राई सीरीज खेलनी थी। इस सीरीज से कई दिग्गज खिलाड़ी गायब रहे। सुरेश रैना कप्तान बनकर गए और विराट उप-कप्तान बने। इस सीरीज में कोहली ने 42 की औसत से 168 रन बनाए लेकिन टीम इंडिया को चार में से तीन मैच गंवाने के बाद सीरीज से बाहर होना पड़ा। इस दौरान विराट वनडे में सबसे तेज 1000 रन पूरा करने भारतीय बल्लेबाज भी बने।

4- टी-20 इंटरनेशनल में डेब्यू:-वनडे टीम में जगह पक्की कर चुके विराट को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में इंटरनेशनल टी-20 में डेब्यू करने का मौका मिला। 2010 एशिया कप के लिए महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में टीम चुनी गई जिसके उप-कप्तान वीरेंद्र सहवाग थे। विराट को पूरे टूर्नामेंट में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला। लेकिन विराट इस टूर्नामेंट में आउट ऑफ फॉर्म रहे। उनका बल्ला श्रीलंका, न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्राई सीरीज तक शांत रहा।

5- फिर दहाड़ा विराट का बल्ला:-कुछ महीने तक खराब फॉर्म में रहने के बावजूद विराट को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू तीन मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया। अक्टूबर में हुई सीरीज के पहले दो मैच बारिश की भेंट चढ़ गए। तीसरा मैच विशाखापट्टनम में खेला गया और विराट ने यहां सेंचुरी जड़ डाली। कोहली ने दोनों ओपनर के जल्दी आउट होने के बाद 121 गेंद पर 118 रनों की पारी खेली और 290 रनों के लक्ष्य का पीछा कर भारत को जीत दिलाई।

6- कीवियों के खिलाफ 'गंभीर' कप्तानी में विराट का चला बल्ला:-न्यूजीलैंड टीम 2010 के अंत में भारत दौरे पर आई। इस सीरीज के लिए बड़े खिलाड़ियों को आराम दिया गया और गौतम गंभीर को कप्तान बनाया गया। गंभीर की कप्तानी में विराट ने पहले ही मैच में 104 गेंद पर 105 रन ठोके। यह विराट की चौथी वनडे सेंचुरी थी। दूसरे वनडे में विराट ने 64 और फिर तीसरे में नॉटआउट 63 रन बनाए। टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज 5-0 से जीती।

7- 2011 वर्ल्ड कप टीम में मिली जगह:-जनवरी 2011 में दक्षिण अफ्रीकी टीम एक टी-20 और पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलने के लिए भारत आई। टी-20 मैच भारत ने जीता लेकिन वनडे सीरीज दक्षिण अफ्रीका ने 3-2 से जीती। इस सीरीज में विराट ने 48.25 की औसत से 193 रन बनाए थे। वनडे सीरीज के दौरान ही 2011 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया की घोषणा हुई और विराट का नाम इस टीम में शामिल था। इन सबके बीच कोहली वनडे रैंकिंग में देखते ही देखते नंबर दो पर पहुंच गए।

8- सेंचुरी के साथ वर्ल्ड कप डेब्यू:-विराट कोहली ने बांग्लादेश के खिलाफ पहला वर्ल्ड कप मैच खेला और इसमें सेंचुरी ठोकी। वर्ल्ड कप डेब्यू में सेंचुरी ठोकने वाले कोहली पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। इसके बाद ग्रुप मैच में इंग्लैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोहली का बल्ला शांत रहा और उन्होंने क्रम से 8, 34, 12 और 1 रन की पारी खेली। वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने 59 रनों की पारी खेली और फिर क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 24 और सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 9 रन बनाए। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मैच में गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धौनी की पारी सबको याद है। लेकिन जीत में कोहली का भी बड़ा हाथ था। दबाव में कोहली ने 35 रनों की अहम पारी खेली थी और गंभीर के साथ 83 रनों की पार्टनरशिप निभाई थी।

9- टेस्ट में कोहली को मिली जगह:-2011 जून-जुलाई में टीम इंडिया वेस्टइंडीज के दौरे पर गई और टेस्ट टीम में विराट को शामिल किया गया। वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में कोहली का बल्ला शांत रहा और टेस्ट डेब्यू उनके लिए बहुत खराब रहा। पांच पारियों में विराट ने महज 76 रन बनाए। फिर इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई-अगस्त में होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। युवराज सिंह चोटिल हुए और कोहली को रिप्लेसमेंट के तौर पर बुलाया गया। हालांकि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। वनडे में विराट का बल्ला चलता रहा और आखिरकार वो टेस्ट टीम में वापसी करने में कामयाब हुए। 2014 तक कोहली टेस्ट टीम में भी जगह पक्की कर चुके थे।

10- टेस्ट में बने कप्तान:-दिसंबर 2014 में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना था। चोटिल महेंद्र सिंह धौनी पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाए। विराट कोहली ने इस मैच में कप्तानी की और पहली पारी में 115 रन ठोके। पांचवें दिन टीम इंडिया को 364 रनों का टारगेट मिला था। विराट ने 175 गेंद पर 141 रनों की पारी खेलकर जीत की उम्मीद जताई लेकिन 242/2 के स्कोर के बाद टीम इंडिया 315 रनों पर सिमट गई। टीम इंडिया ने भले यह मैच गंवाया लेकिन विराट पूरे क्रिकेट जगत पर छा गए। ब्रिस्बेन टेस्ट के लिए धौनी की टीम में वापसी हुई और टीम इंडिया ने मैच चार विकेट से गंवा दिया। तीसरा टेस्ट ड्रॉ हुआ और धौनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। धौनी के अचानक संन्यास के बाद विराट को टेस्ट टीम का कप्तान बना दिया गया। इसके बाद विराट ने टीम इंडिया को श्रीलंका में जीत दिलाई, दक्षिण अफ्रीका को होम सीरीज में पीटा और टीम को वापस नंबर-1 टीम बनाया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया वापस नंबर एक टीम बन गई और टीम इंडिया फिलहाल दूसरे नंबर पर है।इन दिनों विराट किस फॉर्म में हैं क्या कर रहे हैं यह तो हम सब देख ही रहे हैं लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए कोहली ने बहुत मेहनत मशक्कत की है।

मुंबई:-वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (डबल्यूआईसीबी) के अध्यक्ष डेव कैमरून ने सभी अनिश्चितताओं को दूर करते हुए सुनिश्चित किया कि इंडियन क्रिकेट टीम चार टेस्ट मैचों के लिए वेस्टइंडीज का दौरा करेगी।कैमरून ने कहा, 'भारत के वेस्टइंडीज दौरे की तिथि अभी तय नहीं हुई है लेकिन यह सीरीज जुलाई-अगस्त में ही खेली जाएगी। अभी मैचों के वेन्यू का फैसला नहीं हुआ है, जैसे ही इसके बारे में अंतिम फैसला कर लेंगे तभी सीरीज की तारीख भी सुनिश्चित हो जाएगी।'साल 2014 में वेस्टइंडीज टीम बोर्ड से विवाद के बाद भारत दौरा बीच में ही छोड़कर चली गई थी जिसके बाद बीसीसीआई ने वेस्टइंडीज के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों पर बैन लगा दिया था। कैमरून ने कहा, 'बीसीसीआई और वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के बीच रिश्ते बिल्कुल मधुर हैं और खटास जैसी कोई बात नहीं है। बीसीसीआई का नेतृत्व अब शशांक मनोहर के हाथों में चला गया है जो कि आईसीसी के भी अध्यक्ष हैं। उन्होंने कुछ परिवर्तन भी किए हैं और दोनों देशों के बोर्ड के बीच रिश्ते अच्छे चल रहे हैं।'उन्होंने कहा, 'कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) के चौथे सीजन का आयोजन भी जून में शुरू होकर अगस्त के पहले सप्ताह तक होगा। आईपीएल का कार्यक्रम पहले से तय है और इसमें बदलाव संभव नहीं है। भारत दौरा और सीपीएल एक ही समय पर होगा जिससे हमारे साथ खिलाड़ियों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण होगी।'

नई दिल्ली:-टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। चोट के चलते युवराज सिंह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं जबकि उनकी जगह टीम में मनीष पांडे को शामिल किया गया है।आईसीसी ने इसकी पुष्टि की है। टी-20 वर्ल्ड कप की टेक्निकल कमिटी ने मनीष पांडे को टीम में शामिल करने के लिए हरी झंडी दी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 'करो या मरो' मैच के दौरान युवी की एड़ी मुड़ गई थी। इसके बाद से उनके आगे खेलने को लेकर संशय बरकरार था।26 वर्षीय मनीष पांडे दो इंटरनेशनल टी-20 मैच खेल चुके हैं। दोनों मैच पिछले साल उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले थे। मनीष चार वनडे इंटरनेशनल मैच भी खेल चुके हैं।2007 टी-20 वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया और 2012 टी-20 वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज के बीच सेमीफाइनल मैच गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। अब देखना ये है कि प्लेइंग इलेवन में मनीष पांडे को जगह मिलती है या अजिंक्य रहाणे व पवन नेगी में से किसी एक को।खबरों की माने तो टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री रहाणे, विराट कोहली मनीष पांडे और धौनी पवन नेगी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना चाहते हैं।

नई दिल्ली:-पाकिस्तान टी-20 टीम के कप्तान शाहिद अफरीदी ने पूरे मुल्क से माफी मांगी है। कोच वकार यूनिस के माफीनामे के एक दिन बाद की अफरीदी ने सोशल मीडिया के जरिए पूरे पाकिस्तान से माफी मांगी है।अफरीदी ने अपने ट्विटर पेज पर वीडियो मेसेज में कहा, 'मैं इसकी परवाह नहीं करता कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं लेकिन मैं पाकिस्तान की अवाम के प्रति जवाबदेह हूं। आज मैं शाहिद अफरीदी पाकिस्तान की अवाम से माफी मांगता हूं कि हम उन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके जो आपने मुझसे और टीम से लगाई थी।अफरीदी इस समय दुबई में है और स्वदेश लौटने पर उनकी कप्तान छिनना तय है। वह अपने भविष्य पर भी कोई फैसला ले सकते हैं क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि टीम में उनकी जगह की कोई गारंटी नहीं है।टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही अफरीदी विवादों से घिर गए थे जब उन्होंने भारत में कहा था कि उन्हें और उनकी टीम को भारत में पाकिस्तान से ज्यादा प्यार मिलता है। पाकिस्तान चार में से तीन ग्रुप मैच हारकर बाहर हो गया था। अफरीदी ने मोहाली में उनकी टीम का समर्थन करने के लिए कश्मीरियों को धन्यवाद देकर एक और विवाद को जन्म दिया था।बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने यह कहकर इसकी निंदा की थी कि क्रिकेटरों को राजनीतिक बयान देने से बचना चाहिए। अपने वीडियो संदेश में अफरीदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा देश के लिए जुनून के साथ खेला है। उन्होंने कहा, '20 साल से मैं क्रिकेट खेल रहा हूं और पूरे देशवासियों के जज्बात लेकर मैदान पर उतरता हूं। यह टीम सिर्फ 11 खिलाड़ियों की नहीं बल्कि पूरे मुल्क की टीम है।'

SUCCESS STORY PART-1: विराट कोहली के 10 'दमदार' कदम

नई दिल्ली:-क्रिकेट जगत में इन दिनों एक ही नाम गूंज रहा है, विराट कोहली... मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में अभी तक कोहली ने जैसा प्रदर्शन किया है उसे सदियों तक याद रखा जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 'करो या मरो' मुकाबले में कोहली जिस तरह से टीम इंडिया को जीत दिलाई वो अविश्वसनीय थी।पिछले कुछ सालों में विराट को टीम इंडिया का दूसरा सचिन तेंदुलकर कहा जाने लगा है। जिस तरह की फॉर्म में विराट हैं उसे देखते हुए लगता है कि विरोधी टीम भी उन्हें आउट करने की उम्मीद छोड़ चुकी है और दूसरे छोर के बल्लेबाजों को ही टारगेट कर रही है।लेकिन कोहली एक ही दिन में इतने विराट नहीं हुए हैं, इसके पीछे सालों से की गई मेहनत है। विराट हीरो बने लेकिन सफर शुरू 'जीरो' से ही किया था।

1- बचपन में गली क्रिकेट से शुरुआत:-विराट का जन्म दिल्ली की एक पंजाबी फैमिली में हुआ और वो गली क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए। वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकैडमी बनी और महज 9 साल की उम्र में कोहली ने क्रिकेट कोचिंग लेनी शुरू कर दी। उनके पिता प्रेम कोहली ने भी विराट के क्रिकेट प्रेम को पूरा सपोर्ट दिया।

2- अंडर-15 टीम में मिली जगह:-पॉली उमरीगर ट्रॉफी के लिए विराट कोहली को अक्टूबर 2002 में दिल्ली अंडर-15 टीम में शामिल किया गया। इस टूर्नामेंट में दिल्ली की ओर से विराट ने सबसे ज्यादा रन बनाए, उन्होंने 34.40 की औसत से 172 रन ठोके थे। इसके बाद 2003-04 में वो दिल्ली के कप्तान भी बन गए। कप्तान बनने के बाद विराट ने 78 की औसत से 390 बनाए। इसके बाद अंडर-17 दिल्ली टीम के लिए भी विराट खेले। 

3- अंडर-19 टीम इंडिया का आया कॉल:-2006 में विराट कोहली को इंग्लैंड दौरे के लिए अंडर-19 टीम इंडिया से कॉल आया। कोहली ने तीन वनडे मैचों में 105 की औसत से और तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 49 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम इंडिया ने दोनों सीरीज जीत ली। 

4- पिता की मृत्यु और विराट का क्रिकेट के लिए डेडिकेशन:-दिसंबर 2006 में विराट कोहली के पिता की मृत्यु हुई और उसके अगले दिन ही उन्हें दिल्ली की तरफ से कर्नाटक के लिए मैच खेलना था। कोहली इस मैच में उतरे और 90 रनों की अहम पारी खेली। आउट होते ही वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए चले गए। उस समय दिल्ली के कप्तान मिथुन मन्हास ने कहा था, 'यह क्रिकेट के लिए शानदार कमिटमेंट था। उसके इस फैसले के लिए उसको सलाम।'

5- अंडर-19 वर्ल्ड कप में दिखा 'कप्तान' विराट:-2008 अंडर-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की बागडोर विराट कोहली के हाथ में थी। अपनी कप्तानी में विराट ने टीम इंडिया को चैंपियन बनाया। नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए विराट ने 6 मैचों में 47 की औसत से 235 रन बनाए थे। 

6- आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने लगाया दांव:-अंडर-19 वर्ल्ड कप में विराट के खेल को देखते हुए इंडियन प्रीमियर लीग में उन्हें फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने 30 हजार डॉलर में खरीदा था। 

7- इंटरनेशनल क्रिकेट से आया 'सरप्राइज' कॉल:-अगस्त 2008 में कोहली को श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया से कॉल आया इसके अलावा पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी संभावित खिलाड़ियों में उनका नाम शामिल किया गया। महज 8 लिस्ट-ए मैच खेलने वाले विराट के लिए यह कॉल किसी सरप्राइज से कम नहीं था। श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने करियर का पहला वनडे मैच खेला और 12 रन पर आउट हुए। इस सीरीज में कोहली ने चौथे मैच में करियर का पहला पचासा जड़ा, कोहली का पचासा टीम इंडिया की जीत का आधार बना। पांच मैचों की सीरीज को भारत ने 3-2 से जीता था। कोहली ने इस सीरीज में 37, 25 और 31 रनों की पारी खेली थी।

8- टीम से अंदर-बाहर हुए विराट:-नवंबर 2008 में कोहली को इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में तो जगह मिली लेकिन वो प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सके। 2008 दिसंबर में उन्हें बीसीसीआई से ग्रेड-डी का कॉन्ट्रैक्ट मिला। जनवरी 2009 में श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के लिए विराट को टीम में जगह नहीं मिली।

9- इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में विराट:-अगस्त 2009 में विराट इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में खेलने उतरे। ऑस्ट्रेलिया में हुए इस टूर्नामेंट में विराट ने अपने खेल से सबको चौंका दिया। 7 मैचों में विराट ने सबसे ज्यादा 398 रन ठोके। वर्ल्ड क्लास बॉलिंग अटैक के सामने विराट ने शानदार प्रदर्शन किया।

10- चोटिल गंभीर और युवी से हुई विराट की जगह पक्की:-श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज में चोटिल गौतम गंभीर की जगह विराट को टीम में जगह मिली। लेकिन विराट के करियर का टर्निंग प्वॉइंट रहा 2009 चैंपियंस ट्रॉफी। युवी के चोटिल होने के चलते विराट को टीम में शामिल किया गया और उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 79 रनों की पारी खेली और मैन ऑफ द मैच बने। दिसंबर 2009 में श्रीलंका खिलाफ होम सीरीज में युवी की चोट के चलते विराट टीम में रहे और सेंचुरी जड़ी। इंटरनेशनल करियर की यह विराट की पहली सेंचुरी थी। इस मैच में गौतम गंभीर ने 150 रन बनाए थे और मैन ऑफ द मैच चुने गए लेकिन उन्होंने अपना अवॉर्ड विराट को सौंप दिया था।

नई दिल्ली:-टी-20 वर्ल्ड कप में विराट कोहली का बल्ला जमकर चल रहा है और सेमीफाइनल मैच से पहले वो क्रिकेट के सबसे छोटे फॉरमैट के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एरॉन फिंच को हटाकर कोहली नंबर एक बल्लेबाज बने।मंगलवार को आईसीसी ने रैंकिंग जारी की। बल्लेबाजी में विराट टॉप पर हैं तो गेंदबाजी में वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री अव्वल बन गए हैं।ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को खेले गए…
मुंबई:-युवराज सिंह को लगी चोट के कारण अजिंक्य रहाणे या मनीष पांडे को टी20 विश्व कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने का मौका मिल सकता है चूंकि पांडे को युवराज के कवर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है।कर्नाटक के बल्लेबाज पांडे यहां चोटिल युवराज के कवर के तौर पर पहुंचे हैं जबकि अब तक बेंच पर रहे रहाणे पर भी फोकस होगा।बीसीसीआई सूत्रों ने बताया कि…
नई दिल्ली:-आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी-20 में 'करो या मरो' मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अविश्वसनीय पारी खेलने वाले विराट कोहली का हर कोई दीवाना हो चुका है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल ने तो यहां तक कह डाला कि विराट का शॉट सिलेक्शन वेस्टइंडीज के पूर्व बल्लेबाज ब्रायन लारा से कहीं बेहतर है।चैपल ने कहा, 'विराट की इस बेमिसाल पारी की जितनी तारीफ की जाए कम है। बेहद दबाव भरे पलों…
नई दिल्ली:-इंडियन क्रिकेट फैन्स के लिए 'सुपरहीरो' बन चुके टेस्ट कैप्टन विराट कोहली टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 'करो या मरो' मैच के बाद भावुक हो गए थे। कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धौनी ने जैसे ही विजयी चौका जड़ा कोहली मैदान पर बैठ गए। कोहली को देखकर करोड़ इंडियन क्रिकेट फैन्स भी भावुक हो गए थे।बीसीसीआई टीवी को दिए इंटरव्यू में विराट ने बताया कि आखिर क्यों वो…

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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