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नई दिल्ली - भारत और कनाडा के बीच 6 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। इन 6 महत्वपूर्ण समझौतों में इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम, स्पोर्ट्स, कॉमर्स एंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी, उच्च शिक्षा और साइंस, टेक्नोलॉजी व इनोवेशन शामिल है। हैदराबाद हाऊस में द्विपक्षीय वार्ता खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पीएम मोदी ने कनाडा के पीएम और उनके परिवार के भारत आने पर खुशी जताई। इसमें पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, 'हमने कई मुद्दों पर चर्चा की। आतंकवाद और उग्रवाद हमारे जैसे देशों के लिए खतरा हैं और इन तत्वों से लड़ने के लिए हमें एकजुट होने की जरूरत है।'
पीएम ने कहा, 'कनाडा के साथ अपने सामरिक भागीदारी को आगे बढ़ाने को भारत बहुत अधिक महत्व देता है। हमारे संबंध लोकतत्र, बहुवाद, कानून की सर्वोच्चता और आपसी संपर्क पर आधारित है।'
साझा बयान में पीएम ने शिक्षा का जिक्र करते हुए कहा, 'जब उच्च शिक्षा की बात आती है तो भारतीय छात्रों के लिए कनाडा एक महत्वपूर्ण स्थान है। कनाडा में हमारे 1 लाख 20 हजार से भी ज्यादा छात्र हैं। हमने उच्च शिक्षा में बेहतरी के लिए और करार किए हैं, ताकि उच्च शिक्षा के एक्सचेंज में बढ़ोतरी हो सके।'
पीएम के बयान के मुख्य बिंदु
- उत्तर कोरिया और मालदीव की स्थिति की बात करते समय हमारे समान विचार होते हैं।
- कनाडा एक एनर्जी सुपर- पावर है, जो हमारी ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा कर सकता है।
- जो लोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं और अलगाववाद को बढ़ावा देते हैं, उनके लिए
- कोई जगह नहीं होनी चाहिए। हम उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो हमारे देशों की एकता और अखंडता को चुनौती देते हैं।
- कनाडा से भारतीय समुदाय की उपलब्धियों पर हम सभी भारतीयों को गर्व है। मुझे दोनों के बीच और अधिक साझेदारी की उम्मीद है
वहीं, कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने साझा बयान में कहा, 'भारत और कनाडा न सिर्फ इतिहास को शेयर करते हैं बल्कि हमारे मूल्यों दोनों देशों के बीच एक प्राकृतिक दोस्ती को प्रोत्साहित करते हैं।' ट्रूडो ने कहा, 'जैसा कि कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की कोशिश करता है और व्यापार को अपनी सीमाओं से परे करने के लिए नए अवसरों की तलाश करता है, भारत वाणिज्यिक सहयोग के लिए एक स्वाभाविक साथी और विश्वसनीय दोस्त है।'
सुषमा स्वराज से ट्रूडो की मुलाकात
कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों (भारत-कनाडा) ने द्विपक्षीय भागीदारी को और मजबूत व गहरा करने के तरीके पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तस्वीर भी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, 'विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो के साथ बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों की साझेदारी को मजबूती देने के तरीके पर व्यापक चर्चा हुई।'
इस बीच ट्रुडो अपने परिवार के संग राजघाट पहुंचे। जहां उन्होंने राष्ट्रपति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति भवन में ट्रूडो को मिला गार्ड ऑफ ऑनर
7 दिनों की भारत यात्रा पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का आज राष्ट्रपति भवन में स्वागत हुआ। जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी ने अगुवाई करते हुए ट्रूडो और उनके पूरे परिवार का स्वागत किया। जहां पीएम मोदी और ट्रूडो का परिवार एक-दूसरे से मिलकर काफी उत्साहित नजर आया। ट्रूडो की बेटी एला-ग्रेस तो पीएम मोदी को देखकर तुरंत उनके गले लग गई।
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी और ट्रूडो के बीच आज द्वीपक्षीय वार्ता होगी। वहीं ट्रूडो से मुलाकात के पहले मोदी ने गुरुवार को ट्वीट कर 2015 की एक फोटो भी पोस्ट की थी। इसमें वह ट्रूडो के साथ उनकी बच्ची का कान खींचते नजर आ रहे हैं। मोदी ने ट्वीट में कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और उनके परिवार ने भारत दौरे का लुत्फ उठाया होगा। मैं विशेष रूप से उनके बच्चों जेवियर, एला-ग्रेस और हैडियन से मिलने के लिए उत्सुक हूं। ये तस्वीर मेरी 2015 की कनाडा यात्रा की है, जब मैं प्रधानमंत्री ट्रूडो और एला-ग्रेस से मिला था।’
बता दें कि ट्रूडो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर 7 दिवसीय भारत दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने भारत के कई शहरों का दौरा किया और ऐतिहासिक स्थलों की भव्यता का आनंद लिया।
अब तक एक अरब डॉलर के निवेश समझौते
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को कहा कि उनकी वर्तमान भारत यात्रा के दौरान अब तक एक अरब डॉलर निवेश के समझौते हो चुके हैं। इससे करीब 6 हजार गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित होंगे। सीआइआइ के सहयोग से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रूडो ने कहा कि वह भारत और कनाडा के बीच ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए आए हैं। भारत में उनके परिवार की आवभगत असाधारण दर्जे की रही है। कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय भारत में 400 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां कार्यरत हैं और आगामी वर्षों में इनकी संख्या में और इजाफा होगा।
कनाडा के आइडीआरसी के साथ समझौता
विभिन्न क्षेत्रों के शोध में सहयोग के लिए भारत ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय विकास अनुसंधान केंद्र (आइडीआरसी) के साथ एक समझौता किया है। बयान के मुताबिक, इसमें वित्त, कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र शामिल हैं।
विवादों से भरा रहा है कनाडाई पीएम ट्रूडो का दौरा
पिछले पांच दिनों से भारत की यात्रा पर कर रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की यात्रा रोजाना किसी न किसी नए विवाद में फंसती जा रही है। कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस यात्रा के दौरान ट्रूडो ने जितनी रंगबिरंगी भारतीय पोशाक नहीं बदलीं, उससे ज्यादा विवादों को जन्म दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को एक नया विवाद यह सामने आ गया कि ट्रूडो के स्वागत के लिए मुंबई में कनाडाई उच्चायोग की तरफ से दिए गए रात्रिभोज में खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल को भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन भारत की कड़ी आपत्ति के बाद इस निमंत्रण को फौरन रद कर दिया गया। हालात संभालने की कोशिश स्वयं ट्रूडो के स्तर पर हुई और उन्होंने इसे गंभीर मसला बताते हुए कहा कि अटवाल को यह निमंत्रण नहीं मिलना चाहिए था।
अटवाल पर क्या बोला विदेश मंत्रालय
जसपाल अटवाल ने भारत में प्रवेश किस तरह किया, इसको लेकर स्थिति अभी तक साफ नहीं हो पाई है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि इसका पता लगाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है, कनाडा ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि अटवाल को गलती से निमंत्रण चला गया था और इसी वजह से बाद में उसे रद किया गया। उधर, गृह मंत्रालय की तरफ से यह स्पष्टीकरण दिया गया है कि अटवाल फिलहाल भारत की तरफ से जारी होने वाले प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में नहीं है। अटवाल की गिरफ्तारी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुछ मामलों में वह सजा काट चुका है और इसकी जानकारी नहीं है कि ऐसा कोई और केस भी चल रहा है या नहीं।
कनाडाई सांसद की सिफारिश पर दिया निमंत्रण
माना जा रहा है कि किसी कनाडाई सांसद की सिफारिश पर अटवाल को प्रधानमंत्री ट्रूडो के साथ भोज के लिए निमंत्रण दिया गया था। अटवाल ने स्वयं मीडिया को बताया कि वह निजी दौरे पर भारत आया है। वैसे कनाडाई उच्चायोग और स्वयं प्रधानमंत्री ट्रूडो की सफाई के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में जो खटास पैदा हो रही थी, वह जसपाल अटवाल की वजह से और गहरी हो गई है।
आइएसवाईएफ से रहे हैं अटवाल के संबंध
अटवाल अभी कनाडा में एक व्यवसायी है, लेकिन उसके खालिस्तान समर्थक संगठनों से पुराने संबंध रहे हैं। अभी वह एक ऑनलाइन रेडियो स्टेशन चलाता है, लेकिन पूर्व में उसके संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आइएसवाईएफ) के साथ रहे हैं। यह वही संगठन है जिसने 1985 में एयर इंडिया के विमान में विस्फोट की साजिश रची थी। यह संगठन भारत के अलावा कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में भी प्रतिबंधित है। पंजाब सरकार के मंत्री मलकियत सिंह सिद्धू पर कनाडा के शहर वैंकूवर में 1986 में हमला करने की साजिश रचने के आरोप में अटवाल को गिरफ्तार किया गया था और उसे सजा भी सुनाई गई थी।
भारतीय नागरिक नहीं है अटवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, यह साफ है कि अटवाल भारतीय नागरिक नहीं है तभी उसे वीजा दिया गया है। लेकिन यह पता लगाया जा रहा है कि क्या किसी नियम कानून की अनदेखी करके वीजा दिया गया है। क्या अटवाल को भारत में गिरफ्तार किया जाएगा, यह पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि वह अपने अपराध की सजा संभवत: काट चुका है। यह अभी साफ नहीं है कि उसके खिलाफ भारत में अभी कोई मामला लंबित है या नहीं।
पहले दिन से ही यात्रा विवाद में
ट्रूडो के सत्ता में आने के बाद से ही भारत-कनाडा रिश्तों में खींचतान चल रही है। इसके पीछे एक ही वजह है कि ट्रूडो की नीतियां कई बार खालिस्तान समर्थक रही हैं। वैसे ट्रूडो ने इस यात्रा के दौरान सफाई दी है कि वह भारत की एकजुटता के पक्षधर हैं और यहां अनेकता में एकता के समर्थक हैं। लेकिन माना जा रहा है कि 2019 में कनाडा में होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर वह कूटनीति में राजनीति को घुसाने की कोशिश कर रहे हैं। कनाडा में गुजरात व पंजाब से गए लोगों की खासी संख्या है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी ट्रूडो के साथ मुलाकात में खालिस्तानी आतंक का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है।


श्रीनगर - पाकिस्‍तान लगातार सीमा पर सीजफायर उल्‍लंघन और घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। मगर भारतीय जवान भी पाकिस्‍तान की 'नापाक' हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। परिणामस्‍वरूप जम्‍मू-कश्‍मीर के कई सेक्‍टर में हुए हमलों में तीन-चार पाक सैनिकों के ढेर होने की खबर है और कम से कम चार पोस्‍ट भी तबाह हो गए हैं, जहां से वे घुसपैठियों की मदद करते थे।
बीएसएफ की एक महिला अधिकारी ने 2 पाकिस्‍तानी सैनिकों के ढेर होने की पुष्टि करते हुए कहा था कि पड़ोसी देश नहीं चाहता है कि भारत में शांति का माहौल हो। इसलिए वह इस तरह की हरकतें कर रहा है। हालांकि हमारे जवान भी उन्‍हें करारा जवाब दे रहे हैं।
इस बीच, आपको बता दें कि मेंढर सेक्टर से सीमा पार की गई भारतीय कार्रवाई का एक वीडियो सामने आया है। इसके अनुसार, एलओसी के पार पांच सौ मीटर अंदर पाकिस्तानी सेना की चार पोस्टों को बर्बाद कर दिया गया है। बताया जा रहा है पिछले कुछ दिनों से पाकिस्‍तानी सेना अपनी इन्हीं चार पोस्टों से लगातार भारतीय सैन्य चौकियों को निशाना बनाकर गोलाबारी कर रही थी। इन पोस्टों से आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में दाखिल करवाने का बार-बार प्रयास किया जा रहा था।
बीते रविवार को पुंछ के खड़ी करमाड़ा सेक्टर में भी पाकिस्‍तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) ने भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास किया था। तब जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने बैट के एक सदस्य को भी ढेर कर दिया था, जबकि दो से तीन अन्‍य घायल हो गए थे।
बुधवार को उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी अनबू और 16 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सरनजीत सिह ने राजौरी-सुंदरबनी सेक्टर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा करने के साथ सेना के उच्च अधिकारियों से बैठक कर कई दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद पाकिस्‍तानी सेना की पोस्टों को उड़ाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि भारत की ओर से रॉकेट लांचर के जरिए की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना की चार पोस्ट नेस्तनाबूद हो गई है।
गुरुवार को उड़ी सेक्‍टर में पाकिस्‍तान द्वारा बरसाए गए गोले में तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। हालांकि भारतीय जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी बंदूकें शांत हो गईं, लेकिन उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे इलाकों में तनाव बरकरार है। अग्रिम इलाकों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही सेना ने अग्रिम इलाकों में घुसपैठ व बार्डर एक्शन टीम (बैट) के हमले की आशंका को देखते हुए सघन तलाशी अभियान चला रखा है।
बीते चार दिनों में पाकिस्तानी सेना द्वारा उड़ी सेक्टर में संघर्ष विराम उल्लंघन का यह दूसरा और उत्तरी कश्मीर में चौथा मामला है। इस सप्ताह सोमवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने उड़ी सेक्टर के इसी इलाके में भारतीय ठिकानों पर गोलाबारी की थी, जिसमें तीन ग्रामीण जख्मी हुए थे। मंगलवार को टंगडार सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था और बुधवार को भारतीय सेना की कार्रवाई में एक पाकिस्तानी चौकी तबाह होने के अलावा दो पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए थे।
संबंधित अधिकारियों ने बताया सुबह आठ बजे गुलाम कश्मीर के हाजीपीर सेक्टर में तैनात पाकिस्तानी सैनिकों ने उड़ी सेक्टर के चुरंडा, तिल्लावारी व उसके साथ सटे अग्रिम गांवों व सैन्य चौकियों को निशाना बनाया, जिस इलाके में गोलाबारी हुई वह रुस्तम और टीका चौकियों के दायरे में आता है। भारतीय जवानों ने भी पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया।


नई दिल्ली - दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले को लेकर अब उत्तम नगर से 'आप' विधायक ने नरेश बाल्यान बड़ा बयान दिया है। उत्तम नगर में एक रैली को संबोधित करते हुए बाल्यान ने कहा कि 'जो दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ हुआ और जो इन्होंने झूठे आरोप लगाए हैं मैं तो कहता हूं कि ऐसे अधिकारियों को ठोकना चाहिए।' आप विधायक ने यह भी कहा कि 'जो आम आदमी का काम रोककर बैठे हैं ऐसे अधिकारियों के साथ यही सलूक होना चाहिए।'
मुश्किल में 'आप'
गौरतलब है कि मारपीट के मामले में अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार बड़ी मुश्किल में फंस गई है। मामले में बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब तीस हजारी कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के आरोपी विधायकों अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सीएम केजरीवाल ने तोड़ी चुप्पी
यहां यह भी बता दें कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट को लेकर पहली बार दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली पुलिस शुक्रवार को मामले में सबूत जुटाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंची। इसी दौरान केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि उनके घर पर काफी पुलिस भेजी गई है, ये अच्छी बात है, लेकिन जज लोया की हत्या के मामले में अमित शाह से पूछताछ कब होगी। केजरीवाल ने लिखा 'दो थप्पड़ के आरोप की जांच के लिए मुख्यमंत्री के पूरे घर की तलाशी चल रही है। जज लोया की हत्या पर पूछताछ बनती है या नहीं।'
एलजी ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट
गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्य सचिव से मारपीट मामले पर एक रिपोर्ट उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गृह मंत्रालय को सौंप दी है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल से एक रिपोर्ट मिली है। इस पर विचार चल रहा है। दिल्ली पुलिस इस मामले के आपराधिक पहलू को देख रही है, जबकि गृह मंत्रालय इस रिपोर्ट के प्रशासनिक मुद्दों को देख रहा है।
पांच मिनट का मौन
गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ 'आप' विधायकों द्वारा की गई बदसलूकी का विरोध कर रहे अधिकारियों के तेवर और अधिक सख्त होते जा रहे हैं। दिल्ली सरकार के मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक का बहिष्कार करने का एलान कर चुके अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को मौन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।
अधिकारी आत्मसम्मान के साथ कार्य कर सकें
दिल्ली आइएएस एसोसिएशन की सचिव मनीषा सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर मुख्य सचिव के साथ हुई बदसलूकी की घटना से दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के विश्वास को क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक पक्ष को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि अधिकारी आत्मसम्मान के साथ कार्य कर सकें।

 


नई दिल्ली - आतंकवादियों को फंडिंग और मनीलांड्रिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करने और गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) और चीन की तरफ से विरोध वापस लेने के बाद फानेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) अब पाकिस्तान की ‘ग्रे लिस्ट’ देशों में शामिल करने जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इसका औपचारिक ऐलान शुक्रवार के बाद कर दिया जाएगा।
नई दिल्ली और इस्लामाबाद के कई सूत्रों ने यह बताया कि एफएटीएफ की पेरिस में हुए प्लेनरी मीटिंग में जीसीसी और चीन के विरोध वापस लेने के बाद अमेरिका समर्थित प्रस्ताव पास हुआ। इस प्रस्ताव का शुरुआत में सऊदी अरब, चीन और तुर्की ने विरोध किया। लेकिन, अंत में सिर्फ तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया। अमेरिका के अलावा जिन देशों ने इसका समर्थन किया वो थे ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस।

 


नई दिल्ली - पीएनबी के 11400 रुपए के घोटाले में लगातार जांच जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज कहा कि उसने नीरव मोदी समूह के करीब 44 करोड़ रुपये कीमत की बैंक जमा और शेयरों के लेन देन पर रोक लगा दी है और अरबपति हीरा कोरोबारी से संबंधित स्थानों से आयातित घंडियों का विशाल संग्रह जब्त किया है।
अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उन्होंने बैंक खातों और शेयरों के लेनदेन पर रोक लगा दी है। बैंक खातों में 30 करोड़ रुपये हैं, जबकि शेयरों की कीमत 13.86 करोड़ रुपये है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक हफ्ते में अरबपति हीरा कारोबारी से संबंधित अलग अलग स्थानों पर ईडी की तलाशी में महंगी घड़ियों का जखीरा, 176 स्टील की अल्मारियां, 158 संदूक और 60 अन्य बक्से जब्त किए गए हैं।
कल ही एजेंसी ने व्यापारी और उसके समूह की बैंक जमा, शेयर और लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं जिनकी कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
ईडी और अन्य एजेंसियां मोदी, उसके मामा एवं गीतांजलि जेम्स के प्रोमोटर मेहुल चोकसी के खिलाफ जांच कर रही हैं। दरअसल पंजाब नेशनल बैंक(पीएनबी) की शिकायत के बाद मामला सामने आया था कि उन्होंने बैंक के कुछ कर्मियों के साथ मिलकर कथित रूप से राष्ट्रीयकृत बैंक से 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।
सीबीआई और ईडी ने मामले की जांच में दो-दो प्राथमिकियां दर्ज की हैं। कहा जाता है कि आपराधिक मामला दर्ज होने से पहले ही मोदी और चोकसी ने देश छोड़ दिया था।
गीतांजलि जेम्स के कर्मचारी बोलेा-लोग अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहे हैं
वहीं इस मामले में महाराष्ट्र के अंधेरी इस्ट में गीतांजलि जेम्स के कर्मचारी गीतांजलि ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गीतांजलि जेम्स के एक कर्मचारी ने बताया कि हमें कोई भी इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है। लोग अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहे हैं।


देहरादून - राजधानी दिल्ली सहित देश के कई शहरों में मेट्रो ने आम लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। इससे एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान बना दिया है और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम करने में इससे मदद मिली है। मेट्रो के साथ ही मोनो रेल भी मुंबई जैसे शहर में चलाई गई है। शहरों के ऊपर लगातार बढ़ते जनसंख्या और ट्रैफिक दबाव के चलते परिवहन के नए-नए संसाधनों की तलाश जारी है। ध्यान रहे कि यहां हम हाइपरलूप और बुलेट ट्रेन जैसे लंबी दूरी के विकल्पों के बारे में बात नहीं कर रहे, बल्कि शहर के भीतर आवागमन को आसान बनाने वाले साधनों की बात हो रही है। मेट्रो और मोनो रेल से आगे बढ़ते हुए एक नए साधन की तरफ अब भारत बढ़ने लगा है। आइए जानते हैं उस साधन के बारे में...
भविष्य का परिवहन है मेट्रिनो
जी हां हम भविष्य की जिस परिवहन प्रणाली की बात कर रहे हैं वह मेट्रिनो है। यह मौजूदा परिवहन व्यवस्था में आम हो चुके मेट्रो और मोनो रेल से बिल्कुल अलग है। असल में यह एक तरह की एयर टैक्सी सेवा है। यह जमीन से कई मीटर ऊपर पाइप के सहारे चलती है। इस तरह से यह सड़क पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने में भी मददगार होगी। खास बात यह है कि मेट्रो और मोनोरेल की तरह इसको बनाने में भारी खर्च भी नहीं आता।
दिल्ली में मेट्रिनो पर अधिक रुझान
केंद्र सरकार ने जैसे ही दिल्ली में मेट्रिनो के संचालन की घोषणा की, चार अंतराष्ट्रीय कंपनियों की बिड भी प्राप्त हो गई। दिल्ली में धौलाकुआं से हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र मानेसर तक मेट्रिनो के संचालन की योजना पर काम चल रहा है।
एसी युक्त पॉड टैक्सी है मेट्रनो
मेट्रिनो एक पॉड (डिब्बा) टैक्सी की तरह है और यह रोप-वे की तरह नजर आती है। हालांकि रोप-वे ट्रॉली को किसी स्थान पर रोकने पर अन्य ट्रॉली भी थम जाती हैं, जबकि मेट्रिनो में ऐसा नहीं होता। साथ ही यह एयरकंडीशंड (एसी) सुविधा से भी लैस होती है।
6.5 मीटर की ऊंचाई पर संचालन
एमडीडीए वीसी के अनुसार मेट्रिनो का संचालन जमीन से कम से कम 6.5 मीटर की ऊंचाई पर किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार इसकी ऊंचाई तय की जाएगी।
60 किमी प्रति घंटा तक रफ्तार
मेट्रिनो की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी। रफ्तार के लिहाज से भी यह अधिक जाम वाली सड़कों पर सफर करने से कहीं बेहतर है।
50-60 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर लागत
मेट्रिनो परियोजना की लागत प्रति किलोमीटर 50 से 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस लिहाज से देखें तो यह मेट्रो व मोनो रेल के मुकाबले कहीं अधिक किफायती है।
चालकरहित होती है मेट्रिनो
मेट्रिनो चालकरहित होती है। इसमें भीतर स्क्रीन पर विभिन्न स्टेशन के नाम होते हैं और यात्री उन पर चुनाव करके संबंधित स्टेशन पर उतर सकेंगे। उतरने व चढ़ने के दौरान पॉड टैक्सी लिफ्ट की तरह नीचे आएगी और फिर ऊपर चली जाएगी।
देहरादून में भी चलेगी मेट्रिनो
देहरादून को जाम से निजात दिलाने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने भी मेट्रिनों का सुनहरा ख्वाब बुना है। प्राधिकरण ने मेट्रिनो परियोजना पर काम भी शुरू कर दिया है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के समक्ष इसका प्रस्तुतीकरण भी किया।
देहरादून को ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार के अनुसार कुछ समय पहले नीति आयोग ने मेट्रिनो का संचालन पायल प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। हालांकि आयोग ने दिल्ली के लिए इसकी संस्तुति की है। इसी तर्ज पर दून में भी इसके संचालन के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। इसकी वजह यह कि यहां भी जाम की समस्या दिनों-दिन विकट होती जा रही है। मेट्रिनो की सबसे खास बात यह कि इसका संचालन अधिक भीड़-भाड़ वाले इलाके में भी किया जा सकेगा। इस परियोजना में किसी बड़े ढांचे के निर्माण की भी जरूरत नहीं होती है।
मुख्य सचिव ने भी परियोजना पर सहमति व्यक्ति की और अब मेट्रिनो बनाने वाली इसी नाम की कंपनी मेट्रिनो के अधिकारियों को दून में बुलाने की की जा रही है। ताकि वह यह सुनिश्चित कर पाएं कि शहर के किन हिस्सों में इसका संचालन संभव है।


नई दिल्ली - सीबीआई को कोर्ट ने रोटोमैक पेन्स मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी को एक दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजने की अनुमित दे दी है। सीबीआई ने शुक्रवार को रॉटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी एवं उनके बेटे राहुल को 3,695 करोड़ रुपये का ऋण नहीं चुकाने से जुड़े एक मामले में आज अदालत में पेश किया और उन्हें लखनऊ ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी।
दोनों अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के सामने पेश किये गये। उन्हें ऋण अदायगी के कथित उल्लंघन को लेकर कल गिरफ्तार किया गया था। बचाव पक्ष के वकील प्रमोद कुमार दुबे ने अदालत के क्षेत्राधिकार पर प्रश्न खड़ा किया और कहा कि आरोपी मजिस्ट्रेट अदालत में नहीं बल्कि सत्र अदालत में पेश किये जाएं।
अदालत ने आज दिन में बाद के समय के लिए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार सात बैंकों के एक समूह ने रॉटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को 2008 के बाद से 2,919 करोड़ रुपये का ऋण दिया । यह राशि भुगतान संबंधी बार बार उल्लंघन के कारण ब्याज समेत 3,695 करोड़ रुपये हो गयी।
बैंक ऑफ बड़ोदा की शिकायत पर सीबीआई ने कार्रवाई की है। बैंक ऑफ बड़ोदा ने नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी की तरह कोठारी के भी विदेश भाग जाने की आशंका से सीबीआई से संपर्क किया था। सीबीआई ने विक्रम, उनकी पत्नी साधना, पुत्र राहुल और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।


रायपुर/धमतरी - स्वच्छता की ब्रांड अंबेस्‍डर के रूप में विख्यात 106 वर्ष की कुंवर बाई का शुक्रवार को निधन हो गया। इससे पहले उनकी तबियत बिगड़ने के बाद गुरुवार को धमतरी से रायपुर रैफर किया गया था। गौरतलब है कि बुधवार रात को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 9.45 बजे कुंवर बाई की सेहत के बारे में वीडियो कॉलिंग के माध्यम से जानकारी ली तथा उनके परिजनों से बात करके शासन-प्रशासन से यथासंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया था।
गौरतलब है कि कुछ साल पहले राजनांदगांव के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंवर दाई के पैर छुए थे। मुख्यमंत्री ने दिल्ली से इस दौरान कुंवर बाई से सीधी बात करनी चाही, किंतु उनके स्वास्थ्यगत कारणों से बात नहीं हो पाई। अलबत्ता कुंवर बाई की बेटी सुशीला बाई और नातिन चंद्रकला यादव से मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बातचीत की थी।
स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसेडर कुंवर बाई आंबेडकर अस्पताल में भर्ती
22 हजार रुपए में बकरियां बेचकर शौचालय बनकर देशभर में चर्चा में आई धमतरी निवासी 106 वर्षीय कुंवर बाई का सांस की बीमारी से लगातार लगातार गिरता जा रहा है। लंबे समय से जिला अस्पताल में भर्ती रहीं कुवंर बाई के संबंध में बुधवार को जब मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को जानकारी मिली तो उन्होंने जिला प्रशासन के अफसरों को निर्देश दिया की वे अस्पताल पहुंचे और वीडियो कॉलिंग के जरिए कुंवर बाई से बात कराएं। हालांकि वे इस स्थिति में नहीं थी की बात कर सकती। सीएम ने उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल रायपुर के आंबेडकर अस्पताल रेफर करने के निर्देश दिए।
उन्हें तमाम जांच के बाद आंबेडकर अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आरएल खरे के मुताबिक कुंवर बाई की स्थिति स्थिर बनी हुई है। उन्हें सांस संबंधित समस्या है तो प्रतिरोधक क्षमता भी कम है।
गौरतलब है की 21 फरवरी की रात कुंवर बाई की बेटी सुशीला और नातिन चंद्रकला यादव से मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बातचीत की थी। परिजनों ने सीएम से बेहतर इलाज का निवेदन भी किया था। जिस पर उन्होंने धमतरी कलेक्टर सीआर प्रसन्ना और सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे को निर्देशित किया था। सीएम ने परिजनों को आश्वास्त किया की वे कतई चिंता न करें, बेहतर इलाज मुहैया करवाया जाएगा।
कौन है कुंवर बाई
धमतरी ब्लाक के ग्राम बरारी के आश्रित ग्राम कोटाभर्री निवासी कुंवर बाई स्वच्छता की ब्रॉण्ड एम्बेसेडर के रूप्ा में विख्यात है। मई 2017 में राजनांदगांव के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंवर बाई का पैर छूएकर उनका सम्मान किया था। तब से शासन-प्रशासन स्वच्छता से प्रेरित करने वाली इस वृद्धा को स्वच्छतादूत मानता है। बता दें की घर में शौचालय बनवाने के बाद उन्होंने घर-घर शौचालय बनाने जागरूकता अभियान भी चलाया।


नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है।
बता दें कि सुनंदा पुष्कर की मौत कैसे हुई थी इसकी जांच के लिए सुब्रमण्यम स्वामी ने एसआईटी जांच कराने की मांग की थी। स्वामी ने अपनी याचिका में दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे। इससे पहले स्वामी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल कर जांच की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने उनकी यह याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रूख लिया था। इस याचिका में सुब्रमण्यम स्वामी ने सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी जांच की मांग की थी।
HC खारिज कर चुका है याचिका-
दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले साल 26 अक्टूबर को सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका को राजनीतिक हित के लिए बताते हुए खारिज कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि यह मुकद्दमा 'राजनीति से प्रेरित मुकदमा' लगता है जिसे जनहित याचिका का रूप दिया गया है। साथ ही कोर्ट ने उस दौरान अब तक हुई जांच की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने जांच में हो रही देरी पर भी अपनी चिंता जाहिर की थी।
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता शशी थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की लाश 17 जनवरी 2014 की रात दिल्ली के लीला होटल में संदिग्ध हालत में मिली थी।

 


नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से अपना ऑपरेशन टर्मिनल-2 पर शिफ्ट करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस डी वाई. चंद्रचूड़ ने इंडिगों एयरलाइन को आदेश देते हुए कहा कि वह टर्मिनल टू पर 25 दिनों के भीतर अपना संचालन शिफ्ट करे।
आपको बता दें कि बीते 13 फरवरी को हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ इंडिगो एयरलाइंस की अपील को खारिज कर दिया था। दरअसल दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने इंडिगो एयरलाइंस को अपना ऑपरेशन टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ इंडिगो एयरलाइंस ने हाईकोर्ट का रूख किया था। सिंगल बेंच ने इंडिगो एयरलाइंस की अर्जी को खारिज कर दिया था जिसके खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील दायर की गई थी।
दरअसल टर्मिनल-1 (टी-1) टर्मिनल-2 (टी-2) से आइजीआइ हवाई अड्डे पर पिछले साल 21 अक्टूबर को डायल ने तीन उड़ानों को 4 जनवरी से दिल्ली से मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए अपनी उड़ानें बदलने के लिए कहा था। एयरलाइंस कंपनियों ने इसे मानने से इन्कार कर दिया था। मामले के कोर्ट में आने के बाद सिंगल बेंच ने भी दिल्ली अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) के फैसले का समर्थन किया। इस फैसले को एयरलाइंस कंपनियां ने डबल बेंच में चुनौती दी थी।

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