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नई दिल्ली - उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना सहित पिछले पांच साल में देश में 586 रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें से करीब 53 प्रतिशत घटनाएं ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण हुईं। रेलवे के सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने के प्रयासों के बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के पास शनिवार शाम उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 156 अन्य घायल हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच साल में 586 रेल दुर्टनाएं हुई हैं और इनमें से 53 प्रतिशत घटनाओं का कारण ट्रेन का पटरी से उतरना रहा है। नवंबर 2014 से अभी तक 20 रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें से कई मामूली घटनाएं थीं।
- सबसे भीषण दुर्घटना 20 नवंबर 2016 को इंदौर-पटना एक्सप्रेस के कानपुर के पास पटरी से उतरने की थी, जिसमें 150 लोग मारे गए और 150 से अधिक लोग घायल हुए।
- ट्रेन कानपुर की बाहरी सीमा स्थित पुखरायां स्टेशन से थोड़ी दूर जाते ही पटरी से उतर गई थी। ट्रेन में क्षमता से अधिक लोगों के भरे होने और रेल लाइन में दरार होने सहित दुर्टना के लिए कई चीजों को जिम्मेदार ठहराया गया।
- बारह सितंबर 2015 को छोटी लाइन पर चलने वाली ट्रेन शिवालिक क्वीन पटरी से उतर गई थी। यह कालका से शिमला के बीच चलती है। ट्रेन में 36 ब्रिटिश पर्यटक और एक पर्यटक गाइड सवार थे। हादसे में दो पर्यटकों की मौत हो गई थी और अन्य 15 लोग घायल हो गए थे।
- सिकंदराबाद जंक्शन-मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस दुरंतो एक्सप्रेस के नौ डिब्बे कनार्टक के कलबुगीर् में 12 सितंबर 2015 को पटरी से उतर गए थे। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी और सात अन्य लोग घायल हो गए थे।
- मध्य प्रदेश में 4 अगस्त 2015 को हुई दोहरी रेल दुर्टना में 31 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। कामायनी एक्सप्रेस और जनता एक्सप्रेस दोनों ही पटरी से उतर गई थीं।
- राउरकेला-जम्मू तवी मूरी एक्सप्रेस 25 मई 2015 को उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटरी से उतर गई थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
- देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस 20 मार्च 2015 को रायबरेली जिले में पटरी से उतर गई थी, जिसमें 58 लोगों की मौत हुई थी और 150 से अधिक लोग घायल हुए थे।
- 13 फरवरी 2015 को बेंगलूरु की बाहरी सीमा पर बैंगलूरु-एनार्कुलम इंटरसिटी एक्सप्रेस के नौ डिब्बों के पटरी से उतरने से 10 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 150 अन्य घायल हो गए थे।


मुजफ्फरनगर - कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के हादसे के बाद एक ओर जहां इंसानियत के नाते तमाम लोग राहत बचाव कार्य मे जुटे हुए थे, वहीं कुछ शरारती तत्व ऐसे भी थे जिन्होंने अपना फायदा तलाशा। देर रात ढाई बजे कुछ लोगों ने ट्रेन के एसी कोच पर पथराव कर दिया। कोच के अंदर घुस गए और जमकर लूटपाट मचाई। पुलिस फोर्स जब कोच के अंदर पहुँचा तो वहां एक भी बैग या कोई अन्य सामान नहीं मिला।
मामला देर रात करीब ढाई बजे का है। उस वक़्त एनडीआरएफ, पुलिस और रेलवे की टीमें बचाव राहत कार्य में जनरल कोचों के पास जुटी हुई थी। सबका ध्यान सिर्फ इन्हीं कोचों में फंसे यात्रियों को निकालने पर था।
डिरेल हुए एसी कोच में जब बचाव राहत कार्य शुरू हुआ तो कुछ लोगो ने इस कोच पर पथराव कर दिया। इसके चलते बचाव राहत कार्य मे जुटे लोग वहां से भाग खड़े हुए। मौका पाकर ये शरारती तत्व इसी कोच के अंदर घुस गए। वे यात्रियों के बैग, अटेंची और अन्य सामान को लूटकर ले गए। एसी कोच में लूटपाट करने वालों ने कुछ भी सामान नहीं छोड़ा। दरअसल, हादसे के होते ही एसी कोच में सवार सैंकड़ो यात्री अपना अपना सामान छोड़कर जान बचाने के लिए कूद पड़े थे।


मुजफ्फरनगर मेरठ - खतौली के पास हुए उत्कल एक्सप्रेस हुए हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या पर रेलवे और पुलिस एकमत नजर नहीं आ रहे। रेलवे ने जहां हादसे में 21 लोगों की की मौत और 97 लोगों के घायल होने का दावा किया है, वहीं डीजीपी हैडक्वार्टर ने मृतकों की तादाद 23 बताई है। सरकार हादसे में 156 लोगों के घायल होने की बात कह रही है।
घायलों का खतौली, मुजफ्फरनगर और मेरठ के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। दूसरे दिन चार बोगियों के मलबे से चार और शव निकाले गए हैं। 20 से अधिक घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है। ट्रैक से बोगियों का मलबा दूसरे दिन भी नहीं हटाया जा सका है। इसकी वजह से मेरठ-देहरादून रेलवे ट्रैक ठप है। कई ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या उनके रूट बदल दिए गए हैं।
सुबह 10 बजे तक की यह स्थिति ये है कि ट्रैक से केवल उन्हीं कोचों को हटाया जा सका था, जो सीधे खड़े हुए थे। खतौली के तिलकराम इंटर कॉलेज और चौधरी जगत सिंह के घर में घुसे ट्रेन के डब्बे अभी तक ज्यो की त्यों पड़े हुए हैं। रात 2:30 बजे बचाव और राहत में जुटी टीमों में तिलक राम इंटर कॉलेज के सामने पलटे हुए डब्बे के नीचे से एक महिला और किशोर की लाश को निकाल लिया। मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश राणा और सतीश महाना मौके पर ही रुककर राहत एवं बचार्य कार्य पर नजर रखे हैं।
रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर करेंगे हादसे की जांच
रेलवे ने उत्कल एक्सप्रेस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर ट्रेन दुघर्टना की जांच करेंगे। कहा जा रहा है कि देर शाम तक जांच रिपोर्ट सामने आएगी और हादसे का कारणों का खुलासा किया जाएगा।
मारे गए अधिकांश लोगों की अभी शिनाख्त नहीं
ट्रेन हादसे के दूसरे दिन भी रेलवे मारे गए सभी लोगों की पहचान करने में नाकाम रहा है। अभी तक सिर्फ पांच शवों शिनाख्त की जानकारी स्थानीय स्तर पर दी गई है। कुछ घायलों की मेरठ में इलाज के दौरान मौत हुई है। मुजफ्फरनगर और मेरठ में शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। कई शवों की हालत बहुत खराब होने से पहचान मुश्किल हो रही है


दांबुला - भारत और श्रीलंका के बीच पहला मैच शुरू हो चुका है। श्रीलंका की ओर से पहले बल्लेबाजी करते हुए निरोशन डिकवेला और दनुष्का गुणातिलाका ने टीम को अच्छी शुरुआत की। लेकिन 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर गुणातिलाका 35 रन बनाकर यजुवेन्द्र चहल की गेंद पर आउट हो गए। गुणातिलाका के आउट होने के बाद कुसल मेंडिस बल्लेबाजी करने के लिए हैं।
पांच मैचों की सीरीज का पहला वनडे दांबुला में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर भारतीय कप्तान विराट कोहली ने श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया है। भारत के प्लेइंग इलेवन में मनीष पांडे, शार्दुल ठाकुर, अजिंक्य रहाणे और कुलदीप यादव को जगह नहीं मिली है।
भारत और श्रीलंका दोनों के लिए ये सीरीज बहुत अहम है। कप्तान विराट कोहली ने सीरीज से पहले ही साफ कर दिया है कि इस सीरीज के साथ ही 2019 वर्ल्ड कप की प्लानिंग भी शुरू हो रही है। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा का ये 200वां मैच है। श्रीलंका ने चैम्पियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया को हराकर सबको चौंकाया था।
रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करके जिस तरह से श्रीलंका ने भारत को 8 जून को हराया था, उसका जख्म अभी भरा नहीं है। हालांकि इसके बाद श्रीलंकाई टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में 2-3 से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में ये कह पाना मुश्किल होगा कि दोनों में से किस टीम का पलड़ा फिलहाल भारी है।
प्लेइंग-11 इस प्रकार हैः
भारतः रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, लोकेश राहुल, महेंद्र सिंह धौनी, केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, यजुवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह।
श्रीलंकाः निरोशन डिकवेला, दनुष्का गुणातिलका, कुसल मेंडिस, उपुल थरंगा, एंजलो मैथ्यूज, चमारा कापूगेदारा, वनिंदु हसरंगा, तिसारा परेरा, लक्षन संदाकन, लसिथ मलिंगा, विश्व फर्नांडो।


नई दिल्ली - पूर्व रक्षा मंत्री और अब गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने जानकारी दी है कि विशेष बलों के सैनिकों के लिए एसी जैकेट्स का ट्रायल जारी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हल्के लड़ाकू विमान तेज का सिर्फ एक कमजोर बिंदु है और वह है कि यह सिर्फ 3.5 टन का भार ही उठा सकता है।
जवानों को मिलेगा आराम
पार्रिकर ने कहा कि जब स्पेशल फोर्सेज किसी ऑपरेशन में होती हैं तो बहुत ज्यादा अभ्यास करना पड़ता है। इसकी वजह से उनका शरीर गर्म हो जाता है और सैनिक बहुत ही असहज महसूस करता है। उस समय पर अगर उसके पास एसी जैकेट्स हों तो उसे काफी आराम मिलेगा। पार्रिकर ने ये बातें शनिवार को छात्रों के सामने कहीं। पार्रिकर साल 2014 से 2017 तक रक्षा मंत्री रहे हैं। इस वर्ष वह चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री बनकर गोवा की राजनीति में वापस लौटे हैं।
तेजस की भी बात की पार्रिकर ने
पार्रिकर ने देसी फाइटर जेट तेजस पर भी बात की और उन्होंने कहा कि तेजस कई और बातों में दुनिया के बाकी फाइटर जेट्स से बहुत बेहतर है। पार्रिकर ने कहा कि रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने खुद एलसीए प्रोजेक्ट पर नजर रखी थी। पार्रिकर की मानें तो एलसीए प्रोजेक्ट पांच-छह वर्ष पहले ही पूरा हो गया था लेकिन सरकार इसे शामिल ही नहीं कर रही थी। कुछ छोटे मुद्दे थे। बतौर रक्षा मंत्री उन्होंने 18 मीटिंग की और इस बात पर ध्यान रखा कि तेजस को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया जाए। अब तीन तेजस एयरफोर्स में हैं तो एक नया एयरक्राफ्ट हर एक दो माह में एयरफोर्स का हिस्सा बनेगा। उन्होंने कहा कि इसकी कमी सिर्फ इतनी है कि यह केवल 3.5 टन का बम ही ले जा सकता है।


नई दिल्ली - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को चेताते हुए कहा कि वे फाइव स्टार होटल में न ठहरें और साथ ही ये भी कहा कि मंत्रिगण सरकारी वाहनों का निजी तौर पर इस्तेमाल ना करें।
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी मंत्रियों के फाइव स्टार होटल में ठहरने से नाराज नजर आए। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, पीएम मोदी ने साफ कहा कि कोई भी मंत्री अपनी ड्यूटी के दौरान फाइव स्टार होटल में ठहरने की जिद नहीं करेगा, ब्लकि सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के अनुरूप ही चलना होगा।
पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों को बताया कि वे मंत्रियों के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से वाहन के इस्तेमाल को लेकर बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मंत्री और उनके परिवार का कोई भी सदस्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से वाहनों का इस्तेमाल नहीं करेगा, अगर ऐसा आगे हुआ तो वो इसको कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पीएम ने इस बात पर चिंता जाहिर की, कि कुछ मंत्रियों ने कार्यालय के भत्तों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि कई मंत्रियों की मौजूदगी में इस बात आम सहमति बनी थी कि कोई भी मंत्री सरकारी वाहनों का इस्तेमाल निजी तौर पर और परिवार के लिए नहीं करेगा और साथ ही ये सूचना हर मंत्री द्वारा अपने-अपने विभागों में भी दे दी गई थी।
मंत्रियों को कहा गया है कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि उनके स्टाफ पीएसयू से मिलने वाली सुविधाओं का निजी इस्तेमाल न करें। पीएम मोदी ने मंत्रियों के सामने यह भी साफ किया वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति से कोई समझौता नहीं करेंगे।


जेरुसलम - इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन नहीं करेगा। इजरायल की टॉप अथॉरिटीज की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। इजरायल ने 90 के दशक की शुरुआत में भी इजरायल ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था।
भारतीय पत्रकारों और राजनेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों इजरायल दौरे पर गया था। इस प्रतिनिधिमंडल को अमेरिकी-ज्यूइश कमेटी की ओर से इजरायल ले जाया गया था। इस प्रतिनिधिमंडल की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में ही इजरायली अधिकारियों ने कहा कि इस बात का तो कोई सवाल ही नहीं है कि इजरायल, पाकिस्तान का समर्थन करेगा, चाहे कश्मीर की स्थिति कैसी भी हो। इजरायल और भारत के बीच जब ये कूटनीतिक रिश्तों की शुरुआत हुई है तब से ही इजरायल, कश्मीर को भारत का हिस्सा बताता आ रहा है।

 


नई दिल्ली - टीम इंडिया के क्रिकेटर गौतम गंभीर ने दो सीनियर खिलाड़ी महेंद्र सिंह धौनी और युवराज सिंह को लेकर कुछ ऐसे बयान दिए हैं, जो सुर्खियों में छा गए हैं। गंभीर की नजर में युवी की टीम में वापसी अब बहुत मुश्किल है और साथ ही धौनी के लिए भी राह आसान नहीं होगी।
गंभीर ने साफ शब्दों में कहा कि किसी को भी टीम में बने रहने के लिए अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इसके अलावा उन्होंने दिनेश कार्तिक की जमकर तारीफ की। गंभीर का मानना है कि दिनेश का नहीं खेलना टीम इंडिया के लिए बड़ा नुकसान रहा है।
क्रिकइंफो से बातचीत में गंभीर ने ये सारी बातें कही। आपको बता दें कि टीम इंडिया श्रीलंका में पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए है। इस टीम में युवराज सिंह को शामिल नहीं किया गया। चयनकर्ताओं ने कहा कि युवी को इस सीरीज से आराम दिया गया है।
'धौनी को अगर टीम में रहना है तो...'
गंभीर ने कहा, 'सिर्फ एक ही तरीका है कि महेंद्र सिंह धौनी 2019 वर्ल्ड कप तक खेल सकते हैं, कि वो अच्छा प्रदर्शन करते रहें। यही क्राइटेरिया सभी के लिए होना चाहिए, वो चाहे एम.एस. धौनी हों या मनीष पांडे। धौनी ने भारत के लिए पहले काफी कुछ किया है, लेकिन वो सब कुछ बीता हुआ है। आप तब तक खेल सकते हैं, जब तक आप खेलना चाहते हैं लेकिन उसके लिए आपको अच्छा प्रदर्शन करना होगा।'
इसके अलावा गंभीर ने कहा, 'दिनेश कार्तिक का नहीं खेलना हमारे लिए बड़ा नुकसान रहा। क्योंकि उनको ज्यादा मौके नहीं मिले, उन्होंने वेस्टइंडीज में अच्छा प्रदर्शन किया। हमें उनको एक विकेटकीपर बैकअप के तौर पर टीम में रखना चाहिए था।'
'युवी के लिए वापसी मुश्किल'
गंभीर बोले, 'मुझे लगता है कि कोच और कप्तान ने युवराज सिंह से बात की होगी और उन्हें सही तरह से मेसेज दिया होगा। युवराज को अगर 2019 वर्ल्ड कप तक रखना है तो उन्हें लगातार खिलाना होगा। युवी ऐसे क्रिकेटर नहीं हैं, जिन्हें आप एक सीरीज में खिलाएं और एक सीरीज आराम दे दें। वो ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनको लय में रखने के लिए लगातार टीम में रखना होगा। मुझे ऐसा लगता है कि युवी के लिए टीम में वापसी अब आसान नहीं होगी।'


नई दिल्ली - उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस भीषण हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है जबकि 96 यात्री जख्मी हुई है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर आज ही जबावदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि दुर्घटना इतनी भयावह थी कि पटरी से उतरे 13 कोच एक-दूसरे पर जा चढ़े। यहां तक कि एक पास के मकान में और दूसरा कॉलेज में जा घुसा। दिल्ली डिवीजन के डीआरएम आर एन सिंह ने कहा, ट्रेन में 23 डिब्बे थे जिनमें से 13 डिब्बे पटरी से उतर गये थे। हादसे के वक्त ट्रेन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।
ट्रैक से अभी तक नहीं हटे क्षतिग्रस्त कोच
खतौली में हुए भीषण ट्रेन हादसे के कारण रात भर खोज एवं बचाव अभियान चलाए जाने के बाद रेलवे ने आज पटरियों पर से मलबा हटाने के लिए हाई-टेक क्रेनों और कई कर्मचारियों को तैनात किया है। पटरी से उतर चुके डिब्बों को हटाने के लिए 140 टन वजन की दो क्रेनों को सेवा में लगाया गया था, जिनकी सहायता से हादसे में जीवित बचे लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालने एवं हादसे के शिकार हुए लोगों के शवों को निकालने का काम पूरी रात चलता रहा।
पास की जगहों से लाइनमैन और अन्य कामगारों को बुलाकर अवांछित पत्थरों को बेलचे की मदद से हटाया गया और क्षतिग्रस्त पटरियों को मजबूत करने के लिये कंक्रीट की नई स्लीपर्स को वहां डाला गया। पटरी से उतरे डिब्बों में से छह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं। बुरी तरह क्षतिग्रस्त डिब्बे मलबा हटाने का काम जारी रखने में चुनौती खड़ी कर रहे हैं। तड़के करीब तीन बजे एनडीआरएफ के पहुंचने पर बचाव अभियान ने पूरी रफ्तार पकड़ी। बीती शाम हुई दुर्टना के बाद से टनास्थल पर उत्तर प्रदेश पुलिस, आरपीएफ, पीएसी और आरआरएफ कर्मियों को तैनात किया गया है।
मेरठ रूट पर ट्रेनें डायवर्ट
मेरठ लाइन से गुजरने वाली ट्रेनें कैंसिल कर दी गई है या शाम छह बजे तक के लिए डायवर्ट की गई है।
ये ट्रेनें हुईं प्रभावित
14681, नई दिल्ली-जालंधर इंटर सिटी गाजियाबाद-कुरुक्षेत्र-अंबाला होकर जाएगी।
12055, नई दिल्ली-देहरादून जनशताब्दी एक्सप्रेस हापुड़, मुरादाबाद के रास्ते आएगी।
14645, दिल्ली-जम्मूतवी शालीमार एक्सप्रेस गाजियाबाद-कुरुक्षेत्र-अंबाला होकर जाएगी
12903,मुंबई सेंट्रेल-अमृतसर गोल्डन टेंपल मेल नई दिल्ली-कुरुक्षेत्र -अंबाला होकर जाएगी
18237,विलासपुर-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस नई दिल्ली -कुरुक्षेत्र अंबाला होकर जाएगी
12205, नई दिल्ली-देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस वाया शामली-टपरी होकर जाएगी
12018, देहरादून-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस वाया शामली होकर जाएगी
19020, देहरदादून-बांद्रा एक्सप्रेस वाया शामली-हजरत निजामुद्दीन होकर जाएगी।
19032, हरिद्वार-अहमदाबाद योग एक्सप्रेस वाया शामली -दिल्ली शाहदरा होकर जाएगी।
14512, सहारनपुर-इलाहाबाद नौचंदी एक्सप्रेस, सहारनपुर -मेरठ के बीच रद्द रहेगी, मेरठ सिटी से इलाहाबाद जाएगी।


नई दिल्ली - पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रूख में अचानक बदल आया है। पहले जहां वे नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सख्त बयानबाजी करती थी वहीं अब उनके पक्ष में आ गई है। लेकिन अमित शाह को लेकर उनके तेवर अभी भी तल्ख हैं।
एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में ममता बनर्जी ने कहा कि 'मैं नरेंद्र मोदी के पक्ष में हूं, लेकिन अमित शाह के नहीं। मैं मोदी को दोष नहीं देती। मैं उनपर दोष क्यों लगाऊंगी? उनकी पार्टी को इसे देखना चाहिए'। उन्होंने कहा कि देश में सुपर तानाशाही का माहौल है जहां पार्टी के सुप्रीमो सरकारी मामलों में दखल दे रहे हैं। जाहिर तौर ममता बनर्जी का निशाना भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर था। ममता बनर्जी के इस स्टैंड को भाजपा जहां मोदी की नीतियों की स्वीकार्यता के रूप में ले रही है, वहीं विपक्ष के लिए यह चौंकाने वाला कदम है।
ममता बनर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयपेयी का भी जिक्र किया। वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए ममता ने कहा कि 'वह भी बीजेपी के ही हैं, लेकिन वह बहुत ही संतुलित (प्रधानमंत्री के रूप में) और निष्पक्ष थे। हमने उनके नेतृत्व में काम किया और कभी किसी समस्या का सामना नहीं किया।'
अमित शाह पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने वे केंद्रीय मंत्रियों की बैठक लेते हैं। ममता ने कहा, 'सभी डरे हुए हैं। सुपर डिक्टेटरशिप चल रही है। एक पार्टी का अध्यक्ष मंत्रियों की बैठक कैसे ले सकता है? पीएम कौन है, मोदी या शाह?' हालांकि ममता ने यहां तक कह दिया कि 2019 में आप बदलाव देख लेंगे। हमलोग बदलाव का इंतजार कर रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले ममता ने बीजेपी को लेकर कहा था कि देश में आपातकाल जैसे हालात बनते जा रहे हैं। ममता ने देश को बीजेपी मुक्त कराने का आवाह्न किया था।

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