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नई दिल्ली - रिलायंस जिओ ने अपना सस्ता स्मार्टफीचर फोन लॉन्च कर दिया है। फोन की बुकिंग 24 अगस्त से शुरू होगी। जियो ग्राहकों को यह फोन मुफ्त में मिलेगा।
मुकेश अंबानी ने बताया कि कैसे एक छोटे से स्टार्ट अप से यह कंपनी इतनी बड़ी हो गई और एक टेक्सटाइल कंपनी से यह आज विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार तक पहुंची है। इसका श्रेय उन्होंने अपने पिता धीरूभाई अंबानी और माता कोकिला बेन को दिया है। सबका ध्यान इस बार फिर से जियो पर होगा। शुक्रवार को होने वाले इस सम्मेलन में मुकेश अंबानी एक सस्ता 4जी फोन लॉन्च कर सकते हैं। कुछ समय पहले इस फोन की कुछ तस्वीरें भी लीक हुई थीं। जियो के बाद अब सभी इस सस्ते फोन को लेकर उत्साहित हैं।
अभी फिलहाल जियो के देश में 125 मिलियन उपभोक्ता हैं। आप सबको मैं मेरे दिल से धन्यवाद देता हूं। हमने स्केपटिक्स की बात को गलत साबित करते हुए उपभोक्ताओं को अनलिमिटेड कालिंग का अवसर दिया। जियो के आने के बाद डाटा कंसम्पशन 125 करोड़ गीगाबाइट तक बढ़ा। भारतियों ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया।
इंटरनेट यूजर के मामले में भारत पहले नंबर पर पहुंचा। जियो के प्राइम मेंबर्स को नियमित फायदा मिलता रहेगा। इसके साथ-साथ समय-समय पर उन्हें सरप्राइज भी मिलेंगे। 75 करोड़ मोबाइल यूजर्स में से 50 करोड़ लोग डिजिटल रेवोलुशन से छूट गए हैं। आज जियो इस भेदभाव से सबको निजात दिलाने वाला है।
कवरेज यूसेज और डाटा स्पीड के मामले में ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार जियोनंबर एक। आने वाले 12 महीनों में 99% लोगों के पास जियो होगा। इसके साथ जियो की वजह से 4जी नेटवर्क 2 जी से अधिक होगा। जो काम पिछले 25 सालों में हुआ वो जियो ने 3 सालों में कर दिखाया। आने वाले समय में पूरे भारत में 10,000 ऑफिस होंगे।
एक स्मार्ट फोन 3,000-4,000 के बीच आता है। जियो इसका विकल्प लेकर आएगा। भारत में भारतियों के लिए युवा भारतियों के लिए बनाया गया फोन। इसे ऐसे डिजाइन किया गया है जिससे इसे इस्तेमाल करने में आसानी हो। दुनिया का सबसे सस्ता फोन। 22 भाषाओं में होगा यह फोन। वाइस कमांड से चल सकेगा।
जियो के अपने एप्स होंगे जैसे म्यूजिक, जियो सिनेमा, आदि। की पैड पर 5 दबाकर अपनों तक पहुंचेगा इमरजेंसी मैसेज। जल्द ही इसके साथ पुलिस को भी जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात भी आसानी से सुन सकेंगे। इस छोटे से फोन में सैंकड़ों फीचर। इसके साथ बैंक अकाउंट एवं जनधन अकाउंट आदि जोड़े जाएंगे।
यह फोन 50 करोड़ फीचर फोन यूजर्स की मदद करेगा। सारे फोन कॉल होंगे मुफ्त। 15 अगस्त से शुरू होंगी सेवाएं। जियो धन धना धन की साड़ी सुविधाएं मिलेंगी। जियो फोन टीवी केबल से जियो फोन को किसी भी तरह के टीवी से जोड़ सकेंगे। 24 रूपये में 2 दिन और 54 रूपये में 7 दिन जियो फोन टीवी केबल से जियो फोन को किसी भी तरह के टीवी से जोड़ सकेंगे।
कंपनी के चेयर मैन मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो फोन की टेस्टिंग 15 अगस्त से शुरू हो जाएगा। अंबानी ने इसे भारत के लिए 'डिजिटल फ्रीडम' का नाम दिया है। इस फोन की प्री बुकिंग 24 अगस्त से शुरू हो जाएगी। इसमें पहले आएं-पहले पाएं की तर्ज पर बुकिंग होगी। इसकी प्री बुकिंग के लिए आपको My Jio ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा इसे नजदीकी जियो स्टोर से जाकर भी बुक करवाया जा सकता है।
यह फोन मुफ्त में मिलेगा। इसके लिए 1500 रुपये की सेक्योरिटी मनी देनी होगी जो पूरी तरह से रिफंडेबल होगी। यह पैसे तीन साल बाद वापस मिल जाएंगे।

 


नई दिल्ली - शंकर सिंह वाघेला गांधीनगर में अपने जन्मदिन पर गांधीनगर में एक सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं। इस सम्मेलन में वाघेला ने बताया कि उन्हें 24 घंटे पहले कांग्रेस से निकाल दिया गया है। उनकी मानें तो कांग्रेस को इस बात का डर था कि वो शुक्रवार के समारोह में कुछ भी कह सकते हैं। वाघेला इसे विनाशकाले विपरीत बुद्धि कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर ने मुझे विष पीना सिखाया है। इसके बाद वाघेला बोले कि आरएसएस से मेरा पुराना नाता रहा है।
मैं 77 साल में भी नॉट आउट हूं। मैं बीजेपी में नहीं जाऊंगा। इसी के साथ इस मौके पर शंकर सिंह वाघेला ब्रिटश डिप्टी हाई कमिश्नर जिओफ वेन से भी मिले। मैं अपने आप कांग्रेस को अपने से मुक्त करता हूं। अभी कुछ दिनों पहले ही मैं सोनिया गांधी जी से मिला और मैंने उनसे कहा कि मैं बीजेपी में जाकर उनका विश्वास कभी नहीं तोडूंगा। इसके साथ ही वाघेला ने विधान सभा में नेता विपक्ष के पद से भी इस्तीफा दे दिया है। वाघेला ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।
गुजरात कांग्रेस के बड़े नेता शंकर सिंह वाघेला शुक्रवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर गांधीनगर में एक बड़ा सम्मेलन कर रहे हैं। इस सम्मेलन में कई बड़े नेताओं को न्योता दिया गया है। वाघेला ने कल दिल्ली में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल से भी मुलाकात की। इस सम्मेलन का नाम सम-संवेदना समारंभ है। इस सम्मेलन में कांग्रेस के सभी विधायकों के अलावा एनसीपी के दो और जेडीयू के एक विधायक को भी न्योता पहुंचा है।
वाघेला बोले, मौजूदा तैयारी से चुनाव जीतना संभव नहीं
बता दें कि अभी कुछ ही दिनों पहले वाघेला ने एक सम्मेलन में पार्टी नेतृत्व पर जमकर हमला बोला था। उनका कहना था कि गुजरात के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जिस तरह से तैयारी की जा रही है, उससे जीतना संभव नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी से खटास की अटकलों के बीच वाघेला ने अपने समर्थकों के सम्मेलन को संबोधित किया था। इसे उनके 'शक्ति प्रदर्शन' के तौर पर देखा जा रहा है। वाघेला ने कहा, प्रत्याशियों का चयन चुनाव से काफी पहले होना चाहिए। हाथ पांव बांध कर पानी में फेंक देने पर किसी से तैरने की उम्मीद नहीं की जा सकती। पार्टी में कुछ लोग मालिक बनने का प्रयास कर रहे हैं।


नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने स्वयंभू गोरक्षकों की हिंसक की घटनाओं के संदर्भ में केंद्र एवं राज्यों से शुक्रवार को कहा कि वे किसी भी स्वयंभू गोरक्षकों को संरक्षण नहीं दें। न्यायालय ने गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसक घटनाओं पर उनसे जवाब मांगा है।
न्यायमूतर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूतर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूतर्ति एम शांतानागौदर की तीन सदस्यीय खंडपीठ को केन्द्र ने सूचित किया कि कानून व्यवस्था राज्य का विषय है लेकिन वह देश में गोरक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की गतिविधियों का समर्थन नहीं करता।
पीठ ने कहा, आपका कहना है कि कानून-व्यवस्था राज्य के अधीन है और राज्य कानून के अनुसार कदम उठा रहे हैं। आप किसी प्रकार के स्वयंभू रक्षक समूह का समर्थन नहीं करते। न्यायालय ने सोशल मीडिया पर अपलोड की गई गोरक्षा के नाम पर हिंसक सामग्री को हटाने के लिए केंद्र एवं राज्यों से सहयोग मांगा।
सॉलिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा, कानून-व्यवस्था राज्य के अधीन है और केंद्र सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है, लेकिन केंद्र का मानना है कि कानून की प्रक्रिया के अनुसार देश में किसी भी स्वंयभू गोरक्षक समूह का कोई स्थान नहीं है।
भाजपा शासित गुजरात एवं झारखंड की ओर से पेश वकील ने न्यायालय को सूचित किया कि स्वयंभू गोरक्षा संबंधी हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कावार्ई की गई है।
पीठ ने उनका बयान दर्ज किया और केंद्र एवं अन्य राज्यों को हिंसक टनाओं के संबंध में अपनी रिपोर्ट चार सप्ताह में दाखिल करने का निर्देश दिया। पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए छह सितंबर की तारीख तय की है। इससे पहले, न्यायालय ने पिछले साल 21 अक्तूबर को दायर याचिका पर छह राज्यों से सात अप्रैल को जवाब मांगा था। इस याचिका में कथित गोरक्षा समूहों के खिलाफ कावार्ई की मांग की गई है जो कथित रूप से हिंसा कर रहे हैं और दलितों एवं अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन ए पूनावाला ने अपनी याचिका में कहा है कि इन गोरक्षा समूहों द्वारा की जाने वाली कथित हिंसा इस हद तक बढ़ गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन लोगों के बारे में कहा था कि वे समाज को नष्ट कर रहे हैं। ]


नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट कर लोगों से 'मन की बात' कार्यक्रम के लिए सुझाव मांगे हैं। मन की बात का कार्यक्रम का अगला प्रसारण 30 जुलाई को होगा जिसके लिए लोग अपने सुझाव और विचार भेज सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, इस माह 'मन की बात' कार्यक्रम अगले रविवार को होगा। इसके लिए अपने विचारों को एनएम मोबाइल एप पर साझा करें। कार्यक्रम के लिए आपने सुझाव मायजीओवी ओपन फोरम या फिर अपनी आवाज में रिकॉर्ड कर 1800-11-7800 पर भेज सकते हैं।
mygov फोरम पर जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, हर माह की तरह मोदी उन विषयों और विचारों पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं, जो लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह 'मन की बात' का 34वां संस्करण होगा।
एक बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोग अपने संदेश को हिंदी या अंग्रेजी में रिकॉर्ड कर उन्हें भेज सकते हैं। भेजे गए संदेशों में से कुछ चुनिंदा संदेशों को कार्यक्रम के बीच में प्रसारित किया जाएगा।


नयी दिल्ली - राम नाथ कोविंद को देश का अगला राष्ट्रपति चुने जाने के तुरंत बाद बेहद खुश उनकी पत्नी सविता कोविंद ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह राष्ट्रपति बनेंगे लेकिन कड़ी मेहनत और ईमानदारी के बूते उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। अत्यंत उत्साहित उनकी बेटी स्वाति कोविंद ने कहा कि उन्हें अच्छे अभिभावक और परवाह करने वाले व्यक्ति के तौर पर अपने पिता के मानवीय गुणों पर गर्व है।
स्वाती कोविंद ने कहा कि यह हमारे लिए काफी गौरवपूर्ण क्षण है। देश जश्न मना रहा है। वह सामाजिक सेवा के जरिए और बिहार के राज्यपाल के तौर पर लोगों से जुड़े रहे। राजग के उम्मीदवार कोविंद को खासे बहुमत के साथ देश का 14वां राष्ट्रपति चुना गया। सविता और परिवार के अन्य सदस्यों के पास 10, अकबर रोड स्थित उनके बंगले में बधाई देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। बंगले पर देर रात तक मंत्री, नेता और आम लोग निर्वाचित राष्ट्रपति को बधाई देने के लिए आते रहे।
सविता ने कहा कि उनके पति ने बिहार के राज्यपाल का पद बड़ी जिम्मेदारी के साथ संभाला था और उन्हें वहां लोगों से तारीफें मिली। यहां कोविंद के अस्थायी आवास पर अपने अभिभावकों के साथ लोगों की बधाई स्वीकार करने वाली उनकी बेटी स्वाति से अपने पिता के गुणों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह एक अच्छे पिता और काफी परवाह करने वाले व्यक्ति हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या नामांकित होने के बाद परिवार को उनकी जीत का भरोसा था, इस पर स्वाति ने कहा, हमें उनकी जीत का भरोसा था।
स्वाति ने कहा, जब वह बिहार के राज्यपाल बने थे तो हम सोचते थे कि यह सर्वोच्च पद है। हमने इसके आगे का नहीं सोचा था लेकिन अब जब वह देश का सर्वोच्च पद संभालेंगे तो कुछ अलग महसूस हो रहा है। लेकिन उनके व्यक्तित्व में कोई बदलाव नहीं आया। वह जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और वहीं इंसान हैं जो वह राज्यपाल के पद पर थे। कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को हराकर 65 फीसदी मतों के साथ जीत हासिल की।


नई दिल्ली - नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष तथा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान भी एक पक्ष है और उसके साथ बात कर यह मुद्दा सुलझाया जाना चाहिए, जिसमें तीसरे पक्ष को भी शामिल किया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान द्वारा बार-बार संघर्ष विराम के उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा 'जब तक आप कश्मीर पर पाकिस्तान से बात नहीं करेंगे, कश्मीर मुद्दे का हल नहीं निकालेंगे, यह नहीं रुकने वाला है। हमें यह समझना होगा कि कश्मीर मसले में पाकिस्तान भी एक पक्ष है।'्र
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का हल नहीं निकाले जाने के कारण सबसे ज्यादा नुकसान राज्य के लोगों को हो रहा है। जहां देश के दूसरे राज्य तरक्की कर रहे हैं, जम्मू-कश्मीर इसमें पीछे छूट गया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या यह पाकिस्तान से बात करने का उचित समय है, श्रीनगर-बडगाम लोकसभा क्षेत्र से सांसद अब्दुल्ला ने कहा 'आप जब चीन से बात कर सकते हैं तो पाकिस्तान से बात क्यों नहीं। दोस्तों (तीसरे पक्ष) को शामिल कीजिये और बात कीजिये।' इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने साफ कहा कि वह तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्वयं कह चुके हैं कि अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार है।
स्थिति सामान्य होने का इंतजार करने की बजाय तुरंत वार्ता कर मामले को सुलझाए जाने की वकालत करते हुये अब्दुल्ला ने कहा 'सही वक्त का इंतजार करते-करते 70 साल बीत चुके हैं। अब और कितना इंतजार करना होगा। इस दौरान चार युद्ध हो चुके हैं। और कितने लोगों को मरवायेंगे। आज दोनों देशों के पास एटम बम हैं।'


नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि वह राम मंदिर—बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के मामले में निर्णय लेगा।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मामले को शीघ्र सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई शुरू करने का आग्रह किया जिस पर प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड वाली पीठ ने कहा, वे इस बारे में जल्द निर्णय करेंगे।
भाजपा नेता ने अपनी दलील में कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ मुख्य अपीलें उच्चतम न्यायलय में सात वर्षों से लंबित हैं और उन पर शीघ्र सुनवाई की जरूरत है।
अपनी दलील में उन्होंने यह भी कहा कि उस स्थान पर बिना किसी परेशानी के पूजा अर्चना के उनके अधिकार के पालन के लिए उन्होंने पहले भी अलग से एक याचिका दायर की थी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनउ पीठ ने 2010 में अपने आदेश में उत्तर प्रदेश के अयोध्या के 2.77 एकड़ विवादित क्षेत्र को तीन भागों में बांटने का आदेश दिया था।
तीन न्यायाधीशों वाली पीठ ने 2:1 के बहुमत वाले आदेश में कहा था कि उक्त भूमि को तीन पक्षकारों सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बांट दिया जाए।


नई दिल्ली - प्रवर्तन निदेशालय ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती से कथित रूप से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ 8,000 करोड़ रुपए के मनी लांड्रिंग के मामले में शुक्रवार को आरोप पत्र दायर किया है।
धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) मामले में राजेश अग्रवाल के खिलाफ आरोपपत्र विशेष न्यायाधीश नरेश कुमार मल्होत्रा की अदालत में दायर किया गया। मीसा भी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में जांच के दायरे में हैं।
निदेशालय के अनुसार, अग्रवाल का संबंध मीसा से कथित रूप से संबंधित एक फर्म से जुड़े कुछ लेन देन से है। संदेह है कि यह फर्म कर चोरी में शामिल रहा है। यह मामला उस समय सामने आया था जब ईडी ने पीएमएल के तहत इस साल फरवरी में एक आपराधिक शिकायत दर्ज की।
यह मामला कुछ व्यक्तियों एवं फर्मों के खिलाफ के आरोप पत्र पर आधारित है। इससे पहले, निदेशालय ने अग्रवाल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि यदि उसे राहत दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है।


नई दिल्ली - राष्ट्रपति पद के चुनाव में कांग्रेस विपक्षी एकता को बरकरार रखने में काफी हद तक सफल रही है। कुछ राज्यों में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुईं। हालांकि विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार को भी कुछ राज्यों में उम्मीद से अधिक वोट मिले।
एनडीए दिल्ली, यूपी, त्रिपुरा, महाराष्ट्र और गुजरात में विपक्षी वोट में सेंध लगाने में कामयाब रही। वहीं, विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और नगालैंड में क्रॉस वोटिंग हुईं। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चिंता गुजरात को लेकर है। गुजरात में जल्द चुनाव होने हैं।
गुजरात में क्रॉस वोटिंग :
गुजरात में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 132 वोट मिले जबकि विधानसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 115 सीट मिली थी। कांग्रेस के पास 61 विधायक हैं। इसके अलावा उसे एनसीपी के दो विधायकों का भी समर्थन हासिल था। मगर विपक्ष की तरफ से पद की उम्मीदवार मीरा कुमार को सिर्फ 49 वोट मिले। गुजरात में क्रॉस वोटिंग ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि, कांग्रेस विधानसभा चुनाव में जीत की संभावनाएं तलाश रही है।
यूपी में भी सेंध:
उत्तर प्रदेश में भी कोविंद के पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुई। आंकड़ो के मुताबिक विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार को 74 वोट मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ 65 वोट मिले। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी में चल रही कलह का फायदा रामनाथ कोविंद को मिला।
त्रिपुरा में कोविंद :
त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस के छह विधायकों ने पार्टी से बगावत करते हुए रामनाथ कोविंद के पक्ष में वोट किया। दरअसल, यह सभी विधायक तृणमूल कांग्रेस के विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार का समर्थन करने से नाराज थे क्योंकि, सीपीएम भी मीरा कुमार का समर्थन कर रही थी।
राजस्थान में फायदा :
दूसरी तरफ विपक्ष राजस्थान में एनडीए के वोट में सेंध लगाने में सफल रहा है। राजस्थान में कांग्रेस के 21 और बसपा के तीन विधायक हैं। मगर मीरा कुमार को 34 वोट मिले। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में विपक्ष के पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुई।


वाशिंगटन - सिक्किम सेक्टर में भारत एवं चीन के बीच जारी सैन्य गतिरोध के मद्देनजर दोनों देशों से तनाव कम करने लिए वार्ता करने का आह्वान करते हुए अमेरिका ने आज कहा कि वह मामले पर करीब से नजर रख रहा है। भारत और चीन द्वारा इस सैन्य गतिरोध को वार्ता के माध्यम से सुलझाने की इच्छा जाहिर किये जाने के एक दिन बाद वाशिंगटन ने यह बयान दिया है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस संबंध में राज्यसभा में कहा कि भारत सिक्किम सेक्टर में गतिरोध पर चीन के साथ वार्ता को तैयार है, लेकिन दोनों पक्षों को पहले अपनी-अपनी सेनाएं वापस बुलानी होंगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमाएं अभी तक स्पष्ट नहीं हैं और यह द्विपक्षीय वार्ता से तय होगा।
बीजिंग में चीन की विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सैन्य गतिरोध पर बातचीत के लिये कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं, लेकिन उसने कहा कि डोकलाम से भारतीय सैनिकों का पीछे हटना वार्ता की पूर्व शर्त है।
अमेरिका के विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नुअर्ट ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि हम इस स्थिति पर करीब से और सावधानी पूर्वक नजर रख रहे हैं। इसपर ज्यादा जानकारी के लिए मुझे आपसे भारत और चीन की सरकारों से संपर्क करने के एक सवाल का जवाब देते हुए हीथर ने कहा कि भारतीय और चीनी उन मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
बीजिंग में 27—28 जुलाई को होने वाली ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के शामिल होने का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि वह एक दूसरे से बात करने वाले हैं। हीथर ने कहा कि हम उन्हें तनाव कम करने के लक्ष्य से सीधी वार्ता करने को प्रोत्साहित करेंगे।

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