दिल्ली - इंडियन क्रिकेट टीम के विकेट कीपर महेंद्र सिंह धौनी को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। और इंडिया को ऐसा ही एक और प्लेयर फिर से मिलने जा रहा है। जी हां, धौनी के होमटाउन रांची से पंकज यादव ने अंडर-19 में जगह बनाई है। खास बात यह है कि राइटहैंड स्पिन गेंदबाज पंकज के पिता दूध बेचने का काम करते हैं। ये भारतीय टीम अगले साल न्यूजीलैंड में होने वाले अंडर-19 में हिस्सा लेगी। बता दें कि टूर्नामेंट अगले साल 13 जनवरी से 3 फरवरी तक चलेगा। इस मुकाबले में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं और सभी देशों ने विश्व के लिए अपनी टीमों की घोषणा कर दी है।
हालांकि, अगर इस प्रारुप में भारत के प्रदर्शन की बात करें तो यहां टीम का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। हाल ही में संपन्न हुए अंडर-19 एशिया कप में टीम को बांग्लादेश और नेपाल से हार का सामना करना पड़ा है। इतना ही नहीं टीम प्लेऑफ में भी अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई है।
बता दें कि अंडर-19 में शामिल हुए पंकज यादव दाएं हाथ के फिरकी गेंदबाज हैं। पंकज उस समय चयकर्ताओं की नजर में आए, जब उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को पवेलियन लौटा दिया था। पंकज के पिता घर-घर जाकर दूध बेचने का काम करते हैं। इस बीच पंकज को मिली इस उपलब्धि से उनके माता-पिता दोनों ही बहुत खुश हैं। पकंज का कहना है कि उनका अगला लक्ष्य सीनियर टीम में खेलने का है। इस उपलब्धि के लिए पकंज सारा श्रेय मां और कोच युक्तिनाथ झा को देते हैं।
बता दें कि पंकज शुरुआत से ही पढ़ाई में काफी कमजोर थे। उनका पढ़ाई में दिल नहीं लगता था, इसलिए उन्होंने माता-पिता से कहा कि वे क्रिकेट खेलना चाहते हैं। इसके बाद पंकज के पिता ने उन्हें रांची के एक क्रिकेट अकादमी में एडमिशन दिलवा दिया। गरीबी के बावजूद पंकज के पिता ने उनकी ट्रेनिंग में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी। मां ने भी पंकज की ट्रेनिंग में पूरा साथ दिया। वे उन्हें साथ लेकर जाती और ट्रेनिंग खत्म होने तक वहीं रुकतीं। इसके अलावा पंकज ने भी दिल लगाकर मेहनत की और उनका सिलेक्शन 15 सदस्यों की भारतीय अंडर-19 में हो गया।

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