नई दिल्ली - कटे-फटे नोट न बदले जाने से परेशान आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। अब लोग ऐसे नोट बदल सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने नोट बदलने के लिए गाइड लाइन जारी की है। इन नोटों के जरिये सरकारी बकाए का भुगतान भी किया जा सकेगा।
गाइड लाइन में रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि ऐसे नोट जो पानी, पसीना या कोई अन्य चीज लगने से बुरी तरह गंदे हो गए हो या जिनके दो टुकड़े हो गए हों लेकिन उनमें कोई जरूरी फीचर गायब न हुआ हो तो उनसे सरकारी बकाया हाउस टैक्स, सीवर टैक्स, वाटर टैक्स, बिजली बिल आदि का भुगतान किया जा सकता है। साथ ही बैंक काउंटर पर उन्हें जमा किया जा सकेगा। हालांकि, बैंक इन नोटों को दोबारा जनता को जारी नहीं करेंगे।
इसके अलावा ऐसे नोट जिनका एक हिस्सा कट-फट कर गायब हो गया है या जो दो से अधिक टुकड़ों को जोड़कर बनाया गया है, ये नोट किसी भी बैंक शाखा में दिए जा सकते हैं। ये नोट रिजर्व बैंक आफ इंडिया के (नोट रिफंड) नियम 2009 के तहत बदले जाएंगे।
नहीं बदले जाएंगे नारे या संदेश लिखे नोट
रिजर्व बैंक ने दो जुलाई को जारी गाइड लाइन में साफ कहा है कि नारे या राजनीतिक प्रकृति के संदेश लिखे नोट की कानूनी वैधता समाप्त हो जाती है। इस तरह के नोट को बदलने का दावा नहीं किया जा सकता। किसी भी नोट को जानबूझकर या गुस्से में नष्ट नहीं किया जा सकता। जिन नोटों को जानबूझकर फाड़ा गया है, उन्हें बदलने का दावा नहीं माना जाएगा।

 

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें