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नई दुनिया - स्वाधीनता पर्व के प्रमुख शासकीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर में वन मंत्री सह क्षेत्रीय विधायक महेश गागडा ने उलटा झंडा फहरा दिया। आनन-फान में फिर राष्ट्रीय ध्वज को सीधा किया गया। बताया जाता है कि यह अधिकारियों की गलती की वजह से हुआ।
सुबह नौ बजे जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया लोग भौंचक्के रह गए, क्योंकि वह उलटा लहराते नजर आ रहा था। जैसे ही लोगों ने ध्यान दिलाया प्रशासन ने तुरंत ही कार्यक्रम के बीच झंडे को सीधा करवाया। जबकि यह घटनाक्रम हुआ तब मंच पर कलेक्टर केडी कुंजाम और पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग मौजूद थे। स्वतन्त्रता दिवस को मनाने पिछले 10 दिनों से जमकर तैयारी की जा रही थी। यही नहीं 13 अगस्त को ध्वजारोहण को लेकर रिहर्सल भी किया गया था बावजूद इसके 15 अगस्त की सुबह वन मंत्री के हाथों उलटा तिरंगा फहरवाया गया।
बताया जा रहा है कि ध्वजारोहण के लिए एक समिति गठित की जाती है, जिसका अध्यक्ष जिले का एसपी होता है। वहीं, सूत्रों से से मिली जानकारी के अनुसार उलटे ध्वजारोहण के बाद आइजी बस्तर विवेकानंद सिन्हा ने बीजापुर एसपी मोहित गर्ग को फोन पर जमकर फटकार लगाई है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड बीजापुर में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय ध्वज की एक डोर ठीक से न खुल पाने से ध्वज उलटा फहराया प्रतीत हुआ। मौके पर ही तुरंत डोर ठीक कर ली गई। प्रकरण की जांच कर संबंधित दोषी अधिकारियों को दंडित किया गया है।
- मोहित गर्ग, एसपी, बीजापुर


नई दिल्ली - कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ऐसे कुछ लोग हैं जिन्होंने तीन तलाक विधेयक को संसद में हाल में समाप्त हुए मानसून सत्र के दौरान पारित होने नहीं दिया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को भरोसा दिया कि उनकी सरकार उनके लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मोदी ने लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा, “तीन तलाक प्रथा मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय है। तीन तलाक ने बहुत सी महिलाओं का जीवन बबार्द कर दिया है और बहुत सी महिलाएं अभी भी डर में जी रही हैं।”
उन्होंने कहा कि तीन तलाक प्रथा को खत्म करने के लिए कैबिनेट द्वारा कुछ संशोधनों को मंजूरी देने के बाद उनकी सरकार ने हाल ही में समाप्त हुए मानसून सत्र में संसद में विधेयक लाने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस व दूसरी विपक्षी पार्टियों पर कटाक्ष करते हुए कहा, “लेकिन कुछ लोग इसे पारित नहीं होने देना चाहते थे।” राज्यसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन तीन तलाक विधेयक पर आम सहमति नहीं बन पाने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था।
उन्होंने कहा, “मैं मुस्लिम बहनों और बेटियों को भरोसा देता हूं कि उनके अधिकार सुरक्षित होंगे और सरकार उन्हें सुरक्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मेरा भरोसा देता हूं कि मैं उनकी आकांक्षाओं को पूरा करूंगा।”

 


नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बुधवार को लाल किले से भाषण देते हुए अंतरिक्ष अभियान के बारे में जानकारी दी।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि 2022 तक, 75 वें स्वतंत्रता वर्ष में हम एक मानव अंतरिक्ष मिशन की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम 2022 या उससे पहले तक भारतीय को अंतरिक्ष में भेजेंगे।
प्रधानमंत्री ने रिसर्च के लिए भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने हमें गौरवान्वित किया है। उन्होंने 100 से ज्यादा सैटेलाइट्स लॉन्च की है। इसके साथ ही उन्होंने सफलतापूर्वक मंगल मिशन को भी पूरा किया।
इसरो ने 15 फरवरी 2017 को सफलतापूर्वक 104 उपग्रहों को लॉन्च किया था, जिनमें से तीन भारतीय थे जबकि बाकी विदेशी वाणिज्यिक उपग्रह थे। भारत के पहले चंद्रयान -1 को अक्टूबर 2008 में इसरो द्वारा लॉन्च किया गया था और यह अगस्त 2009 तक संचालित किया गया। इसके बाद देश की दूसरी चंद्र जांच चंद्रयान -2 को जनवरी 2019 में शुरू किया जाएगा।


नई दिल्ली - राज्यसभा उपसभापति पद के लिये हुए चुनाव में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह को जीत मिली है। तीन बार हुई वोटिंग में उन्हें 125 वोट मिले जबकि विपक्ष के उम्मीवार बीके हरिप्रसाद को 105 वोट मिले। हरिवंश की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। वहीं विपक्ष ने भी हरिवंश को बधाई दी।
सदन की कार्यवाही शुरु होने पर सभापति एम वैंकेया नायडू ने सदन पटल पर आवश्यक दस्तावेज रखवाने के बाद उपसभापति पद की चुनाव प्रक्रिया शुरु करवायी। हरिवंश के पक्ष में 125 और हरिप्रसाद के पक्ष में 105 मत पड़े। मतदान में दो सदस्यों ने हिस्सा नहीं लिया। सदन में कुल 232 सदस्य मौजूद थे।
हरिवंश के पक्ष में जदयू के आर सी पी सिंह, भाजपा के अमित शाह, शिव सेना के संजय राउत और अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा ने प्रस्ताव किया। वहीं हरिप्रसाद के लिये बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, राजद की मीसा भारती, कांग्रेस के भुवनेश्वर कालिता, सपा के रामगोपाल यादव और राकांपा की वंदना चव्हाण ने प्रस्ताव पेश किया।
इन प्रस्तावों पर मत विभाजन के बाद सभापति नायडू ने हरिवंश को उप-सभापति निर्वाचित घोषित किया। इसके बाद हरिप्रसाद ने हरिवंश को उनके स्थान पर जाकर बधाई दी। नेता सदन अरुण जेटली, नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार और संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने हरिवंश को बधाई देते हुये उन्हें उपसभापति के निर्धारित स्थान पर बिठाया।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरिवंश को शुभकामनायें देते हुये उनके विभिन्न क्षेत्रों के अनुभव के हवाले से उनके निर्वाचन को सदन के लिये गौरव का विषय बताया।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सदस्य पी जे कुरियन के पिछले महीने सेवानिवृत्त होने के बाद उपसभापति का पद खाली हुआ था।
वोटिंग से पहले ही हरिवंश की जीत तय मानी जा रही थी। बीजू जनता दल ने हरिवंश का समर्थन करने के संकेत देकर जहां विपक्ष की उलटफेर करने की उम्मीदों को झटका दे दिया। वहीं भाजपा से नाराज शिवसेना ने हरिवंश के समर्थन में प्रस्ताव देकर एनडीए को सियासी राहत दी।
जहां एनडीए उच्च सदन में बहुमत के आंकड़ों में कमी के बावजूद जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रही थी तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस को सदन के अंदर एंटी बीजेपी मोर्चा के खिलाफ कांग्रेस कांग्रेस के अपने नामित उम्मीदवार के पक्ष में क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस पार्टी की ओर से बीके हरिप्रसाद को उम्मीदवार के तौर पर उतारना विपक्षी एकता का लिटमस टेस्ट साबित हो सकती है। इस चुनाव के बाद विपक्ष की तस्वीर साफ हो गई कि कौन-कौन से दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के साथ खड़े हुए और कौन से नहीं। हालांकि कांग्रेस इस पद पर किसी सहयोगी दल के सदस्य को उतारना चाहती थी, पर कोई इसके लिए तैयार नहीं हुआ।

 


अटारी सीमा - स्‍वतंत्रता दिवस पर अटारी वाघा सीमा पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा सीमा क्षेत्र वंदे मारतम्, भारत माता की जय और जय हिंद के घोष से गूंज उठा। देशभक्ति का यह जुनून व जज्‍बा पाकिस्‍तान को भी गुंजायमान कर रहा था। मौका था रोज शाम को हाेने वाले बिटिंग रिट्रीट का, लेकिन आज यह बेहद खास था। बॉर्डर पर करीब 50 हजार की भीड़ उमड़ पड़ी और यहां स्‍वाधीनता दिवस का जश्‍न देखते ही बन रहा था। पाकिस्‍तान की दीर्घा में मौजूद वहां के लोग भी इसका आनंद ले रहे थे।
अटारी वाघा सीमा पर रोज शाम को बिटिंग रिट्रीट हाेती है और रोज इसमें काफी संख्‍या में भारत और पाकिस्‍तान के लोग अपनी सीमा क्षेत्रों में बनी गैलरियों में आता है। लेकिन बुधवार को स्‍वतंत्रता दिवस पर भारतीय गैलरी में लोग हजारों की संख्‍या में उमड़ पड़े। लोगाें ने हाथों में तिरंगा ले रखा था और भारत माता की जय आैर जय हिंद का घोष कर रहे थे। लोगों की हुंकार पाकिस्‍तान में भी दूर-दूर तक गूंज रही थी। पाकिस्‍तानी दर्शक इस नजारे से हतप्रभ से थे,लेकिन वे भी इसका आनंद ले रहे थे।
सीमा पर पहुंचने वाले लोगों में पंजाब ही नहीं दूसरे प्रदेश के लोग भी थे। इन लोगों में युवा, बुर्जुग, बच्‍चे और महिलाएं सभी थे। पूरा माहौल देशभक्ति के जोश और जज्‍बे से सराबोर था। इस माहौल से मानो सीमा पर बिटिंग स्‍ट्रीट परेड में भाग ले रहे जवानों का भी जोश कई गुना बढ़ गया था।
इस मौके पर पाकिस्‍तानी रेंजर्स की ओर से बीएसएफ के अधिकारियों को मिठाइयों का टोकरी भेंट की गई। पाकिस्‍तानी रेंजर्स के अधिकारियों ने बिटिंग रिट्रीट शुरू होने से पहले मिठाइयों और फलों का टाेकरा बीएसएफ के अफसरों और जवानों को भेंट किया। उन्‍होंने बीएसएफ के अधिकारियों व जवानों तथा इस मौके पर मौजूद लोगों को स्‍वतंत्रता दिवस की बधाई व शुभकामनाएं दीं। इसके बाद बीएसएफ की ओर से पाकस्तानी रेंजर्स को मिठाइयों से भरी टोकरी दी गई। इसके बाद जोश और सद्भाव के माहौल में बिटिंग रिट्रीट शुरू हुई।
स्‍वतंत्रता दिवस पर बीएसएफ के अधिकारियों काे मिठाइयों का टोकरा भेंट करते पाक रेंजर्स के अफसर।
इससे पहले बुधवार सुबह भी भारत के स्‍वतंत्रता दिवस पर पाकिस्‍तान की ओर से बार्डर पर भारतीय जवानों को मिठाइयां दी गईं। पाकिस्‍तानी रेंजर्स ने सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों को मिठाइयां और स्‍वतंत्रता दिवस की बधाई दी। बीएसएफ के अधिकारियों ने इसके लिए धन्‍यवाद दिया और उन्‍हें भी मिठाइयों भेंट कीा। इससे पहले मंगलवार को पाकिस्‍तान की आजादी की वर्षगांठ के अवसर पर बीएसएफ की ओर से पाक रेंजर्स को मिठाइयों दी गई थीं।
पाकिस्‍तानी रेंजर्स के अधिकारियों ने बुधवार को बीएसएफ के अधिकारियों से संपर्क किया और स्‍वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्‍होंने बीएसएफ के अधिकारियों को मिठाइयां देने की इच्‍छा जताई, जिसे उन्‍होंने स्‍वीकार कर लिया। इसके बाद पाक रेंजर्स के अफसरों ने बीएसएफ के कमांडेंट सुदीप सिंह को मिठाइयां भेंट की। इस माैके पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स के कई अधिकारी व जवान मौजूद थे।
स्‍वतंत्रता दिवस पर एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिलते बीएसएफ और पाक रेंजर्स के अफसर।
बता दें कि दोनों बीएसएफ और पाक रेंजर्स की ओर से विभिन्‍न अवसरों पर एक-दूसरे को सौगात देने की परंपरा रही है। हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव पैदा होने पर यह परंपरा टूटी भी है। बुधवार को को अटारी बॉडर पर बीएसएफ के कमांडेंट सुदीप सिंह ने पाक रेंजर्स को मिठाई भेंट की थी।

 


नई दिल्‍ली - 72वें स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को करोड़ों लोगों ने देखा और सुना। लोगों ने इसको काफी सराहा भी, लेकिन इस बीच में कुछ और भी जो शायद आपसे छूट गया या फिर उस पर आपने ध्‍यान नहीं दिया। यह मौका पीएम मोदी के भाषण देने से पहले और गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान था। आपने भले ही इस पर ध्‍यान न दिया हो लेकिन हम इसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस दौरान लाल किले पर दो बटालियन मौजूद थीं। इनमें से एक थी गोरखा राइफल्‍स और दूसरी थी राजपूताना राइफल्‍स। गोरखा राइफल्‍स को ब्रितानी हुकूमत का सर्वोच्‍च सैन्‍य मैडल विक्‍टोरिया क्रॉस से लेकर भारत का युद्ध में दिए जाने वाला सर्वोच्‍च पुरस्‍कार परमवीर चक्र तक मिल चुका है, वहीं राजपूताना राइफल्‍स में उनसे कहीं कम नहीं है।
गार्ड ऑफ ऑनर
72वें स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले पर प्रधानमंत्री के गार्ड ऑफ ऑनर दस्ते में सेना की कमान मेजर सूरज पाल ने संभाली थी। वहीं नौसेना की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर एम.वाई.वी. तेजस तथा वायु सेना दस्ते का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर प्रवीण नारायण के हाथों में थी। दिल्ली पुलिस के दस्ते का नेतृत्व एसीपी श्री जगदेव सिंह यादव ने किया था। लेकिन प्रधानमंत्री के गार्ड के लिए सेना का जो दस्ता चुना गया था वह पहली गोरखा राइफल्स की पाचवीं बटालियन से था। इस बटालियन का अपना बेहद गौरवशाली इतिहास रहा है। आज आपको इसके गौरवशाली इतिहास के बारे में हम आपको जानकारी दिए देते हैं।
1942 में किया गठन
दरअसल इस बटालियन का गठन 1942 में धर्मशाला में लेफ्टिनेंट कर्नल जे.एल.एफ ‘ओ’ फेरल द्वारा किया गया था। बाद में दिसंबर, 1946 में इसे निष्क्रिय कर दिया गया। फिर 1 जनवरी, 1965 को इस बटालियन का दोबारा गठन सोलन, हिमाचल प्रदेश में लेफ्टिनेंट कर्नल गोविंद शर्मा द्वारा किया गया और इस बटालियन को पहला कार्यभार नेफा (अब अरुणाचल प्रदेश) का कार्यभार सौंपा गया था।
कई ऑपरेशन में रही है शामिल
बटालियन ने 1971 में पूर्वी पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन कैक्टस लिली’ में अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय उस समय दिया, जब कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल सी. वेणुगोपाल ने संतोषपुर, उथाली, दरसाना, कुसतिया तथा हार्डिंग ब्रिज पर अपनी इकाई के साथ ताबड़तोड़ पांच हमले किए। इस अभियान के दौरान यूनिट को तीन महावीर चक्र और दो वीर चक्र प्राप्त हुए। इस यूनिट को युद्ध सम्मान दरसाना तथा थिएटर सम्मान ईस्ट पाकिस्तान दिया गया।
सेना प्रमुख का प्रशस्ति पुरस्‍कार से सम्‍मानित
बटालियन ने 1989 में श्रीलंका में ‘ऑपरेशन पवन’ में भाग लिया और अब बटालियन की सैनिकों की वीरता के लिए दो वीर चक्र और छह सेना पदक मिले। बटालियन ने 1997-99 तक जम्मू-कश्मीर के पंजगाम में ‘ऑपरेशन रक्षक’ के दौरान 36 खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया और बड़ी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किया। यूनिट की उपलब्धियों के लिए इसे एक शौर्य चक्र तथा आठ सेना पदकों सहित 17 वीरता पुरस्कार मिले। इस यूनिट को सेना प्रमुख का यूनिट प्रशस्ति पुरस्कार प्राप्त हुआ।
यूएन के मिशन में बजाया डंका
इस बटालियन को सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में काम करने का अवसर मिला। मार्च, 2008 से मई, 2009 तक सूडान में इस यूनिट ने अनेक मानवीय कार्यों में हिस्सा लिया और इसे फोर्स कमांडर के यूनिट प्रशस्ति से सम्मानित किया गया। असम में ऑपरेशन राइनो के दौरान बटालियन ने 15 कट्टर उग्रवादियों को मार गिराया और उनके पास से बड़ी मात्रा हथियार और गोलाबारूद बरामद किया। यूनिट को उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (पूर्वी कमान) का प्रशस्ति प्राप्त हुआ। इस यूनिट ने ब्रिटेन में 2007 में आयोजित आर्मी कैम्ब्रियन पेट्रोल चैम्पियनशिप में भारतीय सेना का नेतृत्व किया और इसे स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। यह बटालियन अभी राष्ट्रपति के रस्मी सेना गार्ड का कर्तव्य निभा रही है।
राजपूताना राइफल्‍स
राष्‍ट्रीय ध्‍वज गार्ड के लिए सेना की टुकड़ी राजपूताना राइफल्स की 11वीं बटालियन से ली जाती रही है। इस ब‍टालियन का भी अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। इस बटालियन की संस्‍थापना लेफ्टिनेंट कर्नल रिसाल सिंह (बाद में मेजर जनरल के रूप में सेवानिवृत्त) द्वारा 1 अक्‍टूबर, 1964 में राजपूत एवं जाट के एक निर्धारित वर्ग संघटन के साथ दिल्‍ली कैंट में की गई थी।
देश और विदेश में दिखाया अदम्‍य साहस
‘वीर भोग्‍या वसुंधरा’ के ध्‍येय जिसका अर्थ होता है, ‘बहादुर ही पृथ्‍वी के उत्तराधिकारी बनेंगे’, के साथ इस बटालियन ने भारतीय सेना के सभी प्रमुख ऑपरेशनों जिनमें 1971 का भारत-पाक युद्ध, ‘ऑपरेशन ऑर्किड’, ‘ऑपरेशन पवन (श्रीलंका)’, ‘ऑपरेशन रक्षक-1 (पंजाब)', ‘ऑपरेशन रक्षक (जम्मू-कश्मीर)’, ‘ऑपरेशन मेघदूत’, ‘ऑपरेशन विजय’, ‘ऑपरेशन पराक्रम’, ‘ऑपरेशन फाल्कन’, ‘ऑपरेशन राइनो’, ‘यूएनएमआईएस (सुडान)’ शामिल है, में भाग लिया था। यह बटालियन अशोक चक्र, एक कीर्ति चक्र, छह शौर्य चक्र, एक शौर्य चक्र बार, चार वीर चक्र, 28 सेना पदक, एक विशिष्‍ट सेवा पदक और सैन्य कमांडरों द्वारा कई प्रशस्ति पत्रों के साथ एक बेहद अलंकृत है।
यूएन मिशन पर बटालियन
इस बटालियन को 1994 में ‘ऑपरेशन रक्षक (जम्‍मू-कश्‍मीर)’ एवं 1999 में एक बार फिर ‘ऑपरेशन मेघदूत’ एवं ‘ऑपरेशन विजय’ में इसके शानदार प्रदर्शन के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्‍टॉफ यूनिट साइटेशन से पुरस्‍कृत किया गया। वे 1994 में जम्‍मू-कश्मीर राज्‍यपाल के साइटेशन, 2011 में सुडान में संयुक्‍त राष्‍ट्र मिशन में फोर्स कमांडर के साइटेशन तथा 1994 एवं 2018 में नॉदर्न आर्मी कमांडर साइटेशन के गौरवशाली प्राप्‍तकर्ता भी रहे हैं।
कैप्‍टन हनीफुद्दीन की शहादत
जम्‍मू–कश्‍मीर में टरटोक सब सेक्‍टर का नाम बटालियन के कैप्‍टन हनीफुद्दीन के बहादुरीपूर्ण कार्य के बाद बदलकर सब सेक्‍ट हनीफ कर दिया गया था। उन्‍होंने ‘ऑपरेशन विजय’ के दौरान लद्दाख क्षेत्र की बर्फीली ऊंचाई पर अपनी जान की कुर्बानी दी थी। कैप्‍टन हनीफुद्दीन को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्‍मानित किया गया। इस यूनिट का युद्धघोष ‘राजा रामचन्‍द्र की जय’ है।

 


नई दिल्ली - पत्रकारिता छोड़ राजनीति में आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी आशुतोष एक बार फिर से पत्रकारिता में लौट सकते हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा दे दिया है।
सूत्रों की मानें तो उन्होंने कुछ महीने पहले ही आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन केजरीवाल ने अभी तक इसे मंजूर नहीं किया है। आशुतोष की इस्तीफा जैसे ही मीडिया की सुर्खियां बना तो सीएम केजरीवाल ने तत्काल ट्वीट कर कहा है- 'हम आपका इस्तीफा कैसे स्वीकार कर लें? ना इस जनम में तो नहीं।'
इसके कुछ देर बाद केजरीवाल ने एक और भावुक अपील करके आशुतोष से AAP नहीं छोड़ने की अपील की। अपने ट्वीट में केजरीवाल ने लिखा- 'सर, हम सब आपको बहुत प्यार करते हैं।' इसके साथ ही केजरीवाल ने एक पुरानी फोटो भी लगाई है, जिसमें वे आशुतोष के साथ गले मिलते नजर आ रहे हैं।
इससे पहले इस्तीफे के बाबत आशुतोष मीडिया के सामने भी आए। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआइ से कहा कि AAP के साथ मेरी यात्रा खत्म हुई। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मैंने पार्लियामेंट अफेयर्स कमेटी (PAC) से गुजारिश की है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जाए।
आशुतोष ने इस्तीफे के मद्देनजर एक भावुक ट्वीट भी किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है- 'हर यात्रा का एक अंत होता है। इस्तीफा बहुत निजी कारणों से दिया है। सभी पार्टी नेताओं का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया।'
पहले कहा जा रहा था कि आशुतोष जल्द ही सार्वनजनिक तौर पर AAP छोड़ने की घोषणा करेंगे। अब इसके पीछे उन्होंने निजी वजह बताई है। इस बीच दिल्ली सरकार में मंत्री और AAP के वरिष्ठ नेता गोपाल राय का पार्टी की ओर से पहला बयान आया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि आशुतोष का फैसला दुखद है।
इससे पहले पार्टी ने कहा था कि आशुतोष अपनी किताब लिख रहे हैं, उसने अक्टूबर तक व्यस्त रहने की बात कही है। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि आशुतोष पिछले कई महीने से पार्टी में सक्रिय भागेदारी नहीं निभा रहे थे।
कुमार विश्वास ने केजरीवाल का बताया शिशुपाल
वहीं, AAP कुमार विश्वास ने आशुतोष के इस्तीफे को लेकर अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा है। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा-'हर प्रतिभासम्पन्न साथी की षड्यंत्रपूर्वक निर्मम राजनैतिक हत्या के बाद एक आत्ममुग्ध असुरक्षित बौने और उसके सत्ता-पालित, 2G धन लाभित चिंटुओं को एक और “आत्मसमर्पित-क़ुरबानी” मुबारक हो! इतिहास शिशुपाल की गालियां गिन रहा है। आज़ादी मुबारक।' बता दें कि कुमार विश्वास का यह ट्वीट अरविंद केजरीवाल पर तंज की तरह है। ट्वीट में कुमार विश्वास ने ट्वीट में केजरीवाल को महाभारत का शिशुपाल तक कह दिया है। शिशुपाल महाभारत का वह पात्र है, जिसकी 100 गालियां पूरी होने पर भगवान कृष्ण ने दंड स्वरूप उसका वध कर दिया था।
आशुतोष के इस्तीफे पर भाजपा ने भी अपना प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल को कटघरे में खड़ा किया है। सदन में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी में जो लोग उत्साह से नौकरी तक छोड़कर आए थे वह अब निराश होकर इसे छोड़ रहे हैैं।
आशुतोष ने 2014 में ज्वाइन की थी AAP
बता दें कि वर्ष 2014 में आशुतोष ने पत्रकारिता को विदा कह राजनीति में आए थे। आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। वे AAP के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। उस समय उनके साथ कैप्टन गोपीनाथ, मीरा सान्याल, किरण बेदी, प्रशांत भूषण, शाजिया इल्मी, कुमार विश्वास जैसे लोग भी आप के साथ जुड़े थे, लेकिन वे सभी भी पार्टी छोड़ चुके हैं। आशुतोष ने 2014 लोकसभा चुनाव के समय दिल्ली के चांदनी चौक से चुनाव भी लड़ा था। लेकिन इस चुनाव में तीन लाख से अधिक वोट लाने के बावजूद हर्षवर्धन से चुनाव हार गए थे।
गांधी-नेहरू पर कर चुके हैं अभद्र टिप्‍पणी
आम आदमी पार्टी में रहने के दौरान आशतोष कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। अश्लील सीडी प्रकरण में फंसे दिल्ली सरकार के तत्कालीन मंत्री संदीप कुमार का ब्लॉग लिखकर बचाव करना आम आदमी पार्टी (AAP) नेता आशुतोष को भारी पड़ गया था। संदीप कुमार के बचाव में अपने ब्लॉग पर महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, अटल बिहारी बाजपेयी आदि के बारे में की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में AAP के प्रवक्ता आशुतोष के खिलाफ दिल्ली के बेगमपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। IPC की धारा 292 और 293 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
यह था मामला
AAP के प्रवक्ता आशुतोष ने दो सितंबर 2016 को पार्टी के मंत्री संदीप कुमार के बचाव में ब्लॉग पर पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमत्री अटल बिहारी वाजपेयी, समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया, जॉर्ज फर्नाडीस के महिला मित्रों के संबंधों के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी थीं। अगले दिन उनके ब्लॉग पर व्यक्त किए विचारों को समाचार पत्रों ने भी प्रकाशित किया था। कराला के जैन नगर के योगेंदर सिंह ने अपने वकील परदीप खत्री के माध्यम से पहले इसकी शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने मार्च 2017 में कोर्ट का शरण ली थी। अब यह मामला कोर्ट में विचाराधी है।

 


नई दिल्ली - केरल के बाद अब कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश से स्थिति खराब हो गई है। घरों में पानी पहुंचने से समस्या बढ़ रही है। वहीं, तमिलनाडु में सेंट्रल वॉटर कमिशन ने मंगलवार को कावेरी नदी को लेकर दूसरी चेतावनी जारी कर दी।
यहां मेट्टूर बांध में पानी अधिकतम क्षमता 120 फीट तक रविवार को पहुंच गया। ऐसा 23 जुलाई से दूसरी बार हुआ। कर्नाटक के कृष्णाराजसागर और काबिनी बांध से पानी छोड़े जाने की संभावना के बाद एडवाइजरी जारी की गई है।
कमिशन ने बताया कि दोनों से निकलने वाले कुल पानी, 1.4 लाख क्यूसेक, के दो दिन में मेट्टूर बांध तक पहुंचने की संभावना है। नौ जिलों कृष्णगिरि, धर्मपुरी, सलेम, इरोड, नमक्कल, करूर, त्रिचि, थंजवुर और नागपट्टिनम में चेतावनी जारी करते हुए कमिशन ने कलेक्टरों से जरूरी कदम उठाने को कहा है।
केरल में 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही तेज हवाएं
तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, पठनमित्ता, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, थ्रिसूर और कोझिकोड में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। इडुक्की में मुल्लापेरियर बांध में पानी का स्तर बढ़ने से इलाके में समस्या गंभीर होने लगी है। पेरियार नदी के पास से करीब 4000 परिवारों को राहत शिविरों में ले जाया जा चुका है। उधर, एर्नाकुलम में 17,974 लोगों को 117 राहत शिविरों में ले जाया गया।
बाढ़ के बीच पानी में खड़े होकर तिरंगा झंडा लहराया
इस बीच राजधानी तिरुवनंतपुरम के कन्नाम्मूला से देशभक्ति की मिसाल कायम करती तस्वीर सामने आई है। यहां के लोगों ने बाढ़ के बीच पानी में खड़े होकर स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा झंडा लहराया। तस्वीर से बाढ़ की स्थिति का पता चलता है क्योंकि ये लोग कमर तक पानी में डूबे हैं लेकिन इससे उनके जज्बे पर कोई फर्क नहीं पड़ा। ऐसी ही एक तस्वीर पिछले साल असम के धुबरी जिले से आई थी जहां बाढ़ के बीच एक स्कूल में तिरंगा फहराया गया था।


जमशेदपुर - जमशेदपुर और इसके आसपास के इलाकों में करीब पांच हजार बांग्लादेशी घुसपैठिये गत कुछ वर्षो से डेरा जमाए हैं। जमशेदपुर शहर से इन्हें विदेश भेजने का गोरखधंधा भी चल रहा है। स्थानीय नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से यहां इनका आधार कार्ड और वोटरकार्ड भी बन रहा है। खुफिया विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए राज्य सरकार को विशेष निगरानी कराने की बात कही है।
खुफिया विभाग के अनुसार, जमशेदपुर से लोगों को खाड़ी देशों में भेजने और उन्हें वीजा दिलाने के काम में 21 एजेंट सक्रिय हैं। ये एजेंट बांग्लादेशी घुसपैठियों को भी विदेश भेज रहे हैं। ज्यादातर घुसपैठियों ने आधार कार्ड व वोटरकार्ड भी बनवा लिया है। यह स्थानीय नेताओं और भ्रष्ट सरकारी पदाधिकारियों की मदद से संभव हुआ है। घुसपैठिये इसकी मदद से राज्य व केंद्र प्रायोजित सरकारी सेवाओं का लाभ भी उठा रहे हैं। झारखंड सरकार ने जब से एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस)की बात कही है, इन घुसपैठियों में खलबली मच गई है।
जमशेदपुर शहर के अलावा बांग्लादेशी घुसपैठिये कपाली, टेल्को, हल्दीपोखर, मकदमपुर, घाटशिला, कदमा आदि इलाकों में काफी संख्या में रह रहे हैं। इनके पास आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड के अलावा बिजली, पानी और टेलीफोन का कनेक्शन मौजूद है। खुफिया विभाग की मानें तो बांग्लादेशी घुसपैठियों के आधार कार्ड व वोटर कार्ड बड़े पैमाने पर धनबाद के अलावा पश्चिम बंगाल के खड़गपुर, बांकुड़ा व मुर्शिदाबाद में बनाए गए हैं।


रायपुर - मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने आज छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद की शपथ ली। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन के निधन के बाद उनको प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी ने राजभवन में सादगी भरे समारोह में आनंदी बेन पटेल को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री रमन सिंह और राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। भाजपा के मातृ संगठन जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में एक टंडन (90) का कल दिल का दौरा पड़ने के बाद सरकारी डॉ बी आर आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में निधन हो गया।
राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने कल बताया कि टंडन के निधन के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पटेल को छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा।
उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद के लिए नियमित व्यवस्था होने तक पटेल अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगी।

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