सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे विशेष सीबीआई न्यायाधीश बी एच लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब दायर करने को कहा है।सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बी एच लोया की मौत की स्वतंत्र जांच कराने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई की।सुनवाई के दौरान बंबई लॉयर्स असोसिएशन ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया हुआ है और उच्चतम न्यायालय को इन याचिकाओं की सुनवाई नहीं करनी चाहिए।उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह मामले को देखेगा लेकिन बंबई के वकीलों की संस्था की आपत्तियों पर भी विचार करेगा।शीर्ष अदालत ने कहा कि वह दिवगंत जज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखनी चाहती है। शीर्ष अदालत ने याचिका की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार से पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपने को कहा। न्यायालय ने कहा कि यह गम्भीर मामला है और इसकी सुनवाई बिना दूसरे पक्ष को सुने नहीं की जा सकती।इससे पहले गुरुवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एक दिसंबर 2014 को लोया की मौत की जांच पर तत्काल सुनवाई की मांग वाली याचिका पर विचार किया। यह याचिका महाराष्ट्र के पत्रकार बी आर लोन ने यह याचिका दायर की है।जजों ने कहा कि संवेदनशील सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे लोया की रहस्यमयी मौत की निष्पक्ष जांच कराने की जरुरत है। इस मामले में विभिन्न पुलिस अधिकारियों और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी सामने आया था। लोया की एक दिसंबर 2014 को नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से उस समय मौत हो गई थी जब वह अपनी एक सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे। यह मामला तब सामने आया जब उनकी बहन के हवाले से मीडिया की खबरों में उनकी मौत और सोहराबुद्दीन से उसके जुड़े होने की परिस्थितियों पर संदेह जताया गया।गुजरात में सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके सहयोगी तुलसीदास प्रजापति के नवंबर 2005 में हुई कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में पुलिसकर्मी समेत कुल 23 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। बाद में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया और मुकदमे को मुंबई स्थानांतरित किया गया। बॉम्बे लॉयर्स असोसिएशन ने आठ जनवरी को बंबई हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर न्यायाधीशों की मौत की जांच कराने की मांग की गई।

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