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साओ पाउलो - ब्राजील के सुपरस्टार फुटबॉलर नेमार ने अपने भविष्य को लेकर लग रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि वो पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के साथ ही रहेंगे। ऐसी खबरें आ रही थीं कि नेमार पीएसजी का दामन छोड़ सकते हैं और रियाल मैड्रिड के साथ जुड़ सकते हैं। हाल ही में क्रिस्टियानो रोनाल्डो रियाल मैड्रिड का साथ छोड़कर जुवेंटस से जुड़े हैं।
ऐसे में माना जा रहा था कि रियाल मैड्रिड नेमार को टीम में लेकर आएगा। नेमार ने यहां एक चैरिटी प्रोग्राम के बाद कहा, 'मैं पेरिस में ही रहूंगा। मेरा करार क्लब के साथ है।' पिछले साल बार्सिलोना से पीएसजी जाकर दुनिया के सबसे महंगे फुटबॉलर बने नेमार के बार-बार रीयाल मैड्रिड जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो के जुवेंटस जाने के बाद से मैड्रिड में एक बड़े खिलाड़ी की कमी है।
ब्राजील के लिए वर्ल्ड कप 2018 का सफर भी कुछ खास नहीं रहा। टीम क्वॉर्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सकी और साथ ही नेमार का खुद का प्रदर्शन भी औसत दर्जे का रहा।


नई दिल्ली - श्रीलंका के पूर्व कप्तान और इस समय श्रीलंकन टीम के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। मैथ्यूज ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में 8 रन बनाते ही ये बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। मैथ्यूज ने तेज गेंदबाज के लुंगी नगिडी की गेंद पर चौका मारकर ये कारनामा किया।
साल 2009 में टेस्ट करियर का आगाज करने वाले मैथ्यूज ने 75 टेस्ट में 5000 रन पूरे किए। अब तक के अपने टेस्ट करियर में 8 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। 5000 रन बनाने वाले मैथ्यूज श्रीलंका के 9वें बल्लेबाज है।
इस बल्लेबाज से पहले महान बल्लेबाज कुमार संगाकारा, महेला जयवर्धने, सनथ जयसूर्या, अरविंद डी सिल्वा, मरवन अट्टापट्टू, तिलकरत्ने दिलशान, थिलन समरवीरा और अर्जुन राणातुंगा इस आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। श्रीलंका की तरफ से संगाकारा ने सबसे ज्यादा 12,400 रन बनाए हैं। जयवर्धने भी 11 हजार से ज्यादा रन बनाकर रिटायर हुए हैं।
मैथ्यूज ये उपलब्धि हासिल करने के बाद ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं पाए और 10 रन बनाकर केशव महाराज का शिकार बन गए। दूसरे टेस्ट में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। श्रीलंका की तरफ से ओपनर दानुष्का गुणाथिलाका और दिमुथ दिमुथ करुणारत्ने ने शानदार शुरुआत देते हुए पहले विकेट के लिए 116 रन जोड़े। हालांकि ये दोनों बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाए और अर्धशतक बना कर केशव महाराज का शिकार बन गए।

नई दिल्ली। इंग्लैंड में भारतीय टीम टी-20 और वनडे सीरीज़ खेल चुकी है और अब बारी है क्रिकेट से सबसे बड़े फॉर्मेट यानि की टेस्ट मैच की। पांच टेस्ट मैच की सीरीज़ का पहला मैच 1 अगस्त को बर्मिंघम के मैदान पर खेला जाएगा। कोहली एंड कंपनी के लिए ये सीरीज़ किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी, क्योंकि इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी खराब रहा है। साथ ही साथ कप्तान कोहली का रिकॉर्ड भी इंग्लैंड में अच्छा नहीं है।
कोहली पर होगा दोहरा दबाव:-सफेद कपड़ों की इस सीरीज़ में विराट कोहली पर दोहरा दबाव होगा। विराट पर कप्तानी का दबाव तो रहेगा ही साथ ही साथ उनपर बतौर बल्लेबाज़ भी प्रेशर रहेगा। इंग्लैंड की धरती पर पांच दिन के क्रिकेट में कोहली का बल्ला खामोश ही रहा है। कोहली ने इंग्लैंड में अभी तक पांच टेस्ट की 10 पारियों में 13.4 के औसत से कुल मिलाकर 134 रन बनाए हैं। खास बात तो ये है कि इस दौरान उनके बल्ले से शतक तो दूर एक अर्धशतक भी नहीं निकला है। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 39 रन का है।
कुछ ऐसे हैं आंकड़े;-भारत और इंग्लैंड के बीच अभी तक कुल 117 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इंग्लैंड की टीम ने 49 मुकाबलों में जीत हासिल की है तो वहीं टीम इंडिया ने 25 मैचों में जीत का स्वाद चखा है। 117 में से 49 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।
भारत को डराते हैं ये रिकॉर्ड:-इंग्लैंड की धरती पर दोनों टीमों के बीच 57 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इन 57 मुकाबलों में से भारतीय टीम को 30 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं भारत सिर्फ 6 मुकाबलों में ही इंग्लैंड पर भारी पड़ सका है। जबकि इन दोनों टीमों के बीच 21 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।
सिर्फ तीन सीरीज़ जीता है भारत:-इंग्लैंड में इन दोनों टीमों के बीच अभी तक 17 टेस्ट सीरीज खेली गई हैं। इंग्लैंड ने 13 सीरीज में जीत दर्ज की, तो वहीं भारत अभी तक सिर्फ 3 सीरीज ही जीत सका है। एक सीरीज़ ड्रॉ रही है और वो श्रंखला 2002 में खेली गई थी।
खत्म होगा 11 साल का इंतज़ार:-इंग्लैंड की धरती पर भारत ने आखिरी बार 2007 में टेस्ट सीरीज़ जीती थी। अब देखना ये होगा की क्या कोहली की विराट सेना 11 साल के इस लंबे इंतज़ार को खत्म कर पाएगी। इस दौरे पर टीम इंडिया ने सबसे पहले टी-20 सीरीज़ खेली। तीन टी-20 मैचों की सीरीज़ में भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद खेली गई वनडे सीरीज़ में इंग्लिश टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया से सीरीज़ जीत ली। इस दौरे पर भारतीय टीम की असली परीक्षा तो टेस्ट सीरीज़ में होगी। हालांकि अभी भारतीय खिलाड़ियों के पास खुद को तैयार करने के लिए 10-12 दिन का समय और है।

नई दिल्ली। भारत ने पहला विश्व कप 25 जून 1983 को जीता था। उस टीम के कप्तान कपिल देव थे, लेकिन उस टीम में एक ऐसा खिलाड़ी भी मौजूद था, जिसने एक बार जैवलिन थ्रो में नेशनल रिकॉर्ड बनाया भी था। 19 जुलाई 1955 को रॉजर बिन्नी का जन्म हुआ था और वो भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले एंग्लो इंडियन क्रिकेटर थे।
1983 विश्व कप में लिए सबसे ज़्यादा विकेट;-बिन्नी एक ऑलराउंडर खिलाड़ी थे। वो गेंद और बैट दोनों से ही अपनी टीम को जीत दिला सकते थे, लेकिन 1983 के विश्व कप में उनका बल्ला तो दम नहीं दिखा सका पर उनकी गेंदों ने कमाल कर दिया। उस विश्व कप में वो सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। 1983 के वर्ल्ड कप में बिन्नी ने 8 मैचों में 18 विकेट चटकाकर भारत को विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल में उन्होंन और मदन लाल ने 4-4 विकेट चटकाए। वहीं फाइनल में भी बिन्नी ने क्लाइव लॉयड का चटकाकर भारत की जीत में योगदान दिया था।
जैवलिन थ्रो में भी बनाया रिकॉर्ड;-रोजर बिन्नी को शुरू से ही खेलों से लगाव था। एक समय उनके नाम लड़कों के जेवलिन थ्रो की प्रतिस्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड था। वहीं, बचपन में फुटबॉल और हॉकी में भी उन्होंने अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व किया।
क्रिकेट के बाद बने कोच;-बिन्नी साल-2000 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के कोच थे। उस वर्ल्ड कप से मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह जैसे स्टार खिलाड़ी उभरे। बाद में बिन्नी रणजी ट्रॉफी में बंगाल के भी कोच रहे। इसके बाद वह कर्नाटर स्टेट क्रिकेट असोसिएशन से भी जुड़े।
कोच के बाद बने चयनकर्ता:-रोजर बिन्नी 2012 में राष्ट्रीय चयनकर्ता भी नियुक्त हुए। वह चयन समिति के 5 सदस्यीय समिति के सदस्य थे। इसी समिति ने आगे जाकर आइसीसी वर्ल्ड कप 2017 और आइसीसी वर्ल्ड टी-20 2016 की टीम भी चुनी थी। 2015 वर्ल्ड कप टीम में उनके बेटे स्टुअर्ट बिन्नी भी चुने गए थे और इसलिए कई सवाल भी खड़े हुए।
ऐसा रहा क्रिकेट करियर:-रोजर बिन्नी ने भारत के लिए 27 टेस्ट मैच खेलते हुए 830 रन बनाए। इसमें 5 अर्धशतक भी शामिल हैं। टेस्ट में बिन्नी का उच्चतम स्कोर 83 रन का रहा। इसके साथ ही बिन्नी ने 47 विकेट भी झटके। जहां तक वनडे करियर की बात है तो बिन्नी ने 72 वनडे मैच में एक अर्धशतक की बदौलत कुल 629 रन बनाए। वनडे में रोजर के नाम 77 विकेट हैं।

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत अपने पिता के वनडे डेब्यू की तरह किया है। अर्जुन श्रीलंका की अंडर 19 टीम के खिलाफ अपना पहला इंटरनेश्नल मैच खेल रहे हैं। कोलंबो में खेले जा रहे इस चार दिवसीय टेस्ट मैच के पहले दिन उन्होंने अपना पहला इंटरनेशनल विकेट हासिल किया था लेकिन बल्लेबाजी में वे नाकाम रहे। अर्जुन इस मैच की पहली पारी में बिना खाता खोले ही आउट हो गए।
सचिन के पीछे-पीछे अर्जुन;-भारतीय अंडर-19 टीम की पहली पारी के दौरान अर्जुन निचले क्रम पर बैटिंग करने उतरे थे। इस दौरान उन्होंने 11 गेंदों का सामना किया और बिना कोई रन बनाए ही कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए। उन्हें दुलशन ने सूरियाभंडारा के हाथों कैच आउट कराया। आपको बता दें कि अर्जुन के पिता सचिन तेंदुलकर अपने पहले वनडे मैच में बिना कोई रन बनाए आउट हुए थे।अर्जुन की तरह सचिन तेंदुलकर भी अपने पहले वनडे मैच में बिना कोई रन बनाए आउट हुए थे। सचिन ने पाकिस्तान के खिलाफ नवंबर 1989 में में टेस्ट मैच खेलकर डेब्यू किया था, लेकिन सचिन ने अपना पहला वनडे मैच 18 दिसंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ गुजरांवाला में खेला था। इस मैच में सचिन (00) दो गेंद ही खेलकर वकार यूनिस की गेंद पर आउट हो गए थे। उस मैच में सचिन का कैच वसीम अकरम ने पकड़ा था।मैच में श्रीलंका की अंडर-19 टीम पहली पारी में 244 रन बनाकर आउट हुई थी। भारतीय जूनियर टीम के लिए हर्ष त्‍यागी ने और आयुष बदोनी ने चार-चार विकेट हासिल किए थे। बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने वाले अर्जुन ने श्रीलंका की पहली पारी के दौरान 11 ओवर में 33 रन देकर एक विकेट लिया था। अर्जुन ने श्रीलंका के ओपनर मिशारा को एलबीडब्‍ल्‍यू किया था।जवाब में भारत अंडर-19 टीम ने अपनी पहली पारी मैच के तीसरे दिन 589 रन के विशाल स्‍कोर पर खत्‍म की। भारतीय टीम के लिए अथर्व तायडे ने 113 और आयुष बदोनी ने नाबाद 185 रन बनाए थे। आयुष ने अपनी पारी में 205 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और चार छक्‍के लगाए थे जबकि अथर्व की पारी में 13 चौके शामिल थे। टीम के कप्‍तान अनुज रावत ने 59 गेंदों पर आठ चौकों और दो छक्‍कों की मदद से 63 रन बनाए। पहली पारी के आधार पर भारतीय अंडर19 टीम को 345 रन की बढ़त हासिल हुई।

नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धौनी के संन्यास की खबरों पर भले ही विराम लग गया हो, लेकिन इस दिग्गज क्रिकेटर की खराब फॉर्म के चलते अब वो अपने साथ खेले खिलाड़ियों के निशाने पर आ गए हैं। सौरव गांगुली के साथ-साथ गौतम गंभीर ने भी उनके धीमे प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं।
गांगुली ने उठाए धौनी पर सवाल:-धौनी ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ के आखिरी दोनों मैचों में काफी धीमी बल्लेबाज़ी की थी। जैसे दमदार खेल की उम्मीद उनसे की जाती है वो उस पर खरे नहीं उतर सके। पहले लॉर्ड्स और फिर लीड्स में खेले गई धौनी की इन धीमी पारियों के बाद अब भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि धौनी को जल्द ही अपनी बल्लेबाज़ी में सुधार की जरुरत है। इसके साथ ही गांगुली उनके खेलने के क्रम को लेकर भी सवाल उठाए हैं।दादा के नाम से मशहूर सौरव का कहना है की अगर धौनी टीम में हैं तो वह ऐसी पोजिशन पर खेलने आते हैं जहां से उन्हें लगातार बॉल को हिट करने की जरूरत है। वह 24-25 ओवर के आसपास खेलने आते हैं तो पारी को खड़ी करने के लिए उन्हें लगातार रन बनाने की जरूरत है जिसमें वह नाकाम हो रहे हैं। वह ऐसा कर तो सकते हैं लेकिन पिछले एक साल से वह ऐसा करने में नाकाम हो रहे हैं’।
गंभीर ने भी उठाए सवाल:-सौरव गांगुली के साथ ही साथ गौतम गंभीर ने भी धौनी के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए हैं। गंभीर ने कहा कि धौनी की धीमी बल्लेबाज़ी की वजह से बाकी खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ रहा है। गौतम गंभीर ने कहा है, 'धौनी काफी डॉट बॉल खेल रहे हैं जिसकी वजह से दूसरे बल्लेबाज़ों पर अधिक दबाव पड़ रहा है'। गंभीर ने आगे कहा, 'मैंने पिछले कई वर्षों से धौनी को इस तरह से बल्लेबाज़ी करते हुए नहीं देखा है इसलिए उन्हें खुलकर खेलने की ज़रूरत है'।आपको बता दें कि धौनी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में 59 गेदों में 37 रन की पारी खेली थी जिसके बाद ही वह आलोचनाओं के घेरे में आ गए। धौनी ने तेज़-तर्रार बल्लेबाज़ी नहीं की थी और इसी वजह से दर्शकों ने निराश होकर उन्हें मैदान पर ही हूट करना शुरू कर दिया था। धौनी की उस पारी के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने तो धौनी की इस पारी की तुलना खुद की 1975 के वर्ल्ड कप में खेली गई 36 रन की धीमी पारी से कर दी थी।

 

 

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 व वनडे सीरीज में शतक लगाने वाले भारतीय ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा को मेजबान टीम के खिलाफ होने वाले पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया है। रोहित शर्मा ने इस वर्ष भारत के लिए सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं और इनमें उनकी बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही थी। तो क्या सिर्फ…
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नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ 1 अगस्त से शुरू होने वाली पांच टेस्ट की सीरीज़ के लिए बीसीसीआइ ने भारतीय टीम का एलान कर दिया है। बीसीसीआइ ने पहले तीन टेस्ट मैच के लिए टीम का चयन किया है।बीसीसीआइ ने ट्वीट कर ये जानकारी दी कि पहले तीन टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया का चयन किया गया है। कुलदीप यादव के साथ-साथ आर.अश्विन और रवींद्र जडेजा तो हैं ही…
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