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जालंधर - पॉलीवुड और बॉलीवुड अभिनेत्री सुरवीन चावला व उसके पति अक्षय ठक्कर व भाई मनविन्द्र चावला द्वारा थाना सिटी पुलिस में 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज होने के बाद आग्रिम जमानत को लेकर वीरवार को अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश आर.के. खुल्लर की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों के खिलाफ पुलिस की अाेर से रिकॉर्ड पेश नहीं होने के बाद अदालत ने इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई तय कर दी।
गौरतलब है कि इस बहुचर्चित मामले में शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है। इस मामले में अदालत के निर्देश पर आरोपी थाना सिटी पुलिस के समक्ष जांच में सहयोग करने के लिए पेश हो चुके हैं लेकिन इस मामले से संबंधित कोई डॉक्यूमैंट्स पेश नहीं किए हैं। इस बीच आरोपियों की अाेर से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने के लिए डी.जी.पी.के समक्ष शिकायत करने पर अब इस मामले की जांच ए.डी.जी.पी.(क्राइम) को सौंप दिया गया है।

 


ब्रेडा - हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के पहले मैच में आज भारत ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-0 से बुरी तरह हरा दिया। भारत के लिए पहले गोल दूसरे क्वार्टर में रमनदीप सिंह ने किया। इसके बाद बाकी के तीनों गोल, मैच के आखिरी यानि चौथे क्वार्टर में हुए। भारत के लिए दूसरा गोल दिल्प्रीत ने 54वें मिनट में दागा। इसके बाद मनदीप सिंह ने तीसरा गोल मारकर भारत को 3-0 से आगे कर दिया और जीत पक्की कर दी। इसके बाद मैच खत्म होने से पहले ललित उपाध्याय ने चौथा गोल स्कोर करके भारत को 4-0 से हरा दिया।
एशियाई चैंपियन भारत ने 36 बार में अभी तक एक भी चैम्पियंस ट्रॉफी नहीं जीती है। भारत विश्व रैंकिंग में छठे और पाकिस्तान 13वें स्थान पर है। भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2016 में रहा जब ऑस्ट्रेलिया से शूटआउट में हारकर उसने रजत पदक जीता था। आठ बार की ओलंपिक चैम्पियन भारतीय टीम राष्ट्रमंडल खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद चौथे स्थान पर रही । इसके बाद नीदरलैंड के शोर्ड मारिन की जगह हरेंद्र सिंह को पुरूष टीम का कोच बनाया गया जबकि मारिन महिला टीम के पास लौट गए ।
चैम्पियंस ट्राफी में दुनिया की शीर्ष छह टीमें खेलती हैं। इस बार ओलंपिक चैम्पियन अर्जेंटीना, दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, मेजबान नीदरलैंड, भारत और पाकिस्तान खेल रहे हैं । भारत के आज पाकिस्तान के बाद अर्जेंटीना (24 जून), ऑस्ट्रेलिया (27जून), बेल्जियम (28 जून) और नीदरलैंड (30 जून) से मुकाबले होंगे।

 


कोलंबो - श्रीलंका के कप्तान दिनेश चांदीमल पर आइसीसी ने गेंद से छेड़छाड़ के बाद एक टेस्ट मैच का बैन लगाया है। इसी वजह से वो अब वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे। चांदीमल के न खेल पाने की स्थिति में अब श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) ने सुरंगा लकमल को एक मैच के लिए कप्तान बनाने का फैसला किया है।
एसएलसी ने एक अपने ट्विटर अकाउंट से इस बात की जानकारी दी कि तीसरे टेस्ट मैच के लिए श्रीलंका की कमान सुरंगा लकमल संभालेंगे।
एसएलसी के पास रंगना हेराथ को भी कप्तानी सौंपने का विकल्प था, लेकिन बाएं हाथ का ये स्पिन गेंदबाज़ गुरुवार को अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे। अब वो पहले दिन रात के टेस्ट मैच में खेल भी पाएंगे इसको लेकर भी सस्पेंस बरकरार है।
रंगना हेराथ दूसरे टेस्ट मैच में भी नहीं खेल पाए थे, क्योंकि श्रीलंकाई टीम मैनेजमेंट ने उस मुकाबले के लिए तीन गेंदबाज़ों के साथ-साथ अकिला धनंजय का चयन किया था।


नई दिल्ली - मुख्य कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि आप यो-यो टेस्ट पास कीजिए और भारत के लिए खेलें। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यो-यो टेस्ट बरकरार रहेगा और भारतीय कप्तान कोहली ने भी कहा कि इसे भावुक होने के बजाय ‘कड़े फैसले’ के रूप में देखा जाना चाहिए, जिससे टीम को फायदा ही मिलेगा। हाल में आइपीएल के शीर्ष स्कोरर में शामिल अंबाती रायुडू 16.1 अंक जुटाने में असफल रहे थे, जबकि उन्होंने आइपीएल में 600 से ज्यादा रन जुटाए थे।
इससे पहले चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष संदीप पाटिल ने इस नीतिगत फैसले पर खुले आम सवाल उठाए थे। जब शास्त्री से टीम की ब्रिटेन दौरे के लिए रवानगी से पहले मीडिया से मुखातिब सत्र में पूछा गया कि तो वह अपने जवाब में बिल्कुल स्पष्ट थे। शास्त्री ने चिर परिचित अंदाज में कहा, ‘आप के अंदर कुछ निश्चित काबिलियत है, लेकिन अगर आप फिट हैं तो आप इसमें निखार ला सकते हैं इसलिए हम यो-यो टेस्ट पर जोर देते हैं। अगर किसी को लगता है कि यह बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है तो यह उनकी भूल है। वह जा सकते हैं।’
साथ ही कोहली ने भी उदाहरण दिया कि यो-यो टेस्ट जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज के दमखम और सहनशक्ति को दर्शाने का सबूत है। कोहली ने कहा, ‘लोग शायद एक छोटी सी चीज नहीं देख पाते जो एक विशेष टेस्ट मैच के दौरान हुई थी, लेकिन मुझे लगता है कि इससे काफी अंतर पैदा होता है। बुमराह अंतिम टेस्ट के दौरान अपने आखिरी स्पैल में 144 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे और यहीं फिटनेस की असली परीक्षा होती है।’


डुनेडिन - न्यूजीलैंड के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन मैक्कलम ने भारत में साल 2016 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आयोजन के दौरान पॉजिटिव ड्रग टेस्ट की अफवाह को सिरे से खारिज कर दिया है। वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिक इन्फो' की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान मैक्कलम को अस्थमा की समस्या है। दिल्ली में प्रदूषण अधिक होने के कारण उन्हें अपनी दवा की सामान्य खुराक से अधिक का सेवन करना पड़ा।
दवा की सामान्य खुराक से अधिक सेवन करने के कारण उनके मूत्र नमूने में 'सॉलबुटामोल' की मात्रा अधिक पाई गई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इन परिणामों के साथ मैक्कलम से संपर्क किया। इसके बाद, मैक्कलम ने इस मामले को बंद करने और अपना नाम साफ करने के लिए स्वीडन में स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञों के एक पैनल से एक चिकित्सीय उपयोग छूट हासिल की।
वेबसाइट 'स्टफ डॉट को डॉट एनजेड' को दिए बयान में मैक्कलम ने कहा, “उन्हें हर प्रकार की सचूना और जानकारी देने के लिए एक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। हम इन सब चीजों से गुजरे और सब साफ होने से खुश हैं।” मैक्कलम ने कहा, “मैं इसे एक असफल ड्रग टेस्ट के रूप में नहीं देख रहा हूं। बात यह है कि हमें किसी भी चीज की पुष्टि नहीं करनी है।”

 


नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने अपनी विशेष आमसभा (एसजीएम) में आखिरकार भारतीय क्रिकेटरों के केंद्रीय अनुबंध को मंजूरी दे दी, जिससे ब्रिटेन के लंबे दौरे से पहले अनिश्चितता का दौर भी खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति ने सात मार्च को खिलाडिय़ों के संशोधित अनुबंधों की घोषणा की थी, लेकिन बोर्ड के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने यह कहकर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया था कि इसे एसजीएम की मंजूरी की जरूरत है।
एसजीएम में 28 राज्य संघों के प्रतिनिधि मौजूद थे जिसमें अनुबंधों को मंजूरी दे दी गई। चौधरी ने कहा, 'आशंकाओं के बावजूद बीसीसीआइ की एसजीएम हुई। आमसभा ने सर्वसम्मति से सभी प्रस्ताव पारित कर दिए। अब यह तय हो गया है कि खिलाडिय़ों को ब्रिटेन दौरे से पहले भुगतान हो जाएगा। संशोधित अनुबंधों के तहत ए-प्लस श्रेणी के क्रिकेटरों को सात करोड़ रुपये, ए, बी और सी श्रेणी में क्रमश: पांच करोड़, तीन करोड़ और एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आमसभा ने घरेलू क्रिकेटरों और महिला क्रिकेटरों के वेतन में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। आगामी घरेलू सत्र में पूर्वोत्तर राज्यों और बिहार की टीमों को प्लेट वर्ग में उतारने का फैसला किया गया है। उत्तराखंड की टीम को भी रणजी ट्रॉफी खेलने के लिए सीओए से मंजूरी मिल गई थी, लेकिन आमसभा ने उसे हरी झंडी नहीं दी। भारतीय टीम को आयरलैंड में दो मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी है। इसके बाद टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी-20, वनडे और फिर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।
चौधरी ने जौहरी पर लगाया आरोप
बीसीसीआइ के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने 2021 में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी को विश्व टी-20 में बदले जाने के आइसीसी के फैसले पर आपत्ति व्यक्त नहीं करने के लिए शुक्रवार को सीईओ राहुल जौहरी को दोषी ठहराया है।
बीसीसीआइ की विशेष आम सभा (एसजीएम) के बाद चौधरी ने कहा, 'लोग कह रहे हैं कि आइसीसी बोर्ड की बैठक में जब चैंपियंस ट्रॉफी को विश्व टी-20 में बदलने का फैसला किया जा रहा था तब मैंने आपत्ति क्यों व्यक्त नहीं की, लेकिन मैं आपको बता दूं कि इस संबंध में फैसला मुख्य कार्यकारियों की बैठक में किया गया। उन्होंने जौहरी का नाम लिए बिना कहा, 'अब मुख्य कार्यकारियों की बैठक में एक अन्य भारतीय बोर्ड का प्रतिनिधित्व कर रहा था। दरअसल बीसीसीआइ के सीईओ राहुल जौहरी सीधे सीओए को रिपोर्ट करते हैं और आइसीसी बैठकों में बीसीसीआइ को पेश करते हैं।
हालांकि, अब इसकी संभावना ज्यादा है कि भारत डबलिन में आइसीसी वार्षिक सम्मेलन में सदस्य भागीदारी समझौता (एमपीए) पर हस्ताक्षर नहीं करे। इससे पहले सीओए ने चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी करके उनसे पूछा था कि समिति को चैपियंस ट्रॉफी का प्रारूप बदलने की बात को लेकर अंधेरे में क्यों रखा गया। यह फैसला आइसीसी की कोलकाता में त्रैमासिक बैठक में किया गया था।
चौधरी से पूछा गया कि क्या बीसीसीआइ एमपीए पर हस्ताक्षर करेगा, तो उन्होंने कहा, 'हमने एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बारे में फैसला नहीं किया। हम इस पर चर्चा करेंगें। इस बीच पता चला है कि आम सभा नीरज कुमार को भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) का प्रमुख बनाए रखना चाहती है क्योंकि अजित सिंह की नियुक्ति को इस इकाई ने मंजूरी नहीं दी है। यह भी पता चला है कि आम सभा ने उत्तराखंड के रणजी ट्रॉफी में प्रवेश को लेकर आपत्ति जताई है।


लंदन - सहायक कोच पॉल फारब्रेस आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 27 जून को होने वाले एक मात्र टी-20 मैच और भारत के खिलाफ तीन से आठ जुलाई तक होने वाली तीन टी-20 मैचों की सीरीज में इंग्लैंड टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाएंगे। मुख्य कोच ट्रेवर बेलिस इस दौरान इंंग्लैंड लायंस, काउंटी चैम्पियनशिप और 30 जून को होने वाले वनडे कप फाइनल पर नजरें रखेंगे।
इसके बाद भारत के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए वो एक बार फिर टीम के साथ जुड़ जाएंगे। फरवरी में बेलिस ने कहा था कि अंतररार्ष्ट्रीय टीमों को सिर्फ टी-20 विश्व कप से पहले ही खेल के सबसे छोटे प्रारुप में कदम रखना चाहिए और घरेलू तथा फ्रेंचाइजियों को ही इस प्रारुप को खेलना चाहिए। बेलिस 2019 में टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ देंगे। उनके बाद फारब्रेस इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

 


नई दिल्ली - हाल ही में वनडे में लगे रनों के अंबार से चिंतित क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने इस प्रारूप में दो नई गेंदों के इस्तेमाल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह तबाही का सबब बन सकता है। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी सचिन का समर्थन किया है।
मालूम हो कि इंग्लैंड ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में सर्वोच्च स्कोर बनाया था। तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा, 'वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल नाकामी को न्योता देने जैसा है। गेंद को उतना समय ही नहीं मिलता कि रिवर्स स्विंग मिल सके। हमने डेथ ओवरों में लंबे समय से रिवर्स स्विंग नहीं देखी। वहीं, विराट ने माना कि इससे क्रिकेट गेंदबाजों के लिए 'क्रूर' हो गया है, खासकर सपाट पिचों पर।
सचिन ने कहा कि , 'मैंने तब वनडे क्रिकेट खेला, जब केवल एक नई गेंद की इजाजत थी। तब रिवर्स स्विंग आधी पारी के बाद एक बड़ा फैक्टर होती थी, जो एक बल्लेबाज के तौर पर मेरे लिए चुनौतीपूर्ण होती थी। इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में छह विकेट पर 481 रन बनाए, जबकि अगले वनडे में 312 रन का लक्ष्य 45 ओवरों में हासिल कर लिया था।
रिवर्स स्विंग के महारथी पाकिस्तान के वकार युनूस ने भी तेंदुलकर का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'यही वजह है कि अब आक्रामक तेज गेंदबाज नहीं निकलते। सभी रक्षात्मक खेलते हैं। मैं सचिन से पूरी तरह सहमत हूं कि रिवर्स स्विंग खत्म ही हो गई है। आइसीसी ने अक्टूबर 2011 में वनडे में दो नई गेंदों का प्रयोग शुरू किया था।


नई दिल्ली - निजी क्षेत्र के आइसीआइसीआइ बैंक ने कहा है कि उसे अज्ञात शिकायतकर्ता से 31 लोन खातों के बारे में शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों की जांच कराकर अंतरिम रिपोर्ट नियामक को सौंप दी गई है। बैंक का कहना है कि संबंधित लोन खातों को पहले ही एनपीए की श्रेणी में डाल दिया गया है और आवश्यक प्रावधान भी किया जा चुका है। इन सभी लोन खातों में 31 मार्च 2018 तक बकाया कर्ज 6082 करोड़ रुपये का था।
बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी है कि ऑडिट कमेटी के निर्देशों के अनुसार इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए कर्ज के मामले में स्वतंत्र जांच का सामना कर रहीं आइसीआइसीआइ बैंक की सीईओ व एमडी चंदा कोचर ने जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने का फैसला किया है। बैंक ने बताया है कि इस साल मार्च में उसे इस शिकायत के बारे में जानकारी मिली थी। शिकायत में कुछ कर्जदारों के खातों में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया गया था। गड़बड़ी के कारण इन लोन खातों का गलत वर्गीकरण हो गया। शिकायत में 31 लोन खातों का हवाला दिया गया था।
बैंक ने कहा है कि उसने शिकायत को व्हिसिल ब्लोअर की शिकायत मानकर बैंक की पॉलिसी के अनुसार जांच की। इस जांच की निगरानी निदेशकों की ऑडिट कमेटी ने की थी। आंतरिक ऑडिट टीम के अलावा कोई भी वरिष्ठ अधिकारी जांच में शामिल नहीं था। वैधानिक ऑडिटर को समय-समय पर इसकी जानकारी दी गई और उनसे मिले सुझावों को जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया। 31 मार्च 2018 को वर्ष समाप्ति पर खातों को अंतिम रूप देने से पहले ऑडिट कमेटी और वैधानिक ऑडिटरों द्वारा अंतरिम जांच रिपोर्ट की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैंक के अनुसार जांच की अंतरिम रिपोर्ट के निष्कर्ष से वित्त वर्ष 2017-18 के वित्तीय विवरण पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा। अंतरिम रिपोर्ट नियामक को सौंप दी गई है। इन लोन खातों की बकाया राशि को फंसे कर्ज यानी एनपीए की श्रेणी में डाल दिया गया और नियमों के अनुसार प्रावधान भी कर दिया गया। ये लोन खाते वित्त वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच एनपीए की श्रेणी में डाले जा चुके हैं। इनमें से दो खाते दिसंबर 2017 तक एनपीए में डाले गए। इस तरह बैंक को इसकी शिकायत मिलने से पहले ही ये कर्ज एनपीए में डाले जा चुके हैं।
इन सभी लोन खातों में 31 मार्च 2018 तक बकाया कर्ज 6082 करोड़ रुपये का था जो कुल कर्जो का एक फीसद था। इनके लिए 50 फीसद प्रावधान किया गया है। जांच की प्रक्रिया में ब्याज आय और एनपीए रिकवरी की गलत एकाउंटिंग के बारे में आरोप सही नहीं पाए गए। बैंक ने कहा कि 2016-17 के लिए आरबीआइ की वार्षिक निगरानी प्रक्रिया में बैंक ने लोन के वर्गीकरण और एनपीए के प्रावधान में कोई बदलाव की जरूरत महसूस नहीं की।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और डॉ जगन्नाथ मिश्र की औपबंधिक जमानत की अवधि तीन जुलाई तक बढ़ा दी गई है। जमानत की अवधि बढ़ाते हुए कोर्ट ने 29 जून तक मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। दोनों बीमार हैं और दोनों का ईलाज चल रहा है। शुक्रवार को दोनों की ओर से जमानत की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया गया था।राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की औपबंधिक जमानत की अवधि 29 जून को समाप्त हो रही थी। उनकी तरफ से अवधि बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा गया है कि उनका प्लेटलेट कम हो गया है। शुगर बढ़ा हुआ है। ब्लड प्रेशर भी है। मुंबई के एक निजी अस्पताल में ईलाज चल रहा है।डॉक्टरों के अनुसार अभी स्थिति ठीक नहीं है और लंबे इलाज की जरूरत है। इस कारण उनकी जमानत की अवधि बढ़ाई जाए। इस आग्रह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीएन पटेल की अदालत ने स्वीकार करते हुए तीन जुलाई तक अवधि बढ़ा दी और 29 जून को सुनवाई निर्धारित की।

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