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नई दिल्ली - गुजरात चुनाव में दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने कहा कि पिछले राज्यसभा चुनाव के दौरान जब चुनाव आयोग ने निर्णय दिया था, हमने उसे स्वीकार किया था। कांग्रेस ने तब इसी चुनाव आयोग को निष्पक्ष कहा था
कांग्रेस के आरोप पर भाजपा नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि जिनके लिए अंगूर खट्टे हैं वो चुनाव आयोग पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं।
आपको बता दें कि कांग्रेस नेता और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आचार संहित के उल्लंघन का आरोप लगया। साथ ही, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पीएम के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग पीएम के एक निजी सचिव की तरह काम कर रहा है।
सुरजेवाला ने आयोग पर अपने हमले को और तेज़ करते हुए कहा- “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डूब रहे जहाज को चुनाव आयोग की तरफ से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।” अहमदाबाद में कांग्रेस ने दूसरे चरण के लिए चल रहे मतदान के बीच पीएम मोदी पर रोड शो करने और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाकार चुनाव आयोग से शिकायत भी की।

 


नई दिल्ली - गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण और अंतिम चरण के लिए हो रही वोटिंग के बीच कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आचार संहित के उल्लंघन का आरोप लगया है। इसके साथ ही, कांग्रेस ने पीएम के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग पीएम के एक निजी सचिव की तरह काम कर रहा है।
गुरुवार को कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आयोग पर अपने हमले को और तेज़ करते हुए कहा- “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डूब रहे जहाज को चुनाव आयोग की तरफ से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।” अहमदाबाद में कांग्रेस ने दूसरे चरण के लिए चल रहे मतदान के बीच पीएम मोदी पर रोड शो करने और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाकार चुनाव आयोग से शिकायत भी की।
नई दिल्ली में सुरजेवाला ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा- “चुनाव आयोग भाजपा और कांग्रेस के लिए अलग स्टैंडर्ड अपना रही है। ऐसी क्या वजह है कि चुनाव आयोग भाजपा के मुख्य संगठन की तरह काम कर रहा है।”
सुरजेवाला ने आगे कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी संवैधानिक संस्थानों को कठपुतली बना दिया है जिसमें से एक चुनाव आयोग भी है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति पर भी सीधा निशाना साधा। 1975 बैच के आईएएस ऑफिसर एके ज्योति गुजरात में उस वक्त चीफ सेक्रेटरी थे जब वहां के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी थी। वह राज्य के इंडस्ट्री, रिवेन्यू और वाटर सप्लाई विभाग के भी सेक्रेटरी थे।


रामपुर - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन के दो वर्ष पुराने मामले में सख्त रुख अपनाया है। रामपुर में तैनात रहे दो जिलाधिकारियों को निलंबित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई करने का आदेश हुआ है।
इनमें से एक आइएएस अफसर गोरखपुर के जिलाधिकारी राजीव रौतेला तथा दूसरे अफसर कानपुर देहात के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह हैं। इन दोनों पर हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन न करने का आरोप है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता ने सात दिसंबर को दिए फैसले में राजीव रौतेला और राकेश कुमार के निलंबन के आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव को दिए हैं। साथ ही मामले की पूरी जांच कराकर दोषी पाए जाने पर अन्य अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि जिले में उस समय तैनात रहे सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की इस मामले में भूमिका की जांच कराई जाए। यदि वह दोषी हैं और सेवानिवृत्त (रिटायर) नहीं हुए हैं तो उन पर विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट 16 जनवरी को मांगी है।
रामपुर जिले के दढिय़ाल निवासी मकसूद ने दो वर्ष पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर प्रशासन की शह पर अवैध खनन कराए जाने की शिकायत की थी। हाईकोर्ट ने 24 अगस्त 2015 को प्रशासन को कार्रवाई के आदेश दिए थे। याचिका में हुसैन क्रेशर के मालिक गुलाम हुसैन नन्हें पर कोसी नदी से अवैध खनन करने का आरोप लगाया था।
कोर्ट में शिकायत करने पर मकसूद पर हमला भी हुआ था। उस समय रामपुर के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह थे। उन्होंने स्टोन क्रेशर पर कार्रवाई करते हुए सीज कर दिया था, लेकिन इनके बाद रामपुर में तैनात हुए जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने स्टोन क्रेशर का नवीनीकरण कर दिया। इससे क्षुब्ध होकर मकसूद फिर हाईकोर्ट पहुंचे और अवैध खनन जारी रहने का आरोप लगाते हुए प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। इस पर हाईकोर्ट ने वर्तमान जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी को तलब कर लिया। इस मामले में लगातार तीन दिन पांच से सात दिसंबर तक कोर्ट ने सुनवाई की।
कोर्ट ने कानपुर देहात के डीएम राकेश कुमार को भी सात दिसंबर को तलब किया। सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब अफसरों को फैसले की जानकारी नहीं हो सकी थी, लेकिन बुधवार को हाईकोर्ट का आदेश अपलोड होने पर इसकी जानकारी जिलाधिकारी को भी मिल गई।
जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि हमने स्टोन क्रेशर पर कड़ी कार्रवाई की। साथ ही इसके संचालकों पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट भी लगाया। लेकिन, कोर्ट यहां जिलाधिकारी रहे राकेश कुमार सिंह और राजीव रौतेला की ओर से की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुआ।


मुंबई - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी कलवरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया। कलवरी को नौसेना में शामिल करने के लिए आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा और अन्य शीर्ष रक्षा अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कलवरी 'मेक इन इंडिया का एक शानदार उदाहरण है और यह नौसेना की ताकत बढ़ाएगी।
पीएम मोदी ने कहा गौरवशाली पल
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि आज सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए बहुत गौरव का दिन है। वह सभी देशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बहुत-बहुत बधाई देते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आईएनएस कलवरी भारत और फ्रांस के बीच तेजी से बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। आईएनएस कलवरी हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की रक्षा क्षमताओं को कई गुना तक बढ़ाने वाली है। यह पनडुब्बी न केवल नौसेना की ताकत को एक अलग सिरे से परिभाषित करेगी बल्कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम के लिए भी एक मील का पत्थर मानी जा रही है।
जानें 10 खास बातें
-आईएनएस कलवरी स्कॉर्पियन क्लास की पनडुब्बी है।
-पनडुब्बी को जहां फ्रांस की कंपनी ने डिजाइन किया है तो इसे मुंबई के मंझगांव डॉकयॉर्ड में तैयार किया गया है।
-आईएनएस कलवरी की मारक क्षमता ऐसी है कि यह दुश्मन की ओर से आने वाले गाइडेड वेपेंस पर तुरंत हमला कर सकती है।
-इन हमलों को टॉरपीडो की मदद से अंजाम दिया जा सकता है।
-इसके अलावा पनडुब्बी के अंदर होने पर इसे ट्यूब की मदद से एंटी-शिप मिसाइल को भी इससे लॉन्च किया जा सकता है।
-नौसेना की मानें तो इस पनडुब्बी को ऐसे डिजाइन किया गया है कि यह हर तरह की स्थिति में अपने मिशन को पूरा कर सकती है।
-इस वर्ष दो मार्च को नौसेना ने कलवरी की मदद से एंटी-शिप मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था।
-अरब सागर में हुए इस सफल परीक्षण के साथ ही देश में निर्मित कलवरी ने अपनी श्रेष्ठता का एक नमूना पेश किया था।
-डीजल-इलेक्ट्रिक दोनों ही तरह ताकत से लैस इस पनडुब्बी के आने के बाद से नौसेना के बाद कुल पनडुब्बियों की संख्या 14 हो जाएगी।
-हिंद महासागर में बढ़ती चीनी गतिविधियों के मद्देनजर अभी नौसेना को 24 से लेकर 26 पनडुब्बियों की जरूरत होगी।
पहली पनडुब्बी का नाम भी था कलवरी
इस पनडुब्बी का नाम हिंद महासागर में गहरे पानी में पाई जाने वाली खतरनाक 'टाइगर शार्क पर कलवरी रखा गया है। समारोह से पहले एक अधिकारी ने बताया कि इस पनडुब्बी के, गहरे पानी में 120 दिन तक गहन समुद्री परीक्षण हुए हैं। पनडुब्बी के विभिन्न उपकरणों के लिए भी परीक्षण किए गए। कलवरी से भारत की नौवहन क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। इस पनडुब्बी का डिजाइन फ्रांसीसी नौसेना रक्षा एवं ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस ने तैयार किया है। इसका निर्माण भारतीय नौसेना के 'प्रोजेक्ट-75 के तहत मुंबई स्थित मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में किया गया। पहली कलवरी आठ दिसंबर 1967 को नौसेना में शामिल की गई थी। यह भारतीय नौसेना की पहली पनडुब्बी भी थी। करीब तीन दशक तक भारतीय नौसेना को अपनी सेवाएं देने के बाद इसने 31 मई 1996 को अपना काम बंद किया था।


नई दिल्‍ली - राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि 'पिछले तीन वर्षों में हम एक 'पावर-सरप्लस' राष्ट्र बन गए हैं, हालांकि हम इतने में ही संतोष नहीं कर सकते हैं। हमारी आवश्यकताएं निश्चित रूप से बढ़ रही हैं। औद्योगिक युग के लिए बिजली उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितना कृषि के लिए जल और इस संबंध में हम कोई समझौता नहीं कर सकते।' राष्ट्रपति कोविंद नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन-डे के कार्यक्रय के उद्धाटन पर बोल रहे थे।
दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए इस कार्यक्रम में ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह भी शामिल हुए। उन्‍होंने कहा, 'सरकार द्वारा किए गए उच्चस्तरीय ऊर्जा दक्षता संबंधी हस्तक्षेप से बिजली की खपत में पर्याप्त बचत हुई है। सरकार द्वारा किफायती दरों पर एलईडी बल्ब उपलब्ध कराने से इसके उपयोग में बहुत अधिक इजाफा हुआ है, जिससे पूरे देश में बिजली की काफी बचत हुई है। मेक इन इंडिया से लेकर स्‍मार्ट सिटीज बनाने तक ऊर्जा दक्षता हमारे अनेक प्रमुख कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। भारत में बिजली का एक-तिहाई हिस्सा वाणिज्यिक और आवासीय भवनों में उपयोग किया जाता है। इसलिए भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता का होना बहुत आवश्यक है।'
वहीं, अपने संबोधन में राष्‍ट्रपति कोविंद ने ये भी कहा कि बिजली का होना कमजोर तबके के लिए एक आर्थिक सुरक्षा कवच का काम करता है। सुदूर गांव में कोई मजदूर अपना मोबाइल चार्ज करके दुनिया से जुड़ सकता है, काम खोज सकता है। इस तरह ऊर्जा संरक्षण गरीबों के जीवन में बदलाव का माध्यम भी बन सकता है। सरकार सभी को 24x7 बिजली प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार नियत अवधि में इस लक्ष्य को प्राप्त करने, और अंतिम बिंदु तक कनेक्टिविटी पहुंचाने तथा सौभाग्य योजना के अंतर्गत सभी आवासियों को बिजली प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है।
केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, 'केंद्र सरकार ने देश के उन सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का वचन दिया है, जहां स्वतंत्रता के 70 वर्षों के बाद भी बिजली नहीं पहुंची। 15 अगस्त 2015 को ऐसे 18,452 गांवों की पहचान की गई थी। आज लगभग 3,000 गांवों में ही बिजली पहुंचाना बाकी रह गया है।
राष्ट्रपति ने कहा, 'यह प्रयास बहुत अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रयास उस गरीब किसान, मजदूर, आदिवासी या अन्य किसी वंचित की अंधेरी झोपड़ी में उजाला फैलाने का प्रयास है ,जो आज तक इस मूलभूत सुविधा से भी महरूम है।'
बता दें कि राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शामिल हुए।

 


एर्नाकुलम - रेप व मर्डर के दोषी अमीरुल इस्लाम को एर्नाकुलम मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे सजा-ए-मौत का फैसला सुनाया गया। बता दें कि केरल की एक दलित युवती के रेप व मर्डर मामले में अदालत ने मंगलवार को अमीरुल इस्लाम को दोषी ठहराते हुए सजा के फैसले को सुरक्षित रख लिया था। युवती की मां ने भी अदालत से दोषी के लिए सजा-ए-मौत की मांग की थी।
मालूम हो कि, 2016 में लॉ की छात्रा 30 वर्षीय जिशा पेरुमबवूर स्थित अपने घर पर मृत पायी गयी थी। केरल स्थित एर्नाकुलम के सेशन कोर्ट ने 6 दिसंबर को इस मामले में सुनवाई पूरी की और फैसला सुनाया था। जिशा की मां व अन्य प्रॉसीक्यूशन ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर केस बताया।
आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। अप्रैल में शुरू हुई जांच के दौरान 100 से ज्यादा गवाहों की जांच हुई थी। पुलिस ने बताया था कि खून से सने जूते पीड़िता के घर के पास नाले से मिले जो प्राप्त किए गए सबूतों में से एक था। इस बर्बर अपराध के बाद अमीरुल तुरंत पेरुमबवूर से फरार हो गया था। 50 दिनों बाद उसे कांचीपुरम में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
अपराधी ने जिशा के साथ इतना दर्रिंदगी दिखाई थी कि लोगों को दिल्ली के निर्भया कांड की याद आ गई। आरोपी ने जिशा का ना सिर्फ बलात्कार किया, बल्कि उसके निजी अंगों को भी नुकसान पहुंचाया और उसकी आंत तक बाहर निकाल दी। इस घटना को लेकर पूरे केरल में हड़कंप मच गया था।

 


नई दिल्ली - पवित्र अमरनाथ गुफा को शांत क्षेत्र घोषित करते हुए जयकारों पर रोक लगाने का एनजीटी का फैसला जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को समझ नहीं आया है। अब्दुल्ला ने ट्वीट कर एनजीटी के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि पवित्र अमरनाथ गुफा के बाहर तीर्थयात्रियों के जप और जयकारे से पर्याकरण को कैसा नुकसान पहुंचेगा।'
बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल [ एनजीटी ] ने पवित्र अमरनाथ गुफा को शांत क्षेत्र [ साइलेंस जोन ] घोषित करते हुए एक निश्चित सीमा से आगे जयकारे लगाने पर रोक लगा दी है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए एनजीटी प्रमुख जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ ने कहा कि बोर्ड गुफा के आसपास पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी दर्शनार्थी पवित्र हिमलिंग के दर्शन से वंचित न रहने पाए तथा भजन-कीर्तन और जयकारों के कारण गुफा की शांति तथा पारिस्थितिकी संतुलन न भंग होने पाए।
इससे पहले ट्रिब्यूनल ने कहा कि अमरनाथ गुफा के आसपास के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित करने से वहां हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं को रोकने तथा गुफा की प्राचीन स्थिति को बरकरार रखने में मदद मिलेगी। पीठ ने कहा, 'किसी को भी पवित्र गुफा तक जाने वाली सीढिय़ों तक कोई सामान ले जाने की छूट नहीं दी जाएगी। प्रवेश द्वार पर सभी की तलाशी ली जाएगी। सीढिय़ों के अंतिम बिंदु से लेकर गुफा के भीतर तक के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित किया जाना चाहिए।'
इसी के साथ एनजीटी ने हिमलिंग के आगे लगी लोहे की ग्रिल को हटाने का आदेश भी दिया, ताकि भक्त हिमलिंग का बेहतर ढंग से दर्शन कर सकें। ट्रिब्यूनल ने अंतिम तलाशी बिंदु से आगे दर्शनार्थियों को कोई भी निजी सामान ले जाने से रोकने का आदेश भी दिया।


नई दिल्ली - गुजरात की पारसी महिला गुलरुख गुप्ता के अपने समाज से बाहर हिंदू पुरुष से शादी करने पर पारसी 'मंदिर' में प्रवेश से रोक लगा दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उसे राहत दी है। गुलरुख ने अहमदाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती याचिका दायर की थी। कोर्ट के अनुसार अब वह पारसी मंदिरों में प्रवेश कर सकती है।
पारसी महिला के हिन्दू पुरुष से शादी करने का मामला गुजरात की बालसाड पारसी ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह महिला को पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए टावर आफ साइलेंस में जाने की इजाज़त देने को तैयार है। इससे पहले उसे बाहर शादी करने के कारण मना कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी महिला को पारसी रीति-रिवाज मे हिस्सा लेने की मनाही के पारसी ट्रस्ट के फ़ैसले को सही ठहराया था और कहा था कि विवाह के बाद महिला का धर्म पति के धर्म मे तब्दील हो गया है।
इसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अपना हक मांगा था। महिला का कहना था कि उसने हिन्दू पुरुष से स्पेशल मैरिज एक्ट में शादी की थी, धर्म परिवर्तन नहीं किया था। उसे पारसी रिवाज से पिता के अंतिम संस्कार हिस्सा लेने का हक मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने महिला की याचिका पर गुजरात की बालसाड पारसी ट्रस्ट से महिला की मांग पर विचार कर जवाब देने को कहा था। जिसके लिए ट्रस्ट ने आज कोर्ट में सहमति जताई।


तेलंगाना - आंध्रप्रदेश राज्य के विशेष सुरक्षा बलों ने एक माओवादी समूह के साथ हुए मुठभेड़ में 7 माओवादियों को मार गिराया। बताया जाता है कि सुरक्षा बलों ने इस दौरान 7 माओवादियों का एनकाउंटर कर मार गिराया।
सुरक्षा बलों और माओवादियों केबीच यह मुठभेड़ भद्रादरी कोठागुडम में हुई। सुरक्षा बलों ने मौके पर से 2 एसएलआर, 8 एमएम रायफल और अन्य दूसरे खतरनाक हथियार भी बरामद किये गए।

 


नई दिल्ली - कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में दिल्ली की विशेष सीबीआई कोर्ट ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को दोषी करार दिया है। उनके साथ पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार बसु व कोलकाता की कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड [ वीआईएसयूएल ] को भी दोषी पाया है। गुरुवार को सभी दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने मामले में वीआईएसयूएल के निदेशक वैभव तुल्सयान, लोक सेवक बसंत कुमार भट्टाचार्य, बिपिन बिहारी सिंह और चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन कुमार तुल्सयान को बरी कर दिया है। यह मामला झारखंड में राजहरा नॉर्थ कोयला ब्लॉक का आवंटन कोलकाता स्थित वीआईएसयूएल को देने में अनियमितताओं से जु़ड़ा है।
चौथा मामला जिसमें कोर्ट का फैसला आया
कोल ब्लॉक आवंटनल घोटाला मामले में ३० केस दर्ज हैं। अभी तक विशेषष कोर्ट ने चार मामलों में फैसला सुनाया है। इनमें १२ लोगों और चार कंपनियों को दोषषी ठहाराया गया है। पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता ११ मामलों में आरोपी हैं। इनमें से दो में वह दोषषी ठहराए जा चुके हैं। पूर्व में गुप्ता को मप्र में थेसगोरा--बील रद्रपुरी कोल ब्लॉक आंवटन में अनियमितता के आरोप में दो साल कैद की सजा सुनाई गई है। अभी वह जमानत पर हैं।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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