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नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) एटीएम से पैसे निकालने के अलावा काफी सारी अन्य सुविधाएं भी देता है। 31 मार्च 2018 तक उपलब्ध डेटा के मुताबिक एसबीआई के 59,541 एटीएम हैं। ग्राहक स्टेट बैंक ग्रुप के बाकी एटीएम जैसे स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर से मुफ्त में लेन देन कर सकते हैं। देश के ज्यादातर बैंक लोगों की जरुरतों के हिसाब से डेबिट कार्ड मुहैया कराते हैं। हम इस खबर में एसबीआई की ओर से दी जाने वाली पांच एटीएम सर्विस के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
कैश निकालना: एसबीआई एटीएम कार्डधारक एक दिन में डेबिट कार्ड से 40,000 रुपये तक निकाल सकते हैं। जबकि हायर वैल्यू कार्ड से एक दिन में एक लाख रुपये तक निकाले जा सकते हैं। बैंक के मुताबिक, एसबीआई एटीएम से फास्ट कैश सर्विस की सुविधा है। जिसमें आप, 100, 200, 500, 2000, 3000, 5000, और 10,000 रुपये निकाल सकते हैं।
पिन चेंज: ग्राहक नियमित अंतराल पर अपना पासवर्ड बदलने के लिए एसबीआई एटीएम पिन चेंज सेवा का उपयोग कर सकते हैं।
बैलेंस इन्क्वारी: कस्टमर अपने एसबीआई अकाउंट में बैलेंस का पता भी लगा सकते हैं। उनको एटीएम के डिस्प्ले पर बकाया रकम दिख सकता है या फिर वो चाहें तो इसका प्रिंट भी ले सकते हैं।
मोबाइल टॉप अप: कस्टमर एसबीआई एटीएम के जरिए अपने प्रीपेड मोबाइल कनेक्शन को रिचार्ज कर सकते हैं।
चेक बुक रिक्वेस्ट: एसबीआई ग्राहक किसी बैंक ब्रांच में जाए बिना भी चेक बुक ऑर्डर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें लेन-देन की किसी पर्ची की जरुरत नहीं होती है। अगर बैंक में आपका पता रजिस्टर्ड है तो चेक बुक आपके घर पहुंचाया जाएगा।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म जैसे फेसबुक और ट्विटर ने इस साल करीब 700 यूआरएल ब्लॉक कर दिये हैं। सरकार ने इन कंपनियों से टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशन निकालने को कहा है ताकि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से अफवाहें और फेक न्यूज न फैलाई जा सके। राज्यसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि कई यूआरएल को ऐसी कंपनियों की ओर से ब्लॉक कर दिया गया है जो इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के प्रावधानों का अनुपालन नहीं कर रही थी।उन्होंने बताया कि इस साल जून तक फेसबुक की ओर से 499, यूट्यूब ने 57, ट्विटर ने 88, इंस्टाग्राम ने 25 और टम्बलर की ओर से 28 यूआरएल ब्लॉक किये जा चुके हैं। प्रसाद ने उन सभी सदस्यों के सवालों के जवाब दिये जिन्होंने सोशल मीडिया साइट्स जैसे ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप पर फैलाई जा रही फेक न्यूज के संबंध में सवाल किये थे साथ ही यह जानने का प्रयास किया कि सरकार इस दिशा में क्या कर रही है। लिंचिंग की कुछ घटनाएं भी फेक न्यूज से जोड़ी गईं। उन्होंने बताया कि भारत उभरता हुआ डिजिटल पावर है, वह यहां अपना व्यवसाय करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन तकनीकी समाधानों को अपने प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खतरे की जांच करने के लिए निकाला जाना चाहिए।उन्होंने कहा, “इस समस्या का समाधान निकालना कोई रॉकेट साइंस नहीं है” साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। सुझाव के रूप में प्रसाद ने कहा कि इन कंपनियों को शिकायत अफसरों की नियुक्ति करनी चाहिए।

 

नई दिल्ली। सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी कोका कोला भारत में एक बार फिर से डेयरी उत्पाद पेश करने की तैयारी कर रही है। बहुत संभव है कि कंपनी सितंबर में इस वर्ग में दो-तीन उत्पाद लांच कर दे। डेयरी उत्पादों के लिए कंपनी अपने पुराने ब्रांड वियो को फिर से सक्रिय कर रही है। इसके अतिरिक्त मिनट मेड ब्रांड के तहत कोका कोला फ्रूट और डेयरी उत्पाद भी बाजार में उतारने की तैयारी में है। फेस्टिवल सीजन शुरू होने से पहले ये दोनो उत्पाद घरेलू बाजार में उपलब्ध हो जाएंगे।कोका कोला इंडिया एंड वेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट टी कृष्णकुमार ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि वियो ब्रांड के तहत बाजार में उतारा जाने वाला डेयरी उत्पाद चाकलेट समेत दो तीन फ्लेवर में उपलब्ध होगा। एक सौ अस्सी एमएल वाले टेट्रा पैक की कीमत पच्चीस रुपये हो सकती है। कंपनी इन उत्पादों के लिए बच्चों समेत उन ग्राहकों को लक्ष्य कर रही है जो नॉन एरिएटेड ड्रिंक्स पसंद करते हैं। इसका स्वाद काफी हद तक फ्लेवर्ड मिल्क के समान होगा।मिनट मेड ब्रांड के तहत उतारा जाने वाला दूसरा उत्पाद फ्रूट एंड डेयरी मिक्स उत्पाद है। इसमें फलों के जूस और डेयरी उत्पाद मिक्स हैं। इसके ढाई सौ एमएल पैक की कीमत तीस रुपये तक हो सकती है। कंपनी अपने इन उत्पादों को ऐसे वक्त में बाजार में उतार रही है जो कोला कंपनियों के लिए ऑफ सीजन माना जाता है। हालांकि कोका कोला इस बात से इनकार करती है कि वह केवल सॉफ्ट ड्रिंक्स कंपनी है। कृष्ण कुमार का कहना है कि कंपनी अब सॉफ्ट ड्रिंक्स के साथ साथ जूस समेत हेल्दी ड्रिंक्स पर भी पूरा जोर दे रही है। हालांकि ग्राहकों के मन में इस छवि को स्थापित करने में वक्त लगेगा।

नई दिल्ली। गुरुवार के कारोबार में रुपये ने मजबूत शुरुआत की। आज रुपया 17 पैसे मजबूत होकर 68.26 पर खुला। गुरुवार को दिन के 12 बजे रुपया 68.35 पर कारोबार करता देखा गया। बुधवार को रुपया 2 हफ्ते के उच्चतम स्तर के साथ 68.43 पर बंद हुआ था। गौरतलब है कि बीते दिन आरबीआई ने नीतिगत दरों में 0.25 फीसद का इजाफा कर दिया था। आरबीआई ने बीते दिन खत्म हुई मौद्रिक समीक्षा बैठक में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए जीडीपी में 7.4 फीसद तक के विस्तार का अनुमान लगाया है।
जानिए रुपए की मजबूती से आम आदमी को कौन से 4 बड़े फायदे होंगे-
सस्ता होगा विदेश घूमना: रुपए के मजबूत होने से वो लोग खुश हो सकते हैं जिन्हें विदेश की सैर करना काफी भाता है। क्योंकि अब रुपए के मजबूत होने से आपको हवाई किराए के लिए पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे खर्च करने होंगे। फर्ज कीजिए अगर आप न्यूयॉर्क की हवाई सैर के लिए 3000 डॉलर की टिकट भारत में खरीद रहे हैं तो अब आपको कम भारतीय रुपए खर्च करने होंगे।
विदेश में बच्चों की पढ़ाई होगी सस्ती: अगर आपके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं तो रुपए का मजबूत होना आपके लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि अब आपको पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे भेजने होंगे। मान लीजिए अगर आपका बच्चा अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है, तो अभी तक आपको डॉलर के हिसाब से ही भारतीय रुपए भेजने पड़ते थे। यानी अगर डॉलर मजबूत है तो आप ज्यादा रुपए भेजते थे, लेकिन अब आपको डॉलर के कमजोर (रुपए के मजबूत) होने से कम रुपए भेजने होंगे। तो इस तरह से विदेश में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई भारतीय अभिभावकों को राहत दे सकती है।
क्रूड ऑयल होगा सस्ता तो थमेगी महंगाई: डॉलर के कमजोर होने से क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है। यानी जो देश कच्चे तेल का आयात करते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले (डॉलर के मुकाबले) कम रुपए खर्च करने होंगे। भारत जैसे देश के लिहाज से देखा जाए तो अगर क्रूड आयल सस्ता होगा तो सीधे तौर पर महंगाई थमने की संभावना बढ़ेगी। आम उपभोक्ताओं के खाने-पीने और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति परिवहन माध्यम से की जाती है, इसलिए महंगाई थम सकती है।
डॉलर में होने वाले सभी पेमेंट सस्ते हो जाएंगे: वहीं अगर डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर के मुकाबले भारत जिन भी मदों में पेमेंट करता है वह भी सस्ता हो जाएगा। यानी यह भी भारत के लिए एक राहत भरी खबर है।

नई दिल्ली। एसबीआई समेत तमाम प्रमुख बैंक जीरो बैलेंस के साथ-साथ कई तरह के सेविंग अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं। ESAF और Equitas स्माल फाइनेंस बैंक जैसे स्मॉल फाइनेंस बैंक यूजर्स को उनकी बैंक जमा पर 7 फीसद तक का ब्याज देते हैं। ये बैंक न सिर्फ अपने ग्राहकों को जीरो बैलेंस पर अकाउंट खोलने का मौका देते हैं बल्कि उन्हें एक बेहतर ब्याज दर भी मुहैया करवाते हैं।हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको ESAF और Equitas स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे स्मॉल फाइनेंस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जीरो बैंक अकाउंट के बीच तुलना करते बता रहे हैं कि आपके लिए कौन बेहतर है:
इक्वितास (Equitas) स्मॉल फाइनेंस बैंक का जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट:यहां आपको बेसिक और स्मॉल सेविंग अकाउंट खोलने की सुविधा मिलती है। इन अकाउंट्स में यूजर्स के लिए किसी भी तरह का न्यूनतम बैलेंस रखने की अनिवार्यता नहीं होती है। मतलब आप इसको जीरो बैलेंस पर भी चला सकते हैं। इस बैंक के जीरो बैलेंस बचत खाताधारक को बैंक से रुपे डेबिट कार्ड मिलता है जिससे वह बैंक के एटीएम से पैसे निकाल सकता है। साथ ही खाताधारक को चेक की सुविधा, नेट बैंकिंग की सुविधा और मोबाइल बैंकिंग की सुविधा भी मिलती है।इतना ही नहीं आप ईएसएएफ (ESAF) जैसे छोटे फाइनेंस बैंक में एक केवाईसी फॉर्म भरकर अपना खाता जीरो बैलेंस पर खुलवा सकते हैं। आपको इस बैंक खाते में किसी भी अमाउंट को मेंटेन करने की जरुरत नहीं होती है। यानी न ही खाता खुलवाते वक्त आपको कोई रकम जमा करानी पड़ेगी और न ही आपको इसमें एक निश्चित धनराशि जमा रखनी होती है।
ईएसएएफ (ESAF) बैंक में जीरो बैलेंस बचत खाते पर मिलने वाली सुविधा: ईएसएएफ (ESAF) बैंक के बचत खाताधारक को बिना किसी चार्ज के रुपे डेबिट कार्ड मिलता है और वह आधार से अपने खाते को लिंक करके बैंक से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकता है। खाताधारक बैंक की नॉन बेस ब्रांच से मुफ्त में मासिक नकदी जमा का लेनदेन कर सकता है और हर छमाही में 725 मुफ्त चेक और एक पासबुक/ई-मेल स्टेटमेंट सुविधा का लाभ भी उठा सकता है। इसके साथ ही ये बैंक जीरो बैलेंस बचत खाते पर एक लाख रुपये तक एक्सीडेंटल बीमा का भी ऑफर करता है।जीरो बैलेंस अकाउंट वाले कस्टमर हर दिन एटीएम से दस हजार रुपये निकाल सकते हैं साथ ही उनके लिए महीने में चार बार पैसा निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगता। बैंक अपने जीरो बैलेंस अकाउंट वाले कस्टमर को इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग फण्ड ट्रांसफर के साथ यूटिलिटी बिल पेमेंट्स की भी सुविधा देता है। अगर आप ईएसएएफ (ESAF) बैंक के कस्टमर हैं और आप अपने अकाउंट में एक लाख रुपये जमा रखते हैं तो बैंक की ओर से आपको 4 फीसद की दर से ब्याज दिया जाएगा। जीरो बैलेंस अकाउंट में अगर रकम 1 लाख से ज्यादा हो और दस लाख से कम तो बैंक आपको 6.5 फीसद की दर से ब्याज देता है। यदि आपके अकाउंट में जमा रकम 10 लाख से ज्यादा है तो बैंक आपको 7 फीसद की दर से ब्याज देता है।
एसबीई के जीरो बैलेंस बचतखाता धारक: एसबीई में कस्टमर केवाईसी के माध्यम से लगने वाले अहम डॉक्यूमेंट जमा कराके बचत खाता और जमा खाता खुलवा सकते हैं। जीरो बैलेंस अकाउंट खाताधारक को मुफ्त में रुपे एटीएम कम-डेबिट कार्ड जारी किए जाते हैं। इसपर कोई वार्षिक चार्ज नहीं लगता है। एनईएफटी और आरटीजीएस जैसे इलेक्ट्रॉनिक भुगतान से धन की रसीद पर भी कोई चार्ज नहीं लगता है। वहीं चेक से लेने देन भी मुफ्त है। महीने में आप चार बार एटीएम से पैसा निकाल सकते हैं।
एसबीआई में जीरो बैलेंस पर बचत खाते पर इंटरेस्ट रेट: अगर एसबीआई के अकाउंट में आपका एक करोड़ तक रुपया जमा है तो बैंक आपको 3.5 फीसद की दर से ब्याज देता है। वहीं अगर रकम एक करोड़ से ज्यादा है तो आपको 4 फीसद की दर से ब्याज मिलता है।

नई दिल्ली। आधार कार्डधारकों की सहायता के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) अप्रैल से एक नई सेवा की शुरुआत करेगा। इससे आधार कार्डधारक आसानी से अपने पते में बदलाव कराने में सक्षम होंगे। इससे उन लोगों को मदद मिलेगी जिनके पास स्थानीय निवासी का प्रमाण नहीं होता है। आधार धारक को सिर्फ एक पत्र और पिन संख्या के माध्यम से अपना पता बदलने की सुविधा मिलेगी। यह जानकारी यूआईडीएआई के एक अधिकारी ने दी है।यूआईडीएआई की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह प्रस्तावित नई सेवा एक अप्रैल से लागू होगी। प्राधिकरण के नोटिफिकेशन में कहा गया, “जिन रहवासियों के पास उनकी मौजूदा निवास स्थान का कोई मान्य प्रमाण नहीं है। वह पते के सत्यापन के लिए पिन कोड वाले आधार पत्र के माध्यम से अनुरोध कर सकते हैं। एक बार व्यक्ति को यह पत्र प्राप्त हो जाएगा तो वह इस सीक्रेट पिन के माध्यम से एसएसयूपी ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आधार में पते का बदलाव कर सकते हैं।”आधार की इस नई सेवा से उन लोगों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा जो किराये के मकान में रहते हैं या जो अपना शहर छोड़कर दूसरे शहरों या स्थानों पर काम के संबंध में रहते हैं। यूआईडीएआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस नई सेवा को लागू करने से पहले इसे पायलट प्रोजक्ट के तौर पर शुरु किया जाएगा।

 

 

नई दिल्ली। मंगलवार को टाटा मोटर्स, वेदांता लिमिटेड और यूपीएल समेत कुछ कंपनियों ने वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिये हैं। नतीजों में टाटा मोटर्स को 1863 करोड़ रुपये का घाटा, वेदांता लिमिटेड को 2,248 करोड़ रुपये का प्रॉफिट और यूपीएल को 514 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है।टाटा मोटर्स को हुआ 1863 करोड़ रुपये का घाटा:-चालू वर्ष की जून तिमाही में टाटा मोटर्स को…
नई दिल्ली। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स के टॉप-100 देशों में शुमार होने के बाद अब मोदी सरकार को दूसरी उपलब्धि हाथ लगी है। भारत ने ऐसी ही उपलब्धि अब संयुक्त राष्ट्र के ई-गवर्नेंस इंडेक्स में स्थान पाकर हासिल की है। गौरतलब है कि भारत बीते साल अक्टूबर महीने में ही ईज ऑफ डूइंग इंडेक्स के टॉप 100 देशों में शामिल हो गया था।यूनाइटेड नेशन के ई-गवर्नेंस इंडेक्स में भारत…
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। नई दरें 30 जुलाई, 2018 से प्रभावी हो गई हैं। एसबीआई ने हर अवधि, हर राशि, जनरल और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दरों में संशोधन किया है। एक करोड़ रुपये से कम के फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए ब्याज दरों में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की गई है जिसका…
नई दिल्ली। देश की दिग्गज कंपनियों की ओर से वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही के नतीजें जारी किये जा रहे हैं। इनमें एचडीएफसी, सेंट्रल बैंक, एस्कॉर्ट्स, गोदरेड इंडरस्ट्रीज, पीरामल एंटरप्राइजेज और सेंचुरी टेक्सटाइल शामिल हैं।एचडीएफसी का जून तिमाही में मुनाफा 54 फीसद तक बढ़ा-एचडीएफसी का चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जून तिमाही में मुनाफा 54 फीसद बढ़कर 2190 करोड़ रुपये हो गया है। बीते वर्ष की समान अवधि…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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