कारोबार

कारोबार (2848)

नई दिल्ली। आधार अब सिर्फ जरुरत नहीं बल्कि हमारी जरूरतों का आधार बन चुका है। आधार की जरूरत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि एयरपोर्ट से लेकर राशन की दुकान तक अब हर जगह इसे दिखाना पड़ता है। वहीं सिर्फ आधार को रखना भर काफी नहीं होता है बल्कि इससे जुड़ी जानकारियों को अपडेट करना भी अब अहम हो चला है।अगर आपके पास आधार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर है तो आप अपनी आधार अपडेट हिस्ट्री जान सकते हैं। यह जानकारी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक ट्वीट के माध्यम से दी है। आधार नंबर एक 12 डिजिट का पर्सनल आइडेंटिफिकेशन होता है जिसे यूआईडीएआई की ओर से जारी किया जाता है। आधार अपडेट हिस्ट्री में वो सभी जानकारियां उपलब्ध होती हैं जिन्हें इसके जेनरेशन के साथ ही अब तक अपडेट किया गया होता है।इन अपडेट में कुछ भी हो सकता है मसलन आपका नाम, पता, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, मोबाइल नंबर एवं ईमेल। यूजर यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। यूजर uidai.gov.in पर जाकर अपनी आधार अपडेट हिस्ट्री जान सकते हैं।लोग इस सुविधा का लाभ नौकरी में आवेदन के लिए, स्कूल में एडमिशन के लिए और तमाम अन्य सेवाओं के लिए कर सकते हैं। ये कुछ ऐसे तरह के मामले हैं जब उन्हें आमतौर पर उन्हें बीते दो से तीन सालों का एड्रेस प्रूफ देना होता है।
आधार हिस्ट्री जानने का ये है स्टेप बाई स्टेप तरीका:
-uidai.gov.in पर जाकर लॉग इन करें
-आधार अपडेट सेक्शन पर जाएं और फिर आखिरी ऑप्शन आधार अपडेट हिस्ट्री पर क्लिक करें।
-आधार अपडेट हिस्ट्री पर क्लिक करने के बाद यह आपको सीधे पेज पर डायरेक्ट कर देगा। यहां पर आपको अपनी आधार डिटेल देनी होगी।
-यहां पर या तो आप अपना आधार नंबर एंटर करा सकते हैं या फिर वर्चुअल आईडी, जिसके बाद आपको सिक्योरिटी कोड देना होता है।
-ऐसा करने के बाद आपको एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मिलेगा, जो कि आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त होगा। ऐसा करते ही आप सीधे आधार अपडेट हिस्ट्री वाले पेज पर डायरेक्ट हो जाएंगे।
-UIDAI ने इससे पहले 16 डिजिट वाले आईडेंटिफिकेशन नंबर की घोषणा की थी जिसे वर्चुअल आईडी (वीआईडी) कहा गया। यह आधार कार्ड का अल्टर्नेटिव है

नई दिल्ली। एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) ने सोमवार को आईडीबीआई बैंक में अधिकांश हिस्सेदारी के अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने बताया कि आईडीबीआई को पूंजी की जरूरत है और इसलिए शेयर खरीद के लिए प्रेफर्ड ऑप्शन प्रीफ्रेंशियल इश्यू है। चूंकी सार्वजनिक हिस्सेदारी कम है इसलिए ओपन ऑफर संभव नहीं है।गर्ग एलआईसी बोर्ड में सरकार के प्रतिनिधि भी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस सौदे के लिए आइडीबीआई बैंक के बोर्ड और सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं है। बीमा नियामक इरडा ने एलआईसी को आईडीबीआई बैंक में अपना स्टेक 10.82 फीसद से बढ़कार 51 फीसद करने की मंजूरी दे दी थी। जानकारी के लिए बता दें कि 30 जून तक एलआईसी का बैंक में 7.98 फीसद हिस्सा था। अब यह 43 फीसद और खरीदेगा। सेबी के अधिग्रहण संहिता नियम के मुताबिक अधिग्रहणकर्ता को लक्षित कंपनी के शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर लाना होता है।
क्या है आईडीबीआई बैंक के शेयर्स का हाल-बीएसई पर करीब 2.45 बजे आइडीबीआई बैंक 0.09 फीसद की बढ़त के साथ 57.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम स्तर 59.10 और निम्नतम 53.30 का स्तर रहा है। वहीं 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 89.80 का स्तर और निम्नतम 47 का स्तर रहा है।

नई दिल्ली। साल 2018 की दूसरी तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था सुस्त रही है, क्योंकि अमेरिकी के साथ जारी ट्रेड वॉर ने अब तेजी पकड़ ली है। अगर यही स्थिति बनी रही तो उसने विश्व के अन्य देशों को भी नुकसान पहुंचने की चेतावनी भी दी है।दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन अप्रैल-जून तिमाही के दौरान 6.7 फीसद की जीडीपी ग्रोथ से बढ़ा है, जबकि पहली माही में वह 6.8 फीसद की जीडीपी ग्रोथ से बढ़ा था। यह एएफपी सर्वे ऑफ इकोनॉमिस्ट के अनुमान के मुताबिक ही है।अर्थव्यवस्था से जुड़े यह आंकड़े वैसे समय में सामने आए हैं जब हाल ही में यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट डोनाल्ड टस्क ने बीजिंग में हुए सम्मेलन के दौरान व्यापारिक तनाव को देशों के बीच में होने वाले वास्तविक संघर्ष का आगाज बताते हुए अमेरिका, चीन और रूस से इस मसले का समाधान निकाले जाने की अपील की थी।चीन के नेशनल स्टेटिस्टिक्स ब्यूरो के प्रवक्ता माओ शेनयांग ने बताया कि त्रैमासिक मंदी के बावजूद सरकार की ओर से निर्धारित 6.5 फीसद के वार्षिक लक्ष्य की तुलना में विकास दर अभी भी अधिक थी,लेकिन इसके बावजूद चीन को घर के बाहर और भीतर विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।गौरतलब है कि अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए बीजिंग को कई मोर्चों पर लड़ाई का सामना करना पड़ा है। चीन अपने भारी भरकम कर्ज को कम करने के संकट से जूझ रहा है, जबकि चीन की करेंसी युआन और चीन का स्टॉर मार्केट लुढ़क रहा है।

नई दिल्ली। देश की दिग्गज एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) कंपनी हिंदुस्तान युनिलिवर लिमिटेड (एचयूएल) ने वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिये हैं। कंपनी के नतीजे अनुमान के अनुरूप रहे हैं। सेल्स वॉल्यूम में कंपनी में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की है।एचयूएल की ओर से एक्सचेंज को दी जानकारी के अनुसार कंपनी का शुद्ध मुनाफा 19.2 फीसद बढ़कर 1529 करोड़ रुपये हो गया है। जबकि बीते वर्ष की सामान अवधि में कंपनी का मुनाफा 1283 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा था। वहीं कंपनी का राजस्व 11 फीसद बढ़कर 9487 करोड़ रुपये हो गया है।साल दर साल के आधार पर कंपनी की सेल्स वॉल्यूम 12 फीसद बढ़ी है। जानकारी के लिए बता दें कि एचयूएल ने लगातार तीसरी तिमाही में सेल्स में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की है। एचयूएल पॉन्ड्स, सर्फ एक्सएल, क्वालिटी वॉल, वेसलीन, लक्स, लैक्मे, क्लोज अप आदि ब्रैंड्स का स्वामित्व रखता है।वित्त वर्ष 2019 की जून तिमाही में एचयूएल की नेट सेल्स 9487 करोड़ रुपये रही हैं जो बीते वर्ष की सामान अवधि में 8529 करोड़ रुपये के स्तर रही थी। साल दर साल के आधार पर कंपनी का होम केयर रेवेन्यू तीन फीसद बढ़कर 3146 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं ब्यूटी एंड पर्सनल केयर राजस्व एक फीसद बढ़कर 4407 करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह फूड रेवेन्यू 8 फीसद बढ़कर 1785 करोड़ रुपये रहा है। एफएमसीजी की दिग्गज कंपनियों के शेयर्स पहली तिमाही 23.1 फीसद बढ़े हैं वहीं एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स में 5.9 फीसद की तेज दर्ज की गई है।

नई दिल्ली। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की नीति के तहत सरकार मोबाइल हैंडसेट निर्माण के साथ उसके स्वदेशीकरण पर भी जोर दे रही है। सरकार के चरणबद्ध मैन्यूफैक्चरिंग कार्यक्रम के तहत ऐसी इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है, जो मोबाइल हैंडसेट के कलपुर्जो का निर्माण करती हैं। स्वदेशीकरण से मोबाइल हैंडसेट में वैल्यू एडीशन होगा तो कारोबार तो बढ़ेगा ही, इससे नौकरियों के ज्यादा अवसर पैदा होंगे।सरकार के इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का मानना है कि अगले वित्त वर्ष 2019-20 तक देश में बनने वाले फीचर फोन में स्वदेशी कलपुर्जो का इस्तेमाल मौजूदा 15 फीसद से बढ़कर 37 फीसद हो जाएगा। स्मार्टफोन के निर्माण में भी स्वदेशी कलपुर्जो की हिस्सेदारी मौजूदा 10 फीसद से बढ़कर 26 फीसद हो जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि सरकार मोबाइल हैंडसेट निर्माण के लिए घरेलू स्तर पर पूरा इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत घरेलू स्तर पर कलपुर्जे बनाने वाली इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।मंत्रालय ने इसके लिए विशेष तौर पर चरणबद्ध मैन्यूफैक्चरिंग प्रोग्राम शुरू किया है। 2016-17 से लागू इस कार्यक्रम के पहले चरण में चार्जर, एडॉप्टर, बैटरी पैक और वायर्ड हैंडसेट बनाने वाली इकाइयों की स्थापना पर जोर दिया गया। दूसरे चरण में 2017-18 में मैकेनिक्स, डाई कट पार्ट्स, माइक्रोफोन व रिसीवर, की-पैड, यूएसबी केबल बनाने वाली इकाइयों पर फोकस रहा। चालू वित्त वर्ष 2018-19 में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली, कैमरा मॉड्यूल, कनेक्टर्स निर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अगले वर्ष डिस्प्ले असेंबली, टच पैनल, कवर ग्लास असेंबली से लेकर वाइब्रेटर मोटर और रिंगर बनाने वाली इकाइयों पर फोकस रहेगा।मंत्रालय का मानना है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन नीति के अच्छे नतीजे दिख रहे हैं। 2014-15 में देश में 29.2 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर का उत्पादन हुआ था। 2016-17 तक 49.5 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह देश में मोबाइल हैंडसेट और अन्य कलपुर्जे बनाने वाली इकाइयों की संख्या में भी तेज वृद्धि हुई है। मंत्रालय के मुताबिक 2014 में देश में ऐसी इकाइयों की संख्या मात्र दो थी, जो आज की तारीख में 115 हो गई है।

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों में सभी परेशान हैं। आपको बता दें कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में संशोधन करती हैं।अक्सर शॉर्ट सेलिंग और फ्यूल में मिलावट के चलते पेट्रोल पंप पर धांधली की संभवना बनी रहती है। इस साल फरवरी में ऑयल एंड पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने बताया था पेट्रोल पंप पर होने वाले फ्रॉड के मामले में दिल्ली तीसरी नंबर पर है। अप्रैल 2014 से दिसंबर 2017 तक दिल्ली से पेट्रोल पंप पर शॉर्ट फ्यूलिंग के करीब 785 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, महाराष्ट्र में 1560 और उत्तर प्रदेश में 913 केस दर्ज हुए हैं।
जानिए कैसे बरतें सावधानी-
फ्यूल की गुणवत्ता पर शक होने पर है-कई बार ऐसा होता है जब आपको गाड़ी में पेट्रोल भरवाते समय उसकी क्वालिटी पर संदेह होता है। गाड़ी में जब भी कम माइलेज या इंजन से जुड़ी दिक्कतें आती हैं तो पेट्रोल की क्वालिटी पर शक किया जाता है। ऐसे में आप कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 1986 के तहत ग्राहक होने के नाते पेट्रोल पंप पर फिल्टर पेपर की मांग कर जांच सकते हैं। इससे आप यह जान सकते हैं कि पेट्रोल में मिलावट की गई है या नहीं।इस पेपर पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालें, अगर पेट्रोल में कोई मिलावट नहीं है तो यह बिना कोई दाग छोड़े पेपर से उड़ जाएगा। हालांकि अगर मिलावट की गई है तो पेपर पर इसके दाग रह जाएंगे।
स्टार्ट स्टॉप ट्रिक का करें इस्तेमाल-पेट्रोल पंप पर शॉर्ट फ्यूलिंग जैसे फ्रॉड आम हैं। इसके लिए स्टार्ट स्टॉप ट्रिक का इस्तेमाल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपने 1500 रुपये के फ्यूल की मांग की है तो पेट्रोल पंप पर स्थित कर्मचारी आपके पेट्रोल टैंक को 1500 रुपये से कम पर रोक देगा। इसके बाद आप उसे फिर से टैंक भरने के लिए कह सकते हैं।इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप पेट्रोल भरवाते समय मीटर को शून्य पर देखें और फिर जितना आपको भुगतान करना है, वहां तक मीटर आ जाने पर उसे रोकने के लिए कहें।
5 लीटर क्वांटिटी टेस्ट के बारे में जाने-सभी पेट्रोल पंप के पास वेट्स एंड मेशर्स डिपार्टमेंट की ओर से प्रमाणित 5 लीटर माप होता है। कोई भी ग्राहक इसकी मांग कर सकता है और खुद से भर सकता है। अगर मशीन की ओर से डिलीवर किया जाने वाला फाइव लीटर पेट्रोल मेजर को पूरा भर रहा है तो पेट्रोल पंप आपके वाहन की शॉर्ट फ्यूलिंग नहीं कर रहा है। हालांकि, अगर मेजरमेंट पूरा नहीं भर रहा है तो इसका यह मतलब है कि पेट्रोल पंप ग्राहकों को उचित मात्रा में फ्यूल न देकर उनके साथ धोखा कर रहा है। यह जांच किसी भी मशीन पर की जा सकती है।
अन्य सावधानियां-रोजाना पेट्रोल और डीजल की दरों का ख्याल रखें। कोई भी डीलर असल मूल्य से ज्यादा चार्ज नहीं कर सकता है। फ्यूल की बदलती कीमतों के लिए ग्राहक सरकारी तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एप, वेबसाइट या एसएमएस के जरिए कीमत पता कर सकते हैं।

नई दिल्ली। सरल करार दिया गया जीएसटी नई तकनीक के सहारे स्मार्ट भी बन गया है। इतना स्मार्ट कि कर चोरी करके बचना संभव नहीं होगा। नई तकनीक एनालिटिक्स का इस्तेमाल करने से व्यापारी जीएसटी चुकाने से बच नहीं सकते हैं। इन्फोसिस द्वारा विकसित डाटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर पकड़े गए टैक्स डिफॉल्टरों पर कार्रवाई हो सकती है।जीएसटी नेटवर्क के लिए बने मंत्री समूह (जीओएम) के चेयरमैन व बिहार के…
नई दिल्ली। पांच साल पहले म्यूचुअल फंड नियामक ने सभी फंड को निर्देश दिया था कि वे डायरेक्ट टू द कस्टमर का विकल्प भी अनिवार्य रूप से दें। इन बीते वर्षो में हर जानकार निवेशक को यह समझ में आ गया है कि डायरेक्ट फंड का क्या फायदा है। उन्हें पता है कि निवेशक किसी भी फंड में डायरेक्ट निवेश कर सकते हैं। यह सस्ता पड़ता है, क्योंकि इस पर…
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विश्वास जताया है कि अगर अर्थव्यवस्था की विकास दर अनुमान के अनुरूप रही तो भारत अगले साल ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और ग्लोबल ट्रेड वार चुनौतियां पैदा कर सकता है।‘ग्रामीण भारत को कांग्रेस ने दिए नारे, प्रधानमंत्री मोदी ने दिए संसाधन’ शीर्षक वाले…
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आईटीआर फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2018 है। इस तारीख तक फाइल करने पर करदाताओं को 5000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। ऐसे में रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कोशिश करें कि पहले से सभी दस्तावेजों को तैयार रखें। इनके बिना फाइलिंग संभव नहीं है।इस वर्ष आयकर विभाग ने करदाताओं को आईटीआर 1 के जरिए फाइलिंग करते…
Page 1 of 204

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें