नई दिल्ली : अच्छे दिन लाने के वादे के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार के लिए देश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले पैट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतें सिरदर्द साबित हो सकती हैं। मोदी सरकार के 4 वर्ष के कार्यकाल में डीजल की कीमत 20 प्रतिशत की छलांग लगा चुकी हैं, वहीं पैट्रोल के दाम में भी 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़ौतरी हो चुकी है।मोदी की अगुवाई में सरकार 26 मई 2014 को सत्तारुढ़ हुई थी। उसके सत्ता में आने के बाद पहले पैट्रोल पर से प्रशासनिक मूल्य प्रणाली हटाया गया। कुछ समय बाद तेल विपणन कंपनियों को डीजल के दाम भी अंतर्राष्ट्रीय मूल्य के आधार पर तय करने की छूट दे दी गई। पिछले साल 16 जून से दोनों ईंधन के दाम विश्व बाजार की कीमतों के अनुसार दैनिक आधार पर तय किए जाने लगे। तेल कंपनियां वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों के अनुरुप रोजाना पैट्रोल और डीजल के दामों में संशोधन करती हैं।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें