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काबुल। तालिबानी आतंकियों ने उत्तरी अफगानिस्तान के आर्मी बेस पर हमला कर दिया है। आतंकियों ने आर्मी बेस के ज्यादातर हिस्से पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस हमले में 14 सैनिक भी मारे गए हैं जबकि 15 घायल हुए हैं। पिछले दो दिनों से चल रही लड़ाई में शामिल हुए 12 से ज्यादा लोगों को आतंकियों ने पकड़ लिया है। इस हमला में कुछ आतंकियों के भी मारे जाने की खबर है।प्रांतीय परिषद के प्रमुख मोहम्मद ताहिर रहमानी के मुताबिक, विद्रोहियों ने रविवार को शुरू हुए हमले में फरीयाब प्रांत के घोरमाच जिले में चेनायेहा आमी बेस पर आतंकियों ने टैंक और गोला बारूद पर कब्जा कर लिया। के आधार पर टैंक और गोला बारूद पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा 'हम आर्मी बेस के अंदर प्रवेश करने में सक्षम नहीं है। ज्यादातर हिस्से पर तालिबानियों ने कब्जा कर लिया है।'
गजनी में 100 अफगान सैनिक लापता:-गौरतलब है कि अफगानिस्तान के गजनी शहर में बीते हफ्ते हुए तालिबान के हमले के बाद से विशेष सैन्य दस्ते के करीब 100 सैनिक लापता बताए जा रहे हैं। राजधानी काबुल से महज 125 किलोमीटर दूर स्थित गजनी में चार दिनों से भीषण जंग छिड़ी है। गजनी में सुरक्षा बलों की मदद के लिए काबुल से कुछ और सैन्य टुकडि़यां भेजी गई हैं। अक्टूबर में होने वाले संसदीय चुनाव से पहले गजनी पर तालिबान का यह हमला राष्ट्रपति अशरफ गनी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

वाशिंगटन। अमेरिका में चुनाव आयोग की वेबसाइट के एक प्रतिरूप को 11 साल के बच्चे ने महज दस मिनट में हैक कर लिया। ऑस्टिन निवासी इमेट ब्रीवर ने फ्लोरिडा के चुनाव नतीजे दर्शाने वाली इस वेबसाइट को हैक कर उम्मीदवारों के नाम कार्टून कैरेक्टर से बदल दिए। यही नहीं, उसने खुद को विजेता बनाकर अरबों वोट भी दिला दिए। इमेट ने यह कारनामा पिछले हफ्ते हैकरों के एक सम्मेलन के दौरान किया। लेकिन इसकी वजह से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम पहले ही चुनाव में रूसी दखल की चेतावनी दे चुकी है।हैकरों के इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन अमेरिकी चुनाव के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जांचने के लिए किया गया था। इस दौरान छह से 17 साल के 35 बच्चों को चुनाव आयोग की छद्म वेबसाइट हैक करने के लिए चुना गया था। इनमें इमेट सबसे तेज निकला। सम्मेलन के आयोजकों का कहना है कि वेबसाइट की खामियों से संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा। वोटों की गिनती करने वाले द नेशनल एसोसिएशन ऑफ सेक्रेटरीज ऑफ स्टेट ने भी सम्मेलन की कोशिशों का स्वागत किया है। उनका हालांकि दावा है कि असली वेबसाइटों में कई अन्य सुरक्षा फीचर होंगे, लिहाजा उनका प्रतिरूप बनाना या उन्हें हैक करना बेहद मुश्किल होगा।

 

 

 

न्यूयॉर्क। अमेरिका में भारतीयों समेत 120 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए हैं। सीमा गश्ती और आव्रजन अधिकारियों ने इन लोगों को देश में अवैध रूप से प्रवेश करने और रहने के आरोपों में पकड़ा है। इनमें से 45 लोग ह्यूस्टन में पकड़े गए। जबकि 78 लोगों को टेक्सास स्थित एक जांच चौकी से हिरासत में लिया गया। ये लोग एक एसी ट्राला के जरिये अमेरिका में घुसने की फिराक में थे।अमेरिका इमिग्रेशन एंड कस्टम एंफोर्समेंट (आइसीइ) के अनुसार, ह्यूस्टन में पांच दिवसीय अभियान चलाया गया था। इस दौरान आव्रजन नियमों के उल्लंघन में 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आइसीइ ने हालांकि यह जानकारी नहीं दी है कि इस अभियान में कुल कितने भारतीय पकड़ गए? पकड़े गए लोगों में होंडूरास, अल सल्वाडोर, मेक्सिको, ग्वाटेमाला, अर्जेटीना, क्यूबा, नाइजीरिया, भारत, चिली, तुर्की के नागरिक हैं। इनमें से कुछ को अमेरिका में अवैध रूप से घुसने और स्वदेश भेजे जाने के बाद दोबारा प्रवेश करने के आरोप में आपराधिक मुकदमे का सामना करना होगा।एक अन्य घटना में अमेरिका के सीमा गश्ती अधिकारियों ने पिछले हफ्ते टेक्सास की एक जांच चौकी से 78 लोगों को पकड़ा। ये सभी एक ट्राला में छिपे थे। कई देशों के इन लोगों में भी कुछ भारतीय हैं। एक अधिकारी ने कहा, 'आपराधिक गिरोह लोगों की सुरक्षा की चिंता किए गए बगैर इस तरह के वाहनों से लोगों को अवैध रूप से अमेरिका में पहुंचाने का काम करते रहते हैं।'
पहले भी पकड़े जा चुके हैं भारतीय:-अमेरिका में अवैध रूप से दाखिल होने के प्रयास में इससे पहले भी करीब 100 भारतीयों को पकड़ा गया था। उन्हें हिरासत केंद्रों में रखा गया था। इनसे से ज्यादातर पंजाबी थे।
ट्रंप ने पलटा था विवादित आदेश:-राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले माह आव्रजन पर अपने विवादित आदेश को पलटते हुए आप्रवासी परिवारों को अलग करने की व्यवस्था को खत्म कर दिया था। अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर अवैध रूप से प्रवेश करने वाले परिवारों से उनके बच्चों को अलग करने के ट्रंप प्रशासन के कदम की व्यापक आलोचना हुई थी।

उटा। पत्‍नी को प्रताड़ित करने के जुर्म में गिरफ्तार किए जाने के कुछ ही घंटे बाद उटा निवासी शख्‍स यूड ने अपने ही घर में विमान घुसा दिया। उस वक्‍त बच्‍चे के साथ उसकी पत्‍नी घर में ही मौजूद थी। वे दोनों इस घटना में जीवित बच गए लेकिन यूड खुद मारा गया।इस प्‍लेन क्रैश के हादसे में दो मंजिले मकान के आगे का हिस्‍सा जल गया। यह हादसा सुबह के ढाई बजे पेसन नामक शहर में हुआ। पुलिस का कहना है कि यूड जिस कंपनी में काम करता था, ‘सेसना 25’ प्लेन उसी कंपनी का था। वह अनुभवी पायलट था। पुलिस ने शख्स को घरेलू हिंसा के मामले में गिरफ्तार करने के बाद जमानत दे दी थी। यूड ने अपने घर से 15 किमी दूर स्थित एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। क्रैश के बाद प्लेन के मलबे से जांच की जा रही है।फिलहाल यह पता नहीं चला है कि यूड किसके लिए काम करत था और प्‍लेन ले जाने के लिए उसके पास अधिकार था या नहीं। पत्‍नी को प्रताड़ित करने और घरेलू हिंसा की शिकायत के बाद 47 वर्षीय यूड की गिरफ्तारी रविवार रात 7.30 मिनट पर हुई।

लंदन। इंग्लैंड के कोच ट्रेवर बेलिस ने मौजूदा टेस्ट श्रृंखला में भारत की तैयारियों की आलोचना पर बचाव करते हुए कहा है कि खराब फार्म से जूझ रही मेहमान टीम इससे ज्यादा अभ्यास नहीं कर सकती थी।भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 0-2 से पीछे है। तीसरा टेस्ट शनिवार से नॉटिंघम में खेला जाएगा।आपको बता दें कि टीम इंडिया की हार के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की आलोचना करते हुए कहा था कि टीम को और अभ्यास मैच खेलने चाहिए थे। भारत ने टेस्ट सीरीज़ से पहले सिर्फ एक ही अभ्यास मैच खेला था और इसी पर जोर देते हुए गावस्कर ने कहा था कि भारतीय खिलाड़ियों ने और ज़्यादा प्रैक्टिस मैच खेलने चाहिए थे।बेलिस ने कहा, ‘आस्ट्रेलिया, भारत और इंग्लैंड जैसी टीमें काफी क्रिकेट खेलती हैं। मुझे यकीन है कि हर कोई अधिक अभ्यास मैच खेलना चाहता है लेकिन यह संभव नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों को आराम की भी जरूरत होती है। अधिकांश खिलाड़ी सारे मैच ही खेलेंगे लेकिन इसमें अधिक अभ्यास मैच डालने की गुंजाइश नहीं है।’बेलिस ने कहा, ‘हम अभ्यास मैच खेलते हैं जितने होते हैं। इसके बाद सवाल पूछे जाते हैं कि क्या तैयारी सही थी। हम और अभ्यास मैच खेलना पसंद करते लेकिन सप्ताह में दस दिन नहीं होते।’इंग्लैंड के प्रदर्शन पर कोच ने कहा कि वह अब तक खेल के हर पहलू से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘पहले टेस्ट में मुकाबला रोचक था लेकिन दूसरे में हमने दबाव बनाया और कायम रखा।’बेलिस ने क्रिस वोक्स की तारीफ की जिसने दूसरे टेस्ट में बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, ‘वोक्स की टीम में काफी इज्जत है। उसने गेंद और बल्ले से पिछले कुछ साल में काफी मेहनत की है ।वह उन खिलाड़ियों में से है जो सचमुच अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं।

 

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पोवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया है। इससे पहले वो महिला टीम के अंतरिम कोच थे। रमेश आइसीसी विश्व कप 2018 तक महिला क्रिकेट टीम के कोच का पद संभालेंगे जो नवंबर में आयोजित होगा। पोवार महिला टीम के लाथ श्रीलंका दौरे पर जाएंगे उसके बाद वो अक्टूबर में द्विपक्षीय सीरीज के लिए वेस्टइंडीज जाएंगे।बीसीसीआइन ने पोवार को महिला टीम का हेड कोच नियुक्त किया और वो 30 नवंबर 2018 तक अपने पद पर बने रहेंगे। इससे पहले रमेश पोवार को इस वर्ष जुलाई में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया था। पोवार को तुषार अरोथे की जगह टीम का अंतरिम कोच बनाया था। इस वक्त पोवार की देखरेख में महिला टीम नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) में ट्रेनिंग कर रही है। पिछले डेढ़ वर्ष में पोवार महिला टीम के तीसरे कोट नियुक्त किए गए हैं। पोवार को पास कोचिंग का अनुभव नहीं है। वो ऑस्ट्रेलिया से लेवल तीन का कोर्स करके हाल ही में वापस लौटे हैं। अब उन्हें ये जिम्मेदारी इस वजह से सौंपी गई है क्योंकि अब महिला टीम के लिए फुल टाइम कोच की नियुक्ति करने के लिए पर्याप्त वक्त नहीं है। 40 वर्ष के रमेश पोवार भारत को लिए दो टेस्ट व 31 वनडे मैच खेल चुके हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अनुभव ज्यादा नहीं है लेकिन उन्होंने 148 फर्स्ट क्लास मैच व 113 लिस्ट ए मैच खेले हैं। इसके अलावा उन्हें 28 टी 20 मैच खेलने का भी अनुभव है।

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) अपने पर्सनल फाइनेंस पोर्टफोलियो के अंतर्गत कई तरह की डिपॉजिट स्कीम चलाता है। एसबीआई की डिपॉजिट स्कीम्स में फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम से लेकर रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम (आरडी), टैक्स सेविंग स्कीम से लेकर मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट स्कीम एवं अन्य शामिल हैं।जब बात फिक्स्ड डिपॉजिट के चयन की आती है तब भी एसबीआई के पास इसके कई सारे विकल्प उपलब्ध हैं। एसबीआई का एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट भी फिक्स्ड डिपॉजिट का एक प्रकार है। इसमें यूजर्स को एक लंपसम अमाउंट जमा करना होता है और उसे ईएमआई के जरिए धनराशि मिलती रहती है। इसमें मूलधन के साथ साथ घटते मूलधन के पर ब्याज भी शामिल होता है।
जानें एसबीआई के एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट के बारे में प्रमुख बातें:
-एसबीआई के एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट के अंतर्गत जमा की जाने वाली न्यूनतम धनराशि 25,000 रुपये है। हालांकि इस स्कीम में जमा की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। वहीं -एसबीआई की एन्युटी डिपॉजिट स्कीम में नॉमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध होती है।
-एसबीआई के एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट स्कीम में निवेश की कई अवधियां शामिल होती हैं जिनमें 36 महीने, 60 महीने, 84 महीने और 120 महीने प्रमुख हैं।
-इस पर मिलने वाली ब्याज दर वही होती है जो कि टर्म या मैच्योरिटी पीरियड वाले फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट पर लागू होती है, जिसे भी जमाकर्ता चुनता है। एसबीआई ने रिटेल फिक्स्ड डिपॉजिट दरों में संशोधन किया है जो कि 30 जुलाई 2018 से प्रभावी हैं। 1 करोड़ से नीचे की एफडी पर निम्नलिखित ब्याज दर मुहैया करवाया जाता है....
-इस तरह के सावधि जमा खाते में, जमाकर्ता की मृत्यु के मामले में समयपूर्व भुगतान की अनुमति है।
-एसबीआई के मुताबिक विशेष मामलों में जमा राशि के 75 फीसद हिस्से का लोन लेने की अनुमति है।

नई दिल्ली। डॉलर के मजबूत होने और रुपये की गिरावट के जारी रहने से न सिर्फ आम आदमी की चिंताएं बढ़ती है, बल्कि इससे आरबीआई भी हरकत में आने के संकेत दे देता है। भले ही आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा हो कि रुपये की इस गिरावट से चिंता की कोई बात नहीं, लेकिन इस संकट को नकारा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 70 के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है। दिन के कारोबार में रुपया 23 पैसे की बढ़त के साथ 69.68 पर खुला था। लेकिन थोड़ी ही देर में रुपया गोता लगाते हुए 70 तक जा पहुंचा।भारतीय रुपये में आई इस गिरावट की प्रमुख वजह तुर्की में जारी वित्तीय संकट को माना जा रहा है। बीते दिन तुर्की की मुद्रा लीरा में 40 फीसद तक की गिरावट देखने को मिली थी। वहीं डॉलर इंडेक्स में भी तेजी जारी है जो कि 96 के स्तर पर पहुंच गया, जिस वजह से लोग अब डॉलर को सेफ हैवन मान रहे हैं।
आयातकों के लिए बुरी खबर: रुपये में आई इस गिरावट से आयातकों को नुकसान होगा। क्योंकि रुपये में गिरावट से भारत आने वाले सामानों की लागत बढ़ जाएगी। जब रुपया कमजोर होता है तब आयातक विशेषकर तेल कंपनियों एवं अन्य आयात निर्भर कंपनियों को डॉलर के बराबर अपने रुपयों की निकासी करनी होती है। दूसरे शब्दों में कमजोर रुपया एक तरह के आयात शुल्क की तर्ज पर काम करता है।
निर्यातकों की चांदी: ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि रुपये की कमजोरी से सिर्फ नुकसान ही होते हैं, रुपये का कमजोर होना कई मायनों में देश के लिए फायदेमंद भी है। रुपये के कमजोर होने से सबसे बड़ा फायदा निर्यातकों को होता है। रुपये की कमजोरी यानी डॉलर के मजबूत होने से आईटी और फॉर्मा के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर को फायदा होता है। इन सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की ज्यादा कमाई एक्सपोर्ट बेस्ड होती है। ऐसे में डॉलर की मजबूती से टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसी आईटी कंपनियों को फायदा होता है। वहीं डॉलर की मजबूती से ओएनजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ऑयल इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियों को भी फायदा होता है क्योंकि ये डॉलर में फ्यूल बेचती हैं।

बॉलीवुड की कई सुपरहिट जोड़ियां इनदिनों एक-एक करके शादी के बंधन में बंधती जा रही हैं। अनुष्का-विराट, सोनम कपूर-आनंद आहूजा के बाद इसी लिस्ट में प्रियंका चोपड़ा-निक जोनस और दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह का नाम भी शामिल होने वाला हैं। दीपिका-रणवीर और प्रियंका-निक की शादी इनदिनों चर्चा का विषय बन गई हैं। इसी से जुडी एक खबर सामने आई हैं। जी हां, खबर के मुताबिक, दीपिका और रणवीर की शादी के अलावा शादी की तारीख भी कन्फर्म हो गई है। इस साल के शुरुआत से ही इन दोनों की शादी की खबर ज़ोर पकड़े हुए हैं। तभी से ये भी कहा जा रहा हैं कि रणवीर और दीपिका बहुत जल्द सात फेरे लेने वाले हैं। लेकिन अब इस खबर पर पक्की मोहर लगाते हुए शादी की डेट सामने आ गई हैं। खबर हैं कि, दीपिका और रणवीर की शादी इस साल 20 नवंबर को होगी।इसके बाद यह कन्फर्म हो गया हैं कि रणवीर और दीपिका बहुत जल्द एक दुसरे के हो जाएंगे। वैसे आपको बता दें, इस खबर को लेकर अभी तक दीपिका-रणवीर या फिर उनकी फैमिली से किसी तरह की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई हैं। लेकिन कबीर बेदी के इस ट्वीट से बहुत कुछ चीजें साफ़ हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, अपनी शादी को लेकर दीपिका और रणवीर बहुत उत्साहित हैं। उनकी शादी में दोनों की तरफ से खास दोस्त और परिवारवाले शामिल होंगे। इनदोनों की यह शानदार शादी इटली के लेक कोमो में होगी। और तो और अपनी शादी को सीक्रेट रखते हुए शादी में सिर्फ 30 लोग ही शामिल होंगे। अनुष्का-विराट की तरह रणवीर-दीपिका भी भारत आने के बाद दो रिसेप्शन रखेंगे। एक रिसेप्शन दीपिका के होम टाउन बेंगलुरु तो वहीं दूसरा रिसेप्शन बॉलीवुड सेलेब्स के लिए मुंबई में।

साल 2012 में फिल्म ‘इश्कजादे’ के जरिए अर्जुन कपूर ने फिल्मी दुनिया में एंट्री मारी थी। इस फिल्म में उनके साथ परिणीती चोपड़ा नजर आई थी। फिल्म में अर्जुन और परिणीति की जबरदस्त केमेस्ट्री को हर किसी ने सराहा लेकिन सालों बाद भी दोबारा इनकी जोड़ी पर्दे पर नहीं आई। इस धमाकेदार जोड़ी को दोबारा पर्दे पर देखने के लिए बेकरार फैंस के लिए फिल्म ‘नमस्ते इंग्लैंड‘ किसी सौगात से कम नहीं है।बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन विपुल अमृतलाल शाह ने किया है। फिल्म की शूटिंग पंजाब और इंग्लैंड के खूबसूरत लोकेशन्सस पर हुई है। बीती रात से ही अर्जुन और परिणीति फिल्म से जुड़ी कई तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे और साथ ही ये भी जानकारी दी थी कि आज फिल्म के दो नए पोस्टर सामने आएंगे। बता दें कि कुछ देर पहले ही फिल्म के दो नए पोस्टर रिलीज किए जा चुके है।एक पोस्टर में अर्जुन यूनियन जैक शर्ट, ग्रे रंग की जैकेट और ग्रे रंग की जींस में नजर आ रहे है। वहीं परिणीति एक खूबसूरत ड्रेस और बैंगनी रंग के जैकेट में नजर आ रही है। पोस्टर में दोनों बड़े ही प्यार से एक दूसरे को देख रहे है।वहीं बात की जाए दूसरे पोस्टर की तो इस पोस्टर में परिणीति पटियाला सूट और यूनियन जैक दुप्पटे में दिख रही है। वहीं अर्जुन कैजुअल टीशर्ट और काले रंग की जींस और डेनिम जैकेट में नजर आ रहे है।दोनों ही पोस्टर से साफ है कि परिणीति और अर्जुन का किरदार काफी दिलचस्प होगा। जहां परिणीति दूसरे पोस्टर में चुलबुले अंदाज में नजर आ रही है वहीं अर्जुन उन्हें देखकर परेशान से लग रहे है। बता दें कि यह फिल्म 19 अक्टूबर, 2018 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

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