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फैजाबाद - अयोध्या स्थित अधिग्रहित परिसर के पास संदिग्ध हालत में मिले आठ युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया है। ये सभी युवक राजस्थान के रहने वाले हैं और एक समुदाय विशेष के हैं। पकड़े गए युवकों से पूछताछ जारी है।
शुक्रवार देर रात पकड़े गए सभी युवक सरयू पुल से होते हुए राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद के अधिग्रहित परिसर पहुंचे। युवकों को रात में लगभग तीन बजे अयोध्या के क्रॉसिंग नंबर चार पर देख करके रोका गया। सभी को हिरासत में लेकर उनके नाम-पते की तस्दीक की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक नगर अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि पकड़े गए युवक राजस्थान के नागौर जिले के हैं। उनके पास से आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले हैं। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए युवकों के अनुसार सभी धार्मिक यात्रा पर निकले हैं और बहराइच से अयोध्या पहुंचे हैं।
उन्होंने बताया कि यहां से सभी अंबेडकरनगर के दरगाह किछौछा शरीफ जाने की बात बता रहे हैं। युवकों की पहचान राजस्थान के नागौर जिले के मोहम्मद रजा, इरफान, मोहम्मद मदनी, हुसैन मोहम्मद शकील, शाकिर, मोहम्मद सईद और अब्दुल वाहिद के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि युवकों से पूछताछ जारी है। युवकों का अयोध्या पहुंचने का वास्तविक मकसद पता किया जा रहा है।


नई दिल्ली - करणी सेना के बाद डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' ने अब सेंसर बोर्ड को भी नाराज कर दिया है। दरअसल, फिल्म को लेकर चल रहे विवाद के बीच फिल्ममेकर्स ने इस मूवी को कुछ नामी चैनल्स के सीनियर एडिटर्स को दिखाया, ताकि वो फिल्म को अपनी क्लीन चिट दें और ये मूवी विवादों से बाहर आ जाए। लेकिन ये दांव उल्टा ही पड़ गया। सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने इस पर कड़ी आपत्ति जतायी है।
सेंसर से पहले मीडिया हाउस को दिखाई फिल्म...
प्रसून जोशी इस बात से नाराज है कि भंसाली ने 'पद्मावती', सेंसर बोर्ड से पहले कुछ चुनिंदा मीडिया हाउसेज को दिखायी है। प्रसून जोशी ने बयान जारी कर कहा है,"ये बेहद निराशाजनक है कि सेंसर बोर्ड को दिखाए बगैर और उसके प्रमाणित किए बिना ही 'पद्मावती' की मीडिया के लिए स्क्रीनिंग हो रही है, नेशनल चैनल्स पर उसकी समीक्षा हो रही है।" उन्होंने आगे कहा 'सेंसर बोर्ड से पहले ऐसे फिल्म दिखाना गलत' है। ऐसे में फिल्म की रिलीज डेट पर असर पड़ सकता है।
इस बात से बढ़ी नाराजगी...
बता दें कि फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल हुए पत्रकार रजत शर्मा ने अपने प्राइम टाइम शो में बताया कि वो इस फिल्म को देखने के बाद कह सकते हैं कि इसमें एक भी सीन आपत्तिजनक नहीं है। तो अरनब गोस्वामी ने भी अपने शो के दौरान कहा है कि इस फिल्म में राजपूतों के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं है जिसके लिए इतना हंगामा हो। ये तो उनके लिए (पद्मावती) सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। 'पद्मावती' देखने के बाद सोशल मीडिया पर सभी ने फिल्म को लेकर अपने विचार रखे हैं।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने संजय लीला भंसाली निर्देशित 'पद्मावती' को फिल्मकारों के पास वापस भेज दिया है क्योंकि प्रमाणन के लिए आवेदन अधूरा था। सीबीएफसी के अनुसार मुद्दा सुलझाने के बाद बोर्ड के पास फिल्म भेजे जाने पर तय मानदंडों के मुताबिक एक बार फिर इसकी समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि फिल्म को लेकर कई राजपूत समूह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सीबीएफसी में एक सूत्र ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'प्रमाणन के लिए फिल्म को पिछले सप्ताह भेजा गया था। जैसा कि आमतौर पर करते हैं, हमने दस्तावेजों की जांच की। फिल्मकारों को यह बता दिया गया है कि उनका आवेदन अधूरा है। उन्हें इसे दूर करना होगा और फिर इसे ठीक कर वापस भेजना होगा, जिसके बाद हम उसे फिर से देखेंगे।'
सूत्र ने बताया, 'कमियों को ठीक करने के बाद जब वे (फिल्मकार) हमारे पास इसे भेजेंगे तो हम एक बार इसकी जांच करेंगे और फिल्म के लिए प्रमाणन की बारी आने पर इसकी भी जांच जाएगी।'
बहरहाल किस आधार पर आवेदन में कमी निकाली गई जिसके कारण इसे संशोधन के लिए फिल्मकारों को वापस भेजा गया, इस बारे में सूत्र ने विस्तत जानकारी देने से इनकार कर दिया। फिल्म की स्क्रीनिंग की तारीख के बारे में पूछे जाने पर सूत्र ने बताया, हमारे पास एक बार फिल्म आ जाए फिर इसे देखने के बाद हम निर्णय लेंगे। कोई अपवाद ( पद्मावती मामले में) नहीं होगा।
वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के सीओओ अजित एंधेरे ने इन रिपोर्ट की पुष्टि की। उन्होंने भी यही बताया कि यह सच है। लेकिन सीबीएफसी के साथ फिल्म का कुछ मामूली तकनीकी मुद्दा है। फिल्म देखने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता।


रायपुर - नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि एक भ्रम फैलाया जा रहा है कि मोदी सरकार निजीकरण के पीछे तुली हुई है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह मान्यता गलत है कि सारी सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश है तथा उनका लक्ष्य है कि सरकार को जो काम करना है उसे बेहतर तरीके से करना चाहिए। वह लगातार समीक्षा भी करते हैं।
कुमार ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था जैसे काम सरकार को करने हैं और वह कर रही है। लेकिन यह जो एक भ्रम सा फैलाया जा रहा है कि मोदी सरकार निजीकरण के पीछे तुली हुई है। यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आप एयर इंडिया की बात करेंगे तो आप स्वयं स्वीकार करेंगे कि उसको बेहतर करने के लिए ऐसा किया जाना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि सार्वजनिक सेवाओं के लिए कभी भी इस सरकार ने निजीकरण की बात उठाई है।
राजीव कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के आदेश पर नीति आयोग ने यह तय किया है कि आयोग सारे राज्यों के साथ मिलकर काम करेगा तथा डेवलेपमेंट पार्टनर की तरह काम करेगा। हमलोग यह प्रयत्न कर रहे हैं कि हम स्वयं सभी राज्यों में जाएं और वहां के लोगों से मिलें और वहां की स्थिति के आधार पर विकास का एजेंडा बनाया जाए न कि यहां दिल्ली में बैठकर बनाया जाए। उन्होंने नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर कहा कि बस्तर अपने में विशेष क्षेत्र है। यहां जो भी विकास का काम करना है उसके लिए बहुत जल्द नीति आयोग बैठक बुलाएगा और उस पर विचार किया जाएगा।

 


श्रीनगर - जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेता मोहम्मद यासीन मलिक को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं उदारवादी हुर्रियत कांफ्रेंस(एचसी)के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को शुक्रवार देर रात नजरबंद कर दिया गया। कट्टरपंथी एचसी के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी को कोई राहत नहीं मिली है और वह पिछले कई महीनों से नजरबंद हैं। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा बलों की एक टीम ने मलिक को उनके मैसुमा स्थित आवास से सुबह गिरफ्तार किया और बाद में मलिक को श्रीनगर केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
इस बीच एचसी के प्रवक्ता ने कहा कि मीरवाइज के घर के बाहर बीती रात से काफी संख्या में सुरक्षा बल और पुलिसकर्मी तैनात है। उन्होंने कहा कि एचसी के अध्यक्ष को सूचित किया गया है कि वह कहीं नहीं जा सकते हैं क्योंकि उन्हें नजरबंद किया गया है। प्रशासन ने उन्हें नजरबंद करने के कारणों का खुलासा नहीं किया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि शुक्रवार एक आतंकवादी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए उन्हें नजरबंद किया गया है।
गौरतलब है कि आतंकवादियों के साथ इस मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी शहीद हो गया और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गया था। मुठभेड़ के दौरान एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार भी किया गया।


नई दिल्ली - श्री श्री रविशंकर राम मंदिर निर्माण की मुहिम छेड़े हुए हैं। बीते दिनों उन्होंने अयोध्या दौरा किया और संतों से मिले। यही नहीं उन्होंने मुस्लिम पक्षकारों से भी इस मुद्दे पर बातचीत की। उन्होंने शुक्रवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत पर कहा कि राम मंदिर मुद्दा सुलझता सा नजर आ रहा है और हम हर संभव प्रयास करेंगे। इस बीच उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करने का मन बनाया है। आज वे नागपुर जाएंगे और भागवत से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। दरअसल, वे यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
बीते दिनों इस्लामिक सेंटर पहुंचकर भी उन्होंने यही कहा था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा, हम मुसलमानों के मंदिर मस्जिद निर्माण के विरोध में नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हम अदालत के आदेश को मानते हैं मगर अदालत दिलों को नहीं जोड़ सकती। आज ही नहीं पचास साल बाद, सौ साल बाद भी अदालत के फैसले अदालत के फैसले ही रहेंगे। मगर हम लोग दिल से जो फैसले लेते हैं उसकी मान्यता सदियों तक रहती है। बातचीत के जरिए भी समस्या का हल निकाल सकते हैं।
श्रीश्री ने ये बातें शुक्रवार को लखनऊ में ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेण्टर आफ इण्डिया के परिसर में मीडिया से बातचीत में कही। राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद को बातचीत से हल करने के बाबत विभिन्न पक्षों से हुई मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि सारे विकल्प खुले हुए हैं, सभी संभावनाएं बरकरार हैं। हम कोई एक निश्चित एजेण्डा लेकर नहीं चल रहे हैं। हम एक रास्ता खोज रहे हैं।
कोई जल्दबाजी मत करिए : उन्होंने मीडिया से कहा कि आप लोग समय दीजिए, कोई जल्दबाजी मत करिए। हम लोग सब मिलकर सभी लोगों से बातें करेंगे। सिर्फ दो या दस लोगों से बात करने से मसला हल नहीं होने वाला, काफी लोग हैं। मजहबी रहनुमा भी हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि देश के लिए हम बहुत बड़ा फैसला करवाएंगे। श्रीश्री रविशंकर सुबह 10 बजे ऐशबाग ईदगाह पहुंचे। वहां गुलदस्ता भेंट कर इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगीमहली ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों धर्मगुरुओं की बंद कमरे में करीब आधे घंटे बातचीत हुई।
मसले बातचीत से हल हों तो बेहतर : मौलाना फरंगी महली ने कहा कि हमने श्रीश्री रविशंकर का स्वागत इमाम-ए-शहर और इमाम-ए-ईदगाह की हैसियत से किया है। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु एक-दूसरे से मिलते हैं, आपस में बैठते हैं तो दूरियां खत्म होती हैं। अयोध्या के विवादित स्थल की जमीन मुसलमान स्वेच्छा से हिन्दुओं को राम मंदिर बनाने के लिए सौंप दें और अयोध्या में ही कहीं किसी और स्थान पर मस्जिद बनाने के लिए राजी हो जाएं, इस बाबत पूछे जाने पर मौलाना फरंगी महली ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि मुल्क के जो हालात हैं उसे देखते हुए यह जरूरी है कि हिन्दू व मुसलमान अपने मसले आपस में बैठकर बातचीत से हल करें तो ही बेहतर रहेगा।


चेन्नई - आयकर विभाग ने एआइएडीएमके की नेता वीके शशिकला और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर फिर से छापेमारी की है। आयकर विभाग छापेमारी से पहले एहतियातन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, क्योंकि ऐसी आंशका थी कि छापेमारी के दौरान शशिकला के समर्थक विरोध कर सकते हैं। आयकर विभाग ने कड़ी सुरक्षा के बीच चेन्‍नई के पोस गार्डन में छापेमारी शुरू की। इससे पहले शुक्रवार को तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के आवास पोएस गार्डन के एक हिस्से पर छापा मारा।
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक दफ्तर और दो कमरों की तलाशी ली गई। इनमें से एक कमरे का इस्तेमाल अन्नाद्रमुक की बर्खास्त महासचिव वीके शशिकला करती थीं।अधिकारी ने बताया कि हमने पोएस गार्डन के पूरे परिसर की तलाशी नहीं ली है। सिर्फ पूनगुंद्रन के कमरे, रिकार्ड रूम और शशिकला के कमरे पर छापेमारी की गई है। पूनगुंद्रन दिवंगत जयललिता के सहायक थे। यह छापेमारी कई शहरों में शशिकला और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ जारी तलाशी के तहत की गई है।
शशिकला के कुछ समर्थक आयकर विभाग की छापेमारी का विरोध करने के लिए पोस गार्डन के नजदीक जुटे थे। इन्‍होंने नारेबाजी भी की। लेकिन पुलिस ने स्थिति को बेकाबू नहीं होने दिया और विरोध कर रहे कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया। बता दें कि पिछले सप्ताह ही आयकर विभाग ने शशिकला के ठिकानों पर छापेमारी की थी। आईटी अधिकारियों ने देश भर में शशिकला के 187 ठिकानों पर छापेमारी की थी। शशिकला के समर्थकों ने आईटी की इस कार्रवाई को राजनीतिक षडयंत्र करार दिया था।


नई दिल्ली - दक्षिणी चीन (तिब्बत) के भारतीय सीमा से सटे हुए शियांग क्षेत्र में आज तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सवेर्क्षण विभाग (यूएसजीएस) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.3 मापी गई। यूएसजीएस की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई। भूकंप का केन्द्र दक्षिणी चीन के शियांग क्षेत्र से 1० किलोमीटर दूर जमीन की सतह से 6.2 मील की गहराई में रहा।
चीन के जिस इलाके में इस भूकंप का प्रभाव सबसे ज्यादा रहा वहां जनसंख्या काफी कम है। भूकंप का केंद्र अलोंग से 185 किलोमीटर, फासीघाट से 200 किलोमीटर, तेजू से 244 किलोमीटर और ईटानगर से 330 किलोमीटर दूर था। ये सभी अरुणाचल प्रदेश के शहरों के नाम हैं।

 


नई दिल्ली - रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद संबंधी सौदे से जुड़े आरोप बेबुनियाद हैं। विपक्ष के विरोध पर ऐसी कलह सशस्त्र बलों के लिए नुकसानदायक है। रक्षा मंत्री की टिप्पणी कांग्रेस के आरोपों के एक दिन बाद आई है, जिसमें विपक्षी पार्टी ने कहा था कि एक कारोबारी को फायदा पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूचा सौदा ही बदल दिया। रक्षा मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने दोबारा पलटवार किया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाल ने आरोप लगाया कि राफेल सौदे को लेकर निर्मला सीतारमण देश को गुमराह कर रही हैं।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है। सुरजेवाला ने कहा कि रक्षा खरीद राजनीति का विषय नहीं हो सकता और सीतारमण रक्षा मंत्रालय परिसर का इस्तेमाल राजनीतिक छींटाकशी के लिए कर रही हैं।
वहीं सीतारमण ने कहा कि सौदे को पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया गया। वायुसेना की फौरी जरूरत ही इस करार को करने की अहम वजह थी। अंतिम करार पर सितंबर 2016 में दस्तखत किए गए थे। इससे पहले भारत और फ्रांस के बीच पांच दौर की लंबी चर्चा हुई और इसे सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने भी मंजूरी दी थी। रक्षा मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार विमान खरीदने के प्रस्ताव पर 10 साल तक चुप्पी साधे बैठी रही और अब बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
इस पर सुरजेवाला ने सवाल किया कि मोदी सरकार विमान की कीमत क्यों छिपा रही है्। उन्होंने पूछा कि क्या यह सच है कि यूपीए सरकार ने 526 करोड़ रुपये प्रति विमान की कीमत पर बातचीत की थी, जबकि मोदी सरकार ने एक विमान की 15,70.80 करोड़ रुपये की कीमत तय की है।

 


नई दिल्ली - एक महिला ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह द्वारा उस पर गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ फर्जी आरोप लगाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। राम रहीम दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल जेल की सजा काट रहा है।
यह आरोप ऐसे समय लगा है जब खट्टा सिंह ने पत्रकार राम चंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्याओं में गुरमीत सिंह के खिलाफ गवाही के लिए याचिका दायर की है।
खट्टा सिंह की भतीजी होने का दावा करने वाली सुमिंदर कौर ने आरोप लगाया कि सिरसा स्थित डेरा प्रमुख के खिलाफ झूठी गवाही देने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है।
कौर ने कहा, खटटा सिंह डेरा को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे शामिल करने की कोशिश की लेकिन जब मैंने उनकी नहीं सुनी तो मुझे धमकाया गया और मुझ पर हमला हुआ। उन्होंने मुझे अगवा करने की भी कोशिश की।

 


चेन्नई - आयकर अधिकारियों ने शुक्रवार रात तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के आवास पोइस गार्डन के कार्यालय ब्लॉक पर छापेमारी की।
इनपुट मिलने के बाद, आवास पोइस गार्डन के कार्यालय ब्लॉक और अन्नाद्रमुक नेता वी के शशिकला द्वारा प्रयुक्त कमरे में छापेमारी की गई।
आयकर विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, हमने पूरे पोइस गार्डन परिसर में छापेमारी नहीं की। हमारी टीम रात नौ बजे गई और केवल पूनगुंदरन के कमरे, रिकार्ड रूम और शशिकला द्वारा प्रयुक्त अन्य कमरे में तलाशी ली गई। पूनगुंदरन पूर्व मुख्यमंत्री के सहयोगी के रूप कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि लैपटाप सहित अन्य सामान जब्त किया गया।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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