Editor

Editor

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावना को आज एक तरह से खारिज करते हुये कहा कि इस तरह का कोई भी कदम नुकसानदायक हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे अपने हिस्से के करों का ईमानदारी से भुगतान करें, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों पर राजस्व के स्रोत के रूप में निर्भरता कम हो सके।एक फेसबुक पोस्ट में जेटली ने लिखा है कि सिर्फ वेतनभोगी वर्ग ही अपने हिस्से का कर अदा करता है। जबकि ज्यादातर अन्य लोगों को अपने कर भुगतान के रिकॉर्ड को सुधारने की जरूरत है। यही वजह है कि भारत अभी तक एक कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है।जेटली ने कहा कि मेरी राजनीतिज्ञों और टिप्पणीकारों से अपील है कि गैर तेल कर श्रेणी में अपवंचना रुकनी चाहिए। यदि लोग ईमानदारी से कर अदा करेंगे तो कराधान के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा। बहरहाल, मध्य से दीर्घावधि में राजकोषीय गणित में कोई भी बदलाव प्रतिकूल साबित हो सकता है।उन्होंने कहा कि पिछले चार साल के दौरान केंद्र सरकार कर जीडीपी अनुपात 10 प्रतिशत से सुधरकर 11.5 प्रतिशत हो गया है। इसमें से करीब आधी (जीडीपी का 0.72 प्रतिशत) वृद्धि गैर तेल कर जीडीपी अनुपात से हुई है।जेटली ने कहा कि गैर तेल कर से जीडीपी अनुपात 2017-18 में 9.8 प्रतिशत था। यह 2007-08 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। उस साल हमारे राजस्व की स्थिति अनुकूल अंतरराष्ट्रीय वातावरण की वजह से सुधरी थी।उन्होंने कहा कि इस सरकार ने राजकोषीय मजबूती और वृहद आर्थिक दायित्व व्यवहार को लेकर मजबूत प्रतिष्ठा कायम की है। राजकोषीय रूप से अनुशासन नहीं बरतने से अधिक कर्ज लेना पड़ता है जिससे ऋण की लागत बढ़ जाती है।जेटली ने कहा कि उपभोक्ताओं को राहत सिर्फ राजकोषीय रूप से जिम्मेदार और वित्तीय दृष्टि से मजबूत केंद्र सरकार और वे राज्य दे सकते हैं जिनको तेल कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी की वजह से अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है।उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में अनुपालन के ऊंचे स्तर के बावजूद गैर तेल कर के मामले में भारत अभी भी कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है।उन्होंने कहा कि वेतनभोगी वर्ग कर अनुपालन वाला है। अन्य वर्गों को अभी इस बारे में अपना रिकॉर्ड सुधारने की जरूरत है। जेटली ने कहा कि ईमानदार करदाताओं को न केवल अपने हिस्से के करों का भुगतान करना पड़ता है बल्कि उन्होंने कर अपवंचना करने वालों के हिस्से की भी भरपाई करनी पड़ती है।

कर्नाटक का रहने वाला ऑटो ड्राइवर बूढ़ों और प्रेग्नेंट महिलाओं और अन्य जरूरतमंदों को अपने ऑटो में फ्री में सवारी करवाता है। इस ऑटो ड्राइवर का नाम मुन्नेसा मंगोली है जो बीए पास है। 42 साल के मंगोली का कहना है कि पढ़ाई के बाद मनचाही नौकरी न मिलने पर उन्होंने 11 साल पहले ऑटो चलाना शुरू किया। वे बूढ़ों, प्रेग्नेंट महिलाओं, आर्मी के जवानों और कई जरूरतमंदों को फ्री में राइड देते हैं।मुन्नेसा को यह ऑटो चलाने के लिए रोज 250 रुपए फी देनी पड़ती है। इसके बावजूद वे यह नेक काम करते है। उनका कहना है कि इसकी प्रेरणा उन्हें तब मिली जब उनके सामने एक प्रेग्नेंट महिला की समय पर अस्पताल न पहुंचने पर मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया कि 2015 से अबतक उन्होंने 2000 लोगों को फ्री राइड दी है।

पिछले कई दिनों से दिल्ली के उप राज्यपाल के राजनिवास में अनशन पर बैठे मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत नासाज होने के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद ट्वीट कर मनीष सिसोदिया के तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी है।मनीष सिसोदिया की जांच कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है। इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को तबीयत बिगड़ने के बाद रविवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जैन मंगलवार से भूख हड़ताल पर हैं। इस कारण शनिवार को उनके रक्त में शर्करा का स्तर गिर गया था।मंत्री ने एक ट्वीट में अपने स्वास्थ्य रिपोर्ट की प्रति साझा की है। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि रिपोर्ट में कीटोन बढ़ रहा है और रक्त में शर्करा का स्तर लगातार नीचे है। चार दिन में 3.7 किलोग्राम वजन कम हुआ है। हम दिल्ली के लोगों के लिए लड़ना जारी रखेंगे।स्थ्य रिपोर्ट के मुताबिक 12 जून को जैन का वजन 82.7 किलोग्राम था जबकि 16 जून को वजन 79 किलोग्राम था।मनीष सिसोदिया के शरीर में कीटोन का स्तर खतरे के निशान से पार कर गया है। वहीं सत्येंद्र जैन को लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी वे डॉक्टर्स की देखरेख में हैं। दोनों ही नेताओं को लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन और गोपाल राय पिछले आठ दिन से उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय में धरने पर बैठे हैं। वे उपराज्यपाल से आईएएस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग कर रहे हैं कि अधिकारी अपनी हड़ताल वापस ले लें और घर-घर राशन पहुंचाने की योजना स्वीकार कर लें।

देश के प्रतिष्ठित मेडिकल इंस्टीट्यूट एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) से एमबीबीएस कोर्स कर डॉक्टर बनने का ख्वाब देख रहे 12वीं पास विद्यार्थियों का इतंजार खत्म हो गया है। एम्स एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। परीक्षार्थी अपना रिजल्ट aiimsexams.org पर देख सकते हैं। करीब 3 लाख विद्यार्थियों को इन नतीजों का इंतजार था।
02:10 PM @ इस वर्ष परीक्षा में कुल 2649 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है। ये उम्मीदवार अब काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछले साल 4905 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया था।
02:00 PM @ जनरल कैटेगरी के लिए कटऑफ 98.8334496, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) कैटेगरी के लिए कटऑफ 97.0117712 और एससी/एसटी कैटेगरी के लिए 93.6505421 रही है।
01:35 PM @ अब जुलाई में काउंसलिंग की प्रोसेस शुरू होगी। जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन ही कॉलेज का विकल्प चुनना होगा।
01:30 PM @ चार स्टूडेंट्स ने 100 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
01:10 PM @ एम्स ने रोल नंबर वाइज और रैंक लिस्ट वाइज रिजल्ट जारी किया है।
01:00 PM @ नतीजे घोषित हुए।
11:30 AM @ स्कोर परसेंटाइल में होगा। परसेंटाइल 7 दशमलव स्थानों तक निकाला जाएगा।
11.00 AM @ एम्स एमबीबीएस एंट्रेंस एग्जाम 2018 का आयोजन 26 और 27 मई 2018 को दो शिफ्टों में किया गया था। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से 12.30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से सुबह 6.30 बजे थी। परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड थी।
10.35 AM @ एम्स प्रवेश परीक्षा के जरिए स्टूडेंट्स को नई दिल्ली, पटना, भोपाल, जोधपुर, भुवनेश्वर, ऋषिकेश, रायपुर, गुंटूर, नागपुर स्थित 9 एम्स संस्थानों में चल रहे एमबीबीएस कोर्स में दाखिला मिलता है। इन सभी इंस्टिट्यूट्स में करीब 807 MBBS सीटें हैं।
10.10 AM @ री-इवेल्यूएशन या री-चेकिंग का आग्रह स्वीकार नहीं किया जाएगा। चयनित छात्रों को संबंधित एम्स में रिपोर्ट करना होगा। मेडिकल बोर्ड द्वारा उनका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
09.40 AM @ अगर मेडिकल बोर्ड किसी विद्यार्थी को कोर्स के लिए अनफिट पाता है तो उनका सेलेक्शन नहीं होगा। बोर्ड का फैसला अंतिम होगा और इस संबंध में कोई अपील स्वीकार नहीं की जाएगी।
09.10 AM @ अगर दो या उससे अधिक उम्मीदवारों के परीक्षा में समान अंक आते हैं तो ऐसी स्थिति में जिन उम्मीदवार के बायोलॉजी में अधिक अंक होंगे, उसे हायर रैंक दी जाएगी। और अगर बायोलॉजी में भी एकसमान अंक आते हैं तो उनके केमिस्ट्री के मार्क्स देखे जाएंगे।
09.00 AM AIIMS MBBS results 2018 यूं करें चेक
स्टेप 1- aiimsexams.org पर जाएं
स्टेप 2- Results पर क्लिक करें
स्टेप 3- Academic Courses पर क्लिक करें
स्टेप 4 - Result of MBBS Entrance Examination 2018 के लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 5- आपके सामने रिजल्ट की पीडीएफ फाइल खुल जाएगी।
08.45 AM @ आपको बता दें कि देश के एम्स संस्थानों और पुडुचेरी स्थित जेआईपीएमईआर में चलाए जा रहे एमबीबीएस कोर्स में दाखिला एम्स एंट्रेंस टेस्ट और जेआईपीएमईआर एंट्रेंस टेस्ट के जरिए ही होता है। नीट के जरिए इन संस्थानों में दाखिला नहीं होता।

 

बॉलीवुड के भाई सलमान खान आए दिन किसी न किसी कारण से सुर्खियों में रहते हैं। इन दिनों जहां वो अपनी फिल्म रेस-3 को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म रेस 3 की बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई जारी है। फिल्म ने रिलीज के तीसरे दिन 100 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। इसी बीच सलमान खान की 2019 में आने वाली अपकमिंग फिल्म 'भारत' पर अटकले लगने लगी हैं।खबर है कि सलमान खान अपने फिल्म ‘भारत’ की पहली शेड्यूल शूटिंग के लिए लंदन जानें वाले थे लेकिन यह संभव नहीं हो सकता है। मिड-डे के अनुसार सलमान खान लंदन नहीं जा सकते हैं। वहीं फिल्म की शूटिंग के लिए लोकेशन बदलने की बात सामने आई है। दरअसल, यह मामला 'काला हिरण शिकार केस' से जूड़ा है। इस मामले में जोधपुर सत्र न्यायालय ने पांच साल की सजा के साथ ही साथ उन्हें बिना इजाजत के देश छोड़कर बाहर नहीं जाने की भी बात शामिल थी, फिर हाल इस मामले में सलमान खान बेल पर हैं। कोर्ट के फैसले के बाद सलमान खान ने एक याचिका दायर कर अदालत से चार देशों में जाने की अनुमति मांगी थी जिससे सेशंस कोर्ट मंजूर कर लिया था। इस फैसले के अनुसार सलमान खान को विदेश जाने की अनुमति मिल गई थी। इससे उमींद लगाई गई कि अब सलमान अपनी आने वाली फिल्मों की शूटिंग के लिए में विदेश जा कर सकते हैं ।सलमान खान ने फैसले के अनुसार ही फिल्म ‘भारत’ का अहम हिस्सा विदेश में शूट करना चाहते थे। कहा जा रहा है कि फिल्म भारत की पहले ही शूटिंग पार्ट अब अधर में लटक गई है। यह फिल्म अब लंदन में नहीं बल्कि भारत में शूट किया जाएगा। एक प्रोडक्शन मेंबर ने ये बताया कि कहना कि सलमान खान लगातार 45 दिन की शूटिंग हिंदुस्तान के बाहर नहीं कर सकते। अगर कोर्ट इजाजत दे भी देती है तो लोगों का इस मामले में फिर से भड़कना मुमकिन हो सकता है। इसलिए इस फिल्म की टीम हिंदुस्तान से बाहर इसे शूट करने से बच रही है।
विदेश में इस जगह होने वाली थी शूटिंग:-2019 में रिलीज होने वाली फिल्म ‘भारत’ की पहली शूटिंग लंदन में शूट किया जाना था उसके बाद स्पेन, पुर्तगाल और पोलैंड में स्टंट्स होने थे। इस फिल्म के लिए दूसरा ऑप्शन कनाडा भी रखा गया था। कहा जा रहा कि सलमान को विदेश जाने की इजाजत न होने के कारण फिल्म का शूटिंग शेड्यूल निर्माताओं ने बदल दिया। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस फिल्म को विवादों से बचाने के लिए टीम ऐसा फैसला ले रही है।
इस मामले पर भड़क सकती है जनता:-माना जा रहा है कि भारत के पंजाब राज्य में शूट किया जाएगा। इस मामले में अभी फिल्म के निर्देशक ने बस इतना बताया कि कि इस फिल्म का पहला शेड्यूल पंजाब में ही शूट किया जाएगा। फिल्म के निर्माता इस फिल्म के कुछ सीन्स को अबु धाबी में शूट करना चाह रहे हैं। बात दें कि इस फिल्म में सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा के अलावा दिशा पटानी जैसे सितारे प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सारदा पोंजी घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामलों की जांच के सिलसिले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम को फिर समन भेजा है। अधिकारियों ने बताया कि नलिनी को ईडी के कोलकाता कार्यालय में 20 जून को तलब किया गया है। इससे पहले उन्हें सात मई को हाजिर होने के लिए समन भेजा गया था लेकिन उन्होंने इसे मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।नलिनी पेशे से वकील है। इससे पहले उन्हों ने ईडी के समन को लेकर अपनी अपील में जस्टिस एस एम सुब्रमण्यम के 24 अप्रैल के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने ईडी के समन के खिलाफ नलिनी की याचिका को खारिज कर दिया गया था। अदालत ने उनकी इस दलील को नहीं माना कि किसी महिला को जांच के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के तहत उसके घर से दूर नहीं बुलाया जा सकता। अदालत ने कहा कि इस तरह की छूट कोई अनिवार्य नहीं है और यह संबंधित मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करती है।जस्टिस ने ईडी को नलिनी के नाम नया समन जारी जारी करने को कहा था। इसके बाद एजेंसी ने 30 अप्रैल को समन जारी कर उन्हें सात मई को उपस्थित होने को कहा। एजेंसी ने कहा कि वह इस मामले से उनके संबंध पर धन शोधन रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत बयान दर्ज करना चाहती है। ईडी ने सबसे पहले नलिनी को सात सितंबर , 2016 को समन कर सारदा चिट फंड घोटाले में गवाह के रूप में कोलकाता कार्यालय में पेश होने को कहा था। नलिनी को कथित रूप से अदालत और कंपनी विधि बोर्ड में टीवी चैनल खरीद सौदे में सारदा समूह की ओर से उपस्थिति होने के लिए 1.26 करोड़ रुपये की फीस दी गयी थी। ईडी और सीबीआई उनसे इस मामले में पहले भी पूछताछ कर चुकी हैं। एजेंसी सूत्रों ने दावा किया कि कुछ नए प्रमाण मिलने के बाद उन्हें नए सिरे से समन किया गया है। मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नलिनी ने कहा था कि यह समन राजनीति से प्रेरित है जो उनकी छवि को खराब करने के लिए जारी किया गया है। उन्होंने कहा था कि किसी आरोपी का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिवक्ता द्वारा फीस ले जाती है और यह कोई अपराध नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कोलकाता की विशेष पीएमएलए अदालत में 2016 में आरोपपत्र दायर किया था।

कनार्टक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। सीएम ने राज्य में जनता दल (एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। नीति आयोग की संचालन परिषद की रविवार को हुई बैठक में हिस्सा लेने आये कुमारस्वामी राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्रियों के साथ चर्चा के लिए अभी राजधानी में ही रूके हुए हैं।कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, ''करीब एक घंटे की मुलाकात के दौरान गांधी ने कुमारस्वामी से कहा कि वह अच्छी तरह सरकार चलाएं और कांग्रेस का उनको पूरा सहयोग रहेगा। इस मुलाकात के दौरान मौजूद रहे जेडीएस महासचिव दानिश अली ने कहा, ''राहुल गांधी का कल जन्मदिन है। आज कुमारस्वामी ने उनसे मुलाकात की और जन्मदिन की अग्रिम बधाई दी।कुमारस्वामी ने गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की और गठबंधन सरकार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने गांधी से कहा कि उन्हें दोनों दलों के बीच असहमति वाले कुछ मुद्दों के बारे में अपनी पार्टी के नेताओं से बात करनी चाहिए। बाद में पत्रकारों के साथ बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि राहुल गांधी ने गठबंधन सरकार के सुचारु कामकाज के लिए कुछ सुझाव दिए हैं।मुख्यमंत्री ने कुछ विभागों के बंटवारे का मुद्दा भी उठाया और गांधी से इसका समाधान निकालने को कहा। उन्होंने हालांकि इस बारे में विस्तार से नहीं बताया। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में बात की, उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। बाद में कुमारस्वामी ने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार मुलाकात की।उनका पीएम मोदी से भी मिलने का कार्यक्रम है। वह प्रधानमंत्री के साथ कावेरी नदी मुद्दे और विशेष रूप से कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के कामकाज को लेकर अपनी बात रखेंगे।

वड़ोदरा से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक तरफ डॉक्टर मरीज का इलाज करते हैं वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर की ऐसी हैवानियत देख लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दरअसल एक प्राइवेट क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर को करीब 135 महिला मरीजों से रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस पूरी वारदात को अंजाम देने में कंपाउंडर भी उसके साथ था। आरोपी डॉक्टर के साथ कंपाउंडर को शनिवार को पंचमहल जिले से अरेस्ट किया गया।मामला वडोदरा के अनगढ़ गांव का है, प्रतीक जोशी नाम का डॉक्टर क्लिनिक चलाता है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कंपाउंडर ने स्वीकार किया कि वह महिला मरीजों को दवा के बहाने बेहोश कर देता था। उसके बाद वह उनसे रेप किया जाता था। इतना ही नहीं रेप के दौरान मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो भी बनाया जाता था और महिला मरीजों को अश्लील वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल भी करते थे। ब्लैकमेल कर उनके साथ दोबारा रेप किया जाता था।
ऐसे हुआ खुलासा-यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब आरोपी डॉक्टर के कंपाउंडर ने अपने एक दोस्त को रेप का वीडियो भेजा। फिर यह वीडियो वायरल हो गया और रेप की शिकार महिला की पहचान उजागर होने के बाद पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के बाद से ही आरोपी डाक्टर फरार हो गया था।पुलिस ने बताया कि कंपाउंडर के मोबाइल की तलाशी ली गई तो उसमें डॉक्टर द्वारा महिला मरीजों से रेप के 46 वीडियो मिले। वहीं पुलिस को दिए बयान में कंपाउंडर ने खुद बताया कि उसने खुद डॉक्टर द्वाराअलग-अलग महिला मरीजों से रेप के 135 वीडियो अपने मोबाइल से बनाए हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। पहली बार इसे 21 जून 2015 में मनाया गया था। जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।
21 जून को ही क्यों?;-21 जून को ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बनाए जाने के पीछे वजह है कि इस दिन ग्रीष्म संक्रांति होती है। इस दिन सूर्य धरती की दृष्टि से उत्तर से दक्षिण की ओर चलना शुरू करता है। यानी सूर्य जो अब तक उत्तरी गोलार्ध के सामने था, अब दक्षिणी गोलार्ध की तरफ बढऩा शुरु हो जाता है। योग के नजरिए से यह समय संक्रमण काल होता है, यानी रूपांतरण के लिए बेहतर समय होता है। ग्रीष्म संक्रांति का दिन पूरे वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है।
बने थे दो गिनीज रिकॉर्ड्स:-भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गणमान्य लोगों सहित करीब 36000 लोगों ने 21 जून 2015 को नई दिल्ली में पहले अंतर्राष्ट्रीय दिवस के लिए 35 मिनट तक 21 योग आसन का प्रदर्शन किया।राजपथ पर हुए समारोह ने दो गिनीज रिकॉर्ड्स बनाए जिसमें सबसे बड़ी योग क्लास यानी 35,985 लोगों के साथ योग और चौरासी देशों के लोगों द्वारा इस आयोजन में एक साथ भाग लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इस रिकॉर्ड को आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने स्वयं ग्रहण किया था।

एलजी ऑफिस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने पूछा है, सीएम केजरीवाल को किसने उपराज्यपाल के कार्यालय में धरना देने की अनुमति दी? क्या एलजी ऑफिस में बैठने के लिए एलजी की इजाजत ले ली गई है। वहीं, बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने भी याचिका दायर कर दिल्ली हाईकोर्ट से गुजारिश की है कि केजरीवाल को हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया जाए।केजरीवाल और उनके सहयोगियों के एलजी हाउस में चल रहे धरने के ख़िलाफ़ एक जनहित याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने आज सुनवाई की। जनहित याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री और मंत्री हड़ताल नहीं कर सकते क्योंकि वो संवैधानिक पदों पर होते हैं। इसलिए हड़ताल को असंवैधानिक और ग़ैरक़ानूनी क़रार दिया जाए। याचिका में ये भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री को ज़िम्मेदारी निभाने का आदेश दिया जाए क्योंकि हड़ताल की वजह से दिल्ली का सारा कामकाज ठप हो गया है। वहीं हाइकोर्ट में एक और याचिका दायर कर मांग की गई है कि वो दिल्ली सरकार के आईएएस अफ़सरों की हड़ताल ख़त्म करने का आदेश दे।
मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत में सुधार:-पिछले छह दिनों से दिल्ली के उप राज्यपाल के राजनिवास में अनशन पर बैठे मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत अब ठीक है। रविवार रात उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे डॉक्टर्स के ऑबजर्वेशन में हैं।दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि अब सत्येंद्र जैन की तबीयत ठीक है। उन्‍होंने कहा कि बीती रात सत्येंद्र जैन का कीटोन लेवल बढ़ गया और उन्हें सिर दर्द, बदन दर्द, सांस लेने में दिक़्क़त और पेशाब में दिक़्क़त होने लगी। इसलिए, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी हालत ठीक है। आज मनीष सिसोदिया के अनशन का छठा दिन है। वो ठीक हैं।
नकवी का तंज-करने में जीरो, धरने में हीरो:-आप के धरने पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तंज कसा है। उन्होंने कहा, 'करने में जीरो, धरने में हीरो, करना कुछ नहीं धरना सब कुछ', यह उनकी मानसिकता है। ये दिल्ली के लोगों का विश्वास तोड़ रहे हैं। बता दें कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पिछले सोमवार से अपनी मांगो को लेकर एलजी अनिल बैजल के कार्यालय पर धरना दे रहे हैं।आप ने इस मामले में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग को लेकर रविवार को एक विशाल विरोध रैली आयोजित की।

 

Page 1 of 2785

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें