Editor

Editor


गुरुग्राम - संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत की रिलीज तिथि को लेकर श्री राजपूत करणी सेना ने हुंकार भरी है। सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि 25 जनवरी तो आएगी, लेकिन फिल्म पद्मावत नहीं आएगी। उन्होंने राजपूत समाज के साथ सभी 36 बिरादरी का आह्वान करते हुए इस फिल्म के खिलाफ जनता कर्फ्यू की अपील की।
कालवी सोमवार को दिल्ली रोड स्थित राजपूत महासभा परिसर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भंसाली ने उन्हें फिल्म रिलीज से पहले देखने का ऑफर दिया है। हालांकि इसमें उसने न तो कोई समय बताई है और न ही जगह। बावजूद इसके उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा निर्धारित नौ सदस्यों में से बाकी बचे छह सदस्यों की मौजूदगी में देखना चाहते हैं। भंसाली ने पिछले दिनों तीन सदस्यों को यह फिल्म दिखाई थी और तीनों सदस्यों ने इसके पूर्णत: प्रतिबंध की मांग की है। उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक के बयान पर टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन साफ तौर पर कहा कि गुरुग्राम क्या, हरियाणा में यह फिल्म नहीं आ रही है।
एक दिन पहले ही पुलिस महानिदेशक बीएस सिंधु ने कहा था कि फिल्म के रिलीज के वक्ता सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होंगे। इस मौके पर श्रीराजपूत करणी सेना की स्थानीय कार्यकारणी से कुशलपाल राघव, अरुण चौहान समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
कहा- लाल कपड़ा मत दिखाओ
कालवी ने कहा कि खानवा के युद्ध के बाद पहली बार राजपूत समाज अपनी आन के लिए एकजुट है। यह सभी लोग इस फिल्म के खिलाफ भड़के हुए सांढ बन गए हैं। ऐसे में चाहे वह भंसाली हो या सरकार, कोई उन्हें लाल कपड़ा न दिखाए। उन्होंने कहा कि वह अहिंसा के पुजारी हैं। इसीलिए सभी सिनेमा हाल संचालकों से निवेदन कर रहे हैं कि वह फिल्म को चलाकर उनके सब्र की परीक्षा न लें। यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे।
अदालत नहीं जाएंगे
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भंसाली की याचिका पर तो 18 घंटे के अंदर फैसला दे दिया, लेकिन इस फैसले के तीन घंटे बाद दाखिल छह अन्य याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हुई। जबकि इसमें एक याचिका राना रतन सिंह के वंशज की भी है। यही देखकर उन्होंने तय किया है कि अदालत में उनकी याचिका का भी यही हस्र होना है, इसलिए वह अदालत नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जोधा अकबर के पक्ष में भी सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिए थे, लेकिन आज तक वह फिल्म राजस्थान में नहीं चली है। लीला फिल्म भी गुजरात में नहीं चली। इस फिल्म का हस्र इनसे भी बदतर होगा।
15 राज्यों की सरकार उनके विचारों से सहमत
कालपी ने कहा कि भंसाली ने फिल्म की रिलीज तिथि जानबूझ कर 25 जनवरी निर्धारित की है। ऐसा इसलिए किया गया है कि गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर सरकार उनकी फिल्म का प्रदर्शन कराएगी।
लेकिन 15 राज्यों की सरकार ने उनके विचारों पर सहमति जताते हुए साफ कर दिया है कि वह रिलीज तिथि पर सुरक्षा नहीं मुहैया करा सकते।
सभी मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे
सेना संस्थापक ने कह कि वह पवित्र यात्रा पर निकल चुके हैं। अगले दो दिनों में वह सभी राज्यों के मुख्मंत्रियों एवं समाज के लोगों से मिलेंगे। उनका यही प्रयास होगा कि यह फिल्म कम से कम भारत में तो रिलीज नहीं हो।


नई दिल्ली - केरल के तिरूवनंतपुरम में कल से पहला अंतरराष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन शुरू होगा। सरकार ने आज एक बयान में यह जानकारी दी है। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल इसकी अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन में बड़े बांधों को लेकर सुरक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बयान में केंद्रीय जल आयोग (बांध सुरक्षा) के निदेशक प्रमोद नारायण के हवाले से कहा गया है कि सम्मेलन में अमेरिका, स्विट्जरलैंड, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया समेत 20 से ज्यादा देशों के 550 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बयान के मुताबिक, बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) के तहत बनाए गए सात बांध सुरक्षा मैनुअलों को भी सम्मेलन के दौरान कार्यान्वयन के लिए जारी किया जायेगा।

 


नयी दिल्ली - राजस्थान और मध्यप्रदेश ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर आज उससे अनुरोध किया है कि विवादित फिल्म पद्मावत की रिलीज से जुड़े अपने 18 जनवरी के फैसले को वह वापस ले ले। आपको बता दें कि कोर्ट के 18 जनवरी के फैसले के आधार पर 25 जनवरी को पूरे देश में फिल्म प्रदर्शित करने की अनुमति मिल गयी है।
चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चन्द्रचूड़़ ने फिल्म के प्रदर्शन से जुड़े कोर्ट के आदेश में संशोधन की मांग करने वाली दोनों राज्यों की अंतरिम अर्जी पर सुनवायी के लिए कल यानी 23 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
राज्यों ने दावा किया है कि सिनेमैटोग्राफ कानून की धारा छह उन्हें कानून-व्यवस्था के संभावित उल्लंघन के आधार पर किसी भी विववादित फिल्म के प्रदर्शन को रोकने का अधिकार देता है। फिल्म के निर्माता वायकॉम18 की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरिश साल्वे ने ऐसे मामले में अंतरिम अर्जी पर त्वरित सुनवायी का विरोध किया। हालांकि कोर्ट ने मामले की सुनवायी कल करने को मंजूरी दे दी है।
कोर्ट ने अपने 18 जनवरी के आदेश के जरिए पूरे देश में 25 जनवरी को फिल्म रिलीज करने का रास्ता साफ कर दिया था। अपने आदेश में उसने गुजरात और राजस्थान में फिल्म के प्रदर्शन पर लगी रोक को स्थगित कर दिया था। इस संबंध में हालांकि हरियाणा और मध्यप्रदेश ने कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की है, लेकिन उन्होंने कहा है कि राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होगा।


जयपुर - राजस्थान के नागौर जिले में रविवार को एक पुलिसकर्मी ने अपने ही विभाग के कर्मचारी की प्रताड़ना से परेशान होकर परिवार के साथ फांसी का फंदा लगाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरपालिया थाना क्षेत्र के बागरासर गांव में सुबह पुलिसकर्मी 38 वर्षीय गैनाराम, उसकी 33 वर्षीय पत्नी संतोष, पुत्री सुमित्रा और पुत्र गणपत के शव फांसी के फंदों पर लटके हुए मिले। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई। पुलिस को मौके पर मृतक गैनाराम के हाथ से लिखा पांच पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें नागौर एसपी ऑफिस में तैनात एएसआई राधाकिशन माली पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या के लिए मजबूर होने की बात लिखी गई है। रविवार को पुलिसकर्मी गेनाराम ने परिवार के साथ आत्महत्या करने से पहले तड़के चार बजे सोशल मीडिया पर हाथ से लिखा सुसाइड नोट डाला है, जिसमें उसके साथ परिवार के अन्य सदस्यों के भी हस्ताक्षर हैं।
गेनाराम ने सुसाइड नोट में बताया कि मार्च 2012 में वह पुलिस लाइन स्थित आवास में रहता था। उस समय एएसआई राधाकिशन माली उसका पड़ोसी था तथा दोनों परिवारों में अच्छे संबंध थे। सुसाइड नोट में यह भी बताया है कि मार्च 2012 को राधाकिशन परिवार सहित बाहर गया हुआ था और वापस लौटा तो घर का ताला खुला हुआ था और घर में चोरी की वारदात हो गई। राधाकिशन ने चोरी का आरोप गेनाराम परिवार वालों पर लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद कई बार एफआर लगाई, लेकिन राधाकिशन ने हर बार फाइल फिर खुलवा दी। इस दौरान गेनाराम का जगह-जगह तबादला हुआ और काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना की जानकारी विभिन्न चैनलों पर आने के बाद जयपुर मुख्यालय से एसपी से जवाब मांगा गया है। पुलिस महानिदेशक ने पूरी घटना की रिपोर्ट तत्काल मांगी है।


जम्मू - पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू और राजौरी जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारी गोलाबारी की, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई है। भारतीय बलों ने भी जवाबी गोलीबारी की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पड़ोसी देश के सैनिकों ने लगातार चौथे दिन रविवार को संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जम्मू जिले में आज रात अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंचक-परगवाल सेक्टर में एक मकान पर गोले गिरने से दो भाई घायल हो गए। उनमें से एक व्यक्ति जिसका नाम गोपाल है, उसकी बाद में एक अस्पताल में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इलाके में भारी गोलाबारी हो रही है।
पुलिस ने दी जानकारी
इस बीच, पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल हुए सेना के एक जवान की बीती रात मौत हो गई, जिससे सीमा पर गुरुवार से मारे जाने वालों की संख्या बढ़ कर 12 हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया, '' पाकिस्तान रेंजर्स ने रविवार रात जम्मू के कंचक सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फिर से गोलाबारी आरंभ कर दी। राजौरी के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ने रजौरी जिले के भवानी, कराली, सैद, नुंब और शेर मकरी इलाकों में रविवार शाम भारी गोलाबारी की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अखनूर में नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की। भारतीय जवान जवाबी गोलीबारी कर रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में एक अग्रिम चौकी पर तैनात सिपाही सीके रॉय कल पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल हो गए और बीती रात एक सैन्य अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
गुरुवार को हुई थी एक बच्ची की मौत
पाकिस्तानी गोलीबारी में गुरुवार को बीएसएफ का एक जवान और एक किशोरी मारी गई थी, जबकि शुक्रवार को चार लोग- दो नागरिक और बीएसएफ का एक जवान एवं थल सेना का एक जवान शहीद हो गए गए तथा 40 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में बीएसएफ के दो कर्मी भी शामिल हैं। पाकिस्तान की तरफ से शनिवार को किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन में तीन नागरिक और सेना का एक जवान मारे गए, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। बीएसएफ और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा बीती रात जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की कोई रिपोर्ट नहीं है।
बीच-बीच में जारी रही गोलीबारी
बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया कि सांबा और कठुआ जिलों में दोपहर में सीमापार से गोलीबारी बंद हो गई लेकिन जम्मू जिले के कुछ इलाकों में यह बीच-बीच में जारी रही। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अधिकारी हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं लोगों को फौरन सहायता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की टीमें मौके पर भेजी गईं। उन्होंने बताया कि लोगों से अपने घरों के अंदर ही रहने को कहा गया है। उन्हें किसी संदिग्ध वस्तु को नहीं छूने को कहा गया है। गोलीबारी के चलते हजारों लोगों को अपना घर बार छोड़ कर पलायन करने और राहत शिविरों या अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।


नई दिल्ली - आप बोतलबंद पानी को स्वच्छ और सेहत के लिए फायदेमंद समझकर खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! बाजार में बिकने वाला हर बोतलबंद पानी या 'मिनरल वाटर' सौ फीसदी स्वच्छ नहीं है। पिछले एक साल में बोतलबंद पानी के एक तिहाई से अधिक नमूने तय मानक पर फेल हो गए। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 के दौरान देश भर में बोतलबंद पानी के 743 नमूनों में से 224 स्वच्छ पानी के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस पर उपभोक्ता मंत्रालय ने राज्यों की मदद से 48 आपराधिक समेत कुल 131 मामले दर्ज कराए। कई कंपनियों पर सात लाख रुपये से अधिक जुर्माना भी वसूल किया गया।
लागू कराने का जिम्मा राज्यों के पास
उपभोक्ता मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और उसके तहत नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। ऐसे मामलों में राज्य और केंद्र शासित क्षेत्रों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को यह परामर्श जारी करता है कि, वह शिकायतों की जांच कर कार्रवाई करे।
जांच का जिम्मा
बोतलबंद पानी बेचने वाली कंपनियों के उत्पाद भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के अनिवार्य प्रमाणन के तहत भी आते हैं। ऐसे में बीआईएस भी पानी की जांच करता रहता है।
दस कंपनियों पर कार्रवाई
उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2017-18 के दौरान बीआईएस ने पानी बेचने वाली 25 कंपनियों पर छापा मारकर नमूना जमा किए। इनमें बड़ी संख्या में नमूने फेल हो गए। अदालत ने अभी तक 11 मामलों में फैसला दिया है। इनमें से दस में पानी पैक करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की गई है।
40 से आधिक मानक तय
भारतीय मानक ब्यूरो ने पीने योग्य स्वच्छ पानी के लिए करीब चालीस मानत तय किए हैं। कई बोतलंबद पानी में क्लोरीन और बीमारियों को न्योता देने वाली ब्रोमेट की मात्रा अधिक पाई गई। कई में अधिक पीएच और खनिज पाए गए। इनसे शरीर में कई तरह की परेशानियां पैदा होती है।
उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार निम्नलिखित वर्ष में लिए गए बोतलबंद पानी के नमूनों में से इतने नमूने फेल हुए।
वर्ष               नमूने लिए     नमूने फेल
2016-17            743           224
2015-16            745           345
2014-15            806           226
फेल हुए नमूनों पर साल दर साल निम्नलिखित मुकदमे दायर किए गए, जिसमें से इतनी कंपनियां दोषसिद्ध हुई।
वर्ष              मुकदमे         दोषसिद्ध
2016-17         131              33
2015-16         176              39
2014-15         130               --


इस्‍लामाबाद - पाकिस्‍तान एक बार फिर मुंबई हमले के मास्‍टरमाइंड हाफिज सईद को बचाने में जुट गया है। पाकिस्‍तान ने कहा है कि वह जांच के लिए आ रही संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की टीम को हाफिज सर्इद और उसके संगठनों की सीधे तौर पर जांच करने की इजाजत नहीं देगा। आपको बता दें कि हाफिज सईद और उसके संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बढ़े वैश्विक दबाव के बीच प्रतिबंधों का मुआयना करने के लिए यूएनएससी की एक टीम इस हफ्ते पाकिस्‍तान दौरे पर आ रही है। इस दौरे का मकसद इस बात का पता लगाना है कि पाकिस्‍तान वैश्विक स्‍तर पर लगाए प्रतिबंधों का कितना अनुपालन कर रहा है।
पाक अखबार 'द नेशन' ने यूएनएससी टीम की जांच के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें पाक सरकार के सूत्रों के हवाले से कई अहम जानकारियां दी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, यूएनएससी की सेंक्‍शंस मॉनिटरिंग टीम को हाफिज सईद या जमात-उद-दावा के अलावा इससे जुड़े बाकी संगठनों तक सीधी पहुंच नहीं बनाने दी जाएगी।
वहीं एक और रिपोर्ट में कहा गया है कि पाक सरकार ने तय किया है कि हाफिज सईद के मामले में वो दबाव में नहीं आएगी। रिपोर्ट में पाक सरकार के एक बड़े अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यूएनएससी की टीम ने फिलहाल हमसे हाफिज सईद तक सीधी पहुंच की मंजूरी नहीं मांगी है, मगर वो इसकी इजाजत मांगते भी हैं तो उन्हें ये नहीं दी जाएगी। हम उनसे बातचीत कर रहे हैं।
एक और अधिकारी ने कहा कि ये टीम पाक अधिकारियों से मिलेगी और प्रतिबंधित संगठनों की सूची मांगेगी। हमने यूएन के आदेश का पालन किया है। इसलिए इस मामले में परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।
आपको बता दें कि यूएनएससी की टीम दो दिवसीय दौरे के तहत पाकिस्‍तान यात्रा पर होगी, जिसकी शुरुआत गुरुवार से होगी। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्‍ठ पाक अधिकारी ने बताया कि यूएनएसी 1267 सेंक्‍शंस कमिटी की मॉनिट‍िरिंग टीम 25 और 26 जनवरी को यहां होंगी। टीम का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका और भारत द्वारा हाफिज सईद व उसके संगठनों पर प्रतिबंध लागू करने को लेकर पाकिस्‍तान पर दबाव बनाया जा रहा है।
हाल ही में हाफिज सईद को लेकर दिए गए पाक पीएम शाहिद खकान अब्‍बासी के बयान पर अमेरिका की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। अमेरिका ने पाकिस्तान से दो टूक कहा था कि हाफिज सईद एक आतंकी है, जो मुंबई में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी है। इसलिए पाकिस्तान उस पर कानून की अंतिम सीमा तक केस चलाए। आपको बता दें कि पिछले दिनों पाक पीएम ने हाफिज सईद को 'साहेब' कहते हुए कहा था कि उसके खिलाफ पाकिस्‍तान कोई केस दर्ज नहीं है। इसलिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद को नजरबंद किए जाने के बाद नवंबर में रिहा कर दिया गया था। अमेरिका ने जमात-उत-दावा को आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है, जो कि लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहा है। अमेरिका ने जमात-उद-दावा को 1987 में सईद द्वारा स्थापित लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी मोर्चा कहा था। 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों को अंजाम देने में लश्कर ही जिम्मेदार था, जिसमें 166 लोगों की जान गई थी।


दावोस - पिछले साल देश के कुल धन में 73 फीसदी का योगदान भारत की एक फीसद अमीरों की आबादी का था। आय में असमानता की यह चिंताजनक तस्वीर आज जारी किए गए एक सर्वे में सामने आई है। बाकि देश की लगभग आधी आबादी 67 करोड़ की जनसंख्या गरीब है। सर्वे में कहा गया है कि इनकी आय में मात्र एक फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है। दावोस में सालाना विश्‍व आर्थिक मंच की शुरुआत के पहले इंटरनेशनल राइट्स ग्रुप ऑक्सफैम आवर्स के द्वारा यह सर्वे जारी किया गया है। सम्‍मेलन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी रवाना हो चुके हैं।
WEF में होगी आय असामनता पर चर्चा
सर्वे के अनुसार, दुनियाभर में यह स्थिति काफी भयावह है। दुनियाभर में संकलित कुल आय में 82 फीसद योगदान अमीरों का है जबकि 3.7 अरब की आबादी का इसमें कोई हाथ नहीं है। वार्षिक ऑक्सफैम सर्वे की यह रिपोर्ट अभी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दावोस में शुरु होने जा रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में 'बढ़ती आय' और 'लिंग असामनता' पर चर्चा अहम माना जा रहा है। पिछले साल की रिपोर्ट में ये बात सामने आई थी कि भारत के एक फीसद अमीरों की आबादी देश की कुल धन का 58 फीसदी उत्पन्न करते हैं, जो वैश्विक स्तर पर 50 फीसदी से भी ज्यादा है। इस साल के रिपोर्ट भी ये दर्शाते हैं कि एक फीसद अमीरों की आबादी की आय पिछले साल से 20.9 लाख करोड़ से बढ़ोत्तरी हुई है।
'रिवॉर्ड वर्क नॉट वेल्थ' सर्वे ने कहा- हर 2 दिन में बन रहा एक अरबपति
'रिवॉर्ड वर्क नॉट वेल्थ' नाम से जारी सर्वे में कहा गया है कि किस तरह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमीरों का ही योगदान है, जबकि सैकड़ों मिलियन की गरीब आबादी किसी तरह बस अपना जीवन यापन कर रही है। 2017 की रिपोर्ट में ये बात सामने आई थी कि हर दो दिन में एक अरबपति बन रहा है। 2010 से ही अरबपतियों का धन 13 फीसदी की दर से बढ़ा है। अध्ययन में कहा गया है कि भारत में अमीरों की आय के जितना धन कमाने में मिडिल क्लास के लोगों को 941 साल का समय लग सकता है।
CEOs के वेतन में 60 प्रतिशत कटौती का समर्थन
दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकेनॉमिक फोरम में भाग लेने जा रहे पीएम मोदी से ऑक्सफैम इंडिया ने अपील की है कि वे भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सभी को मौका दें ना कि सिर्फ कुछ भाग्यशाली लोगों को। इस कड़ी में देश में अधिक से अधिक नौकरियां पैदा करने की बात की गई। सर्वे ने अमेरिका, ब्रिटेन और भारत जैसे देशों में सीईओ के लिए वेतन में 60 प्रतिशत कटौती का भी समर्थन किया है। भारत के बारे में यह कहा गया है कि पिछले साल 17 नए अरबपति बने जिसके साथ ही इनकी संख्या बढ़कर 101 हो गई है।
अरबपतियों की बढ़ती संख्या असफल अर्थव्यवस्था का संकेत
कहा गया है कि भारतीय अरबपतियों की संपत्ति में 20.7 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है, जो किसी भी राज्य की शिक्षा बजट का 85 प्रतिशत धन है। ऑक्सफैम इंडिया के सीईओ निशा अग्रवाल ने कहा कि यह चिंताजनक है कि भारत में आर्थिक विकास का लाभ कुछ ही लोगों के हाथों में है है। अरबपति की संख्या में बढ़ोत्तरी एक संपन्न अर्थव्यवस्था का संकेत नहीं है, बल्कि यह असफल आर्थिक व्यवस्था का एक लक्षण है। उन्होंने कहा कि बढ़ता विभाजन लोकतंत्र को कमजोर करता है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। उन्होंने यह भी बताया कि दस अरबपतियों में से 9 पुरुष है जो लैंगिक भेदभाव को भी दिखाता है। भारत में केवल चार महिला अरबपति है जिसमें से तीन को विरासत में मिली है।


इस्लामाबाद - अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी के खिलाफ पाकिस्तान की सेना और उसकी सरकार को बदनाम करने वाली किताबें एवं लेख लिखने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। 'डॉनन्यूज ने बताया कि पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कोहाट जिले के दो पुलिस थानों में तीन लोगों द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकियों में हक्कानी का नाम है।
मोमिन, मोहम्मद असगर और शमसुल हक ने कैंटोनमेंट और बिलिटांग पुलिस थानों में तीन प्राथमिकियां दर्ज कराईं। शिकायकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व राजदूत ने देश को अपूरणीय क्षति पहुंचाई और उसे बदनाम किया। असगर ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि मेमोगेट घोटाले में हक्कानी शामिल था और उसने अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत के तौर पर सेवाएं देते समय ''सीआईए और भारतीय एजेंटों को वीजा जारी किए। उन्होंने अमेरिका में वर्ष 2008 से 2011 तक राजदूत के रूप में सेवाएं दीं। मेमोगेट विवाद में कथित भूमिका के लिए उन्हें पद से हटा दिया गया था।
पुलिस ने प्राथमिकियों में पाकिस्तान दंड संहिता की धाराओं 120 बी( आपराधिक षड़यंत्र रचने) और 121 ए (पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ना) का प्रयोग किया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उचित प्रक्रिया के तहत हक्कानी को आत्मसमर्पण कर देना चाहिए अन्यथा उन्हें भगौड़ा घोषित किया जाएगा। वर्ष 1992 से 1993 तक श्रीलंका में पाकिस्तान के राजदूत के रूप में भी सेवाएं दे चुके हक्कानी की 'द वॉशिंगटन पोस्ट में छपे एक लेख के कारण संसद ने भी निंदा की थी। हक्कानी ने लिखा था कि उन्होंने अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के खात्मे में अमेरिकी बलों की मदद की जबकि सरकार और आईएसआई को इस खुफिया अभियान के बारे में अंधेरे में रखा गया था।

 


टोक्यो - उत्तर कोरिया से लगातार मिल रही परमाणु हमले की धमकी के मद्देनजर जापान की राजधानी में मंगलवार को मिसाइल हमले से बचने का अभ्यास किया गया। टोक्यो के एक एम्यूजमेंट पार्क में किए गए इस अभ्यास के दौरान द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुए परमाणु हमले की नकल करते हुए लाउडस्पीकर से चेतावनी दी गई।
पार्क के एक कर्मचारी ने लोगों को चेताया, 'हमें सूचना मिली है कि मिसाइल हमला कर दिया गया है। कृपया इमारतों या भूमिगत ठिकानों में छुप जाए।' यह घोषणा होते ही करीब 250 स्थानीय लोग और ऑफिस कर्मचारी बंकरों और करीब के भूमिगत स्टेशनों में छुप गए। कुछ देर बाद दूसरा संदेश दिया गया, 'मिसाइल निकल गई है। मिसाइल कांतो क्षेत्र के ऊपर से गुजरते हुए प्रशांत महासागर की ओर चली गई है।'
पिछले साल भी जापान के अन्य इलाकों में परमाणु हमले से बचने के लिए अभ्यास किया गया था। कुछ लोगों ने इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह युद्ध को प्रोत्साहित करने वाला अभ्यास है। वहीं, अभ्यास में हिस्सा लेने वाले एक छात्र ने कहा, 'कुछ ना करने से अच्छा है कि इस तरह का अभ्यास कराया जाए।'
उल्लेखनीय है कि पिछले साल उत्तर कोरिया ने तीन मिसाइल परीक्षण किए थे। इस दौरान उसकी मिसाइल जापान के ऊपर से होते हुए समुद्र में जाकर गिरी थी।

Page 6 of 2166

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें