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नई दिल्ली। नॉटिंघम टेस्ट मैच में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने तीन बदलाव किए। इस मैच में रिषभ पंत को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला। उन्हें कोहली ने टेस्ट कैप देते हुए शुभकामनाएं दी। इस दौरान कोहली और पंत के बीच एक खास तरह का कनेक्शन बन गया।
कोहली और पंत के बीच बना ये खास कनेक्शन:-पंत ने अपना टेस्ट डेब्यू 18 अगस्त 2018 को नॉटिंघम में किया। आज से ठीक दस साल पहले इसी दिन विराट कोहली ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ दांबुला में वनडे खेलकर डेब्यू किया था और आज कोहली ने हीं पंत को उनकी टेस्ट कैप सौंपी।
इस वजह से पंत को मिला मौका:-विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने पहले दो टेस्ट मैच में अपनी बल्लेबाजी से निराश ही किया। कार्तिक पहले टेस्ट की पहली पारी में बिना खाता खोले ही आउट हो गए थे। दूसरी पारी में उन्होंने 20 रन बनाए थे। लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में वो एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए तो दूसरी पारी में वो खाता तक नहीं खोल सके थे। इसी वजह से अब कार्तिक की जगह रिषभ पंत को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

नॉटिंघम। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में मैदान पर उतरी भारतीय टीम के खिलाड़ी अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर खेलने आए। भारतीय खिलाड़ियों ने टीम इंडिया को पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर को सम्मान देने के लिए ऐसा किया। अजीत वाडेकर का निधन 15 अगस्त को हो गया था। तीसरा टेस्ट मैच शुरू होने से पहले विराट की कप्तानी वाली टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी अपना हाथों पर काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे थे। अजीत वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान थे जिनकी अगुआई में टीम इंडिया ने वर्ष 1971 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के उनकी धरती पर हराकर सीरीज जीती थी। वाडेकर काफी लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे और इसकी वजह से उनका निधन हुआ। वो 77 वर्ष के थे। अजीत वाडेकर ने भारत के लिए 37 टेस्ट मैच खेले थे। इसमें उन्होंने 31.07 की औसत से कुल 2113 रन बनाए थे। टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 143 रन है। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम पर सिर्फ एक ही शतक है। वनडे की बात करें तो उन्होंने सिर्फ दो वनडे मैच भारत के लिए खेले थे। इन मैचों में उनके नाम पर 73 रन हैं। उनका औसत 36.50 रहा तो सर्वश्रेष्ठ स्कोर 67 रहा।

नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के पहले मैच में जब भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को बाहर किया गया तो हर तरफ हल्ला हुआ कि क्यों टीम इंडिया की नई दीवार कहे जाने वाले इस बल्लेबाज को बाहर किया। हर किसी ने कहा कि इंग्लैंड में उनकी तकनीक सबसे अच्छी है। डिफेंस में उनका कोई साहनी नहीं है। तमाम विवाद के बाद दूसरे टेस्ट मैच में पुजारा को मौका मिला।अब दूसरे टेस्ट में भारत को कठिन परिस्थिति मिली तो फैंस को लगा कि कोई नहीं पुजारा है ना लेकिन हुआ क्या। पुजारा ने पहली पारी में 1 और दूसरी पारी में 17 रन बनाए। अब सबको लगा कि सभी बल्लेबाजों के साथ पुजारा भी दगा दे गए। अब तीसरे टेस्ट की बात कर लेते हैं।नॉटिघम में ना तो परिस्थिति कठिन थी और ना ही हालात। उसके बावजूद वह एक बार फिर फेल रहे। तीसरे टेस्ट की पहली पारी में वह 14 रन बनाकर पवेलियन की शान बढ़ा रहे थे। अब ये मानना पड़ेगा की कंडीशन नहीं बल्कि पुजारा की फॉर्म ही खराब है। सच तो ये है कि पुजारा खुद काफी लंबे समय से संकेत दे रहे हैं कि वह रनों के लिए जूझ रहे है। पहले इंटरनेशनल क्रिकेट और फिर काउंटी में फ्लॉप शो दिखा रहा है कि पुजारा टीम इंडिया की नई दीवार बनने से पहले ही ढह गए हैं। पहले काउंटी में उनके प्रदर्शन पर नजर डालते हैं।यॉर्कशायर की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 8 पारियों में 12.5 की औसत से 100 रन बनाए हैं। आपको ताज्जुब होगा कि उनका प्रदर्शन इतना खराब रहा कि इशांत शर्मा ने उनसे ज्यादा रन बना दिए थे। इसके अलावा अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में उन्होंने 35 रन ही बनाए थे। इस मैच में भारत की तरफ से शिखर धवन और मुरली विजय ने शतक और केएल राहुल और हार्दिक ने अर्धशतक लगाए थे

नई दिल्ली। नॉटिंघम टेस्ट मैच में भारतीय टीम तीन बदलाव के साथ मैदान पर उतरी। पहले दो टेस्ट मैच हारने के बाद बदलाव होने तो तय थे और करो या मरो के इस मैच में विराट एंड कंपनी तीन बदलाव के साथ उतरी। तीसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम एक बार फिर से अलग ओपनिंग जोड़ी के साथ उतरी। इस बार शिखर धवन और लोकेश राहुल ओपनिंग के लिए मैदान पर आए, क्योंकि इस मैच के लिए मुरली विजय, कुलदीप यादव और दिनेश कार्तिक को मौका नहीं मिला। इन दिनों की जगह शिखर धवन, जसप्रीत बुमराह और रिषभ पंत को प्लेइंग इलेवन में चुना गया।
चार साल बाद हुआ ऐसा:-नॉटिंघम टेस्ट से बाहर करने का टीम इंडिया को फायदा हुआ, क्योंकि इस पारी में धवन राहुल ने एक ऐसा कमाल कर दिया, जो भारतीय ओपनर्स पिछले चार साल से नहीं कर पा रहे थे। भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने एशिया के बाहर एक टेस्ट की पहली सुबह 10 या उससे अधिक ओवर खेले। इसके पहले ऐसा चार साल पहले 2014 में ब्रिस्बेन के मैदान पर हुआ था। उस मैच में धवन और मुरली विजय की जोड़ी ने 13.4 ओवर में 56 रन जोड़े थे।
इस सीरीज़ में पहली बार हुआ ऐसा:-नॉटिंघम टेस्ट की पहली पारी में टीम इंडिया ने सधी शुरुआत की। शिखर धवन और लोकेश राहुल ने मिलकर भारत को इस सीरीज़ का सबसे अच्छा आगाज़ दिलाया। इन दोनों बल्लेबाज़ों ने अच्छी साझेदारी करते हुए इस दौरे पर सबसे बढिया शुरुआत दिलाई। इन दोनों बल्लेबाज़ों ने 60 रनों की पार्टनरशिप की, लेकिन इस स्कोर पर धवन का ध्यान भटका और वो क्रिस वोक्स की गेंद पर अपनी विकेट गंवा बैठे। इससे पहले मुरली विजय और धवन ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में 50 रन की साझेदारी की थी।
तीसरे टेस्ट में तीसरी ओपनिंग जोड़ी:-मौजूदा दौरे पर भारत और इंग्लैंड के बीच ये तीसरा टेस्ट मैच है और अबतक खेले गए सभी मुकाबलों में टीम इंडिया अलग-अलग ओपनर्स के साथ मैदान पर उतरी है। एजबेस्टन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में धवन और मुरली विजय ने पारी की शुरुआत की थी। लॉर्ड्स टेस्ट मैच में शिखर धवन को बाहर किया गया तो लोकेश राहुल और मुरली विजय ने पारी का आगाज़ किया। तीसरे टेस्ट मैच में मुरली विजय को ड्रॉप किया गया तो धवन और राहुल ने पारी की शुरुआत की।
इस वजह से बाहर हुए विजय:-मुरली विजय पहले दोनों टेस्ट में फ्लॉप साबित हुए थे। वो न ही रन बना रहे थे और न ही क्रीज़ पर टिक पा रहे थे। नतीज़ ये होता था कि भारतीय टीम जल्द ही दबाव में आ जाती थी। एजबेस्टन में मुरली विजय 6 और 20 रन ही बना सके थे। लॉर्ड्स टेस्ट में तो वो दोनो पारियों में खाता तक खोलने में नाकाम रहे थे।

 

 

नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 में साल की उम्र में निधन हो गया। अटल जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वाजपेयी को सांस लेने में परेशानी, यूरिन व किडनी में संक्रमण होने के कारण 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था। 15 अगस्‍त को उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया।अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को ब्रह्ममूहुर्त में शिन्दे की छावनी वाले घर में हुआ था। वैसे उनके स्कूल के सर्टिफिकेट में जन्म की तिथि 25 दिसंबर 1926 लिखी है। यह दो वर्षों का अंतर उनके पिताजी ने इसलिए कराया था कि कम आयु लिखी जाएगी तो लड़का ज्यादा दिनों तक नौकरी कर सकेगा।वाजपेयी का राजनीति और कविताओं से तो गहरा नाता था ही लेकिन क्रिकेट का भी उन्हें काफी शौक था। इसका सबसे बड़ा सबूत तब देखने को मिला जब कारगिल युद्ध और आतंक के साए में उन्होंने पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर करने के लिए करीब 14 साल बाद भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान के दौरे का समर्थन किया था। उस दौरान उस सीरीज को दोनों देशों के रिश्ते का टर्निंग पॉइंट माना गया।अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने दोनों देशों के रिश्ते सुधारने के लिए क्रिकेट की मदद ली। साल 2004 में सौरव गांगुली की कप्तानी वाली टीम इंडिया 5 वनडे और 3 टेस्ट की सीरीज के लिए पाकिस्तान गई। दौरे से पहले उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पूरी टीम इंडिया से मुलाकात की।

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर ब्रायन लारा के भतीजे और चैंपियन डवेन ब्रावो के चचेरे भाई डेरेन ब्रावो ने कैरेबियन प्रीमियर लीग में एक ऐसी पारी खेली खेली, जिसे फैंस लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।सीपीएल 2018 के 9वें मैच में सेंट लुसिया के खिलाफ उन्होंने केवल 36 गेंद पर 94 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 10 आसमानी छक्के लगाए। ब्रावो की ये पारी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी टीम त्रिबागो नाइट राइडर्स 213 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा कर रही थी और एक वक्त उसने 71 रन पर ही 3 विकेट खो दिए थे।इसके बाद ब्रावो ने न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैडन मैकलम के साथ मिलकर ना केवल तूफानी साझेदारी की बल्कि अपनी टीम को एक हारा हुआ मैच भी जिताया। ब्रावो ने इस मैच के एक ओवर में सेंट लुसिया के कप्तान केरोन पोलार्ड के एक ओवर में 32 रन ठोक दिए।इस ओवर की पहली चार गेंद पर उन्होंने 4 छक्के लगाए, उसके बाद 5वीं गेंद पर भी उन्होंने बड़े शॉट की कोशिश की लेकिन सही टाइमिंग की वजह से वह सफल नहीं हो सके और इस गेंद पर 2 रन बने। वहीं इसके बाद आखिरी गेंद पर भी इस बल्लेबाज ने छक्का लगाया। इस तरह उन्होंने 32 रन बना लिए।यहीं से मैच का नक्शा पलट गया और सेंट लुसिया के हाथ से मैच छूटने लगा। ब्रावो ने मैकलम के साथ मिलकर 137 रन की साझेदारी की। मैकलम ने भी 42 गेंद पर 68 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 6 छक्के लगाए।इससे पहले सेंट लुसिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 212 रन बनाए। सेंट लुसिया की तरफ से डेविड वॉर्नर 55 गेंद पर 72 रन की पारी खेली। वॉर्नर ने अपनी पारी में 4 चौके और 3 छक्के लगाए। वही पोलार्ड ने भी एक यादगार पारी खेली। उन्होंने 23 गेंद पर 65 रन की तूफानी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 1 चौका और 7 छक्के लगाए। पोलार्ड ने इस पारी में 282 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए।

नॉटिंघम। अगर आप यह सोचते हैं कि जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड, सैम कुर्रन, क्रिस वोक्स और बेन स्टोक्स जैसे इंग्लिश गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी समस्या हैं, तो आप गलत हैं।अगर इनके हाथ में लाल ड्यूक गेंद ना हो तो वे इंग्लिश कंडीशन में भारतीय बल्लेबाजों के सामने इतनी बड़ी समस्या नहीं बन पाएंगे। लाल ड्यूक गेंद का इस्तेमाल इंग्लैंड में होने वाले टेस्ट मैचों में किया जाता…
नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच की शुरुआत 18 अगस्त से होगा। पहले दो टेस्ट में हार के बाद भारत के लिए नॉटिंघम में होने वाला टेस्ट मैच करो या मरो का हो गया है क्योंकि अगर भारत ये टेस्ट मैच भी हार जाता है तो वह सीरीज से भी हाथ धो देगी।अब लगातार हार के बाद हर तरफ मांग उठ रही थी कि युवा विकेटकीपर…
नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग में स्पॉट फीक्सिंग का आरोप झेल रहे पाक ओपनर नासिर जमशेद पर पीसीबी ने 10 साल का बैन लगा दिया है। नासिर पर साल 2016-17 के पाकिस्तान सुपर लीग में स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की एंटी करप्शन यूनिट ने ये फैसला करते हुए इसकी जानकारी ट्वीट पर दी। इससे पहले नासिर जमशेद ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को…
नई दिल्ली। सुनील, दुख की बात, वह नहीं रहे'। मुझे तोड़ देने वाले ये शब्द सुनने को मिले कि 'मेरे कप्तान' अजित वाडेकर का निधन हो गया। कुछ ही समय पहले मैं उन्हें कार में डालकर अस्पताल ले जाने में मदद करने का प्रयास कर रहा था, क्योंकि एंबुलेंस को आने में 15 मिनट और लगने वाले थे और तब भी लग रहा था कि उनके बचने की उम्मीद काफी…
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