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जम्मू - जम्मू कश्मीर में पीडीपी से गठबंधन टूटने के बाद अमित शाह पहली बार जम्मू का दौरा कर रहे हैं। बलिदान समारोह में शामिल होने के बाद शाह ने वहां की जनता को संबोधित किया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि देश में अगर किसी राजनीतिक पार्टी की सरकार गिरती है तो वह अफसोस जताते हैं।
लेकिन सिर्फ भारतीय जनता पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सरकार गिरती है तो, भारत माता की जय के नारे लगाकर उसका स्वागत करती है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने विकास के लिए बहुत काम किया। जम्मू कश्मीर के लिए काफी पैसा केंद्र सरकार ने भेजा, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं किया गया।
जम्मू और लद्दाख की जनता ने हमें चुना लेकिन विकास के लिए इन क्षेत्रों के साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए सरकार नहीं बल्कि जम्मू और कश्मीर का विकास और उसकी सुरक्षा एक मात्र उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा किए गए आन्दोलनों और उनके बलिदान का ही परिणाम है जिसने जम्मू और कश्मीर से परमिट व्यवस्था को समाप्त किया।
शाह ने कहा कि मैं जम्मू और कश्मीर की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं, कांग्रेस पार्टी कितना भी षड्‍यंत्र करले लेकिन कोई भी जम्मू और कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकता। सैफुद्दीन सोज साहब भाजपा कभी जम्मू कश्मीर को भारत से अलग नहीं होने देगी। जम्मू कश्मीर हिंदुस्तान का अटूट हिस्सा है। श्यामा प्रसाद मुख़र्जी ने इससे अपने खून से सींचा है।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए सरकार में होने या ना होने से फ़र्क नहीं पड़ता। हमारे लिए जम्मू कश्मीर का विकास और उसकी सलामती एकमात्र प्रमुख उद्देश्य है।


मुंबई - महाराष्ट्र में आज से प्लास्टिक को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने नागरिकों और प्लास्टिक निर्माताओं को प्लास्टिक नष्ट करने के लिए 23 जून तक का समय दिया था। अगर कोई भी दुकानदार या आम नागरिक प्लास्टिक का इस्तेमाल करता पकड़ा गया तो उसपर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि दूसरी बार में दस और तीसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार का जुर्माना लगेगा। साथ ही तीन महीने की जेल भी हो सकती है।
अधिसूचना के मुताबिक, प्लास्टिक और थर्मोकोल से बनने वाले प्रोडक्ट को बैन किया गया है। इसमें प्लास्टिक बैग, डिस्पोजेबल कप, थर्माकोल की प्लेट, चम्मच, कांटे, चश्मा और कंटेनर शामिल हैं। इसके अलावा प्लास्टिक स्ट्रॉ, पाउच और पैकिंग वाली पन्नी भी राज्य के बैन में शामिल है। सजावट के लिए प्लास्टिक और थर्माकोल का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित है।
बता दें कि राज्य सरकार ने इस साल मार्च में महाराष्ट्र प्लास्टिक और थर्मोकॉल उत्पाद अधिसूचना जारी करने के बाद प्रतिबंध लागू किया था। सरकार ने निर्माताओं, वितरकों और उपभोक्ताओं को अपने मौजूदा स्टॉक का निपटान करने और प्लास्टिक की जगह कुछ और विकल्प के लिए तीन महीने का समय दिया था। हालांकि इस अधिसूचना को प्लास्टिक, पीईटी बोतल और थर्माकोल निर्माता और खुदरा एसोसिएशन ने चुनौती दी थी। इस चुनौती में कहा गया था कि लगाए गए प्रतिबंध मनमाने हैं और कानूनी रूप से गलत हैं, इससे लोगों के घर चलाने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है।
सरकार ने दवाइयों, दूध, खाद्य पदार्थ, कृषि के काम में आने वाले उत्पाद जिन्हें डिस्पोज किया जा सकता है, उनके इस्तेमाल पर बैन नहीं लगाया है। जिन उत्पादों को एक्सपोर्ट किया जाना है, उन पर बैन लागू नहीं है। कचरा निपटाने के लिए भी प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन नहीं लगाया गया है।
बता दें कि बारिश के दिनों में मुंबई में जलभराव की समस्या आम बात है। प्लास्टिक की वजह से नाले-सीवर जाम हो जाते हैं, जिससे बारिश का पानी निकल नहीं पाता है। मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने मुंबई में प्लास्टिक इस्तेमाल करने वालों को पकड़ने के लिए करीब 250 इंस्पेक्टर भी नियुक्त किए हैं। देश में पहली बार आम आदमी पर प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर इतना सख्त बैन लगाया जा रहा है।


अमरावती - आंध्र प्रदेश में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बेहिसाब संपत्ति रखने के आरोप में ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। एसीबी ने बुधवार को उसके पांच ठिकानों पर छापेमारी की थी। सूत्रों की मानें तो दो जिलों में इंस्पेक्टर की करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का पता चला है।
एसीबी के डायरेक्टर जनरल आरपी ठाकुर के मुताबिक, इंस्पेक्टर एस. लक्ष्मी रेड्डी (56) के कावली टाउन स्थित घर के अलावा उसके दोस्तों और रिश्तेदारों के घर भी छापेमारी की गई। इसमें मिले दस्तावेजों से पता चला है कि रेड्डी एसपीएस नेल्लौर और प्रकाशम जिले में छह लग्जरी घर, दो प्लॉट और 57 एकड़ जमीन का मालिक है। उसके बैंक खातों में करीब 10 लाख कैश और कई गाड़ियों की जानकारी मिली है। रेड्डी ने 1993 में हेल्पर पद से बिजली विभाग में नौकरी शुरू की थी। तीन साल के बाद वह सहायक लाइनमैन और इसके अलगे साल प्रमोट होकर लाइनमैन बना। 2014 में रेड्डी का प्रमोशन लाइन इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था।


नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को सड़क पर कचरा फेंकने वाले का वीडियो बनाना महंगा पड़ गया है। कचरा फेंकने को लेकर अनुष्का से डांट खाने वाले अरहान सिंह ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को नोटिस भेज दिया है।
ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब विराट कोहली ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में अनुष्का शर्मा लग्जरी कार में बैठे शख्स अरहान को सड़क पर प्लास्टिक का कचरा फेंकने के लिए फटकार लगाती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो में अनुष्का कहता हैं, ‘आप सड़क पर कचरा क्यों फेंक रहे हैं? आप प्लास्टिक की बोतल को सड़क पर क्यों फेंक रहे हैं? आगे से ध्यान रखना, तुम सड़क पर ऐसे प्लास्टिक की बोतल नहीं फेंक सकते।’
अरहान ने भी दिया जवाब
इसके जवाब में अरहान ने भी फेसबुक पोस्ट के जरिए विराट और अनुष्का पर निशाना साधा। अरहान ने अपनी पोस्ट में लिखा। ''मैंने मात्र एक वर्ग मिमी प्लास्टिक का टुकड़ा लापरवाही से सड़क पर फेंका। तभी पास से गुजरती हुई एक कार का शीशा नीचे होता है, जिसमें हमारी शानदार अभिनेत्री अनुष्का शर्मा किसी सड़क छाप व्यक्ति की तरह चीखती और चिल्लाती नजर आती हैं। मैं अपनी लापरवाही के लिए माफी मांगता हूं... लेकिन, मिसेज अनुष्का शर्मा कोहली आपको अपनी बातचीत में कुछ सभ्यता और विनम्रता की ज़रूरत है, ऐसा करने से आप का स्टारडम कम नहीं हो जाएगा। बात करने के भी तमाम कायदे और स्वच्छता होती है और जुबानी तमीज उनमें से एक है। मेरी लग्जरी कार की खिड़की से भूलवश बाहर गया कचरा उस कचरे से कम ही था, जो आपकी लग्जरी कार की खिड़की के जरिए आपके मुंह से बाहर निकला।''
अरहान की मां भी ने भी सुनाई खरी खोटी
अरहान की मां गीतांजलि एलिजाबेथ ने इंस्टाग्राम के जरिए विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पर जमकर हमला बोलते हुए इसे चीप पब्लिसिटी स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि ‍विराट और अनुष्का ने अपने वीडियो और पोस्ट के जरिए उनके बेटे के निजता के अधिकार का उल्लंघन किया और उसे दुनिया के सामने शर्मसार किया।
मुझे अपने बेटे की सुरक्षा की चिंता है और आपको उसकी ‍छवि इस तरह खराब करने का कोई अधिकार नहीं है।


अगरतला - मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब का कहना है कि सीबीआई त्रिपुरा में दो पत्रकारों की हत्या के मामले की जांच करने को राजी हो गया है। दोनों मामले पिछले साल के हैं। स्थानीय टेलीविजन के लिए काम करने वाले शांतनु भौमिक की पिछले साल 21 सितंबर को उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह पश्चिमी त्रिपुरा जिले के मंडवई इलाके में सड़क नाकाबंदी आंदोलन की रिपोर्टिंग करने गए थे।
क्षेत्रीय भाषा के अपराधिक मामलों के पत्रकार सुदीप दत्ता की हत्या इसी जिले में पिछले साल 20 नवंबर को आर के नगर स्थित त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) 2 बटालियन के मुख्यालय में कर दी गई थी। त्रिपुरा हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुदीप दत्ता मामले की जांच रोक दी थी। राज्य पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हत्या की जांच कर आरोपपत्र दायर किया था।
इसने ही शांतनु भौमिक मामले की भी जांच की लेकिन अब तक आरोपपत्र दायर नहीं किया है। बिप्लब कुमार देब ने कहा कि सीबीआई मामलों की जांच करने को तैयार हो गई है। देब ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने मामलों की जांच के लिए केंद्र को दो अलग-अलग प्रस्ताव भेजे थे ताकि प्रभावित परिवारों को इंसाफ मिल पाए।

 


चिकमंगलुरु - कर्नाटक के चिकमंगलुरु शहर में शुक्रवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने निजी रंजिश के चलते स्थानीय भाजपा नेता और शहर महासचिव मोहम्मद अनवर (44) की चाकू मार कर हत्या कर दी।
भाजपा की महासचिव शोभा करांदलाजे ने आरोप लगाया कि यह एक राजनीतिक हत्या है और इसे अतिवादी मुस्लिम संगठनों ने अंजाम दिया है और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
जानकारी के अनुसार, अनवर घर लौट रहे थे और गौरी कालुवे क्षेत्र में बाइक सवार दो युवकों ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया और इसके बाद वह गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
पुलिस के सूत्रों ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हत्यारों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और पुलिस हर नजरिए से इस मामले की जांच कर रही है लेकिन शुरुआती जांच मे यह निजी रंजिश का मामला प्रतीत होता है।
करांदलाजे ने एक टवीट् कर कहा कि चिकमंगलुरु भाजपा महासचिव अनवर की बाइक सवार कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी। उन्हें पहले भी जान से मारे जाने की धमकियां दी जा रही थी और अति निंदनीय घटना है, आखिर कनार्टक किस दिशा की तरफ जा रहा है।


लखनऊ - बैंक से धोखाधड़ी कर धन का दुरुपयोग करने के आरोपी रोटोमैक पेन कंपनी के चेयरमैन विक्रम कोठारी जेल छोड़ बीते तीन महीने से केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती हैं। ऐसे में उनके इलाज पर सवाल उठने लगे हैं।
लखनऊ की जिला जेल में बंद विक्रम कोठारी की 22 मार्च 2018 को तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें केजीएमयू में लाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि चक्कर आने व अनियंत्रित डायबिटीज के कारण उन्हें भर्ती कराया गया। विभिन्न विभागों में उनका इलाज चला। 21 अप्रैल को 69 वर्षीय विक्रम कोठारी को शताब्दी अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया।
डॉक्टर ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, गठिया, स्पांडिलाइटिस समेत कई बीमारियों का इलाज कर रहे हैं। न्यूरो सर्जरी विभाग के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अनिल चन्द्रा ने जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केजीएमयू प्रवक्ता से जानकारी ली जा सकती है। जेल प्रशासन की कई चिट्ठियों के बाद केजीएमयू ने आठ डॉक्टरों की टीम गठित की। सवाल उठ रहा है कि जब इलाज से सुधार नहीं है तो फिर उन्हें क्यों भर्ती रखा गया है? उच्च संस्थान में रेफर करने में क्या अड़चन आ रही है?
बैंक से धोखाधड़ी कर धन का दुरुपयोग करने के आरोपी रोटोमैक पेन कंपनी के चेयरमैन विक्रम कोठारी जेल छोड़ बीते तीन महीने से केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती हैं।
जेल प्रशासन के कई पत्रों के बाद केजीएमयू में बोर्ड गठित
केजीएमयू में करीब 45 सौ बेड हैं। ट्रॉमा सेंटर में 400 बेड हैं। ट्रॉमा सेंटर में रोजाना सिर में चोट लगे तमाम मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। बेड भरने की दशा में मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज उपलब्ध कराया जाता है। बेड भरने पर गंभीर मरीजों को लौटा दिया जाता है। इन हालात में न्यूरो सर्जरी विभाग में लंबे समय तक एक मरीज को भर्ती रखने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। न्यूरो सर्जरी विभाग में एक-एक बेड को लेकर मारामारी है। इसके बावजूद यहां 21 अप्रैल से उन्हें भर्ती रखा गया है। कोठारी पर मेहरबानी को लेकर केजीएमयू में चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऑपरेशन होना है तो उसमें देरी क्यों हो रही है? ऑपरेशन में दूसरी शारीरिक समस्याएं रोड़ा हैं तो उसका समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाए?
आठ डॉक्टरों की कमेटी ने की जांच
विक्रम कोठारी का इलाज आठ डॉक्टरों की टीम कर रही है। जेल प्रशासन की चिट्ठी के बाद केजीएमयू ने आठ सदस्यी कमेटी बनाई। कमेटी के अध्यक्ष केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरके गर्ग, इंडोक्राइन मेडिसिन विभाग के डॉ. मधुकर मित्तल, मेडिसिन विभाग के डॉ. केके सवलानी, कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ. ऋषि सेट्ठी, हड्डी रोग विभाग के डॉ. संतोष कुमार, एनस्थीसिया विभाग की डॉ. अनीता मलिक व न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. सुनील सिंह शामिल हैं।
एम्स में इलाज की सिफारिश की कमेटी ने
आठ डॉक्टरों की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इलाज के बाद भी विक्रम कोठरी की सेहत में सुधार नहीं हो रहा है। ऐसी दशा में उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सकता है। एम्स जैसे उच्च संस्थान में उन्हें भर्ती कराया जा सकता है। क्योंकि तीन महीने के इलाज के बाद भी उनकी सेहत में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हुआ है।
जेल जाने के कुछ ही दिन बाद अस्पताल में भर्ती हो गए थे कोठारी
रोटोमैक का मालिक विक्रम कोठारी जेल में दाखिल होने के कुछ दिन बाद ही केजीएमयू में भर्ती हो गए थे। जेल प्रशासन ने कई बार केजीएमयू को पत्र भेजकर विक्रम कोठारी के स्वास्थ्य की प्रगति आख्या मांगी लेकिन केजीएमयू द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद जेल प्रशासन और परिक्षेत्र डीआईजी ने न्यायालय का हवाला देते हुए मेडिकल बोर्ड गठित कर बंदी का परीक्षण कराने की बात कही। करीब ढाई माह बाद गठित मेडिकल बोर्ड ने बंदी के इलाज की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि बंदी को जेल नहीं भेजा सकता है।
जेल अस्पताल में इलाज संभव
परिक्षेत्र डीआईजी जेल उमेश कुमार श्रीवास्तव ने केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र भेजेकर कहा था कि केजीएमयू में भर्ती विचाराधीन बंदी विक्रम कोठारी को छुट्टी देकर जेल अस्पताल में भर्ती कर दिया जाए। जो दवाएं केजीएमयू में चल रही हैं। वहीं दवाएं जेल अस्प्ताल में दी जा सकती हैं। उन्होंने कहा था कि बंदी विक्रम कोठारी आर्थिक घोटाले के अभियोग में जेल में बंद है।
सामान्य बंदियों को नहीं मिलती पुलिस गारद
जेल से बाहर अस्पताल में इलाज के लिए जाने वाले सामान्य बंदियों की निगरानी के लिए पुलिस गारद बमुश्किल से मिलती है। यदि मिलती भी है तो दो-चार दिन बाद पुलिस लाइन के आरआई बंदी की निगरानी में लगे सिपाहियों को हटा लेते हैं। विक्रम कोठारी के मामले में लगातार जेल प्रशासन के पत्राचार के बाद भी पुलिस उसकी निगरानी में लगी हुई है।

 


नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। इस मौके पर पीएम ने कहा कि उनका यह सौभाग्य है कि मध्य प्रदेश की जनता के लिए उन्हें यह मौक मिला। इस अवसर पर पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। इस दौरान पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उनकी सराहना की और कहा कि इसी वजह से यह राज्य 'बीमारू राज्य' की श्रेणी से हटकर अग्रिम पंक्ति के राज्यों की श्रेणी में दिखाई देने लगा है।
मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रभाव वाले राजगढ़ जिले के मोहनखेड़ा में चार हजार करोड़ रूपयों की लागत वाली मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और राज्य के जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मोदी ने कहा कि पहले इस राज्य की गिनती बीमारू राज्य की श्रेणी में होती थी। लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार के नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। उन्होंने बीमारू राज्य का तमगा हटाने के लिए कोई कार्य नहीं किए, उल्टे ये नेता अपनी जय जयकार कराने में जुटे रहे। लेकिन डेढ़ दशक पहले राज्य में सत्ता में आयी भाजपा ने विकास के कार्य शुरू किए और अब इस राज्य का विकास स्वयं ही बोलने लगा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय राज्य की सिंचाई क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र थी, जो अब बढ़कर चालीस लाख हेक्टेयर क्षेत्र हो गई। सरकार ने इसे अगले सालों में बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि इस लक्ष्य से और आगे बढ़कर कार्य किया जाए और केंद्र सरकार राज्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेगी।
मोदी ने कहा कि राज्य में कृषि की विकास दर पिछले पांच सालों से औसतन अठारह प्रतिशत से अधिक बनी हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा है। इस सरकार ने अन्य क्षेत्रों में भी कार्य किए हैं। मोहनपुरा सिंचाई परियोजना से मालवांचल के तहत आने वाले राजगढ़ जिले में चार सौ गांवों में घर-घर पानी पहुंचाया जाएगा। गांवों में सिंचाई की सुविधा रहेगी। राज्य सरकार के विकास कार्यों के कारण अब मालवांचल में फिर से पानी और अन्न की कमी नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने भी इसके पहले अपने भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा और कहा कि वे राजगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे। इस राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे, लेकिन इस जिले के लिए कुछ नहीं किया। मौजूदा राज्य सरकार ने इस जिले के लिए बहुत कुछ दिया है और आगे भी विकास कार्य जारी रहेंगे।
दरअसल राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस वर्ष 2003 से सत्ता से बाहर है और नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अगुवाई में कांग्रेस फिर से सत्ता में काबिज होने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। वहीं लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतने वाली भाजपा चौथा विधानसभा चुनाव भी लगातार जीतकर एक इतिहास रचना चाहती है। इसके लिए भाजपा मुख्य रूप से साल 1993 से 2003 के दिग्विजय सिंह शासनकाल और दिसंबर 2003 से 2018 तक के भाजपा शासनकाल के कार्यों की तुलना कर रही है।
भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी मध्यप्रदेश और इसके पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी कीमत पर विजय बनाने की ठोस रणनीति पर अमल में जुटी हुई है।


अहमदाबाद - गुजरात पुलिस ने वोडदार स्कूल के 10वीं क्लास में पढ़ने वाले एक छात्र को गिरफ्तार किया है। उसके ऊपर शुक्रवार को टॉयलेट में अपने जूनियर छात्र की हत्या करने का आरोप है। यह पिछले साल हरियाणा के गुरुग्राम की याद ताज़ा करती है जब वहां के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में एक छात्र की गला रेतकर टॉयलेट के अंदर ही हत्या कर दी गई थी। उसमें भी आरोपी सीनियर छात्र ही था।
9वीं क्लास की छात्रा पर 15 बार चाकू से वार
वडोदरा स्कूल मामले में आरोपी छात्र को उसी दिन पकड़ लिया गया। 9वीं क्लास में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र के शरीर पर 15 बार चाकू से वार किया गया था। पुलिस कमिश्नर मनोज शशिधर ने बताया कि चार स्कूली छात्रों ने आरोपी को चाकू मारते हुए देख लिया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का एक बैग स्कूल के पास मंदिर के चबूतरे पर मिला है । इसके अंदर तीन चाकू और एक रेड चिली सॉल्यूशन से भरी बोतल मिली है। एक अधिकारी ने बताया कि एक और 12 इंच का चाकू लड़की के शव के पास से बरामद किया गया है।
छात्रों ने दी थी टीचर को जानकारी
स्कूल से जुड़े एक स्टाफ ने बताया कि 9वीं के छात्र ने इसी साल दाखिला लिया था जो पिछले 15 दिनों से शुरू हुआ है। उन्होंने आगे बताया- “सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे प्राइमरी के छात्रों ने टीचर्स को बताया कि बाथरूम में एक लाश पड़ी हुई है।”
गुरूग्राम में आ चुका है ऐसा ही एक मामला :
इससे पहले दिल्ली से सटे गुरूग्राम के एक स्कूल में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। स्कूल के वॉशरूम में प्रद्युम्न नाम के छात्र की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। ये मामला उस वक्त काफी सुर्खियों में रहा था।


जम्मू कश्मीर - दक्षिणी कश्मीर के नौशेरा गांव में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में चार आतंकी मारे गए जबकि एक पुलिस का जवान शहीद हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां पास ही पुलिस और स्थानीय लोगों की झड़प में एक स्थानीय नागरिक भी मारा गया।
मारे गए चार आतंकवादियों में से एक की पहचान पुलवामा जिले के तलंगम गांव के निवासी मजीद मंजूर के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य की पहचान श्रीनगर के एचएमटी इलाके के निवासी के रूप में हुई है। दो आतंकवादियों की शिनाख्त होनी अभी बाकी है।
मौतों की पुष्टि करते हे जम्मू कश्मीर के महानिदेश एसपी वैद्य ने ट्वीट करते हुए कहा कि मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकी इस्लामिक स्टेट ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (आईएसजेके) जुड़े हुए थे। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने उनमें से एक आतंकी की पहचान आईएसजेके चीफ दाऊद के तौर पर की है।
वैद्य ने ट्वीटर पर इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि आतंकियों के दो और शव बरामद हुए हैं। जिसके बाद मरनेवाले कुल चार आतंकी हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह अनंतनाग टाउन से करीब 10 किलोमीटर दूर आतंकी एक घर के अंदर छिपे हुए थे और जैसे ही सेना के जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया वे उन पर खुलेआम फायरिंग करने लगे। जैसे ही मुठभेड़ शुरू हुई गांववालों ने सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकने शुरू किए ताकि उन आतंकियों को वहां से भगाया जा सके।
इस हिंसक झड़प पर एक नागरिक मारा गया जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद युसूफ नाम के शख्स की मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी को शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया है जहां पर स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
मुठभेड़ को देखते हुए श्रीनगर में इंटरनेट की सेवाएं रोक दी गई। राज्य में राज्यपाल शासन लागू करने के बाद आतंकियों से सुरक्षाबलों का यह पहली मुठभेड़ थी। इससे पहले त्राल में हुए मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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