नई दिल्ली - सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने पांच पूर्व सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक की चेकबुक को अब 31 दिसंबर तक के लिए मान्य कर दिया है। मसलन, जो चेकबुक एक अक्टूबर से अमान्य होने जा रही थीं, वे अब 31 दिसंबर, 2017 के बाद अमान्य कर दी जाएंगी। यह जानकारी भारतीय स्टेट बैंक ने अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट के माध्यम से दी है।
अब ग्राहक नई चेक बुक के लिए आवेदन 31 दिसंबर तक कर सकते हैं। इस अवधि के बाद पुराने बैंक के चेक और IFS कोड वैध नहीं होंगे। एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि नई चेक बुक के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या फिर शाखा में जाकर तुरंत आवेदन कर लें।
एसबीआई में किन बैंकों का हुआ है विलय
जानकारी के लिए बता दें कि जिन सहयोगी बैंकों का एसबीआई में विलय किया गया है उनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रवणकोर और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं।
एसबीआई में इन बैंकों के विलय के बाद कुल कस्ट मर बेस 37 करोड़ हो गया है। इसकी शाखाओं की संख्याक भी बढ़कर करीब 24 हजार और एटीएम की संख्याख 59 हजार हो गई है। साथ ही एसबीआई का डिपोजिट बेस भी बढ़कर 26 लाख करोड़ रुपये का हो गया है। ऐसे में एसबीआई दुनिया के शीर्ष 50 बैंकों में शामिल हो गया है।

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