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कारोबार (2091)

 

नई दिल्ली - नोटबंदी को एक गलत कदम और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के डिजाइन को दोषपूर्ण बताते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार के इन दोनों कदमों ने अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया है। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि उसने बीते साल नोटबंदी का फैसला करने की गलती की थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी को गलत तरीके से डिजायन किया गया है।
चिदंबरम ने कहा, “नोटबंदी और जीएसटी के कारण अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है।” यह आशा व्यक्त करते हुए कि देश में एक ऐसी सरकार होगी जो इन गलतियों को ठीक करेगी उन्होंने कहा, “हमने अर्थव्यवस्था को पीछे ढकेल दिया है लेकिन अब इसे आगे कौन लाएगा? हमारी तरफ मत देखिए मैं आपकी तरफ देखता हूं। अब आपको तय करना है कि अर्थव्यवस्था को वापस ट्रैक पर कौन लाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “वो सरकार आपसे कहेगी कि जीएसटी की अधिकतम दर 18 फीसद होगी और 18 फीसद से ऊपर कोई दर नहीं होगी। वह सरकार 90 फीसद व्यापारियों और बिजनेसमैन से कहेगी जो कि छोटे एवं मध्यम स्तर के कारोबारी हैं, कि अगर आप 6 महीने में एक बार रिर्टन फाइल करेंगे तो यह भी ठीक है। लेकिन यह सरकार कब सत्ता में आएगी यह पूरी तरह से आप पर निर्भर है।”
यह उल्लेख करते हुए कि बिजनेस को जीएसटी ने प्रभावित किया है चिदंबरम ने कहा, “हमने उनसे कहा था कि आप इसे जल्दबाजी में न करें बल्कि इसके लिए कुछ समय लें, जबकि ट्रेडर्स और बिजनेसमैन ने इसे सितंबर तक टालने का आग्रह किया था।”


नई दिल्ली - टीवी पर इन दिनों कई रियलिटी शो चल रहे हैं। इनमें कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी), बिग बॉस, डांस इंडिया डांस, इंडियन आइडल आदि शामिल है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि विजेताओं को जीतने पर मिलने वाली राशि टैक्सेबल होती है या टैक्स छूट के दायरे में आती है? साथ ही अगर टैक्सेबल होती है तो उसपर कितना टैक्स लगाया जाता है। हम अपनी इस खबर में यही बताने जा रहे हैं कि टीवी रियल्टी शो और गेम शो में जीतने पर मिलने वाली राशि पर आयकर कानून का क्या नियम है।
रियलिटी शो की इनामी राशि पर भी टैक्स
रियलिटी शो में जीती गई राशि पर इनकम टैक्स के सेक्शन 56(2)(ib) के तहत टैक्स देनदारी बनती है। यह इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के दौरान इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज के अंतर्गत घोषित की जाती है। इनकम टैक्स के सेक्शन 56(2)(ib) के तहत नीचे दिए गए तरीकों से हुई कमाई इसके दायरे में आएगी
• लॉटरी
• क्रॉसवर्ड पजल
• रेस (घोड़ों की रेस भी शामिल)
• ताश या इससे संबंधित खेल
• जुआ या सट्टेबाजी जैसे किसी काम से हुई कमाई
फाइनेंस एक्ट 2001 स्पष्ट करता है कि कार्ड गेम, कोई गेम शो या मनोरंजन प्रोग्राम जिसमें लोग इनाम जीतने के लिए हिस्सा लेते हैं इसमें शामिल माने जाते हैं। यानी इसमें टीवी या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में प्रसारित किए जाने वाले प्रोग्रामों में मिलने वाली इनामी राशि पर टैक्स लगता है।
क्या कहना है एक्सपर्ट का
ई-मुंशी के टैक्स एक्सपर्ट अंकित गुप्ता ने बताया कि किसी भी टेलिविजन गेम शो में जीती गई इनामी राशि पर 30 फीसद टैक्स लगता है। इस पर आप किसी भी प्रकार का डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकते हैं। यानी आप अगर कौन बनेगा करोड़पति में कोई राशि जीतते हैं तो आपको उसमें टीडीएस काटकर ही पैसा दिया जाता है। इसमें एजुकेशन सेस और सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन सेस भी शामिल होता है। इस हिसाब से कुल टैक्स 30.9 फीसद होता है। ऐसे में आपको इस तरह से मिली राशि पर इतना तो टैक्स देना ही होगा हां आप अपने टैक्स स्लैब रेट के हिसाब से थोड़ी राहत जरूर पा सकते हैं।
किस हिसाब से लगता है टैक्स:
टीवी शो या ऑनलाइन माध्यम से जीती गई राशि पर 30.9 फीसद की दर से इनकम टैक्स लगाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि कौन बनेगा कोरड़पति, नच बलिए, इंडिया गॉट टैलेंट, फियर फैक्टर और अन्य गेम शो से जीती गई राशि पर फ्लैट 30 फीसद का टैक्स लगाया जाता है। साथ ही इसमें इस तीस फीसद का दो फीसद एजुकेशन सेस और एक फीसद एसएचईसी (सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन सेस) भी शामिल होता है। इस तरह गेम शो पर जीती गई राशि पर कुल टैक्स 30.9 फीसद होता है।
ध्यान रखें कि इस मामले में इनकम टैक्स स्लैब रेट का लाभ नहीं उठाया जा सकता। पूरी राशि पर फ्लैट 30.9 फीसद की टैक्स वसूला जाता है।
इसमें सबसे अहम बात यह है कि अगर किसी संस्था की ओर से दी गई राशि एक वर्ष में 10,000 रुपये से ज्यादा है तो इस स्थिति में सेक्शन 194(बी) के तहत 30.9 फीसद की दर से टीडीएस लगाया जाएगा। किसी भी खिलाड़ी को जो प्राइस मनी दी जाएगी वो 30.9 फीसद टीडीएस काटने के बाद ही दी जाएगी।
इस तरह की इनामी राशि पर आयकर कटौती की शर्त लागू होती है-
सेक्शन 58(4) के तहत लॉटरी, क्रॉसवर्ड पजल, रेस (घोड़ों की रेस भी शामिल), ताश या इससे संबंधित खेल,जुआ या सट्टेबाजी जैसे किसी कामों से हासिल की गई राशि पर कोई टैक्स बेनिफिट प्राप्त नहीं होगा। मसलन, इन माध्यमों से जीती गई रकम पूरी तरह टैक्सेबल होगी। वास्तव में चैप्टर VI-A यानी कि सेक्शन 80 सी से 80 यू तक मिलने वाली कटौती को क्लेम नहीं किया जा सकता।
इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक किसी गेम शो में जीती गई राशि को व्यक्ति की अन्य तरीकों से हुई आय माना जाएगा, जिसपर टैक्स लगेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति टीवी शो से एक करोड़ कमाता है और अपने व्यवसाय से 15 लाख कमाता है उस स्थिति में
उसे नीचे बताये गये तरीके से टैक्स देना होगा-
• एक करोड़ रुपये की राशि पर 30.9 फीसद यानी कि 30,90,000 रुपये
• 15 लाख रुपये की कमाई पर इनकम टैक्स स्लैब रेट पर कटौती के बाद का टैक्स
चूंकि इस तरह के गेम शो पर मिलने वाली राशि पर इनकम टैक्स कटौती नहीं मिलती इसलिए 15 लाख वाली आय पर कटौती आयकर कानून के हिसाब से मिलेगी।
गेम शो जीतने पर लगने वाले टैक्स से जुड़ी कुछ अहम बातें-
• अगर विजेता को जीती गई राशि कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन ट्रांस्फर के माध्यम से दी गई है तो इस राशि का भुगतान 30.9 फीसदी की दर से टीडीएस काटने के बाद किया जाएगा।
• अगर विजेता को प्राइज उपहार के रुप में मिली कोई चीज है तो उसे उसकी मूल कीमत कैल्कूलेट करके राशि पर अपनी जेब से 30.9 फीसद से दर से टीडीएस का भुगतान करना होगा।
• अगर विजेता जीती गई राशि का कुछ हिस्सा सरकार या लॉटरी आयोजित करने वाली किसी संस्था को दे देता है तो शेष राशि पर विजेता को टैक्स नहीं देना होता।
• इस सेक्शन के तहत निर्धारित की गई विजेता राशि के अलावा व्यक्ति की ओर से कमाई की गई अन्य आय पर टैक्स लगेगा। यह आयकर अधिनियम के सामान्य धाराओं के अनुरूप होगा।
• टीवी शो, ऑनालइन गेम आदि से जीते गए कोई इनाम की कुल राशि या नकद पुरुस्कार पर टैक्स देनदारी बनेगी। इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है।


नई दिल्ली - रीजनल कनेक्टिविटी से संबंधित स्कीम उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत सस्ती क्षेत्रीय उड़ानें भरने के लिए एयर डेक्कन और एयर ओडिशा को दिल्ली एयरपोर्ट पर दस स्लॉट मिले हैं। दोनों एयरलाइनों को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के पहले चक्र की निविदाओं में छोटे शहरों को जोड़ने वाले कई रूट प्राप्त हुए थे। इनमें कई रूट दिल्ली से छोटे शहरों की उड़ानों के हैं। दोनों एयरलाइनों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर कुल 16 स्लॉट का अनुरोध डायल से किया था।
सूत्रों के मुताबिक लंबी चर्चा के बाद डायल ने दस स्लॉट देने की हामी भरी है। डायल के प्रवक्ता ने भी इसकी पुष्टि की। इनमें से छह स्लॉट एयर डेक्कन को और चार एयर ओडिशा को प्राप्त होने की संभावना है। स्लॉट के तहत प्रत्येक एयरलाइन को एक रात के लिए अपने विमान पार्क करने की अनुमति होगी। चूंकि दोनों एयरलाइनों को वांछित संख्या में स्लॉट नहीं मिले हैं, लिहाजा वे दिल्ली से उतनी उड़ानें नहीं कर सकेंगी कि जितनी चाहती हैं।
इसके लिए उन्हें अन्य निकटवर्ती एयरपोर्ट या हवाई पट्टियों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। एक संभावना गाजियाबाद के ¨हडन एयरबेस से उड़ानें भरने की है। पिछले दिनों विमानन सचिव ने कहा था कि कि रीजनल कनेक्टिविटी वाली उड़ानों के लिए ¨हडन एयरबेस के इस्तेमाल पर वायुसेना ने सहमति दे दी है। मार्च में हुई आरसीएस की बिडिंग में पांच एयरलाइनों को 128 रूट आवंटित किए गए थे। इनमें एयर डेक्कन को सर्वाधिक 50 और एयर ओडिशा को 34 रूट मिले थे। इन रूटों पर उड़ानों के लिए दोनों एयरलाइनें 19 सीट वाले बीचक्राफ्ट बी-1900डी विमानों का इस्तेमाल करेंगी।


नई दिल्ली - सीबीआई ने स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के खिलाफ 5,383 करोड़ रुपए के लोन डिफॉल्ट का मामला दर्ज कराया है। गौरतलब है कि गुजरात की इस कंपनी के खिलाफ वरिष्ठ कर अधिकारियों को घूस देने का मामले में पहले ही जांच चल रही है।
सीबीआई ने गुजरात की स्टर्लिंग बायोटेक, इसके निदेशक चेतन जयंतीलाल संदेसारा, दीप्ति चेतन संदेसारा, राजभूषण ओमप्रकाश दीक्षित, नितिन जयंती लाल और विलास जोशी, चार्टर्ड एकाउंटेंट हेमंत हथी, आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
क्या है सीबीआई का आरोप:
सीबीआई का आरोप है कि स्टर्लिंग बायोटेक ने आंध्रा बैंक की अगुवाई वाले समूह से 5000 करोड़ रुपए से अधिक का लोन लिया था जो बाद में एनपीए में बदल गया। दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार समूह कंपनियों के खिलाफ 31 दिसंबर, 2016 तक 5,383 करोड़ रुपए का बकाया था। एजेंसी के मुताबिक कंपनी के निदेशकों ने अपने चार्टर्ड एकाउटेंट के साथ मिलकर कंपनी के रिकार्डों में काफी हेराफेरी की थी।
कंपनी ने अगस्त में की थी पहली कार्यवाही:
सीबीआई ने अगस्त में कंपनी के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया था जिसमें कंपनी पर आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप लगा था। एफआईआर के मुताबिक आयकर अधिकारियों ने 28 जून, 2011 को स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के 25 ठिकानों पर छापे मारे थे।

 

वित्त मंत्री अरण जेटली ने कर भुगतान को देशभक्ति का काम बताते हुए कहा कि भारत यदि विश्व मंच पर मजबूत भूमिका हासिल करने की आकांक्षा रखता है तो ऐसा नहीं हो सकता है कि देश में काले धन की अर्थव्यवस्था वास्तविक अर्थव्यवस्था से अधिक बड़ी हो। जेटली ने कहा,'आप ऐसी अर्थव्यवस्था के साथ नहीं चल सकते जहां काले धन की अर्थव्यवस्था दृष्टिगत अर्थव्यवस्था से बड़ी हो। नोटबंदी और जीएसटी का नाम लिए बगैर जेटली ने कहा कि अर्थव्यवस्था को साफ—सुधरी बनाने की प्रक्रिया चालू कर दी गई है ताकि हम विकसित और सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित हो सके। उल्लेखनीय है कि अर्थव्यवस्था में वर्तमान नरमी के लिए सरकार के इन्हें दो फैसलों को जिम्मेदार बताया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार कदम दर कदम आगे बढ़ रही और इसके कुछ परिणाम दिखने लगे हैं। कराधार बढ़ा है, डिजिटल भुगतान में उछाल आया है, अर्थव्यवस्था में नकदी का चलन सीमित हो रहा है। उन्होंने स्वीकार किया जीएसटी जैसे सुधारों को लागू करने पर कुछ शोर और शिकायतें जरूर होंगी पर कर का भुगतान करना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'करों का भुगतान हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य है। इस (कर) व्यवस्था से बचने के बजाए इसका हिस्सा बनाना देशभक्ति का काम है। तभी इसके अनुपालन का बड़ा और दीर्कालिक प्रभाव सामने आएगा।' जेटली ने कहा कि बुनियादी सुधारों की राह लंबी है। सरकार ने अभी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ाने जैसे कुछ कदम बढ़ाए हैं जो आसान थे। उन्होंने दिवाला कानून को विलंब से उठाया गया कदम बताया और कहा कि अब इसके फल मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बैंकों के मामले में बहुत पारदर्शी है और यह चाहती है कि ऐसी प्रणाली हो जिससे बैंकिंग व्यवस्था की सच्ची तस्वीर सामने आ सके। उन्होंने कहा कि पहले हमारे बैंकों ने खूब जमकर कर्ज दिए और जब इस तरह कर्ज दिए जा रहे थे तो हम साथ—साथ पुराने कजोर्ं को नया कर्ज बनाने के लिए पुनर्गठन करते जा रहे थे। 2015, तक किसी को नहीं पता था कि बैंकों में क्या हो रहा है। वास्तविकता पर पदार् पड़ा हुआ था। जेटली ने कहा, 'ऋण के मुख्य स्त्रोत (बैंकों में) ऐसी दबे—छुपे काम के साथ कोई अर्थव्यवस्था वास्तव में चल नहीं सकती है।'

 

बाजार में निरंतर आवक के कारण पर्याप्त मात्रा में स्टॉक की उपलब्धता के बीच स्टॉकिस्टों और थोक उपभोक्ताओं के सीमित उठाव के कारण बीते सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली के थोक चीनी बाजार में चीनी कीमतों में 15 रुपये प्रति क्विन्टल की मामूली गिरावट आई।बाजार सूत्रों ने कहा कि चीनी मिलों की निरंतर आपूर्ति के कारण बाजार में पर्याप्त मात्रा में चीनी की उपलब्धता के साथ साथ त्यौहारी मौसम की समाप्ति के बाद स्टॉकिस्टों और थोक उपभोक्ताओं की चुनींदा लिवाली से मुख्यत: चीनी कीमतों में गिरावट आई।मूल्य खंड में चीनी तैयार एम़30 और एस़30 की कीमतें सप्ताहांत में 10- 10 रुपये की गिरावट को प्रदर्शित करता क्रमश: 3,990, 4,140 रपये और 3,980, 4,130 रुपये प्रति क्विन्टल पर ही बंद हुई।इसी प्रकार चीनी मिल डिलीवरी एम़30 और एस़30 की कीमतें भी 10- 10 रुपये की गिरावट प्रदर्शित करती क्रमश: 3,640-3,860 रुपये और 3,630-3,850 रपये प्रति क्विन्टल पर पहुंच गयी।इस बीच, मिलगेट खंड में चीनी बुढ़ाना, थानाभवन, खतौली, नजीबाबाद और नानोटा की कीमतें 15-15 रुपये की गिरावट के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 3,780 रुपये, 3,775 रपये, 3,820 रुपये और शेष दोनों 3,640 रपये और 3,640 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।चीनी किन्नौनी, अस्मोली और धामपुर की कीमतें 10-10 रपये की गिरावट के साथ सप्ताहांत में क्रमश: 3,860 रुपये, 3,840 रुपये, 3,730 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई जबकि चीनी दोराला पांच रुपये की गिरावट के साथ 3,810 रपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।चीनी सिम्भौली, रामाला, अनूपशहर, बागपत, मोरना, सकोटी, चांदपुर और शामली की कीमतें पूरे सप्ताह क्रमश: 3,800 रुपये, 3,640 रुपये, 3,640 रुपये, 3,680 रुपये, 3,675 रुपये, 3,760 रुपये, 3,720 रुपये और 3,780 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

नई दिल्ली - देश की प्रमुख मोबाइल नेटवर्क सर्विस कंपनी एयरटेल अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी Jio को टक्कर देने के लिए एक नया प्लान लाई है। एयरटेल अपने ग्रहकों को 349 रुपये के रिचार्ज पर 100 प्रतिशत कैशबैक दे रहा है। ये प्लान जियो के दिवाली ऑफर से काफी मिलता-जुलता है।एयरटेल के इस प्लान के अनुसार अगर आप 349 रुपये का पैक रिचार्ज करवाते हैं तो आपको हर रिचार्ज पर 50…
न्यूयार्क - अमेजन डॉट कॉम इंक के संस्थापक जेफ बेजोस की संपत्ति गुरुवार के दिन 6.6 अरब डॉलर बढ़ गई। एक दिन में इतनी संपत्ति बढ़ने का यह चमत्कार अमेजन के वित्तीय नतीजों के बाद आए शेयरों में उछाल की वजह से हुआ। तीसरी तिमाही में अमेजन के नतीजों में वॉल स्ट्रीट के अनुमान से ज्यादा कमाई होने पर बाजार ने इस शेयर को हाथोंहाथ लिया। शुक्रवार की शाम को…
नई दिल्ली - रिलायंस जियो ने अपने 91 जीबी इंटरनेट डेटा वाले प्रीपेड प्लान को लॉन्च करने के कुछ दिनों बाद ही इसे महंगा कर दिया है। जहां सोमवार तक इस प्लान की कीमत 491 रुपये थी लेकिन बुधवार सुबह ही इस प्लान की कीमत 499 रुपये कर दी गई।इस प्लान को बढ़ाने का कोई कारण सामने नहीं आया है और न ही इसके अलावा कंपनी ने कोई आधिकारिक ऐलान…
नई दिल्ली - प्रमुख मोबाइल नेटवर्क कंपनी वोडाफोन ने अपने ग्रहकों के लिए एक नया कॉलिंग और इंटरनेट ऑफर शुरू किया है। वोडाफोन इंडिया ने बुधवार को सुपर वीक प्लान लांच किया। इल प्लान के तहत उपभोक्ताओं को 69 रुपये के रिचार्ज पर अनलिमिटेड कॉलिंग और 5०० एमबी डेटा मिलेगा। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वोडाफोन सुपर वीक के साथ उपभोक्ता हर सप्ताह 69 रुपये के रिचार्ज के…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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