कारोबार

कारोबार (2103)

दिवाली की मांग से आज दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 290 रुपये की छलांग के साथ तीन सप्ताह के उच्चस्तर 31,000 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय सर्राफा कारोबारियों की लिवाली से सोने में तेजी आई। हालांकि, वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से यह लाभ कुछ कम रहा।वहीं औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं की सीमित मांग से चांदी 41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी रही। सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि दिवाली त्योहार की वजह से हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग बढ़ने से सोने में तेजी आई। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना सिंगापुर में 0.12 प्रतिशत टूटकर 1,283.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी 0.06 प्रतिशत के नुकसान से 16.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 290-290 रुपये चढ़कर क्रमश: 31,000 रुपये और 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोने ने यह स्तर 27 सितंबर को देखा था। कल के कारोबार में सोना 140 रुपये टूटा था। गिन्नी के भाव हालांकि 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहे। वहीं दूसरी ओर चांदी तैयार 41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। साप्ताहिक डिलिवरी के भाव 130 रुपये टूटकर 39,860 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। चांदी सिक्का हालांकि 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा लिवाल और 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा बिकवाल पर कायम रहा।

भारत की शुद्ध विदेशी मुद्रा खरीद में बढ़ोत्तरी हुई है। अमेरिका के वित्त विभाग का कहना है कि भारत का अमेरिका के साथ वस्तुओं का उल्लेखनीय व्यापार अधिशेष है।अमेरिका के वित्त विभाग ने अमेरिकी संसद से कहा है कि वह भारत की विदेशी मुद्रा विनिमय और वहद आर्थिक नीतियों की नजदीकी से निगरानी करेगा। विभाग ने कांग्रेस में पेश अपनी 2017 की पहली छमाही की रिपोर्ट में कहा कि भारत की विदेशी मुद्रा खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और यह जून, 2017 तक चार तिमाहियों में करीब 42 अरब डॉलर या सकल रेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.8 प्रतिशत पर पहुंच गई है। अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक भागीदारों की विदेशी विनिमय नीतियों पर कांग्रेस में पेश रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का अमेरिका के साथ वस्तुओं का उल्लेखनीय व्यापार अधिशेष है। जून, 2017 तक चार तिमाहियों में यह 23 अरब डॉलर था। वित्त विभाग ने कहा कि वह भारत के विदेशी विनिमय और वहद आर्थिक नीतियों की नजदीकी से निगरानी करेगा।

 

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो आपको थोड़ा सावधान होने की जरूरत है। वैसे तो ऑनलाइन शॉपिंग में फर्जीवाड़े के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं लेकिन त्योहार के मौके पर इनकी संभावना थोड़ी ज्यादा बढ़ जाती है। त्योहार के मौके पर साइबर क्राइम के मामले ज्यादा सामने आते हैं। इन मौकों पर साइबर क्रिमनल्स ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को निशाना बनाने की फिराक में ज्यादा रहते हैं। ऐसे में आपको थोड़ा और सावधान रहने की जरूरत है। हम आपको बताते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त किन बातों का रखें ख्याल :
अनजान वेबसाइट से ना करें शॉपिंग: सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए आपके सामने कई ऐसे शॉपिंग वेबसाइट के लिंक आते हैं जिन पर प्रोडक्ट पर भारी डिस्काउंट दिखाया जाता है। अगर आपके सामने भी ऐसे लिंक आते हैं तो उन पर क्लिक करने से पहले सोचें। ये वेबसाइट फर्जी भी हो सकती हैं।
डिस्काउंट के चक्कर में ना पड़ें : कभी-कभी अंजान वेबसाइट पर भी ज्यादा डिस्काउंट देखकर लोग जल्दबाजी में शॉपिंग कर लेते हैं और बाद में अपने फैसले पर अफसोस करते हैं। क्योंकि या तो वो वेबसाइट फर्जी निकलती हैं या फिर डिलेवरी किया हुआ प्रोडक्ट खराब होता है। इसलिए डिस्काउंट के चक्कर में किसी भी वेबसाइट से शॉपिंग ना करें।
किसी और के मोबाइल से शॉपिंग ना करें: ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि शॉपिंग अपने ही मोबाइल से करें। ऑनलाइन शॉपिंग के जब भी आप पेमेंट डिटेल्स भरते हैं तो अक्सर ऐसा होता ही की आपकी कोई ना कोई डिटेल फोन में सेव रह जाती है। ऐसा होने से आपका बैंक अकाउंट आसानी से हैक हो सकता है।
पेमेंट करते हुए सचेत रहें: ऑनलाइन शॉपिंग करने के बाद जब भी पेमेंट करें तो खास ख्याल रखें। पेमेंट करते वक्त जब भी अपनी अकाउंट की डिटेल्स भरें तो ध्यान से भरें।
शॉपिंग करने के बाद हमेशा करें Log Out : ऑनलाइन शॉपिंग करने के बाद वेबसाइट से लॉग आउट करना कभी ना भूलें। आप जिस वेबसाइट से शॉपिंग कर रहे हैं अगर काम खत्म होने के बाद आपने लॉग आउट नहीं किया तो कोई भी आपकी शॉपिंग से छेड़छाड़ कर सकता है।


नई दिल्ली - अगस्त में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा जारी किए गया 200 रुपये का नया नोट आपको दिवाली पर भी एटीएम से नहीं मिलेगा। इसके लिए आपको नए साल तक इंतजार करना होगा।
भारत के लिए एक लाख से भी ज्यादा एटीएम का निर्माण कर चुकी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर नवरोज़ डस्टर ने कहा कि हमने कुछ एटीएम को नए नोट के हिसाब से ढाल दिया है।
हम केवल कार्य करके देते हैं और अन्य एटीएम को 200 रुपए के हिसाब से कब ढाला जाएगा यह फैसला करना हमारा काम नहीं है, इसका फैसला केवल बैंक ही लेंगे। डस्टर ने कहा कि कई बैंकों से हमें एटीएम मशीनों के अपग्रेड हेतु कोई सिफारिश नहीं मिली है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार कैनरा बैंक के चेयरमैन राकेश शर्मा ने कहा कि नोटबंदी के बाद पब्लिक की सुविधा के लिए एटीएम का सुधार कार्य बहुत आसान लग रहा था लेकिन ऐसा कतई भी नहीं है। मशीनों का यह सुधार कार्य बहुत ही धीमी प्रकिया है जिसे हफ्तों लग सकते हैं।
बैंकों में मिल रहा है नोट
आरबीआई द्वारा जारी किया गया 200 रुपये का नोट फिलहाल बैंकों की ब्रांच में मिल रहा है। कोई भी व्यक्ति एक बार में 2000 रुपये के कुल मूल्य के 10 नोट ले सकता है। फिलहाल इस नोट को लेने का ये ही एक तरीका है।
इस वजह से हो रही है देरी
एटीएम के जरिए इस नोट को मिलने में इसलिए देरी हो रही है, क्योंकि बैंकों के पास पहले से ही इसकी कमी है, जिसकी वजह से एटीएम में पैसा डालने वाली एजेंसी के पास यह नहीं पहुंच रहा है। दूसरा कारण है कि बैंकों ने अभी तक एटीएम सर्विस प्रोवाइडर को भी मशीन में बदलाव करने के लिए नहीं कहा है।
आसान नहीं मशीन में बदलाव करने की प्रक्रिया
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बैंकों का कहना है कि एटीएम में बदलाव करने की प्रक्रिया आसान नहीं है। एनसीआर कॉर्पोरेशन के एमडी नवरोज दस्तूर ने कहा कि अभी हमने कुछ मशीनों में बदलाव कर दिया है। एनसीआर कॉर्पोरेशन की देश भर में 1 लाख से अधिक एटीएम मशीन लगी हुई हैं।
हालांकि बैंकों की तरफ से उनको मशीनों में बदलाव करने के लिए अभी तक नहीं कहा गया है। कैनरा बैंक के चेयरमैन राकेश शर्मा का कहना है कि नोटबंदी के बाद से लोगों के मन में यह धारणा बन गई है कि एटीएम में नए नोट के लिए आसानी से जगह बनाई जा सकती है, लेकिन ऐसा है नहीं।
यह एक बहुत ही जाटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है। नोटबंदी के वक्त भी सभी एटीएम मशीन में बदलाव करने के लिए दो हफ्ते से अधिक का वक्त लग गया था। फिलहाल बैंकों को किसी प्रकार की कोई जल्दबाजी नहीं है, जैसी नोटबंदी के बाद थी।
500, 2000 के नोट की भी कमी
एटीएम के लिए बैंकों के पास 500 और 2 हजार का नोट भी पहले से कम संख्या में सप्लाई हो रहा है। इसमें 30 से 40 फीसदी की गिरावट देखी गई है। वहीं व्हाइट लेबल एटीएम में भी सप्लाई 50 फीसदी तक गिर गई है।


नई दिल्ली - भारत में 'बजट एयरलाइंस' कहलाने वाली इंडिगो एयरलाइंस ने धनतेरस के मौके पर शानदार ऑफर निकाला है। धनतेरस के शुभ अवसर पर इंडिगो यात्रियों को सिर्फ 999 रुपये में फ्लाइट टिकट दे रहा है।
आपको बता दें कि आज से शुरू हुआ ये ऑफर 21 दिसंबर से यात्रा करने वालों के लिए मान्य है। इसके तहत यात्री बड़े से छोटे शहरों तक बेहद सस्ते में प्लेन में सफर कर सकेंगे।
इन शहरों से होगी शुरुआत
इंडिगो ने नए ATR हवाई जहाजों को अपनी सेवाओं में शामिल करते हुए कहा कि वो रोज 24 घंटे नॉन स्टॉप फ्लाइट चलाएगी। इंडिगो ने कहा कि शुरू में ये फ्लाइट्स दक्षिण भारतीय शहरों में चलाई जाएगीं। जिन शहरों के बीच ये सेवा शुरू होगी उनमें हैदराबाद, चेन्नई, बंगलूरू, मंगलौर, मदूरै, नागपुर, तिरुपति और राजामुंदरै शामिल हैं।
इंडियो ने कहा कि उसने अपनी इस नई सेवा के लिए 25 एटीआर एयरक्राफ्ट की फ्लीट तैयार की है। 999 का ऑफर लेने के लिए यूजर्स इंडिगो की वेबसाइट www.goindigo.in पर जाकर बुक करा सकते हैं। इंडिगो के प्रेसीडेंट और डायरेक्टर आदित्य घोष ने कहा कि इस नई सर्विस के साथ ही हम लोगों को एयर ट्रेवल करने के लिए नई पसंद देने जा रहे हैं।
'उड़ान स्कीम' में शामिल होने की कोशिश कर रहा इंडिगो
इंडिगो ने कहा है कि वो भारत सरकार की उड़ान स्कीम का हिस्सा बनने जा रहा है। इसके लिए वह उड़ाम स्कीम के तहत होने वाली नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा भी लेगा। बता दें कि उड़ान स्कीम के तहत यात्री 2500 रुपये प्रति घंटा की दर पर छोटे शहरों में हवाई सफर करते सकते, जहां पर अभी तक फ्लाइट की कोई कनेक्टिविटी नहीं थी।

 


नई दिल्ली - दिवाली से पहले आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार की ओर से राहत की खबर आई है। सितंबर 2017 में थोक महंगाई दर घटकर 2.60 फीसदी पर आ गई। अगस्‍त में यह 3.24 फीसदी पर थी, जो कि चार माह के सबसे ऊंचे स्तर पर था। सितंबर महीने में सब्‍जियों के दाम 15.48 पर पहुंच गए हैं। अगस्‍त में ये 44.91 के स्‍तर पर था।
थोक महंगाई में लगातार दो माह की तेजी के बाद पहली गिरावट दर्ज की गयी है। अगस्त में यह चार महीने के उच्चतम स्तर 3.24 प्रतिशत पर रही थी। इससे पहले जुलाई में यह 1.88 प्रतिशत रही थी। पिछले साल सितंबर में थोक महंगाई दर 1.36 प्रतिशत दर्ज की गयी थी। सरकार द्वारा आज यहां जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सितंबर की तुलना में इस साल सितंबर में खाद्य पदार्थो के दाम 2.04 प्रतिशत की मामूली दर से बढ़े हैं। इस श्रेणी में महंगाई दर कम रहने का मुख्य कारण दालों के दाम एक साल पहले की तुलना में 24.26 प्रतिशत और आलू के 46.52 प्रतिशत घटना रहा है। गेहूँ की कीमतों में 1.71 प्रतिशत और मोटे अनाजों में 0.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
सब्जियों के दाम घटने का मिला फायदा
सितंबर में थोक महंगाई दर कम होने में सब्जियों के दाम में आई कमी ने सहारा दिया है। महीने दर महीने आधार पर सितंबर में खाने पीने की चीजों की थोक महंगाई दर 1.99 पर आ गई है। इससे पहले महीने यह 4.41 फीसदी पर थी।
सितंबर 2017 में फूड आर्टि‍ल्‍स की थोक महंगाई दर गिरकर 2.04 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 5.75 फीसदी थी। थोक महंगाई दर में फूड इन्‍फ्लेशन की हिस्‍सेदारी 15.26 फीसदी है। सितंबर में सब्जियों के दाम गिरे हैं। सब्जियों की थोक महंगाई गिरकर 15.48 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 44.91 फीसदी पर थी। फलों की थोक महंगाई भी पिछले महीने गिरकर 2.93 फीसदी पर आ गई जो अगस्‍त में 7.35 फीसदी थी।
प्‍याज, अंडा, मीट हुआ महंगा
हालांकि प्‍याज के दामों में सितंबर में राहत नहीं दिखी। सितंबर महीने में प्‍याज के दाम 79.78 फीसदी के स्‍तर पर पहुंच गए। वहीं, अंडे, मीट और मछलियों के दाम 5.47 फीसदी के स्‍तर पर रहे। अंडा,मीट,मछली के दाम बढ़े सितंबर में प्रोटीन प्रोडक्‍ट्स अंडा, मीट और मछली की थोक महंगाई बढ़ी है। सितंबर में इसकी महंगाई दर 5.47 फीसदी रही, जो अगस्‍त में 3.93 फीसदी थी। मिनरल्‍स की महंगाई में गि‍रावट दर्ज की गई है। पिछले महीने मिनरल्‍स की थोक महंगाई दर -7.73 फीसदी दर्ज की गई, जून में यह आंकड़ा 24.84 फीसदी पर था। आलू, दाल और गेहूं की थोक महंगाई सितंबर में भी शून्‍य से नीचे बनी रही। यह क्रमश: -46.52 फीसदी, -24.26 और -1.71 फीसदी दर्ज की गई।
ईंधन के मोर्चे पर भी मिली राहत
ईंधन और पावर सेक्‍टर की बात करें, तो यहां भी महंगाई से राहत मिली है। सितंबर महीने में इस सेक्‍टर के लिए महंगाई 9.01 फीसदी पर रही। अगस्‍त में यह 9.99 फीसदी थी। पेट्रोल के थोक दाम गिरे लेकिन एलपीजी के बढ़ें हैं। पेट्रोल की महंगाई अगस्‍त के 24.55 फीसदी के मुकाबले सितंबर में 15.79 फीसदी रही। वहीं, एलपीजी की महंगाई अगस्‍त के 5.33 फीसदी की तुलना में सितंबर में बढ़कर 20.75 फीसदी हो गई है।
दाल की कीमतों में कमी
वहीं दलहन के दाम सितंबर में 24.26% नीचे आए। आलू की कीमतों में 46.52% तथा गेहूं में 1.71% की गिरावट दर्ज की गई।
मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को नहीं मिली राहत
मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर के लिए थोक महंगाई के मोर्चे पर राहत नहीं मिली है। सितंबर में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की थोक महंगाई दर 2.45 फीसदी से बढ़कर 2.72 हो गई है।
अगस्‍त में चार महीने के उच्‍च स्‍तर पर पहुंची थी दर
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अगस्त में चार महीने के उच्चस्तर 3.24% पर पहुंच गई थी। सितंबर, 2016 में यह 1.36% पर थी। खुदरा महंगाई दर सितंबर में अगस्त के 3.28 फीसदी के स्तर पर ही बनी रही।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि 2013-14 में शुरू आर्थिक नरमी की स्थिति से देश बाहर आ गया है और चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत से 7.0 प्रतिशत रह सकती है। वहीं 2018-19 में इसके 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।वित्त वर्ष 2016-17 में कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद आर्थिक वद्धि दर टकर 7.1 प्रतिशत पर…
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि अमेरिका आने वाले भारतीय आईटी पेशेवर अवैध आर्थिक आव्रजक नहीं हैं और अमेरिका सरकार को अपनी वीजा नीति पर निर्णय लेते समय इस पर उपयुक्त रूप से विचार करना चाहिए।एच-1बी वीजा गैर-आव्रजक वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को नियुक्ति की अनुमति देता है। भारतीय आईटी पेशेवरों में इसकी अच्छी मांग है। उन्होंने कहा, भारत से एच-1बी वीजा पर जो…
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि भारत ने सही समय पर संरचनात्मक सुधार किए हैं और इससे आने वाले समय में देश को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी सहित कुछ अहम सुधार देश की अर्थव्यवस्था के दीर्कालिक फायदों के मद्देनजर किये गये और इसके फलस्वरूप भारत की विकास दर ऊंचाई की ओर जा रही है। नोटबंदी और जीएसटी के असर पर उन्होंने कहा कि एक…
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