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भोपाल - मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मानहानि के मामले में प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा को जिला अदालत दोषी करार दिया है। यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश काशीनाथ सिंह की अदालत में चल रहा था। मिश्रा को दो वर्ष की सजा और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। केके मिश्रा को इस मामले 50 हजार रुपए के बांड पर जमानत मिल गई है।
मुख्यमंत्री की मानहानि के इस मामले में सरकार की ओर से अधिवक्ता आनंद तिवारी ने 2014 में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने इसमें छह महीने में सुनवाई पूरी करने के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि केके मिश्रा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह पर व्यापमं घोटाले में शामिल होने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद शिवराज सिंह ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला लगाया था।


पुंछ - पुंछ और जम्मू जिलों में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा किये संर्षविराम उल्लंन के कारण सेना का एक जवान घयल हो गया। पाकिस्तानी गोलीबारी का भारतीय जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। एक अधिकारी ने आज बताया कि पाकिस्तान की सेना ने आज लगातार तीसरे दिन संर्षविराम का उल्लंन किया।
छोटे हथियारों की मदद से फायरिंग
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज बताया कि नियंत्रण रेखा पर पुंछ सेक्टर में सुबह पौने आठ बजे पाकिस्तानी सेना ने छोटे, स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की और मोटार्र दागे। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने मुंहतोड़ और प्रभावी जवाब दिया। गोलीबारी अभी भी जारी है। अधिकारी ने बताया कि संर्षविराम उल्लंन के एक अन्य मामले में पाकिस्तानी सेनाओं ने शुक्रवार रात अखनूर सेक्ट के खोउर बेल्ट में नियंत्रण रेखा से सटी अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी की जिसका भारतीय जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
एक जवान मामूली रूप से घायल
उन्होंने बताया कि गोलीबारी में एक भारतीय जवान मामली रूप से घायल हो गया। बुधवार को पाकिस्तानी जवानों ने पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर संर्षविराम का उल्लंन किया था। सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो नवंबर को एक पाकिस्तानी रेजर्स ने एक गश्ती दल पर हमला किया जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था। पुंछ जिले के करमारा बेल्ट में नियंत्रण रेखा पर 31 अक्तूबर को पाकिस्तानी जवानों द्वारा छोटे हथियारों से की गयी गोलीबारी में एक लड़की घयल हो गई थी। जिले में 18 अक्टूबर को पाकिस्तान की ओर से की गयी भारी गोलाबारी में दो वषीर्य एक बच्चे सहित आठ नागरिक घायल हो गये थे।


नई दिल्ली - एनजीटी ने प्रदूषण में आई कमी को देखते हुए शुक्रवार को दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्यों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया। साथ ही एनजीटी ने दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर लगा बैन भी हटा लिया। हालांकि, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को जारी रखने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में हवा की खराब गुणवत्ता को सुधाने के लिए इंडस्ट्रीज और फसलों की ढूंढ जलाने पर लगे प्रतिबंध को एनजीटी ने जारी रखने का फैसला किया है।
एनजीटी ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को जरूरी स्थानों पर पानी का छिड़काव जारी रखने का निर्देश दिया है और एक हफ्ते के अंदर प्रदूषण की स्थिति को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। इससे पहले एनजीटी ने दिल्ली सरकार द्वारा ट्रकों की एंट्री पर लगाए गए बैन को हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही पार्किंग फीस में हुई बढ़ोत्तरी को भी वापस लेने का आदेश दिया था।


मेरठ - फिल्म पद्मावती का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। मेरठ में फिल्म रिलीज होने पर सिनेमाहॉल में आग लगाने के ऐलान के बाद अब फिल्म निर्देशक और अभिनेत्री की गर्दन काटने पर पांच करोड़ के इनाम की घोषणा ने सनसनी मचा दी है। इस ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय युवा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर अभिषेक सिंह सोम ने ऐलान किया है कि फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की गर्दन काटने वाले को पांच करोड़ का इनाम देंगे। गौरतलब है कि फिल्म में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण पद्मावती का किरदार निभा रही हैं।
सोम का कहना है कि पद्मावती के किरदार को इस फिल्म में गलत ढंग से दर्शाया गया है। इससे पूरा क्षत्रिय समाज आहत है। उन्होंने कहाकि इतने धरना-प्रर्दशन और विरोध के बाद भी फिल्म रिलीज करने की तैयारी चल रही है। इस लिए अब क्षत्रिय आरपार की लड़ाई को तैयार हैं। उन्होंने कहाकि दीपिका और संजय लीला भंसाली देश छोड़ दें नहीं तो मरेंगे। उन्होंने चुनौती देते हुए कहाकि दोनों को अब कोई पुलिस या सुरक्ष बचा नहीं पाएगी। पुलिस -प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
विवाद के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने भंसाली की सिक्युरिटी कवर बढ़ा दी है। पहले भंसाली के घर और जुहू स्थित आफिस के बाहर पुलिस का पहरा था। अब भंसाली के साथ दो गनमैन 24 घंटे के लिए तैनात किए गए हैं। ये सुरक्षा भंसाली को तब तक दी जाएगी, जब तक उन पर खतरा है. इसके साथ ही भंसाली के घर और उनके आफिस के बाहर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।


नई दिल्ली - फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां ले दो दिन की भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान उनकी भारत के कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाक़ात की योजना है।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ज्यां ले ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह, केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से भी मुलाक़ात किया। इसके बाद वे कल यानि शनिवार को जयपुर के लिए रवाना होंगे। कल ही फ्रांसीसी विदेश मंत्री भारतीय केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिलेंगे।

 


नई दिल्‍ली - ननकाना साहिब सिखों के लिए बेहद पवित्र स्‍थान है। पवित्र इसलिए क्‍योंकि यह स्‍थान सिखों के पहले गुरू नानक देव जी की जनमस्‍थली है। लेकिन अब इसी जन्‍मस्‍थली से पाकिस्‍तान अपने ना-पाक और खतरनाक इरादों को साकार करने में लगा है। दरअसल, ननकाना साहिब में पिछले दिनों खालिस्‍तान के पोस्‍टर लगे दिखाई दिए हैं। इन पोस्‍टरों में भिंडरावाला को दिखाया गया था और इसमें लिखा था ‘सिख रेफ्रेंडम 2020’। यह मामला श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व से जुड़ा है, जिसमें भारत से भी सिखों के कई जत्‍थे गए थे। मामला भले ही कुछ समय पहले का हो लेकिन पाकिस्‍तान का यह मंसूबा भारत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कश्मीर के बाद अब पाकिस्तान की निगाहें पंजाब में अस्थिरता लाने और माहौल अशांत करने पर टिकी हैं।
1984 में स्‍वर्ण मंदिर मारा गया था भिंडरावाला
गौरतलब है कि भिंडरावाला को भारतीय फौज ने ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार में उसके कई साथियों के साथ जून 1984 को स्‍वर्ण मंदिर में मार गिराया था। भिंडरावाला पंजाब में चरमपंथ की अगुआई और इसकी शुरुआत करने वालों में से था। पाकिस्‍तान अपने नए मंसूबे के तहत पंजाब को भारत से अलग करने की साजिश रच रहा है। इसके तहत ही ननकाना साहिब में इस तरह के पोस्‍टर लगाए गए थे। इस दौरान ननकाना साहिब गए श्रद्धालुओं ने भी इस बात की तसदीक की कि वहां पर भिंडरावाला के पोस्‍टर लगाए गए थे। लेकिन साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि इसको लेकर कोई अनाउंसमेंट या भाषणबाजी वहां पर नहीं हो रही थी। इन श्रद्धालुओं ने यह भी माना कि वहां पर खालिस्‍तान समर्थकों के कुछ स्‍टॉल भी मौजूद थे।
भिंडरावाला को था पाक का समर्थन
यहां पर यह बात ध्‍यान में रखनी बेहद जरूरी है कि खालिस्तान समर्थक भिंडरावाला को भी उस वक्‍त पाकिस्‍तान की तरफ से खुला समर्थन मिल रहा था। अब यही सिलसिला पाकिस्‍तान दोबारा शुरू करने की खतरनाक साजिश रच रहा है। कश्‍मीर के बाद पाकिस्‍तान की नजर अब पंजाब पर लगी है और वह यहां की शांति को बर्बाद करने की साजिश रचने में लगा है। वहीं दूसरी ओर वह अपने यहां पर हो रहे ब‍लूचिस्‍तान फ्री मूवमेंट से नजरें चुरा रहा है।
खत्‍म हो चुकी मुहिम को भड़काने में लगा पाक
रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा भी मानते हैं कि पाकिस्‍तान की नजर कश्‍मीर के बाद पंजाब पर टिकी हुई है। वह लगातार खालिस्‍तान की खत्‍म हो चुकी मुहिम को भड़काने में लगा हुआ है। लेकिन पंजाब के लोग अब इस ओर ध्‍यान नहीं देते हैं। उन्‍हें इससे कोई लेना देना नहीं है। इसकी वजह यह है कि खालिस्‍तान की वजह से पूर्व में पाकिस्‍तान को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। अब इसके लिए वह दोबारा तैयार नहीं है, लेकिन पाकिस्‍तान इसको भड़काने में लगा है। पाकिस्‍तान की पूरी कोशिश है कि कश्‍मीर में माहौल खराब करने के साथ पंजाब में हिसां भड़काई जा सके। उनके मुताबिक पाकिस्‍तान समेत दुनिया के कुछ देशों में खालिस्‍तान के कुछ गिने-चुने समर्थक बचे हुए हैं। यह लोग लगातार फंडिंग करते हैं और पाकिस्‍तान से भी इन्‍हें मदद दी जाती है।
बलूचिस्‍तान के विरोध को कुचल रहा है पाक
बलूचिस्‍तान के सवाल पर आगा का कहना था कि वहां पर पाकिस्‍तान की पूरी कोशिश इसको कुचलने की रहती है। लिहाजा इसके लिए वह वहां पर हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। उन्‍होंने यह भी कहा कि बलूचिस्‍तान में पाकिस्‍तान को लेकर जबरदस्‍त विरोध है। इसके अलावा सिंध, खैबर पख्‍तनूख्‍वां में भी सरकार को लेकर जबरदस्‍त विरोध है। आलम यह है कि मौजूदा समय में नवाज शरीफ को भी वहां पर पसंद नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि वह सेना के पर कतरने के समर्थक रहे हैं। पाकिस्‍तान की मौजूदा स्थिति लगातार खराब हो रही है। उन्‍होंने सीधेतौर पर कहा कि इस पूरे क्षेत्र में पाकिस्‍तान की स्थिति उत्तर कोरिया की तरह ही हो रही है। यूं भी उत्तर कोरिया और पाकिस्‍तान में काफी कुछ समानताएं भी हैं। वह मानते हैं कि पंजाब को लेकर पाकिस्‍तान के ना-पाक इरादे के बाबत भारत को सतर्क रहने की जरूरत है।


नई दिल्ली - राजधानी में प्रदूषण पर लगाम लगाने और यूपी, पंजाब, हरियाणा के किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने उनसे पराली खरीदने का फैसला किया है। केंद्र सरकार इस पराली का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए करेगी।
धान की फसल कटने के बाद खेतों में बचे अवशेष (पराली) के निस्तारण की समस्या का समाधान करते हुए सरकार ने इसे बड़ा बाजार मुहैया कराने की दिशा में कदम उठाया है। अब थर्मल पावर स्टेशनों में ईंधन के तौर पर कोयले के साथ 10 फीसदी पराली जलाई जाएगी। सरकारी कंपनी एनटीपीसी जल्द ही पराली खरीद के लिए टेंडर जारी करेगी। बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा कि थर्मल पावर स्टेशनों में ईंधन के तौर पर पराली के इस्तेमाल से जहां प्रदूषण की समस्या कम होगी, वहीं किसानों को भी फायदा मिलेगा। एनटीपीसी 5500 रुपये प्रति टन के हिसाब से पराली के टुकड़े खरीदने के लिए टेंडर जारी करेगी। फैसले के साथ ही सरकार सभी थर्मल पावर स्टेशनों में पराली इस्तेमाल को अनिवार्य करने जा रही है।
मशीन के लिए कर्ज मिलेगा
पराली के टुकड़े तैयार करने वाली मशीन के लिए भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड ऋण मुहैया कराएगी। आरके सिंह ने कहा कि एक एकड़ में करीब दो टन पराली होती है। ऐसे में किसानों को 11 हजार रुपये प्रति एकड़ का फायदा होगा। पराली का बाजार तैयार कर सीधे तौर पर या किसी सेवा प्रदाता के साथ समझौता कर बोली लगा सकते हैं।
यूनिट क्षमता पर असर नहीं
बिजली मंत्री ने कहा कि ईंधन में 10 फीसदी पराली इस्तेमाल करने से यूनिट की दक्षता पर कोई असर नहीं पड़ता है। साथ ही इससे बिजली की कीमत पर भी प्रभाव नहीं होगा। देश के सभी थर्मल पावर स्टेशनों में इसे अनिवार्य बनाने को लेकर राज्यों से बातचीत जारी है।
प्रदूषण का बड़ा कारण पराली
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है। इस प्रदूषण का एक बड़ा कारण पंजाब, हरियाणा और यूपी में किसानों द्वारा पराली जलाना भी है। जानकार मानते हैं कि किसानों के पास विकल्प नहीं होने से वे खेतों को खाली करने के लिए पराली जलाते हैं, ताकि अगली फसल की बुआई कर सकें।
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बिजली क्षमता
3.3 लाख मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता है देश में
1.94 लाख मेगावॉट बिजली (59 फीसदी) का उत्पादन कोयले से होता है
18 फीसदी बिजली अक्षय ऊर्जा, 13 फीसदी पानी, 8 फीसदी गैस और दो फीसदी परमाणु ऊर्जा से पैदा होती है


कानपुर - राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद झंडा ऊंचा रहे हमारा गीत के रचयिता श्यामलाल गुप्त पार्षद के गांव नर्वल को जल्द ही सौगात दे सकते हैं। 11 या 12 दिसंबर को महामहिम का यहां आना प्रस्तावित है। कोविंद यहां पुस्तकालय, स्मृति द्वार और सड़क का शिलान्यास करेंगे। प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
श्यामलाल गुप्त पार्षद की स्मृति में नर्वल में गेट, भव्य पुस्तकालय और सरसौल से नर्वल तक सात मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा रही है। पहले यहां डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को आना था लेकिन वह आ नहीं सके। अभी तक नर्वल में श्याम लाल गुप्त पार्षद की प्रतिमा बनकर खड़ी है। उनका अनावरण नहीं हुआ है। डीएम सुरेंद्र सिंह के मुताबिक राष्ट्रपति आ सकते हैं लेकिन अभी तक लिखित जानकारी नहीं है। सरसौल से लेकर नर्वल तक सात मीटर चौड़ी सड़क बनेगी। पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अभी तक राष्ट्रपति का अधिकृत शेड्यूल नहीं आया है।
आरईएस की टीम ने देखी स्थिति
कोविंद के कार्यक्रम को देखते हुए आरईएस की टीम ने नर्वल जाकर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने नापजोख करके पूरी हकीकत परखी। एसडीएम नर्वल राहुल कश्यप ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

 


दिल्ली - दिल्ली और एनसीआर में अब स्मॉग छटनें लगा है लेकिन इस हफ्ते राजधानी और आसपास घना कोहरा छाने की संभावना है। दिल्ली की हवा में अब प्रदूषण का स्तर सुधरने लगा है। दिल्ली और पूरे उत्तर भारत में चल रही हवाओं की वजह से ठंड भी बढ़ रही है और तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। दोपहर में हवाओं की स्पीड करीब 10 से 15 किलोमीटर रह रही है जिसकी वजह से दोपहर के तापमान में भी कमी हो रही है।
अगले 48 घंटे में बढ़ेगी ठंड
इन हवाओं की वजह से ही स्मॉग कम हुआ है। ये हवाएं हरियाणा और पंजाब की ओर से आ रही हैं जहां पर लगातार पराली जलाई जा रही है। अगले 24 घंटों के अंदर उत्तर पश्चिम राजस्थान की ओर से ठंडी हवाएं चलेंगी और इनकी वजह से उमस में कमी आएगी। इसके साथ ही इस पूरे क्षेत्र का तापमान भी गिरेगा। अगले तीन-चार दिनों तक हवाओं की वजह से प्रदूषण में कमी बरकरार रहेगी। अगले 48 घंटों में तापमान 2-3 डिग्री गिरावट आ सकती है और इसकी वजह से रात में ठंड और बढ़ेगी। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली का न्यूनतम तापमान 13 और अधिकतम तापमान 21 डिग्री रहेगा।


नई दिल्ली - यूपी के खतौली में इसी साल 19 अगस्त को हुए उत्कल एक्प्रेस दुर्घटना में रेलवे ने अपने आदेशों में संशोधन किया है। बता दें कि दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने 12 ट्रैकमैनों को हटाने के आदेश दिये थे। अब रेलवे प्रशासन ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए 12 ट्रैकमैन में से 11 को सेवा से निलंबित कर दिया गया है वहीं 1 को हटा दिया है। रेलवे कमिश्नर ने खतौली रेल दुर्घटना की रिपोर्ट सौंपी है जिसमें प्रदीप कुमार को घटना का जिम्मेदार पाया गया है।
रेलवे के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि 11 ट्रैकमैन जिन्हें रेलवे सुरक्षा परिषद के द्वारा जिम्मेदार नहीं पाया गया है उन्हें अभी तक सेवा से निलंबित किया गया है, और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है। अधिकारी ने बताया, इनमें से अभी तक किसी को भी वापस काम पर नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहली बात उन्हें बिना किसी प्रक्रिया के हटाया जाना गलत है। हम लंबे समय से आदेश के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
उत्तरी रेलवे के शिव गोपाल मिश्रा ने बताया, इन ट्रैकमैनों के खिलाफ जांच के लिए आरोप पत्र दाखिल किये जायेंगे। गौरतलब है कि, उत्कल एक्सप्रेस की दुर्घटना में 20 से अधिक की मौत हुई थी और 154 घायल हुए थे। इनमें से कई रेलवे के भी सदस्य थे जो अपनी काम पर वापस लौट चुके हैं। रेलवे सुरक्षा परिषद के कमिश्नर ने इस रेल दुर्घटना को मानव त्रुटि बताया है।

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