सुप्रीम कोर्ट ने क्लैट परीक्षा के बाद देशभर में 19 लॉ कॉलेजों के लिए चल रही काउंसिलिंग के पहले चरण में दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (एनयूएएलएस) से क्लैट परीक्षा में तकनीकी खामी का सामना करने वाले छात्रों को इसके एवज में 15 जून तक अतिरिक्त अंक देने के लिए कहा है। साथ ही शीर्ष अदालत ने एनयूएएलएस से शिकायत निवारण समिति के फॉर्मूले पर आधारित संशोधित सूची 16 जून तक जारी करने के लिए कहा।यह परीक्षा 13 मई को हई थी और इसमें तकनीकी खामियों का आरोप लगाते हुए शिकायतें की गई थीं।देश के 19 नेशनल लॉ कालेजों में कानून की पढ़ाई के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये 258 केन्द्रों पर आयोजित क्लैट 2018 की प्रवेश परीक्षा में 54450 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।11 जून को जस्टिस उदय यू ललित और दीपक गुप्ता की अवकाश कालीन पीठ ने नेशनल यूनिवर्सिटी आफ एडवान्सड लीगल स्टडीज द्वारा गठित शिकायत समाधान समिति को 15 जून तक इन शिकायतों पर गौर करने तथा परीक्षा के दौरान छात्रों ने जो समय गंवाया उसकी भरपाई के लिए सामान्यीकरण फार्मूला लागू करने का समय दिया था।समिति ने सुझाव दिया था कि तकनीकी खामियों की वजह से जिन छात्रों ने समय गंवाया है , उन्हें इस बात पर ध्यान देते हुए कि आनलाइन परीक्षा के दौरान उन्होंने कितने सही और कितने गलत जवाब दिए, क्षतिपूरक अंक दिए जा सकते हैं।

 

 

 

 

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