नई दिल्ली। आइपीएल की जान सुरेश रैना लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने फिर से प्लेऑफ में क्वालीफाई कर लिया है। सीएसके को इस बार उम्रदराज टीम कहा जा रहा था, लेकिन रैना ने उसे ऐसा मानने से इन्कार किया। अभिषेक त्रिपाठी ने सुरेश रैना से विशेष बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश-
सवाल- आइपीएल से पहले महेंद्र सिंह धौनी के फिनिशर के तौर पर बने रहने पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन इस सत्र में उनका नया रूप देखने को मिला। क्या कारण हैं?
जवाब- वह हमारे कप्तान हैं और बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। हमारी टीम क्वालीफाई भी कर चुकी है। सीएसके के ओपनर अच्छी शुरुआत दे रहे हैं और माही को भी 10-11 ओवर बल्लेबाजी करने को मिल रही है। वह अपने करियर में काफी कुछ हासिल कर चुके हैं, इसलिए उन पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है। वह बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहे हैं। जब हम कैंप कर रहे थे तो दो-तीन घंटे एक साथ बल्लेबाजी की। वह अधिकतर समय गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा रहे थे। वह पहले भी ऐसा करते आए हैं। उन्होंने बहुत अच्छी तैयारी की है। अगले साल होने वाले विश्व कप को देखते हुए भी यह बहुत अच्छा है। वह काफी फिट दिख रहे हैं।
सवाल- आइपीएल को युवाओं का खेल कहते हैं। सीएसके को उम्रदराज टीम कहा जा रहा था, लेकिन आप लोगों ने तो सबकी बोलती बंद कर दी।
जवाब- मुझे लगता है कि 30 के बाद तो यह सर्वश्रेष्ठ टाइम है क्रिकेट खेलने का (हंसते हुए)। पहले भी कहा जा रहा था कि सीएसके उम्रदराज टीम है, लेकिन आपको अनुभव की जरूरत होती है। कोई टीम मालिक आपको पैसा इसलिए नहीं देता है कि आप युवा हो, उसे अनुभव और प्रदर्शन चाहिए। इसीलिए एक साल किसी खिलाड़ी को 10 करोड़ मिलते हैं तो बाद में वह दो पर आ जाता है। अगर आपको कोई जिम्मेदारी मिलती है और आपको डिलीवर भी करना होता है। इस टीम में विश्व कप विजेता टॉप क्रिकेटर हैं, चाहे वह भज्जी भाई हों, माही या मैं। जडेजा और रायुडू ने भी काफी अच्छा किया है। मुझे लगता है कि ओवरऑल अनुभव की जरूरत होती है क्योंकि आप उन परिस्थितियों में रह चुके होते हैं। जो दो मैच बचे हैं, उनमें भी हम शानदार प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद प्लेऑफ में बढ़िया करेंगे।
सवाल- धौनी और विराट की कप्तानी में काफी तुलना होती है। आप इसे कैसे देखते हैं?
जवाब- दोनों के साथ मैंने काफी क्रिकेट खेली है। दोनों अच्छे क्रिकेटर और कप्तान हैं। यह उसी तरह है कि अमिताभ अच्छे हैं या धर्मेद्र? दोनों लीजेंड हैं। दोनों के बीच में तुलना नहीं की जा सकती।
सवाल- क्या सीएसके की जर्सी पहनकर आप दोनों को कुछ हो जाता है?
जवाब- ऐसा नहीं है, हम दो साल बाद इस टीम में लौटे और फिर जीते। सीएसके में माहौल ऐसा बनता है कि आप उसकी चिंता करने लगते हैं। जो भी इस टीम के साथ खेला है, वह अच्छा करता है। इसमें वही पुराने लोग हैं, वही कोच हैं। हसी को भी कोचिंग स्टाफ में जोड़ा गया है। उनके आने से फायदा हुआ है। बल्लेबाजों का माइंड सेट अच्छा है। उन्हें पता है कि कैसे शॉट खेलना है। हसी बल्लेबाजों को तकनीक के बारे में बताते हैं। वह लक्ष्य का पीछा करने वाले विश्व स्तरीय बल्लेबाज रहे हैं। मुझे लगता है ओवरऑल हमारा कंफर्टेबल लेवल काफी अच्छा है। हम बैठकों में विश्वास नहीं रखते।
सवाल- अगले साल होने वाले विश्व कप को देखते हुए आइपीएल कैसा रहा?
जवाब- आपने देखा होगा भारत के सारे शीर्ष प्लेयर यहां अच्छा कर रहे हैं। सब लय में हैं। हर खिलाड़ी के दिमाग में यह होना जरूरी है। अगर यह लय एक साल तक बनी रहती है तो टीम इंडिया के लिए यह बहुत अच्छा होगा।
सवाल- उप्र रणजी टीम के भी आप कप्तान रहे हैं। इस आइपीएल में वहां से बहुत क्रिकेटर आए हैं?
जवाब- शिवम मावी, रिंकू सिंह, अक्षदीप नाथ, कुलदीप यादव शानदार कर रहे हैं। इन सबका भविष्य अच्छा है। उत्तर प्रदेश से काफी स्विंग गेंदबाज निकलकर आ रहे हैं। हाल ही में धौनी भाई उत्तर प्रदेश गए तो उन्होंने भी कहा था कि यहां से काफी स्विंग गेंदबाज निकल रहे हैं।

 

 

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