नई दिल्ली - भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) के 100 अरब डॉलर (करीब 6.85 लाख करोड़ रुपये) की कंपनी बनने के बाद अब रिलायंस भी इस क्लब में शामिल हो गई है।
गुरुवार को शेयर बाजार में आई तेजी के बाद रिलायंस 100 अरब डॉलर की कंपनी बनने में सफल रही है और इसका बाजार पूंजीकरण करीब 6.89 लाख करोड़ रुपये हो गया। करीब 12.15 बजे सेंसेक्स में कंपनी का शेयर 4.89 फीसद की बढ़त के साथ 1087 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, टीसीएस का शेयर 0.33 फीसद की कमजोरी के साथ 1972.20 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
रिलायंस ने अक्टूबर 2007 में पहली बार 100 बिलियन डॉलर मार्केट कैप का आंकड़ा पार किया था। उस समय डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 39.5 के स्तर पर था। रुपये में बात करें तो उस समय कंपनी की मार्केट कैप 4.11 लाख करोड़ रुपये थी। रिलायंस के 100 बिलियन डॉलर कंपनी बनने के बावजूद अधिकांश ब्रोकरेज हाउस कंपनी के स्टॉक्स पर बुलिश नहीं है। मसलन, उनहोंने इसमें खरीदारी के लिए परहेज करने को कहा है। जेफरीज ने इस स्टॉक को ‘होल्ड’ से डाउनग्रेड कर ‘अंडरपरफोर्म’ कर दिया है। जिसके लिए 790 रुपये का टार्गेट प्राइस रखा है।
23 अप्रैल को TCS बनी थी 100 बिलियन डॉलर मार्केट कैप की भारतीय कंपनी
23 अप्रैल को टीसीएस एकलौती भारतीय लिस्टेड कंपनी बनी थी जिसकी मार्केट कैप 100 बिलियन डॉलर हो गई थी। टीसीएस ने एक्सेंचर की मार्केट कैप को पीछे छोड़ दिया था। उस समय एक्सेंचर की मार्केट कैप 9800 करोड़ डॉलर के स्तर पर थी। टीसीएस 2500 करोड़ की कंपनी वर्ष 2010 में बनी थी। उसके बाद 50,000 करोड़ का आंकड़ा इसने वर्ष 2013 में और 7500 करोड़ 2014 में पार कर लिया था।

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