नई दिल्ली - एचडीएफसी बैंक में आगर आपका खाता है तो यह खबर आपके काम की है। एचडीएफसी ने खाते में न्यूनतम बैंलेंस रखने को लेकर नया नियम बनाए हैं, इसके साथ ही प्रीमियम ग्राहकों को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में राहत देने का फैसला किया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी ट्रांजैक्शन्स को एक नवंबर से फ्री करने का फैसला किया है।
नए नियम के अनुसार, क्लासिक श्रेणी के ग्राहकों को अब खाते में हर महीने कम से कम एक लाख रुपए की राशि रखनी होगी। न्यूतम बैलेंस का यह नियम बचत खातों के लिए लागू होगा। वहीं सावधि जमा या फिक्सड डिपोजिट करने वाले ग्राहकों को पांच लाख रुपए का न्यूनतम बैलेंस रखना होगा। अभी तक यह राशि एक लाख रुपए थी।
एचडीएफसी बैंक के क्लासिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को अब प्रत्येक माह एक लाख रुपए न्यूनतम बैलेंस रखना होगा जबकि पहले एक लाख रुपए का न्यूनतम बैलेंस तिमाही में रखना होता था।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन होगा मुफ्त-
इससे पहले एचडीएफसी बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए एन नवंबर शुल्क रहित कर दिया है। एक नवंबर से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे पहले आरटीजीएस ट्रांजैक्शन पर दो से पांच लाख रुपए पर 25 रुपए और ऑनलाइन मनीट्रांसफर पर 5 लाख रुपए के लिए 50 रुपए लिए जाते थे जो अब इस प्रकार का चार्ज नहीं लगेगा।
चेक के लिए बढ़ा चार्ज-
एन नियम के अनुसार, अब ग्राहक साल में 25 पेज वाली एक चेकबुक के लिए आवेदन कर सकता है। साल में एक से ज्यादा चेकबुक लेने पर ग्राहक को 75 रुपए प्रति चेकबुक के हिसाब से पे करना होगा। अब चेक बाउंस होने की स्थिति में ग्राहक को 500 रुपए दंड देना होगा जबकि पहले यह राशि कम थी।

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