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सान्या(चीन): भारत की मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड 2017 का प्रतिष्ठित ताज अपने नाम कर लिया है. उनसे पहले ये खिताब 17 साल पहले 2000 में प्रियंका चोपड़ा ने जीता था. छिल्लर ने चीन के सान्या शहर एरीना में आयोजित समारोह में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 108 सुंदरियों को पछाड़ कर यह खिताब अपने नाम किया है.मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मानुषी के विजेता बनने की घोषणा की गई. ट्वीट में कहा गया है, ‘‘मिस इंडिया वर्ल्ड की विजेता, मिस इंडिया मानुषी छिल्लर हैं.’’ मानुषी इंग्लैंड, फ्रांस, कीनिया और मैक्सिको की प्रतिभागियों के साथ आखिरी पांच दावेदारों में शामिल हुईं.प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर मिस इंग्लैंड स्टेफनी हिल और तीसरे स्थान पर मिस मैक्सिको आंद्रिया मेजा रहीं. पिछले साल की मिस वर्ल्ड स्टीफेनी डेल वेले ने मानुषी को ताज पहनाया.शीर्ष पांच प्रतिभागियों में जगह बनाने के बाद मानुषी से सवाल किया गया कि उनके मुताबिक कौन सा पेशा सर्वाधिक वेतन का हकदार है? उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मां सबसे ज्यादा सम्मान की हकदार है और जब आप वेतन की बात करते हैं तो यह सिर्फ नकदी नहीं है बल्कि मेरा मानना है कि यह प्रेम और सम्मान है जो आप किसी को देते हैं. मेरी मां मेरी जिंदगी में सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं.’’ मानुषी ने कहा, ‘‘सभी मांएं अपने बच्चों के बहुत कुछ त्याग करती हैं. इसलिए मुझे लगता है कि मां का काम सबसे अधिक वेतन का हकदार है.’’ इससे पहले साल 2000 में प्रियंका चोपड़ा मिस वर्ल्ड बनीं थीं. वर्ष 1999 में यह खिताब भारतीय सुंदरी युक्ता मुखी के नाम हुआ था.साल 1997 में डायना हेडन और 1994 में ऐश्वर्या राय मिस वर्ल्ड बनीं थी. मिस वर्ल्ड बनने वाली पहली भारतीय सुंदरी रीटा फारिया हैं जिन्होंने 1966 में यह खिताब अपने नाम किया था. मिस वर्ल्ड की वेबसाइट पर मौजूद मानुषी के प्रोफाइल के अनुसार हृदय रोग सर्जन बनना चाहती हैं और ग्रामीण इलाकों में बहुत सारे गैर लाभकारी अस्पताल खोलना चाहती हैं.वह प्रशिक्षित शास्त्रीय नृत्यांग्ना हैं. उनको खेल-कूद में काफी दिलचस्पी है. स्केचिंग और पेटिंग भी उन्हें पसंद है. वेबसासइट पर निजी जिंदगी का उनका मकसद के बारे में लिखा गया है, ‘‘जब आप सपना देखना बंद कर देते हैं तो जीना बंद कर देते हैं और अपने सपनों में उड़ान भरने का हौसला खो देते हैं. खुद पर भरोसे की क्षमता आपकी जिंदगी को जीने लायक बनाती है.’’

दोस्तों आज भारत के लिए बहुत ही खुशी का दिन है। आज हरियाणा की रहने वाली मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड 2017 का खिताब अपने नाम करके हर भारतवासी को गर्व करने का एक खास मौका दिया है। मानुषी छिल्लर से पहले साल 2000 में प्रियंका चोपड़ा ने यह कारनामा करके देश का नाम दुनियाभर में रोशन किया था। चलिए हम आपको इस खुशी के मौके पर मानुषी के बारे में वो 10 खास बातें बताते हैं, जो आपको नहीं पता होंगी। [इसे भी पढ़ें- हरियाणा की मानुषी छिल्लर ने जीता मिस वर्ल्ड 2017 का ताज !!]
1. मानुषी छिल्लर का जन्म 14 मई 1997 में हरियाणा, भारत में हुआ था।
2. मानुषी छिल्लर के पिता का नाम मित्रा बासु छिल्लर है, जो कि पेशे से एक डॉक्टर हैं और मानुषी की मां नीलम छिल्लर भी एक डॉक्टर हैं।
3. मानुषी छिल्लर ने सेंट थॉमस स्कूल से अपनी पढ़ाई की है। जिसके उन्होंने भगत पूल सिंह मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की है।
4. मानुषी छिल्लर एक ट्रेंड कुच्चिपुड़ी डांसर हैं।
5. मानुषी छिल्लर अपने परिवार से आने वाली पहली ऐसी लड़की हैं जिन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा है और इतनी बड़ी सफलता हासिल की है।
6. मानुषी छिल्लर ने मिस इंडिया 2017 कॉन्टेस्ट में हरियाणा राज्य का प्रतिनिधित्व किया था।
7. मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम करने वाली मानुषी छठी भारतीय हैं।
8. मानुषी छिल्लर, नेहा धूपिया को अपना मेंटॉर मानती हैं।
9. मानुषी छिल्लर ने जब मिस इंडिया का खिताब अपने नाम किया था, तब उन्होंने मीडिया को बताया था कि वो अदाकारा बनने की चाहत अपने दिल में रखती हैं।
10. मानुषी छिल्लर ने ‘शक्ति परियोजना’ नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया है। जिसके जरिए वो मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में महिलाओं को जागरूक करती हैं। मानुषी को लगता है कि इस मुद्दे पर महिलाओं को जागरुक करना बहुत जरुरी है।

14 मई 1997 को हरियाणा के झज्जर में जन्मी मानुषी छिल्लर ने 17 साल बाद मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम कर दिखाया कि 'हरियाणा की छोरी किसी से कम नहीं है'. मानुषी ने दिखा दिया अगर मौका मिले जो गांव की लड़कियां क्या कुछ नहीं कर सकती.बता दें कि साल 2000 में प्रियंका चोपड़ा ने इस खिताब पर अपना कब्जा किया था. 20 वर्षीय मानुषी ने 118 देशों की सुंदरियों को हराकर ये खिताब अपने नाम किया है. 17 साल बाद मिस वर्ल्ड का खिताब हासिल करना इतना आसान नहीं था. इसके लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया.
MBBS स्टूडेंट हैं मिस वर्ल्‍ड मानुषी, एक साल के ल‍िए छोड़ दी थी पढ़ाई:-मानुषी की पढ़ाई दिल्ली और सोनीपत में हुई है.मानुषी मेडिकल स्‍टूडेंट हैं. उनके पिता DRDO में साइंटिस्‍ट हैं. उनकी मां नीलम भी बायोकेमिस्‍ट्री में एमडी हैं. वह सोनीपत के भगत फूल सिंह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज फॉर वुमेन की छात्रा रह चुकी हैं. साथ ही उन्होंने दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल से पढ़ाई की है. मिस वर्ल्ड के खिताब को हासिल करने के लिए उन्हें अपनी पढ़ाई एक साल के ल‍िए ड्रॉप करनी पड़ी.
‘शक्ति परियोजना’ के नाम से प्रोजेक्ट:-मानुषी का कहना है कि कि हरियाणा की आन-बान-शान तो एक औरत ही है. लेकिन औरतों को आगे आकर खुद को साबित करना होगा. वह ‘शक्ति परियोजना’नाम से एक प्रोजेक्ट चला रही हैं जो महिलाओं को पीरियड्स के दौरान स्वच्छता को लेकर जागरूक करने का काम करता है.
मिस वर्ल्ड मानुषी को पसंद हैं ये खतरनाक खेल:-मानुषी की रुचियां आम लड़कियों से अलग है. उन्हें आउटडोर गेम्स में बहुत दिलचस्पी है. मानुषी ट्रेंड क्लासिकल डांसर हैं. खाली वक्त में उन्हें पेंटिंग का बेहद शौक है. उनकी रुचि पैराग्लाइडिंग और बंगी जम्पिंग जैसे आउटडोर स्पोर्ट्स में है. खासकर स्कूबा डायविंग को लेकर वह काफी क्रेजी हैं. इन खेलों की गिनती खतरनाक गेम्स में की जाती है.
छोड़ना पड़ा मीठा:-मानुषी को इस ताज के लिए अपने कई शौक कुर्बान करने पड़े. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें मीठा खाना बहुत पसंद था. लेकिन मिस इंडिया की तैयारी के लिए उन्हें इसे छोड़ना पड़ा. उन्हें इस तरह के अपने कई और निजी शौक छोड़ने पड़े. बता दें, मिस इंडिया बनने से पहले स्कूल और कॉलेज के लेवल पर कई ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीत चुकी हैं.
इस सवाल का जवाब देकर जीता दिल:-मानुषी से सवाल पूछा गया, दुनिया में किस प्रोफेशन को सबसे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए और क्यों? मानुषी ने जवाब दिया- दुनिया में मां को सबसे ज्यादा इज्जत मिलनी चाहिए. जहां तक सैलरी की बात है इसका मतलब रुपयों से नहीं बल्कि प्यार और सम्मान से है. उन्होंने कहा- मेरे जीवन में मां सबसे बड़ी प्रेरणा हैं.
CBSE टॉपर हैं मानुषी:-मानुषी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का भी हिस्सा रह चुकी हैं. उन्हें खाली वक्त में तैराकी और पेंटिंग करना पसंद है. उनकी कविता में भी रुचि है. मानुषी इंग्लिश में दक्ष हैं. उन्होंने कक्षा 12 में अंग्रेजी की ऑल इंडिया सीबीएसई टॉपर हैं. मिस इंडिया के अलावा मानुषी ने मिस फोटोजेनिक का अवॉर्ड अपने नाम किया.

रोहतक/बहादुरगढ़।चीन में हुए कॉम्पिटीशन में हरियाणा की मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड- 2017 खिताब जीत लिया। एमबीबीएस स्टूडेंट मानुषी से इस कॉन्टेस्ट में ज्यूरी ने एक सवाल पूछा था, जिसका स्मार्ट जवाब देकर उन्होंने ये खिताब हासिल कर लिया। 17 साल पहले वर्ष 2000 में प्रियंका चोपड़ा ने यह खिताब जीता था। भारत की ओर से सबसे पहले 1966 में रीता फारिया मिस वर्ल्ड बनी थीं। मां की साड़ी पहनकर घर में करती थी कैटवॉक...
- मानुषी छिल्लर बचपन में अपने मां नीलम छिल्लर की साड़ी बांधती थी और घर के आईने के सामने कैटवॉक करती थी।
- मानुषी कई बार साड़ी बदलती थी तो कमरे में साड़ियों का ढेर लग जाता था।
- मानुषी के मां नीलम छिल्लर और पिता मित्रवसु छिल्लर ने कभी जबरन कुछ नहीं थोपा। मानुषी को जहां कैरियर बनाना था, माता-पिता ने वहीं उसे पूरा स्पोर्ट किया।
- मानुषी तीन भाई बहनों में सबसे छोटी है। उनकी बड़ी बहन दिवांगना छिल्लर एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं।
- उनके पिता मित्रबसु छिल्लर और मां नीलम डॉक्टर हैं।
- मानुषी का भाई डालमित्र दिल्ली में 9वीं कक्षा का छात्र है।

आधार अथवा बॉयोमेट्रिक कार्ड नहीं होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन नहीं मिलने की खबरों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर तक आधार लिंक नहीं होने के बावजूद लाभार्थियों को इसका लाभ मिलता रहेगा। खाद्य मंत्रालय ने शनिवार को इस बारे में एक आदेश जारी कर कहा कि पीडीएस के वितरण में आधार से जुड़ी शिकायतों को देखते हुए यह निर्देश दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि आधार लिंक को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है लेकिन खाद्य सुरक्षा के तहत ऐसे लोगों को राशन देने से वंचित नहीं रखा जा सकता।उत्तर प्रदेश के बरेली में भूख के कारण एक महिला और झारखंड के सिमडेगा में एक 11 साल की युवती की मृत्यु की खबर के बाद मंत्रालय ने यह निर्देश दिए हैं। खबरों में बताया गया था कि आधार लिंक नहीं होने के कारण पीडीएस के तहत महिला को राशन नहीं दी जा रही थी जिसके कारण उसकी मौत हुई है। मंत्रालय ने कहा है कि परिवार में जितने भी सदस्य हैं उनके हिसाब से वे पीडीएस के तहत राशन पाने या खाद्यान्न सब्सिडी के तहत नकदी पाने का हकदार हैं। यदि नेटवर्क की कमजोरी जैसी तकनीकी वजह से आधार या बॉयोमेट्रिक कार्ड लिंक नहीं हो रहा है तो कार्ड दिखाने पर उसे राशन दी जाएगी।

हार्दिक पटेल के कई करीबी नेता कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इसकी पुष्टि खुद पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के संयोजकों की कोर कमेटी के सदस्य ललित वसोया ने की है। उन्होंने कहा कि वह कल (सोमवार को) गुजरात के राजकोट जिले की धोराजी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर नामांकन करेंगे। उधर समझा जाता है कि पार्टी वसोया समेत पास के कम से कम सात संयोजकों को टिकट दे सकती है।मजेदार बात यह है कि वसोया का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की एक भी सूची जारी नहीं की है। वसोया ने स्वीकार किया कि उनके पास कांग्रेस के टिकट का आधिकारिक आदेश (मैंडेट) अब तक नहीं है। वह पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन कर देंगे और बाद में मैंडेट जमा करायेंगे। वह पास के गैर राजनीतिक स्वरूप को बनाये रखने के लिए चुनाव लडने के लिए इससे त्यागपत्र दे देंगे। पास संयोजकों की आज शाम यहां कांग्रेस नेताओं के साथ एक बैठक भी होगी।उधर सूत्रों ने बताया कि पास के नेताओं की अब अधिक रूचि पाटीदार आरक्षण से अधिक कांग्रेस की टिकट हासिल करने में है। पार्टी बोटाद से दिलीप साबवा, मोरबी से मनोज पनारा, निकोल से गीता पटेल, ठक्करबापानगर से जयेश पटेल, पाटन से किरीट पटेल और गोधरा से उदय पटेल को टिकट दे सकती है। एक अन्य संयोजक दिनेश बांभणिया के चुनाव लड़ने पर अभी संदेह बना हुआ है। गुजरात में नौ और 14 दिसंबर को दो चरण में चुनाव होंगे। मतगणना 18 दिसंबर को होगी।

क्या अगली छुट्टियों लिए बुक कराया गया आपका टिकट अभी प्रतीक्षा सूची में है्। अगर है तो चिंता करने की बात नहीं है क्योंकि इस बात की संभावना ज्यादा है कि आपका टिकट कंफर्म हो जाए।यह जानकारी लोकप्रिय यात्रा पोर्टल रेलयात्री के एक अध्ययन में सामने आयी है। रपट के अनुसार 2015 की दिवाली की छुटिटयों के दौरान कंफर्म नहीं होने के चलते प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों में 25.5 प्रतिशत टिकटों को रद्द करा दिया गया था। वर्ष 2016 और 2017 में यह स्थिति 18 प्रतिशत रर स्थिर रही है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रतीक्षा सूची के बजाय कंफर्म टिकट से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ी है। रेलयात्री के पास एक करोड़ मासिक सक्रिय उपयोक्ता हैं। रपट के अनुसार देहरादून-हावड़ा दून एक्सप्रेस में टिकटों के कंफर्म होने की स्थिति 20प्रतिशत बढ़ी है। मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनल-हावड़ा सुपरफास्ट मेल (गया होकर) में यही स्थिति 11प्रतिशत, पुणे-जम्मूतवी झेलम एक्सप्रेस में 12प्रतिशत और बेंगलुर-दानापुर संमित्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 5प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है।इतना ही नहीं औसत प्रतीक्षा सूची में भी पिछले साल के मुकाबले कमी आई है। उदाहरण स्वरूप कोटा-पटना एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची 813 से टकर 735 रही है, जबकि अहमदाबाद-हरिद्वार योग एक्सप्रेस में यह संख्या 731 से टकर 717 हुई है। इसी प्रकार मुंबई-दरभंगा पवन एक्सप्रेस में यह संख्या 800 से टकर 769 हो गई है।रेलयात्री के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष राठी ने कहा, हर साल दिवाली के दौरान रेल टिकटों की भारी मांग होती है जिसमें से कई लोगों को प्रतीक्षा सूची के टिकटों या अनिश्चित यात्रा योजना से गुजारा करना होता है। हालांकि इस साल देखा गया कि पहले के मुकाबले कम लोगों को टिकट रद्द करानी पड़ी। यह निश्चित तौर पर एक अच्छा रख है। राठी और रेल मंत्रालय के अधिकारी दोनों ही इसका श्रेय नयी रेलगाड़ियों और अतिरिक्त कोचों को जाता है जिनकी बदौलत ज्यादा यात्रियों को कंफर्म टिकट देने में मदद मिली है। उल्लेखनीय है कि 2015 से 2017 के दौरान रेलवे ने 152 नयी रेलगड़ियां शुरू की हैं। साथ ही छुटिटयों के दौरान शुरू की गईं विशेष ट्रेनों ने 64,840 फेरे लगाए।

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की शुरुआत साथ-साथ पूरे उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में शुक्रवार से लगातार तीसरे दिन भी बर्फबारी जारी है। हिमाचल में पहली बर्फबारी तड़के शनिवार हुई। सबसे कम टेम्परेचर लाहौल-स्पीति के केलॉन्ग में -2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कश्मीर में ऊंचे स्थानों पर रविवार को लगातार बर्फबारी हुई। इसके चलते मुगल रोड को बंद कर दिया गया है। वहीं जम्मू के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात जारी रहने के कारण आज लगातार दूसरे दिन मुगल रोड़ पर यातायात बंद है। हिमपात के कारण जम्मू में रात का तापमान बहुत नीचे चला गया।बहरहाल, दिन के तापमान में कुछ सुधार आया है और कुछ दिनों बाद सूरज दिखाई दिया है। शुक्रवार को दिन का तापमान छह डिग्री नीचे चला गया था। जम्मू के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का पहला भारी हिमपात होने के बाद कश्मीर को देश के शेष हिस्से से जोड़ने वाला मुगल रोड़ कल बंद रहा। पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, मोहम्मद असलाम ने बताया कि रात में पीर की गली के आसपास के इलाके में हिमपात हुआ जिससे दूसरे दिन भी रोड़ पर यातायात बंद रहा।उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग ने कल सड़क को साफ करने का काम शुरू किया लेकिन सड़क को फिर से खोलना मौसम की स्थितियों पर निर्भर करता है। असलम ने कहा,अगर मौसम साफ रहता है तो सड़क को साफ करने का काम तेज किया जाएगा और उसे फिर से वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। पुंछ जिले को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले से जोड़ने वाले मुगल रोड़ पर पीर की गली और पुशाना के बीच 20 किलोमीटर लंबे मार्ग पर शुक्रवार रात को जमीन पर दो फुट तक की बर्फ जमा हो गई।किश्तवाड़-अनंतनाग सड़क पर सिन्थान टॉप पर 15 नवंबर के बाद से अब तक तीन फुट से ज्यादा हिमपात दर्ज किया गया। मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस गिर कर 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री नीचे है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी रात में कम तापमान दर्ज किया गया। डोडा जिले के भद्रवाह में कल मौसम का पहला हिमपात हुआ और वहां तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। प्रवक्ता ने बताया कि कटरा में न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस, बटोटे में 4.3 डिग्री सेल्सियस और बनिहाल में 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों ने जम्मू क्षेत्र में आज से मौसम में सुधार का अनुमान जताया है।
बदरीनाथ ने ओड़ बर्फ की सफेद चादर:-बदरीनाथ में शुक्रवार से ही मौसम ने हल्की करवट बदली। रात होते होते मौसम तेजी से बदलने लगा और बर्फ गिरनी शुरू हो गयी। अभी तक बर्फबारी जारी रही। भगवान के कपाट रविवार को तय मुहूर्त पर बंद होंगे। इसलिए भगवान के दर्शन और कपाट बंद होने की अदभुत और धार्मिक मान्यता के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में यात्री बदरीनाथ पहुंच चुके हैं। कपाट बंद होने से पूर्व बदरीनाथ मंदिर को फूलों से सजाया जाता है। इसलिए पूरे मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है।बदरीनाथ धाम में इस समय अदभुत सौंदर्य हर तरफ दिखाई दे रहा है। मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है और पूरी बदरी सफेद बर्फ से ढकी है। यात्रियों की सेवा के लिए मंदिर समिति यथा सम्भव सहयोग करने की बात कर रही है। देश-विदेश से भी यात्री, श्रद्धालु यहाँ पहुंच रहे हैं। कपाट बंद होने पर अवसर पर धाम को मधुर संगीत से गुंजायमान करने को गढ़वाल राइफल की टुकड़ी भी पहुंच चुकी है उसके लिए यहाँ आ चुकी है। माणा, बामणी गांव के लोग भी कपाट बंदी पर भगवान के दर्शनों और पूजा अर्चना की तैयारी में लगे हैं।
शिमला में बर्फबारी से मौसम गुलजार - हिमाचल में कई जगह बर्फबारी और बारिश के कारण शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। शिमला जिले में मौसम का पहला हिमपात होने से पर्यटन स्थल कुफरी गुलजार नजर आया। कुल्लू के रोहतांग दर्रे में अब भी बर्फबारी का क्रम जारी है। यहां करीब ढाई फुट व कोकसर में दो फुट बर्फबारी हो चुकी है। इससे लाहुल-स्पीति का कुल्लू-मनाली से पूरी तरह संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी है। शनिवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान ऊना में 23.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम तापमान केलंग में माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने आगाह किया है कि भ्रष्टाचार के जिन आरोपों ने संप्रग-2 को डुबोया, वैसे ही आरोप अपने कार्यकाल के समापन की ओर बढ़ रही नरेंद्र मोदी सरकार पर भी लग सकते हैं।पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संप्रग-2 सरकार पर उसके कार्यकाल के अंतिम दौर में भ्रष्टाचार के कई आरोप लग चुके थे। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल की समाप्ति ( वर्ष 2019 में ) पर यही धब्बा भाजपा सरकार पर भी लग सकता है, हालांकि वह नहीं चाहते कि ऐसा हो।चिदंबरम ने कल यहां टाटा लिटरेचर लाइव महोत्सव में एक परिचर्चा में कहा, अपना कार्यकाल पूरा करने वाली पिछली सरकार संप्रग की थी। वह संप्रग का दूसरा कार्यकाल था और उस पर धब्बा लगा। किसी भी सरकार का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने तक इंतजार करें, उस पर भी पिछली सरकार की तरह ही धब्बा लगेगा।संप्रग सरकार में मंत्री रह चुके चिदंबरम ने कहा, मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन ऐसा होगा। उन्होंने कहा, संप्रग सरकार के कार्यकाल के आखिरी दिनों में उस पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे। लेकिन जब तक किसी को दोषी नहीं ठहराया जाता और सजा नहीं दी जाती, तब तक मैं यह मानने को तैयार नहीं हूं कि वह दोषी है।चिदंबरम ने कहा कि जब तक सामने वाला बेकसूर साबित नहीं हो जाता तब तक उसे दोषी समझा जाता है और मेरे विचार से यह गलत है क्योंकि इससे देश में कानून का शासन प्रभावित होगा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि भ्रष्टाचार का मुख्य कारण लालच है जो चुनाव के लिए धन की जरूरत से जुड़ा है।उन्होंने कहा राजनीतिक व्यक्ति या राजनीतिक दल के मामले में, चुनाव के लिए पैसा जरूरी है जो उस राह पर भेजता है जिसे आप भ्रष्टाचार कहते हैं। जब तक आप चुनाव के लिए धन के रास्ते नहीं खोज लेते तब तक आप भ्रष्टाचार को कम नहीं कर पाएंगे।चिदंबरम ने दावा किया कि जहां तक जाली नोटों पर रोकथाम की बात है तो नोटबंदी निराशाजनक रूप से विफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आप जानना चाहते हैं कि नोटबंदी कहां विफल रही, तो जहां आप भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगा सके, आप काले धन पर रोकथाम नहीं कर सके और अब गुजरात में जाकर अगले 20 दिन तक रहकर देखिए तो आपको पता चल जाएगा कि वहां किस तरह का पैसा खर्च किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार केवल 41 करोड़ रुपये की जाली मुद्रा जब्त कर सकी जो नोटबंदी के बाद वापस आये सारे जाली नोटों का महज 0.0027 प्रतिशत है। चिदंबरम ने दावा किया, जाली नोटों को समाप्त करने के लिहाज से देखें तो नोटबंदी निराशाजनक रूप से नाकाम रही। उन्होंने कहा कि सरकार ने दावा किया कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद पर काबू पाने में मदद मिली, लेकिन 10 नवंबर तक घुसपैठों की संख्या, मारे गये आतंकवादियों की संख्या, मारे गये नागरिकों की संख्या और शहीद हुए जवानों की संख्या, सबकुछ 2016 की इस अवधि की तुलना से ज्यादा हैं।

दिल्ली सरकार ने स्कूलों के लिए 117 बिंदुओं वाले दिशा-निर्देश जारी किये हैं। इसका लक्ष्य स्कूल परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्कूलों को साथ ही आगाह किया गया है कि किसी तरह के उल्लंन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अधिकारियों के अनुसार, गुड़गांव के एक स्कूल में एक छात्र की हत्या और दिल्ली के एक स्कूल के कर्मचारी द्वारा नाबालिग लड़की के बलात्कार की पृष्ठभूमि में दिशा निर्देशों की यह चेक लिस्ट जारी की गई है। इसमें शौचालय से लेकर साइबर सुरक्षा जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।शिक्षा निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, स्कूलों में सुरक्षा के न्यूनतम मानदंडों को तय करने के लिए चेक लिस्ट डिजाइन किया गया है। इसका लक्ष्य इससे जुड़े किसी भी उल्लंन को लेकर शून्य सहिष्णुता से जुड़ा हुआ है। इन्हें लागू करने की व्यावहारिकता और निगरानी को ध्यान में रखा गया है।इन दिशा-निर्देशों में स्कूल सुरक्षा समितियों, परिसर में सुरक्षा संबंधी चूक की पहचान करने के लिए मासिक सुरक्षा जांच, ग्रिल से बाहरी दीवारों को सुरक्षित बनाना, सीसीटीवी से निगरानी, स्कूल में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति का रिकार्ड रखना और आगंतुकों को प्रतिबंधित करने जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।

 

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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