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नई दिल्ली - श्रीलंका और द. अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में केशव महाराज के बाद इस स्पिन गेंदबाज़ का जलवा देखने को मिला। श्रीलंका ने पहली पारी में 338 रन बनाए थे। द. अफ्रीका की ओर से पहली पारी में केशव महाराज ने नौ विकेट लिए थे। श्रीलंका के ऑलआउट होने के बाद जब द.अफ्रीका की टीम बल्लेबाज़ी करने उतरी तो पूरी टीम 34.5 ओवर में ही ढेर हो गई। द.अफ्रीका की टीम 124 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी के आधार पर श्रीलंका की टीम को 214 रन की बढ़त मिली।
धनंजय ने किया कमाल
द.अफ्रीका की टीम 124 रन पर ढेर हो गई। श्रीलंका की ओर से अकिला धनंजय ने दमदार गेंदबाजी करते हुए द. अफ्रीका के पांच बल्लेबाज़ों का शिकार किया। अकिला धनंजय ने 13 ओवर में 52 रन देकर द.अफ्रीका के पांच अहम विकेट चटकाए। इस दौरान उन्होंने 2 मेडन ओवर भी फेंके। टेस्ट क्रिकेट में ये दूसरा मौका रहा जब अकिला ने एक टेस्ट मैच की एक पारी में पांच विकेट चटकाए हों।
13 गेंदों पर लिए थे 05 विकेट
अकिला धनंजय ने पिछले साल भारत के खिलाफ एक वनडे मैच में सिर्फ 13 गेंदों पर पांच विकेट चटकाए थे। हालांकि उन्होंने उस मैच में 6 विकेट हासिल किए थे। ये मैच 24 अगस्त 2017 को पल्लेकेल के मैदान पर केला गया था और उस मैच में धनंजय ने 10 ओवर में 54 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे। हालांकि उनकी टीम फिर भी ये मैच हार गई थी, लेकिन उन्होंने उस मैच में अपना वनडे का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।
इन बल्लेबाज़ों को किया आउट
धनंजय ने डीन एल्गर (0), डी ब्रूइन (03), डि कॉक (32), केशव महाराज (02) और डेल स्टेन के विकेट चटकाए। खास बात ये है कि अकिला धनंजय का ये सिर्फ तीसरा टेस्ट मैच है और इन तीन मुकाबलों में वो दो बार एक पारी में पांच विकेट चटका चुके हैं। इससे पहले उन्होंने फरवरी में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेले गए टेस्ट की दूसरी पारी में पांच शिकार किए थे।
बल्ले से भी किया कमाल
श्रीलंका ने पहली पारी में जो 338 रन बनाए उनमें अकिला धनंजय ने नाबाद 43 रन की पारी खेली थी। धनंजय ने 91 गेंदों पर 07 चौकों की मदद से ये रन बनाए थे। धनंजय और हेराथ ने मिलकर आखिरी विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की थी।
परेरा ने भी लगाया 'चौका'
द.अफ्रीका की पारी को 124 रन परर समेटने में जहां धनंजय ने पांच शिकार किए वहीं श्रीलंका के दूसरे स्पिन गेंदबाज़ दिलरुवान परेरा ने भी चार बल्लेबाज़ों को आउट किया। परेरा ने 12.5 ओवर में 40 रन देकर चार विकेट लिए। उन्होंने हाशिम अमला. फॉफ डू प्लेसिस, बावूमा और रबादा को पवेलियन की राह दिखाई। इसके अलावा एक विकेट रंगना हेराथ ने भी लिया।


कोलंबो - द. अफ्रीका के बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज ने श्रीलंका के खिलाफ एक पारी में नौ विकेट लेकर कमाल कर दिया। केशव महराज ने श्रीलंका और द. अफ्रीका के बीच दूसरे टेस्ट की पहली पारी में ये कारनामा किया। इस दौरान केशव ने 41.1 ओवर की गेंदबाज़़ी के करते हुए 129 पर नौ विकेट हासिल किए। इसके साथ ही साथ उन्होंने 10 ओवर मेडन भी फेंके। उनकी इस दमदार गेंदबाज़ी़ की बदौलत ही श्रीलंका की पारी 338 रन पर सिमट गई। इसी के साथ महाराज ने 61 साल का सूखा खत्म कर दिया।
61 सालों बाद बनाया ये रिकॉर्ड
केशव महाराज एक टेस्ट मैच की एक पारी में 9 विकेट लेने वाले दूसरे द. अफ्रीकी गेंदबाज़ हैं। द. अफ्रीक के लिए 61 साल बाद ये मौका आया है जब उनके किसी गेंदबाज़ ने एक पारी में नौ विकेट चटकाए हों। महाराज से पहले ये काम 1957 में द. अफ्रीका के ह्यूज टैफील्ड ने इंग्लैंड के खिलाफ 113 रन देकर 9 विकेट हासिल किए थे। खास बात ये है कि उस समय 8 गेंद का एक ओवर होता था।
इस रिकॉर्ड से चूक गए महाराज
एक टेस्ट मैच की एक पारी में एक बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज़ द्वारा किया गया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 127 रन देकर नौ विकेट का है। ये बेहतरीन प्रदर्शन किया था श्रीलंका के दिग्गज स्पिन गेंदबज़ रंगना हेराथ ने पाकिस्तान ते खिलाफ 2014 में। खास बात ये है कि हेराथ ने भी ये प्रदर्शन सिंहली स्पोर्ट्स क्लब के इसी मैदान पर किया जहां केशव महाराज ने भी नौ विकेट चटकाए, लेकिन महाराज ने हेराथ से दो ज़्यादा रन दे दिए। महाराज ने 129 रन देकर नौ विकेट लिए।
कोई द. अफ्रीकी नहीं कर सका था ऐसा
महाराज ने 129 रनों पर 9 विकेट लिए। यह किसी भी द. अफ्रीकी गेंदबाज का टेस्ट क्रिकेट में अपने देश के बाहर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले यह रिकॉर्ड लांस क्लूजनर के नाम दर्ज था, जब उन्होंने 1996 में कोलकाता में भारत के खिलाफ 64 रनों पर 8 विकेट झटके थे।
पहले दिन ही चटका दिए थे 8 विकेट
इससे पहले इस टेस्ट के पहले दिन महाराज ने 116 रन देकर आठ विकेट झटके, जिसके वजह से श्रीलंकाई टीम ने दिन का अंत नौ विकेट पर 277 रन के स्कोर पर किया। महाराज का प्रदर्शन श्रीलंकाई सरजमीं पर कुल पांचवां और किसी भी विदेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। महाराज के अलावा कैगिसो रबादा एक विकेट लेने में सफल रहे।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका को हालांकि धनुष्का गुणातिलके (57) और दिमुथ करुणारत्ने (53) ने मजबूत शुरुआत दी थी, लेकिन एक बार जब महाराज ने 116 रनों के कुल स्कोर पर करुणारत्ने को आउट कर मेजबानों को पहला झटका दिया तो उसके बाद श्रीलंकाई टीम संभल नहीं पाई और लगातार विकेट खोती रही। करुणारत्ने ने 110 गेंदों का सामना किया और चार चौके लगाए। उनके जाने के बाद श्रीलंका अपने खाते में एक रन ही जोड़ पाई थी तभी महाराज ने अपने अगले ओवर में गुणातिलके को पवेलियन भेज दिया। उन्होंने अपनी अर्धशतकीय पारी में 107 गेंदों का सामना किया और छह चौके लगाए। यहां से महाराज के आगे श्रीलंकाई बल्लेबाज टिक नहीं सके। हालांकि, धनंजय डिसिल्वा (60) ने एक छोर संभाले रखा, लेकिन महाराज दूसरे छोर से विकेट चटकाते रहे। धनंजय 247 के कुल स्कोर पर श्रीलंका के सातवें विकेट के रूप में आउट हुए। उन्हें भी महाराज ने आउट किया। धनंजय ने 109 गेंदों की पारी में आठ चौके लगाए। दिन का खेल खत्म होने तक अकिला धनंजय 16 रन और रंगना हेराथ पांच रन बनाकर नाबाद हैं।
नंबर गेम :
-07 विकेट 76 रन देकर झटके थे पाकिस्तान के यासिर शाह ने गॉल में 2015 में, जो इससे पहले श्रीलंका में किसी भी विदेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
-05वीं बार किसी टेस्ट पारी में केशव महाराज ने पांच या अधिक विकेट हासिल किए। उन्होंने हर बार अलग-अलग टीमों के खिलाफ पांच विकेट झटके हैं।

 


नई दिल्ली - इंग्लैंड में इन दिनों टी-20 ब्लास्ट कप खेला जा रहा है। इस टूर्नामेंट के एक मैच में स्कॉटलैंड के एक बल्लेबाज़ धुआंधार पारी खेली। इस पारी की वजह से ही डर्बीशायर ने नॉर्थहैम्पटनशायर को 31 रन से मात दे दी। इस मैच में स्कॉटलैंड के लिए खेलेने वाले कैलम मैक्लॉयड ने धुआंधार पारी खेलते हुए शतक जमा दिया।
मैक्लॉयड ने खेली तूफानी पारी
इस मैच में टॉस जीतकर नॉर्थहैम्पटनशायर ने पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी डर्बीशायर के टीम के ओपनर कैलम मैक्लॉयड तो कुछ और ही सोचकर मैदान पर उतरे। कैलम ने सिर्फ 58 गेंदों पर 12 चौकों और 4 छक्कों की मदद से शतक ठोक दिया। हालांकि शतक ठोकने के बाद वो अपनी इस पारी को ज़्यादा आगे नहीं ले जा सके और 61 गेंदों में 104 रन बनाकर आउट हो गए। इनकी इस पारी की बदौलत डर्बीशायर ने निर्धारित 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 211 रन बनाए।
इसके बाद नॉर्थहैम्पटनशायर की पूरी टीम 212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.3 ओवर में 180 रन बनाकर सिमट गई। इस मैच में मैक्लॉयड की ताबड़तोड़ पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच के खिताब से भी नवाजा गया।
मैक्लॉयड के नाम ये रिकॉर्ड भी है दर्ज़
कैलम मैक्लॉयड स्कॉटलैंड के पहले ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ शतक ठोका है। ये कमाल उन्होंने 10 जून 2018 को किया था। उस मैच में मैक्लॉयड ने नाबाद 140 रन की पारी खेली थी। मैक्लॉयड की इस पारी की बदौलत ही स्कॉटलैंड की टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार इंग्लैंड की टीम को अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय टीम को मात दी थी। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवर में 365 रन बनाए थे। इस विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए स्कॉटलैंड की टीम ने 371 रन बनाकर इस मैच को जीत लिया था।
ऐसा है मैक्लॉयड का अंतरराष्ट्रीय करियर
कैलम मैक्लॉयड ने स्कॉटलैंड के लिए 57 वनडे मैचों में 1853 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 7 शतक और 6 अर्धशतक जमाए हैं। वो भी 37.81 की औसत से। वहीं टी-20 क्रिकेट की बात करे तो 34 मैचों में चार अर्धशतक की बदौलत 602 रन बनाए हैं। टी-20 क्रिकेट में इनका स्ट्राइक रैट 107.11 का है।


लुसाने (स्विट्जरलैंड) - इटली के फुटबॉल क्लब एसी मिलान पर 'वित्तीय फेयर प्ले' नियम तोड़ने के आरोप में यूएफा के बैन को शुक्रवार को शीर्ष खेल पंचाट (सीएएस) ने उचित सजा नहीं करार देते हुए इसे खारिज कर दिया। यूएफा ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में एसी मिलान पर यूरोपा लीग में नहीं खेलने का प्रतिबंध लगया था।
सीएएस ने अपने बयान में कहा, 'यूएफा के न्यायधीशों द्वारा इस मामले में कुछ अहम बिंदुओं का ठीक से आकलन नहीं किया गया है जिसमें क्लब के मालिकों के बदलाव के बाद आर्थिक स्थिति का बेहतर होना शामिल है।' बयान में कहा गया, 'सीएएस को लगता है कि इस मामले में क्लब के मौजूदा वित्तीय हालात के आधार पर यूएफा उचित सजा देने की बेहतर स्थिति में है।' एसी मिलान के लिए काफी अच्छी खबर है।


नई दिल्ली - भारत के नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान की चोट पर हर तरफ हंगामा चल रहा है। कहा जा रहा है कि एनसीए के फिजियो की गलती की वजह से साहा की चोट ज्यादा गंभीर हो गई है। साहा इस समय कंधे की चोट से जूझ रहे हैं और इस वक्त बल्ला उठाने की हालत में भी नहीं है। विवाद बढ़ते देख अब बीसीसीआइ ने कहा कि जल्द से जल्द साहा का ऑपरेशन करवाया जाएगा। साहा जल्द ही इंग्लैंड के मैनचेस्टर रवाना होंगे, जहां उनका इलाज होगा।
खबर है कि साहा का ऑपरेशन डॉक्टर एंड्रयू वैसेल करेंगे, ये वही डॉक्टर हैं जिन्होंने साल 2006 में सचिन तेंदुलकर के कंधे का ऑपरेशन किया था। बोर्ड ने साहा से पूछा था कि वह मुंबई या मैनचेस्टर कहां ऑपरेशन करवाने चाहते हैं तो इस विकेटकीपर ने मैनचेस्टर में इलाज करवाने की बात कही। साहा इस वक्त बैंगलोर के एनसीए में अपनी चोट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
इस समय भारत के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज साहा को साउथ अफ्रीका दौरे पर कंधे पर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें वापस स्वदेश लौटना पड़ा था। इसके बाद वह फिर आइपीएल में चोटिल हुए, इस बार उन्हें अंगूठे की चोट ने परेशान किया। इसके बाद एनसीए के फिजियो ने उनसे गलत ट्रेनिंग करवाइ, जिसके बाद उनकी चोट और बढ़ती चली गई।
इससे पहले कुछ दिन पहले बीसीसीआइ के अधिकारी ने भी माना था कि साहा की चोट रिहैब के कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी के कारण बढ़ गई। एक सीनियर फिजियो की गलती की वजह से साहा की चोट पहले से गंभीर हो गई है। अब उन्हें सर्जरी करवानी होगी जिसकी वजह से वह ना केवल इंग्लैंड दौरे से बल्कि साल के अंतिम में होने वाले ऑस्ट्रेलिया दौरे से भी बाहर हो सकते हैं।
इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, केएल राहुल, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे (उप कप्तान), करुण नायर, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), रिषभ पंत (विकेटकीपर), आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर।

 


नई दिल्ली - भारतीय पहलवान मानसी ने शुक्रवार को जूनियर एशियन कुश्ती चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल, जबकि स्वाती शिंदे ने ब्रोन्ज मेडल अपने नाम किया। मानसी को फाइनल में जापान की एकी हनाई से हार का मुंह देखना पड़ा, लेकिन वो दो बाउट में दबदबा बनाकर जीत दर्ज करने में सफल रही थी, उन्होंने नादिया नरीन को 10-0 और झानेरका असानोवा को 11-0 से शिकस्त दी।
वो जापानी पहलवान के खिलाड़ी यह फॉर्म जारी नहीं रख सकी जिन्होंने उन्हें हराकर गोल्ड मेडल जीता। स्वाती ने 53 किग्रा में थाईलैंड की दुआंगनापा बूनयासु पर 10-0 की जीत से ब्रोन्ज मेडल हासिल किया। वो चीन की युहोंग झोंग से सेमीफाइनल में 0-6 से हार गयी थीं। क्वॉर्टरफाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान की शाखोदत दुलीबाएवा को पराजित किया था।
वहीं अंशु 62 किग्रा में चीन की जिनयुआन सुन से ब्रोन्ज मेडल का मुकाबला 2-4 से हार गईं। टीना को 65 किग्रा के ब्रोन्ज मेडल के मैच में मंगोलिया की देलगरमा एंखसाईखान ने 8-1 से मात दी। सोनिका हुड्डी भी चीनी ताइपे की हुई टिज चांग से 3-5 से पराजित होकर ब्रोन्ज मेडल चूक गईं।

नई दिल्ली - भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा की चोट के बाद से एनसीए की सुविधाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। खबर तो ये भी है कि भुवनेश्वर और साहा सहित टीम इंडिया के कई खिलाड़ी एनसीए में मिलने वाली सुविधाओं से खुश नहीं है और यहां ट्रेनिंग करने के बाद भी उनकी चोट में फर्क नहीं पड़ा रहा है। साहा की चोट के लिए तो यहां तक कहा जा…
कोलंबो - श्रीलंकाई टीम के लेग स्पिनर जेफ्रे वेंडरसे को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) ने कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने के लिए एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही वेंडरसे पर उनके सालाना अनुबंध का 20 फीसदी जुर्माना भी लगा है। वेंडरसे पर नाइट आउट करने के चलते ये अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। वेंडरसे के लिए ये सज़ा काफी बड़ी है, क्योंकि एक…
नई दिल्ली - पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज फखर जमां ने बेहद कम समय में विश्व क्रिकेट में अपना नाम खूब रोशन किया है। फखर जमां फिलहाल पाकिस्तान की टी20 और वनडे क्रिकेट टीम की तरफ से खेल रहे हैं। अपनी टीम के लिए क्रिकेट के दोनों ही प्रारूप में वो जमकर रन बना रहे हैं। पाकिस्तान के लिए फखर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मुकाबले में वो काम…
नई दिल्ली - पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज इमाम उल हक के लिए जिम्बाब्वे दौरा काफी सफल साबित हो रहा है। एक बल्लेबाज के तौर पर वो लगातार निखर रहे हैं और टीम के लिए रन भी बना रहे हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ चौथे वनडे मुकाबले में भी इमाम ने शतक लगाया और फखर के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए विश्व रिकॉर्ड साझेदारी कर दी। इमाम उल हक…
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