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फ्लिपकार्ट के बिकने की खबरें जोरों पर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन और वॉलमार्ट इच्छा जाहिर कर चुके हैं। फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए दोनों के बीच कड़ी टक्कर की खबरें आ रही हैं।फिलहाल फ्लिपकार्ट और वालमार्ट के बीच गठजोड़ की चर्चाएं जोरों पर हैं। बताते चलें कि अमेरिकी कंपनी अमेजन और वॉलमार्ट दोनों ही भारत के ऑनलाइन रिटेल स्पेस में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं।सूत्रों ने बताया कि फ्लिपकार्ट की डील वॉलमार्ट के साथ होने की ज्यादा संभावना है। वहीं फ्लिपकार्ट ने अमेजन से हाथ मिलाय तो ये डील अमेजन के लिए कई मायनों में हितकारी साबित होगी। अभी भारतीय ऑनलाइन बाजार में अमेजन और फ्लिपकार्ट का दबदबा है।अगर अमेजन और फ्लिपकार्ट में डील हो जाती है तो इस डील के बाद भारतीय ऑनलाइन बाजार में अमेजन का एकछत्र राज हो जाएगा। इस डील के बारे में अमेजन, फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट ने बयान देने से इंकार कर दिया।याद दिला दें कि अमेजन के पूर्व कर्मचारी सचिन और बिन्नी बंसल ने साल 2007 में फ्लिपकार्ट की शुरुआत की थी।

गन्ने की बुआई इस बार होगी कम

नई दिल्लीः देश में गन्ने की बकाया राशि मार्च में फरवरी के मुकाबले 10 फीसदी बढ़ी है। इसकी वजह यह है कि चालू पेराई सीजन में चीनी की कीमतों में लगातार गिरावट से चीनी मिलें किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं कर पा रही हैं। इस क्षेत्र की शीर्ष संस्था भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) का अनुमान है कि कुल बकाया मार्च के अंत तक बढ़कर 160 से 170 अरब रुपए पर पहुंच गया है, जो फरवरी के अंत में 140 से 150 अरब रुपए था। हालांकि इस्मा वित्त वर्ष के आधार पर गन्ना बकाया के आंकड़े नहीं रखता है।गन्ने के बढ़ते बकाया से किसान आने वाले वर्षों में अन्य फसलों की बुआई की तरफ रुख कर सकते हैं। आम तौर पर किसान फसल की बुआई का फैसला पिछले साल उपज की मिलों कीमतों के आधार पर करते हैं। अब तक का यह रुझान रहा है कि जिस साल किसानों की किसी उपज की कीमतें गिरती हैं तो वे अगले सीजन में दूसरी ज्यादा फायदा देने वाली फसलों का रुख कर लेते हैं। इस्मा के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा, 'घरेलू बिक्री से चीनी के कम दाम मिलने और वैश्विक चीनी बाजार में भी कीमतें कमजोर होने से चीनी मिलें किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं जुटा पा रही हैं। मिलों की आमदनी में 80 से 85 फीसदी हिस्सा चीनी का होता है, इसलिए उसकी कीमतों में गिरावट से मिलों की किसानों को गन्ने के भुगतान की क्षमता प्रभावित होती है। इससे गन्ने का बकाया बढ़ता है।इस्मा का अनुमान है कि 31 मार्च, 2018 तक गन्ने का बकाया उत्तर प्रदेश में 72 अरब रुपए और महाराष्ट्र में 25 अरब रुपए था। बिहार, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित अन्य प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में गन्ने का कुल बकाया 40 अरब रुपए होने का अनुमान है। इस्मा का अनुमान है कि देश में 31 मार्च, 2018 तक कुल 281.8 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जो पिछले साल इस समय तक उत्पादित चीनी 188.9 लाख टन से करीब 33 फीसदी अधिक है। उद्योग का अनुमान है कि इस साल देश का कुल चीनी उत्पादन 45 फीसदी बढ़कर 295 लाख टन रहेगा, जो पिछले साल 203 लाख टन था।

नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 12,700 करोड़ रुपए के महाघोटाले के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बैंक घोटाले में आरोपी मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स को लेकर पता चला है कि उसके मुख्य लेनदारों ने करीब 2500 करोड़ रुपए का लोन लिया था। जबकि उनकी सैलरी करीब 12000 रुपए से 15000 रुपए तक की ही थी।जानकारी के अनुसार गीतांजली जेम्स को लोन देने वाली कंपनियां एशियन इम्पैक्स, प्रीमियर इंटरट्रेड और आइरिश मर्केन्टाइल के कुछ बेहद ही कम सैलरी पाने वाले डायरेक्टर्स ने चेक में छूट दी। ऐसे में मामला शैल कंपनियों से जुड़ा हुआ लगता है। जांच के अनुसार, ये तीनों फर्म अप्रत्यक्ष रूप से चोकसी के द्वारा ही मैनेज की जा रही थीं।
17 फर्ज़ी कंपनियों का इस्तेमाल:-बता दें कि हाल ही में नीरव मोदी को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ था। ईडी के मुताबिक, नीरव मोदी ने 17 फर्ज़ी कंपनियों का इस्तेमाल कर साल 2017 में 5921 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की। गौरतलब है कि इस घोटाले के बाद नीरव मोदी और मेहुल चोकसी देश से बाहर हैं। ईडी लगातार उनपर कार्रवाई कर रही है। वहीं भारत सरकार की तरफ से भी नीरव मोदी को वापस लाने की कोशिशें जारी हैं।

नई दिल्लीः रेडिसन होटल ग्रुप ने कहा कि वह भारत में अपने होटलों की संख्या 2022 तक बढ़ाकर 200 करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस दौरान वह 10,000 कर्मचारी रखेगा। इसके साथ ही होटल कंपनी देश के गैर महानगरों में विस्तार की सोच रही है।रेडिसन होटल ग्रुप के मुख्य कार्याधिकरी राज राणा ने कहा, ‘भारत हमारे लिए एक प्रमुख बाजार है। हम यहां 2022 तक 200 संपत्तियों का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इस संख्या में परिचालनगत व निर्माणाधीन दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं।’ उल्लेखनीय है कि इस वैश्विक कंपनी ने पिछले ही महीने अपना नाम बदलकर रेडिसन होटल ग्रुप किया है जबकि पहले यह कार्लसन रेजिडोर होटल ग्रुप के नाम से जानी जाती थी।कंपनी का मानना है कि ब्रांडिंग में इस बदलाव से उसे और तेजी से वृद्धि में मदद मिलेगी। इस समय भारत में उसके 140 होटल हैं जिनमें से 90 रिचालन में हैं।

 

लुधियानाः मोर क्वालिटी फर्स्ट स्टोर को फ्रैंच फ्राइज के पैकेट के साथ स्कीम के मुताबिक मसाला फ्राई का 375 ग्राम का पैकेट न देना महंगा पड़ गया। इसका जिला उपभोक्ता फोरम ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उसे 6000 रुपए का हर्जाना भरने का आदेश दिया।
क्या है मामला:-कुणाल सोफ्ट निवासी गांव दाद लुधियाना ने बताया कि उसने मोर क्वालिटी फर्स्ट स्टोर मॉडल टाऊन से 14 सितम्बर 2016 को 155 रुपए का 750 ग्राम का फ्रैंच फ्राई का पैकेट खरीदा था और उस पर चल रही स्कीम के तहत उसे उपरोक्त स्टोर से मसाला फ्राई का 375 ग्राम का एक पैकेट भी मिलना था लेकिन स्टोर ने उसे पैकेट देने से मना कर दिया। उसने उपभोक्ता फोरम में दायर अपनी शिकायत में उसे 95,000 रुपए हर्जाना दिलवाने की मांग की। मोर क्वालिटी फर्स्ट स्टोर ने उस पर लगाए सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उनका इसमें कोई कसूर नहीं है, क्योंकि फ्रैंच फ्राई बनाने वाली प्रमुख कम्पनी मकेन ने उन्हें उपरोक्त मसाला फ्राई पैकेट उपलब्ध नहीं कराया था। उनके द्वारा बकायदा कंपनी को मेल भेजकर उपरोक्त ऑफर के तहत मसाला फ्राई उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था लेकिन कंपनी ने उसे नामंजूर कर दिया।
यह कहा फोरम ने:-फोरम के अध्यक्ष जी.के. धीर व सदस्य विनोद गुलाटी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्टोर को 6,000 रुपए बतौर केस खर्च व हर्जाना राशि शिकायतकत्र्ता को एक माह के भीतर अदा करने का फैसला सुनाया।

सैन फ्रांसिस्को: सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने स्वीकार किया कि ब्रिटिश राजनीतिक कंसल्टेंसी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने आठ करोड़ 70 लाख से अधिक फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डाटा का गलत इस्तेमाल किया। फेसबुक के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी माइक स्क्रोफर ने विभिन्न मीडिया समूहों की ओर से किए जा रहे दावे से अधिक इस संख्या की जानकारी अपने कॉर्पाेरेट ब्लॉग पोस्ट पर देते हुए माना कि 8 करोड़ 70 लाख लोगों की जानकारियां कैम्बिज एनालिटिका के साथ गलत तरीके से साझा की गई। उन्होंने बताया कि कंपनी उपयोगकर्त्ताओं के निजी डाटा पर अधिक नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठा रही है। कंपनी तीसरे पक्ष के एप डेवलपर्स के लिए उपलब्ध व्यक्तिगत डाटा को भी प्रतिबंधित कर रही है। उन्होंने बताया कि उक्त 8 करोड़ 70 लाख उपयोगकर्त्ताओं में से अधिकांश अमेरिका के हैं।
अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया ने भी किया था दावा:-गौरतलब है कि अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया ने गत माह दावा किया था कि ब्रिटिश कंसल्टेंसी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्त्ताओं के डाटा का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में गलत इस्तेमाल किया था। अमेरिका में 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने इस कंपनी की सेवाएं ली थी। फेसबुक ने करोड़ों उपयोगकर्त्ताओं के डाटा लीक होने के खुलासे के बाद उनके निजी डाटा पर अधिक नियंत्रण देने के लिए मार्च के आखिरी में बड़े बदलावों की घोषणा की थी।
फेसबुक को हुआ 100 अरब डॉलर का नुकसान:-गत 17 मार्च को फेसबुक का डाटा लीक होने की खुफिया रिपोर्ट के बाद कंपनी को शेयर बाजार में 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। डाटा लीक के खुलासे के बाद में फेसबुक के शेयरों में लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट आई है।
फेसबुक में होंगे नए बदलाव
कंपनी के चीफ प्राइवेसी ऑफिसर एरिन एगन ने कहा कि फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग की पिछले सप्ताह की घोषणा के मुताबिक हम आने वाले सप्ताहों में कुछ ऐसे बदलाव करेंगे जिनसे उपयोगकर्त्ताओं को अपनी निजी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण हासिल हो सकेगा।
-फेसबुक पर प्राइवेसी सेटिंग्स और मेन्यू को भी आसान बनाया जा रहा है ताकि उपयोगकर्त्ता उनमें आसानी से बदलाव कर सकें।
-फेसबुक में नए प्राइवेसी शॉर्टकट मेन्यू भी बनाए जा रहे हैं जिनसे उपयोगकर्ताओं को अपने अकाउंट और निजी जानकारियों पर पहले से ज्यादा नियंत्रण रहेगा।
-उपयोगकर्ता समीक्षा कर सकेंगे कि उन्होंने क्या शेयर किया है और उसे डिलीट कर सकेंगे।
-वे सभी पोस्ट जिन पर उपयोगकर्ता ने रिएक्ट किया है, जो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है और फेसबुक पर जिसके बारे में सर्च किया है, सभी की समीक्षा की जा सकेगी।
-उपयोगकर्ता फेसबुक के साथ शेयर किए डाटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे। इसमें अपलोड किए गए फोटो, कॉन्टेक्ट्स और टाइमलाइन पर मौजूद पोस्ट को डाउनलोड किया जा सकेगा तथा किसी दूसरी जगह शेयर किये जाने की भी सुविधा होगी।
-कंपनी अपनी टर्म ऑफ सर्विस और डाटा पॉलिसी को अच्छी तरह से उपयोगकर्ता के सामने रखेगी और ये बताएगी कि उनसे किस तरह की जानकारी ली जा रही है और उसका क्या उपयोग किया जा रहा है।
सीईओ जुकरबर्ग ने इस पर माफी मांगते हुए फेसबुक पर लिखा था कि उपयोगकर्त्ताओं के डाटा को गोपनीय रखने को लेकर उनकी कंपनी ने गलती की है। किसी के निजी डाटा का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

आईसीआईसीआई बैंक ने प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए धन प्रे​षण की सोशल मीडिया आधारित सेवा शुरू की है। बैंक का कहना है कि उसकी इस सेवा सोशल पे से प्रवासी भारतीय व्हाटसएप व ईमेल सहित अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए भारत में अपने परिजनों व दोस्तों को धन भेज सकेंगे।इसके लिए उन्हें रेमिटेंस सेवा एप मनी 2 इंडिया पर पंजीकरण करना होगा। बैंक का कहना है कि भारत में…
नई दिल्‍ली : अमेरिका के एच-1बी वीजा के लिए अब से नई प्रक्रिया शुरू हो गई है। एेसा कहा जा रहा है कि नई शुरू हुई व्यवस्था पहले की वीजा जारी करने की प्रक्रिया से थोड़ी ज्यादा सख्त होगी। हालांकि सामान्‍य तौर पर भी अगर आप अमेरिका का वीजा पाना चाहते हैं तो भी आपको कड़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। अमेरिका की सरकार आपके सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर…
आधार संख्या जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई ने डाटा सुरक्षा को लेकर आम लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उसके पास आधार-धारकों से जुड़ी ज्यादा जानकारी नहीं है।भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का कहना है कि वह आधार धारकों के बैंक खातों, स्वास्थ्य, वित्तीय या संपत्ति से जुड़ी कोई जानकारी नहीं रखता है और न ही रखेगा। उसके डाटाबेस में आधार वालों की ऐसी कोई जानकारी नहीं है।…
नई दिल्ली : पेट्रौल और डीलज की कीमतें अपने 4 साले सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। वहीं गैर सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 35.50 रुपये की कटौती हुई है। जिससे महंगाी की मार झेल रहे लोगों को एक बड़ी राहत मिली है। वहीं दूसरी तरफ सब्सिडी युक्त सिलेंडर की कीमत में मात्र 1.74 रुपये की कमी की गई है। ये कदम सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल…
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