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टीवी की जानी-मानी अदाकारा उर्वशी ढोलकिया को उनके कमोलिका बसु किरदार के लिए आज भी घर-घर में जाना जाता है। सालों पहले ‘कसौटी जिंदगी की’ में निभाया गया उर्वशी ढोलकिया का यह किरदार आज भी लोगों के जहन में ताजा है। कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने कमोलिका जितनी खूंखार और चालाक खिलनायिका आज तक नहीं देखी है। लगभग एक दशक से भी लम्बे समय से इंडस्ट्री का हिस्सा रहीं उर्वशी को उनके कमोलिका किरदार के साथ-साथ ग्लैमर अवतार के लिए भी पहचाना जाता है। 39 साल की उर्वशी की तस्वीरें देख आप यह कह ही नहीं सकते हैं कि वो 40 का आंकड़ा पार करने से बस एक कदम दूर हैं।उर्वशी इस समय अपने दोस्तों के साथ बाली में गर्मियों की छुट्टियों का लुत्फ उठा रही हैं। वहां वो लगातार अपनी ताजा तस्वीरें फैंस के साथ साझा करती रहती हैं। हाल में भी उन्होंने अपनी कुछ बिकनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। इन तस्वीरों को देखकर बस एक ही बात कही जा सकती है कि उर्वशी ने पूल में अपने हॉट अंदाज से आग लगा दी है। उर्वशी की यह ताजा तस्वीरें देखकर यही कहा जा सकता है कि उम्र बस एक नम्बर से बढ़कर कुछ नहीं है।आपको बता दें उर्वशी ढोलकिया ने ‘कसौटी जिंदगी की’ के बाद टीवी के जाने-माने कॉमेडी शो ‘कॉमेडी सर्कस’ में भी हिस्सा लिया था। उसमें उनकी कॉमिक टाइमिंग की काफी तारीफ हुई थी।

बेंगलुरु। कर्नाटक में सरकार गठन को लेकर चले लंबे सियासी ड्रामे के बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में फिर से हलचल पैदा कर दी है। कर्नाटक में गठबंधन की सरकार चलाना मुख्यमंत्री के लिए विषपान करने जैसा हो गया है। ये बात किसी और ने नहीं बल्कि खुद कुमारस्वामी ने कही है। शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कुमारस्वामी का दर्द आंसू बनकर आंखों से छलकता दिखा। इससे यह तो साफ हो गया है कि कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। हालांकि इस बीच मुख्यमंत्री के फूट-फूट के रोने पर कांग्रेस ने पलटवार किया है।
कांग्रेस का पलटवार:-मुख्यमंत्री के रोने पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री को खुश रहना चाहिए। राज्य के डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने कहा, 'मुख्यमंत्री ऐसी बात कैसे कर सकते हैं? सीएम को हमेशा खुश रहना चाहिए। अगर वो खुश रहेंगे, तभी हम सब भी खुश रहेंगे।
आंखों से निकले दर्द के आंसू...:-सूबे के मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कहा है कि वे सत्ता में तो हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें नीलकंठ की तरह विष पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि मैं मुख्यमंत्री बना इसकी वजह से आप खुश हैं, लेकिन मैं खुश नहीं हूं। मैं भगवान नीलकंठ की तरह विष पी रहा हूं।' ये कहते-कहते मुख्यमंत्री की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि वर्तमान के हालात से वे बिल्कुल खुश नहीं हैं। बता दें कि ये सारी बातें कुमारस्वामी ने शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कही।
'मैं चाहूं तो 2 घंटे में छोड़ दूं सीएम पद':-भावुक कुमारस्वामी ने कर्ज माफी का जिक्र करते हुए कहा कि कोई नहीं जानता कि इस कदम को उठाने के लिए अधिकारियों को चालाकी से मनाना पड़ा। सीएम ने कहा, 'अब वे 'अन्ना भाग्य स्कीम' में 5 किलो चावल की बजाय 7 किलो देना चाहते हैं। मैं इसके लिए कहां से 2500 करोड़ रुपये लेकर आऊं? टैक्स लगाने के लिए मेरी आलोचना हो रही है। इन सबके बावजूद मीडिया कह रही है कि मेरी कर्ज माफी की स्कीम में स्पष्टता नहीं है। अगर मैं चाहूं तो 2 घंटेे के भीतर सीएम का पद छोड़ दूं।'बता दें कि हाल ही में कर्नाटक में कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया था।कुमारस्वामी ने बजट के दौरान किसानों की कर्जमाफी के लिए 34,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का एलान किया। साथ ही, पेट्रोल और डीजल पर टैक्‍स बढ़ाने का भी निर्णय लिया। पेट्रोल के दाम 1.14 रुपए प्रतिलीटर, डीजल 1.12 रुपए प्रतिलीटर और बिजली दरें 20 पैसे बढ़ा दी गई। जिसका जिक्र कुमारस्वामी अपने भाषण में कर रहे थे।
'लोगों की भलाई के लिए पद पर':-इस दौरान उन्होंने कहा कि ईश्वर ने उन्हें यह शक्ति (सीएम पद) प्रदान की है। अब वे तय करेंगे कि मुझे कितने दिन रहना है। एक तरह से विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के खराब प्रदर्शन को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा उन्होंने सीएम का पद केवल लोगों की भलाई के लिए लिया है। सीएम ने कहा कि मेरा सपना था कि मैं पार्टी के वादों और अपने पिता एचडी देवगौड़ा के अधूरे कामों को पूरा करूं। यह ताकत हासिल करने के लिए नहीं था।
समझिए कर्नाटक की सियासी जंग
- कर्नाटक विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था।
- भाजपा राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
- भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस और जेडीएस ने चुनाव बाद गठबंधन कर लिया।
- कांग्रेस ने ज्यादा सीटें (78) जीतने के बावजूद जेडीएस नेता कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर दिया।
- कुमारस्वामी ने 23 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
- शपथग्रहण के बाद मंत्री पद के बंटवारों, किसान कर्जमाफी, पेट्रोल-डीजल की कीमत जैसे मसलों पर कई बार जेडीएस और कांग्रेस आमने-सामने नजर आए।
- झगड़ा सुलझाने के लिए कई बार कुमारस्वामी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात भी की
- अब खुद मुख्यमंत्री ने 'विष' पीने की बात कही है।

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीयों के निष्क्रिय खातों (डोरमेंट अकाउंट ) की सूचना जारी किये जाने के तीन-तीन साल बाद भी उनका कोई दावेदार सामने नहीं आया है।स्विट्जरलैंड में बैंकिंग व्यवस्था की देखरेख करने वाली संस्था ने पहली बार दिसंबर 2015 में कुछ निष्क्रिय खातों की सूची जारी की थी। इनमें स्विट्जरलैंड के नागरिकों के साथ ही भारत के कुछ लोगों समेत बहुत से विदेशी नागरिकों के खाते हैं। उसके बाद समय- समय पर इस तरह के और भी खातों की सूचना जारी की जाती रही है जिनके ऊपर किसी ने दावा नहीं किया गया है।नियम के तहत इन खातों की सूची इसलिए जारी की जाती है कि ताकि खाताधारकों के कानूनी उत्तराधिकारियों को उन पर दावा करने का अवसर मिल सके। सही दावेदार मिलने के बाद सूची से उस खाते की जानकारियां हटा दी जाती हैं। वर्ष 2017 में सूची से 40 खातों की जानकारी हटाई जा चुकी हैं। हालांकि अभी भी सूची में 3,500 से अधिक ऐसे खाते हैं जिनमें कम से कम छह भारतीय नागरिकों से जुड़े हैं जिनके दावेदार नहीं मिले हैं।स्विस नेशनल बैंक द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार , स्विस बैंकों में भारतीय लोगों का जमा 2017 में 50 प्रतिशत बढ़कर 1.01 अरब सीएचएफ (स्विस फ्रैंक) यानी करीब 7,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि इसमें वे राशियां शामिल नहीं हैं जो किसी अन्य देश में स्थित निकायों के नाम से जमा कराये गये हैं।टैक्स चोरी का पैसा स्विस बैंक में जमा होने के उठे विवाद से पहले तक स्विट्जरलैंड को पूरी दुनिया में वित्तीय संपत्तियों के लिए सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माना जाता था। काले धन विवाद के तूल पकड़ने के बाद स्विट्जरलैंड को अपने बैंकिंग नियमों को कड़ा करना पड़ा। स्विट्जरलैंड ने कई देशों के साथ अपना सहयोग बेहतर बनाने के लिए सूचना के आदान-प्रदान और अवैध गतिविधियों जैसे मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्‍स फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए नए नियमों को लागू किया।
स्विटजरलैंड का भारत के साथ करार:-भारत भी उन देशों में से है, जिनके साथ स्विट्जरलैंड ने वित्‍तीय मामलों पर सूचना के ऑटोमेटिक आदान-प्रदान का करार किया है। हालांकि स्विट्जरलैंड पहले से गलत कामों को लेकर भारतीय अथॉरिटीज के पर्याप्‍त सबूत पेश किए जाने पर बैंक अकाउंट्स की डिटेल देता आया है। हाल ही में स्विस नेशनल बैंक (SNB) द्वारा जारी डाटा के मुताबिक 2017 में भारतीयों द्वारा स्विस बैंकों में जमा दौलत 50 फीसदी बढ़कर लगभग 7000 करोड़ रुपए पर जा पहुंची।

नई दिल्‍ली। क्रिकेटर से पाकिस्‍तान के राजनेता बने इमरान खान को लेकर उनकी पूर्व पत्‍नी रेहम खान ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में कई चौंकाने वाली बाते कही हैं। पाकिस्‍तान में होने वाले आम चुनाव के दौरान सामने आई इस किताब से इमरान का राजनीतिक भविष्‍य दांव पर लग सकता है। इस किताब में रेहम ने अपनी दस माह की शादीशुदा जिंदगी और पूर्व पति के लाइफस्‍टाइल साथ-साथ उनके कई महिलाओं से कथित संबंधों को भी उजागर किया है। रेहम खान ने अपनी किताब में 70 के दशक का जिक्र करते हुए इमरान खान का एक बॉलीवुड सुपरस्‍टार से संबंधों का जिक्र किया है। इमरान खान के बारे में किए गए विवादास्पद दावों ने पाकिस्तान में आम चुनावों से पहले ही तूफान खड़ा कर दिया है।
70 के दशक की चर्चा:-70 के दशक और बॉलीवुड सुपरस्‍टार का जिक्र करते हुए रेहम ने लिखा है कि इमरान उन सभी कहानियों की पुष्टि करने के लिए काफी उत्साहित थे जिनको वह सिर्फ अफवाह मानती थी। इन कहानियों में से सबसे प्रसिद्ध कहानी 70 के दशक की एक बॉलीवुड सुपरस्टार के बारे में है। इसमें उन्‍होंने आगे लिखा है कि “उस दौर की सबसे आकर्षक मानी जाने वाली हिरोइनों में से एक के साथ इमरान के संबंधों की अफवाहें जोरों पर थीं। जब हम लोग बड़े हो रहे थे तब हमने भी इनके बारे में सुना था। इमरान ने मुझसे इस बात की पुष्टि की कि वे अफवाहें नहीं बल्कि सच्चाई थी। हालांकि इमरान अदाकाराओं के साथ शारीरिक संबंध बनाकर खुश थे। इमरान और उनका परिवार इन अदाकाराओं के बारे में बहुत छोटी सोच रखते थे।
इमरान का अदाकारा को लेकर झूठ:-अपनी किताब में रेहम ने आगे लिखा है कि, इमरान ने उन्हें बताया कि उन्होंने उस रिश्ते को खत्म कर दिया था लेकिन वह बॉलीवुड सुपरस्टार यह रिश्ता खत्म नहीं कर सकी थी। लेकिन जब रेहम ने इसके बारे में दूसरों से पूछा तो कहानी इसके उलट निकली। दरअसल, इमरान ही इस रिश्ते को खत्म नहीं कर सके थे। वह आगे लिखती हैं कि हकीकत ये थी कि इमरान हमेशा से ही महिलाओं को कम आंकते थे। उन्होंने मुझे बताया कि कैसे वह बंबई में उस अदाकारा से मिले और अपनी इच्छाएं पूरी कीं, और फिर चल दिये। लेकिन इमरान के अनुसार, उस अभिनेत्री ने लंदन तक उनका पीछा किया और उनके पीछे पड़ गई…। इसके कुछ महीनों बाद मैंने उस अभिनेत्री के एक फिल्म निर्माता दोस्त से इन दोनों कहानियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्‍होंने बताया कि असल में इमरान ने ही उस हिरोइन का पीछा किया था। वह उन पर पैसे खर्च करती थी। 70 के दशक की इस अदाकारा ने हमारे आपसी मित्र के साथ की गई बातचीत को फिल्मी अंदाज में “नाम बड़े और दर्शन छोटे” कहकर ताना मारा था।
इमरान के भारतीय बच्‍चे:-रेहम ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में दावा किया है कि इमरान के एक या दो भारतीय बच्चे हैं। उन्‍होंने लिखा है कि 2015 में अपनी शादी के बाद एक दिन वे टीरियन व्हाइट के बारे में बात कर रहे थे जिन्‍हें उनकी पहली पत्नी ब्रिटिश उत्तराधिकारी जेमिमा खान द्वारा गोद लिया गया था। रेहम ने इस किताब में दावा किया है कि टीरियन के बारे में बात करते हुए इमरान ने कहा कि “जानती हो वह मेरी एकलौती संतान नहीं है….मेरे पांच बच्चे हैं जिन्हें मैं जानता हूँ।
बच्‍चों को लेकर बड़ा खुलासा
रेहम ने पूछा, “क्या? तुम्हारी पांच नाजायज औलादें हैं! तुम्हें कैसे पता?”
इमरान ने जवाब दिया, “उनकी मां ने मुझे बताया।“
“सभी (सीता) व्हाइट से हैं?”
“नहीं, कुछ भारतीय हैं। सबसे बड़ी संतान अब 34 वर्ष की है।“
“कैसे इमरान? उसकी मां कभी यह सामने क्यों नहीं लाई?”
“क्योंकि वह बहुत ज्यादा खुश थी! उनकी शादी हुए काफी समय बीत चुका था और वह गर्भवती न हो पाई थीं। वह बहुत ज्यादा उल्लास में थीं, इस बात को गुप्त रखने का वादा किया, और निवेदन किया कि मैं भी इसे राज रखूं। तो मैंने कहा ठीक है।”
रेहम ने उन पर गुस्सा करते हुए पूछा, “और बाकी? वे इसके बारे में कभी बात क्यों नहीं करतीं?”
इमरान ने कहा, “क्योंकि वे सभी शादीशुदा थीं और वे अपनी शादी को बर्बाद करना नहीं चाहती थीं।“
“क्या कोई और भी यह जानता है?”
“केवल जेमिमा ही जानती है। मैंने उन्हें बताया था।”
इमरान का हलफनामा:-संयोग से, इमरान खान ने अपने चुनावी हलफनामे में केवल दो बच्चों की ही घोषणा की है। उन्होंने टायरिन व्हाइट को अपने बच्चे के रूप में घोषित नहीं किया है जोकि चुनावी हलफनामे में झूठ बोलने का मामला हो सकता है। यह इस चुनाव में उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के रास्ते में आ सकता है। इस सबसे ऊपर रेहम खान का आरोप, कि उनकी पांच और नाजायज औलादें हैं, जिनमें से कुछ भारत में हैं। रेहम ने अपनी किताब में इमरान के बारे में जितनी बातें कही हैं वह आम चुनाव में उनके लिए कठिनाई खड़ी कर सकती हैं।

मुंबई। पूरा बॉलीवुड शॉक हो गया था जब अभिनेता इरफ़ान ख़ान ने अपने सोशल अकाउंट के ज़रिये लोगों को यह बताया कि वो न्यूरो इंडोक्राइन नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और इसी वजह से वो लन्दन में है और यहां अपना इलाज करवा रहे हैं। इसके बाद इरफ़ान लगतार सोशल मीडिया के ही ज़रिये लोगों को अपना हाल चाल भी बता रहे हैं और अब उन्होंने साझा की है अपनी एक तस्वीर जिसे देखकर आप ज़रूर चौंक जाएंगे।यह तस्वीर इरफ़ान ने अपने ट्वीटर अकाउंट की प्रोफाइल फ़ोटो बनाई है और आप साफ़ देख सकते हैं कि इरफ़ान ने अच्छा ख़ासा वज़न घटा लिया है। बीमारी और ट्रीटमेंट के चलते अब वो बिलकुल अलग और कमज़ोर दिखने लगे हैं। मगर, उनकी हंसी आज भी वैसी है, 'Full Of Life' येलो टी-शर्ट पहने और कानों में इअरफ़ोन लगाए, देखिये इरफ़ान की ये तस्वीर- इरफ़ान फिर कब लौटेंगे, इसके जवाब में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो पूरी तरह से ठीक होकर ही वापस लौटना चाहते हैं। ये जो भी कुछ उनकी ज़िन्दगी में चल रहा है, वो इसे ख़त्म करके ही लौटेंगे। इसके अलावा इरफ़ान लगतार सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। मिथिला पालकर, कृति खरबंदा और साउथ स्टार ममूटी के बेटे दिलेकर सलमान के साथ इरफ़ान 10 अगस्त को रिलीज़ होने वाली फ़िल्म 'कारवां' में दिखाई देने वाले हैं। इस फ़िल्म को इरफ़ान सोशल मीडिया पर खूब प्रमोट कर रहे हैं। फ़िल्म के पोस्टर से लेकर गानों के लिंक्स को वो अपने सोशल अकाउंट पर पोस्ट किये जा रहे हैं।इसके अलावा इरफ़ान एक अंग्रेजी फ़िल्म 'पज़ल' में भी नज़र आएंगे, जिसका ट्रेलर ख़ुद इरफ़ान ने ट्वीटर पर शेयर किया था। यह फ़िल्म 27 जुलाई 2018 को रिलीज़ होगी।यही नहीं इसके अलावा इरफ़ान दीपिका पादुकोण के साथ भी विशाल भारद्वाज की एक फ़िल्म में नज़र आने वाले थे मगर, इरफ़ान की तबियत ठीक ना होने की वजह से इस फ़िल्म को बनने से रोक दिया गया था।

गुजरात। 15 अगस्त से पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता सी. आर. पाटिल ने तिरंगा अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत 15 अगस्त से पहले आपके घर पर नि:शुल्क तिरंगा पहुंचाया जाएगा। इस अभियान का नाम 'हर घर तिरंगा, हर गांव तिरंगा' रखा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने तक तिरंगा पहुंचाना हैं, जिससे हर नागरिक गर्व के साथ 15 अगस्त को तिरंगा फहरा सके।नि:शुल्क तिरंगा पाने के लिए आपको बस क्रेप्टिल डॉट कॉम वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करना होगा। इस अभियान की जानकारी देते हुए भाजपा बिहार राज्य के सह प्रभारी सी.आर.पाटिल ने ट्विटर पर लिखा- बस कुछ ही दिनों मे आप तक पहुँच जाएगा, आपका-हम सब का प्यारा तिरंगा। 15 अगस्त से पहले आप के घर निःशुल्क तिरंगा पहुँचायेंगे, साफ नियत, सही विकास हर गाँव तिरंगा, हर घर तिरंगा।
कैसे करें नि:शुल्क तिरंगे के लिए रजिस्टर:-नि:शुल्क तिरंगा पाने के लिए सबसे पहले आपको craptil.com की वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट पर जाने के बाद आपको एक फॉर्म दिखाई देगा, जिसमें आपको अपना नाम, घर का पता, राज्य, देश, फोन नम्बर जैसी जानकारियां भरनी होंगी। जिसके बाद आपको फॉर्म को सबमिट करना होगा। फॉर्म के सबमिट होने के बाद आपके घर पर नि: शुल्क तिरंगा पहुंचाया जाएगा।

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर को इतिहास में पहली बार बंद करने का फैसला लिया गया है। मंदिर को लगातार 6 दिन के लिए बंद किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 9 अगस्त की शाम 6 बजे से लेकर 17 अगस्त की सुबह 6 बजे तक मंदिर बंद रहेगा। मंदिर प्रशासन ने यह फैसला रविवार को हुई एक विशेष बैठक में लिया।
जानिए क्या है वजह:-हर 12 साल के बाद इस प्राचीन मंदिर के गर्भ गृह के ढांचे में मामूली बदलाव के लिए ‘अष्टबंधना बालल्या महासमप्रोक्षणम्’ धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। इस अनुष्ठान के दौरान केवल पुजारियों के मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी जो मंदिर की सफाई, शुद्धिकरण और मरम्मत का काम करेंगे।
पहले नहीं होता था ऐसा:-आपको बता दें कि इतिहास में पहली बार मंदिर को 6 दिन के लिए बंद किया जा रहा है। इससे पहले हर 12 साल पर होने वाले इस अनुष्ठान के दौरान मंदिर खुला रहता था लेकिन कुछ घंटों के लिए मंदिर में दर्शनार्थियों के प्रवेश को वर्जित कर दिया जाता था। कहा जा रहा है कि पहले ऐसा इसलिए हो पाता था क्योंकि उन दिनों मंदिर में इस भक्तों की भीड़ इस कदर नहीं हुआ करती थी। लेकिन अब एक दिन में लगभग एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।मंदिर बंद करने की दूसरी वजह यह बताई गई है कि महीने के दूसरे शनिवार, रविवार और स्वतंत्रता दिवस होने की वजह से मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। दौरान मंदिर में प्रतिबंधित दर्शन की व्यवस्था लागू करना असंभव जैसा काम होगा। जिस वजह से मंदिर प्रशासन ने पूरे सप्ताह के लिए मंदिर को बंद करने का फैसला लिया गया है।
पहाड़ी पर 9 अगस्त से होगा प्रवेश पर रोक:-मंदिर प्रशासन के अनुसार तीर्थयात्रियों को 9 अगस्त से ही पहाड़ियों पर आने से रोक दिया जाएगा। जिसके बाद परिसर में लाइनों में लगी भक्तों की भीड़ को दर्शन करने में एक दिन लग जाएगा, जिसके अनुसार10 अगस्त की रात तक, पूरा तिरुमाला तीर्थयात्रियों से खाली हो जाएगा।

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में दिल्ली के बुराड़ी जैसी घटना सामने आई है। यहां एक ही परिवार के छह लोगों के शव मिले हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया हैं कि इनकी हत्या की गई है या इन्होंने आत्महत्या की है। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
सुसाइड नोेट।जानकारी के मुताबिक, यहां एक ही परिवार के छह सदस्यों के शव शहर के खंजाची तालाब स्थित अपार्टमेंट से पुलिस ने बरामद किए हैं। पूरा परिवार व्यवसायी नरेश महेश्वरी का है। पुलिस ने नरेश महेश्वरी के अलावा उसके दो बच्चे, बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी का शव बरामद किया है। इन पर पचास लाख का कर्ज था।
नरेश माहेश्वरी का पूरा परिवार।पुलिस को अपार्टमेंट के फ्लैट से दो सुसाइड नोट भी मिले हैं। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला बता रही है। आशंका जताई जा रही कि अपने बेटे 10 वर्षीय अमन और 7 वर्षीय बेटी परी की हत्या के बाद पूरे परिवार ने आत्महत्या कर ली। हालांकि, इसके सभी पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। पुलिस ने अपार्टमेंट से अलग-अलग स्थिति में शव बरामद किया है। बेटी परी का शव सोफे से तो बेटे अमन का शव बेड पर पड़ा था। बेटे की बेहोश करने के बाद गला काटकर हत्या की गई थी। बेटी के शव के पास फिनाइल की बोतल मिली है। वहीं, पिता 70 वर्षीय महावीर महेश्वरी और नरेश महेश्वरी की पत्नी प्रीति महेश्वरी का शव कमरे में फंदे से झुलता मिला है। वहीं, उसकी मां किरण महेश्वरी का बेड पर पड़ा था। वहीं, पुलिस ने नरेश महेश्वरी के शव को अपार्टमेंट के बाहर पार्किंग एरिया के पास बरामद किया है। उसके हाथ में गंभीर चोट है। छत से गिरने से उसकी मौत बताई जा रही है। घटना की जांच के लिए डीआईजी पंकज कंबोज पहुंचे हैं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट में किया है कर्ज का जिक्र;-पुलिस ने दो सुसाइड नोट बरामद किए हैं। इसमें लिखा है बीमारी प्लस दुकान बंद प्लस दुकानदारों का बकाया न देना, प्लस बदनामी, प्लस कर्ज , जिसके बाद तनाव और फिर मौत। इस सुसाइड नोट पर जिक्र किया है अमन को लटका नहीं सकते थे, इसलिए उसकी हत्या की गई। पड़ोसियों ने बताया कि नरेश महेश्वरी डिप्रेशन में था। दो माह माह से दुकान भी बंद था। इस वजह से वह परेशान था।
रांची में एक ही परिवार के छह लोगों ने की थी आत्महत्या;-गौरतलब है कि रांची के कोकर स्थित रिवर्सा अपार्टमेंट में नौ अक्टूबर, 2016 को एक डॉक्टर के परिवार के छह लोगों ने अात्महत्या कर ली थी। सिर्फ डॉक्टर सुकांतो सरकार ही बचे थे, जिन पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा था। बाद में सुकांतो सरकार की भी मौत हो गई थी।
दिल्ली के बुराड़ी में मिले थे 11 शव:-दिल्ली के बुराड़ी के संत नगर इलाके में एक साथ 11 शव मिलने का मामला सामने आया था। संत नगर के गुरुगोविंद सिंह हॉस्पिटल के सामने गली नंबर 2 में एक घर में परिवार के 11 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को घर से 11 डायरी भी मिली थीं, जिनमें मनोवैज्ञानिक विचार लिखे हुए हैं और मोक्ष प्राप्त करने की विधि के बारे में लिखा हुआ है। दिल्ली के बुराड़ी के संत नगर में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। शुक्रवार को एक बार फिर क्राइम ब्रांच की टीम ने दो घंटे तक ललित के घर की सघन तलाशी ली। इस दौरान टीम ने घर से नौ स्टूल बरामद किए, जिन्हें जांच के लिए वह साथ ले गई है। तलाशी के दौरान टीम ने यह भी जानने की कोशिश की कि मकान में 11 पाइप वेंटिलेशन के लिए ही लगवाए गए थे या फिर किसी तंत्र-मंत्र अथवा वास्तु की वजह से। घर से मिले नौ स्टूल में छह भूरे रंग के, दो हरे व एक लाल रंग का है। क्राइम ब्रांच की टीम को ये स्टूल पहली मंजिल पर बरामदे वाले एरिया में मिले हैं, जिनमें से कुछ गिरे हुए थे। यहीं छत पर लगी लोहे की ग्रिल के सहारे परिवार के नौ सदस्य फंदे पर लटके मिले थे। क्राइम ब्रांच व फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) की टीम का कहना है कि जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पांच स्टूलों के सहारे नौ लोग फंदे से लटके होंगे

 

 

 

नई दिल्ली। महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन का प्रतिष्ठित सेब का पेड़ आपको याद है। अब जल्द ही आपको न्यूटन के एप्पल ट्री की जड़ें भारत में भी फैलती दिखेंगी। 350 साल पहले सेब के पेड़ के कारण ब्रिटिश भौतिक वैज्ञानिक न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत और गति की खोज की थी। जिस कारण विज्ञान के इतिहास में इसका विशेष स्थान है, अब इसी पेड़ का वंशज नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों को प्रेरित करेगा।
मिशन पर है IUCAA:-वैज्ञानिक और खगोल विज्ञान व खगोल भौतिकी के लिए इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर के निदेशक सोमक राय चौधरी ने बताया कि पुणे स्थित IUCAA के कंपाउड में बढ़ रहे भारतीय सेब के पेड़ पर न्यूटन की थ्योरी अपनाते हुए हम एक महत्वाकांक्षी मिशन पर हैं। इस पेड़ (न्यूटन एप्पल ट्री) के क्लोन और वंशज दुनिया के कई देशों तक पहुंच चुके हैं। लोगों ने इंग्लैड के लिंकनशायर में स्थित न्यूटन के घर के बगीचे में समशीतोष्ण से दूर पेड़ को उगाने की कोशिश की। ऐसी ही एक कोशिश 1977 में वैज्ञानिक जयंत नार्लीकर द्वारा भारत में की गई और अब IUCAA के निदेशक द्वारा की जा रही है।
1997-2007 तक तीन बार एप्पल ट्री विकसित करने का प्रयास हुआ;-हालांकि की नार्लीकर को न्यूटन के सेब के पेड़ की बजाय बरगद के पेड़ ने कार्य के लिए प्रेरित किया। 1997 और 2007 के बीच न्यूटन के 'एप्पल ट्री' को विकसित करने के लिए तीन प्रयास किए गए थे। राय चौधरी ने बताया कि कुछ पेड़ अच्छे से बढ़ रहे थे और उसमें सेब भी आ रहे थे, लेकिन एक पेड़ की 2007 के आखिर में खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि आदम और हव्वा की कहानी की तरह, भौतिकी की उत्पत्ति भी एक सेब से की गई।
कहां-कहां लगाए गए पेड़:-IUCAA के कंपाउड में चार महान शख्सियतों के स्टेच्यू (गैलीलियो, आइंस्टीन, न्यूटन और आर्यभट्ट) लगे हुए हैं। सेब के एक पेड़ को न्यूटन के स्टेच्यू के पीछे उगाया गया है, दूसरे को आइंस्टीन के पीछे और अन्य को पब्लिक साइंस पार्क में उगाया गया है। राय चौधरी ने बताया कि आइंस्टीन के स्टेच्यू के पीछे लगे पेड़ पर सूर्य की रोशनी पड़ती है, वो बढ़ता है और फल भी देता है। हालांकि दूसरा पेड़ बढ़ तो रहा है लेकिन उसने कभी फल नहीं दिया।' उन्होंने बताया कि एक विशेष कंपनी हमारे लिए यह काम कर रही थी।
अब फिर विकसित होगा न्यूटन एप्पल ट्री:-IUCAA में न्यूटन पेड़ एक दशक तक रहे। लेकिन फिर वे दोबारा से सूख गए। राय चौधरी का मानना है कि पुणे के लगातार बढ़ता तापमान इसके पीछे की वजह है। अब वह फिर से न्यूटन सेब के पेड़ों को विकसित करना चाहते हैं। IUCAA वर्तमान में भारतीय सेब के पेड़ पर न्यूटन ट्री थ्योरी के विचार के साथ प्रयोग कर रहा है। चौधरी ने बताया कि दो साल पहले निदेशक बनने के बाद, मैंने इस विचार को पुनर्जीवित किया, लेकिन पेड़ों को पाने में बहुत मुश्किल है क्योंकि बहुत से नियम और विनियम हैं भारत में ऐसे पौधों को आयात करने के बारे में जो मूल रूप से यहां के नहीं हैं। चौधरी ने कहा , 2007 से हमारे पास IUCAA में न्यूटन ट्री नहीं है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सामान्य भारतीय सेब के पेड़ों को विकसित करना चाहते थे कि हम जानते हैं कि सेब के पेड़ कैसे विकसित करें।'उन्होंने कहा, "यदि आप वास्तव में कुछ ऐसा करते हैं जो विज्ञान के जादू को फैला सकता है और विज्ञान के बारे में रुचि पैदा कर सकता है, तो इसका स्वागत है। उन्होंने कहा कि वह पेड़ के काम के लिए इंग्लैंड के विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रहे हैं। उनके विचार में न्यूटन के सेब को हर जगह यात्रा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमने विज्ञान के बारे में पूरी तरह से गलत धारणाएं विकसित की हैं और वास्तविक विज्ञान से लोगों को अलग किया गया है।इस बीच कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइआइएसइआर) के सहयोगी प्रोफेसर कहते हैं कि यह विचार कि न्यूटन ने पेड़ से सेब गिरने को देखा है, एक कहानी के रूप में उपयोगी है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। साथ ही, यह आकर्षक है और लोगों के बीच रुचि पैदा करता है।बता दें कि कहा जाता है कि पेड़ से एक सेब नीचे गिरने के बाद न्यूटन ने सोचा था कि कौन सा बल किसी वस्तु को पृथ्वी की ओर खींच सकता है। यहीं से उन्होंने गुरुत्वाकर्षण का नियम और गति के सिद्धांत की खोज की।

कांकेर। रविवार तड़के बीएसएफ की टीम और नक्सलियों के बीच माहला के जंगल में हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए। घटना में तीन जवान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से रायपुर रेफर किया गया है। नक्सली इलाके में रुक-रुककर फायरिंग कर रहे हैं। शहीद जवानों के नाम लोकेंद्र सिंह, मुख्तेयार सिंह हैं। दोनों जवानों के शवों को कांकेर लाया जा रहा है।जानकारी के मुताबिक बीएसएफ की 175 बटालियन के जवान प्रतापपुर थाना इलाके के माहला जंगल में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान वहां छिपे नक्सलियों ने फायरिंग कर दी। घटना में दो बीएसएफ जवान शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि जवाबी फायरिंग में नक्सलियों को भी गोली लगी है। मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्चिंग तेज कर दी है।घटना रविवार सुबह करीब 3.45 बजे की है जब गश्त पर निलले बीएसएफ के दस्ते पर नक्सलियों ने फायरिंग कर दी। यह इलाका प्रतापपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। बताया जा रहा है शहीद के जवानों के पार्थिव शरीर को पंखाजूर स्थित बीएसएफ मुख्यालय ले जाया गया है, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

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