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नई दिल्ली - ई-कामर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन.इन इस महीने अपनी सेल के लिए 6,500 से अधिक अस्थाई नौकरियां देगी। अमेजन.इन की ग्रेट इंडियन सेल 20 से 24 जनवरी, 2018 तक चलेगी।
अमेजन इंडिया के उपाध्यक्ष (कस्टमर फुलफिलमेंट) अखिल सक्सेना ने कहा कि अमेजन इंडिया के फुलफिलमेंट केंद्रों के नेटवर्क, छंटाई केंद्रों और आपूर्ति केंद्रों पर 5,500 से अधिक अस्थाई पदों का सृजन हुआ है।
उन्होंने कहा कि सेल की अवधि के दौरान ग्राहकों की भारी मांग को पूरा करने के लिए कंपनी की ग्राहक सेवा साइटों पर 1,000 और सहायकों को जोड़ा गया है।
सक्सेना ने कहा कि इन एक हजार सहायकों के जरिए हम अपने ग्राहकों की सेवाओं के लिए अपनी क्षमताओं को बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा कि ये पद महानगरों के अलावा हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में सृजित हुए हैं।


बेंगलुरु - एयर एशिया इंडिया ने रोजगार संबंधी फर्जी ईमेल में अपना नाम आने के बाद लोगों को ऐसी रोजगार एजेंसियों के खिलाफ सचेत किया है जो उसके नियोक्ता की तरह खुद को पेश कर रहे हैं।
विमान चालक दल के कुछ अधिकारियों को एयर एशिया एयरलाइंस लिमिटेड के नाम पर ईमेल मिले थे जिसमें कहा गया था कि उनका संक्षिप्त परिचय आवेदन चयनित हुआ है और उन्हें सीधा ऑनलाइन साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। ईमेल में लोगों से साक्षात्कार, कूरियर, रहने आदि के खर्च के एवज में 9,600 रुपये शुल्क की मांग की गई थी।
किसी अन्य कंपनी में कार्यरत एक युवा पेशेवर ने इस तरह के ईमेल के बारे में शिकायत की तो यह घटना एयर एशिया के संज्ञान में आई। उसने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा, 'मैं विमानन क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर तलाश रहा था। शुक्रवार को मुझे एयर एशिया एयरलाइंस लिमिटेड का ईमेल मिला।
सब कुछ ठीक ही लग रहा था लेकिन ईमेल में पैसे की मांग ने संदेह पैदा किया और मैंने कंपनी को इस बाबत सूचित किया। उसके बाद फर्जीवाड़ा पता चल गया। कंपनी के प्रवक्ता ने भी इसकी पुष्टि की है।

खुदरा निवेशक म्यूचुअल फंडों में निवेश के लिए सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान 'सिप' को तरजीह दे रहे हैं। इसी वजह से दिसंबर, 2017 में म्यूचुअल फंडों ने 6,200 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं।यह एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 56 प्रतिशत अधिक है। एसोसिएशन आफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया 'एम्फी' के आंकड़ों के अनुसार इस तरह म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा सिप के जरिए 2017 में जुटाई गई राशि 59,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। 2016 में यह 40,000 करोड़ रुपये रही थी। कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह ने कहा कि, ''सिप में अधिक रुचि की वजह इक्विटी योजनाओं का बेहतर प्रदर्शन और एम्फी द्वारा निवेशक जागरूकता के लिए चलाया जाने वाला अभियान है।" उन्होंने कहा कि, सिप खुदरा निवेशकों द्वारा म्यूचुअल फंड में निवेश का पसंदीदा माध्यम है, क्योंकि इससे बाजार जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है।एम्फी के चेयरमैन ए बालासुब्रमण्यन ने कहा कि, ''सिप म्यूचुअल फंड निवेशकों का निवेश के लिए पसंदीदा माध्यम बन गया है। इससे रुपये की लागत को औसत करने में मदद मिलती है और साथ ही इसमें अनुशासित तरीके से निवेश किया जा सकता है और बाजार में उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं रहती।"

 

 

क्रिप्टो करेंसी Bitcoin किसी न किसी वजह से चर्चा में बनी हुई है। इसकी कीमत 20 हजार डॉलर के पार जाने की बात हो या एक दिन में दाम 30 फीसदी तक घटने की खबर। यह लगातार सुर्खियों में है। अपने लजीज खाने के लिए दुनियाभर में मशहूर एक कंपनी ने अब Bitcoin में भुगतान लेने की सुविधा शुरू कर इसे फिर से खबरों में ला दिया है।
केएफसी ने शुरू की सुविधा:-इस कंपनी ने लजीज व्यंजन वाला खासतौर पर एक अलग बकेट तैयार किया है जो केवल Bitcoin में भुगतान करने वालों को मिलेगा। इसकी कीमत 20 डॉलर के बराबर होगी। दुनिया की यह पहली कंपनी है जिसने ग्राहकों से Bitcoin में भुगतान स्वीकार करने की घोषणा की है।
इस देश से हुई शुरुआत:-केएफसी ने अभी कनाडा से इस सुविधा की शुरुआत की है। एक ट्वीट में कंपनी ने कहा है कि वह नहीं जानती है कि Bitcoin का रूप कैसा है और कैसे काम करती है। लेकिन वह नहीं चाहती थी कि ग्राहक और उसके खाने के बीच Bitcoin कोई बाधा बने। इसी को देखते हुए कंपनी ने Bitcoin में भुगतान लेने का फैसला किया है। कंपनी ने इस खास बकेट की होम डिलीवरी करने की भी बात कही है। हालांकि, केएफसी ने भी Bitcoin को क्रिप्टो करेंसी माना है।
कंपनी ने मांगी माफी:-Bitcoin में भुगतान लेने की शुरुआत केएफसी ने फिलहाल केवल कनाडा से की है। दुनिया के अन्य देशों में इसका विस्तार कब होगा इस बारे में कंपनी ने अभी कुछ भी नहीं कहा है। हालांकि, कंपनी ने केवल कनाडा में शुरुआत करने के लिए दुनिया के अन्य देशों से माफी मांगी है।
क्या है Bitcoin:-यह एक आभासी मुद्रा (क्रिप्टो करेंसी) है। इसकी लेनदेन इंटरनेट पर आईडी और पासवर्ड के जरिये की जाती है। भारत सहित दुनिया के ज्यादातर देशों में इसको मान्यता नहीं है। रिजर्व बैंक भी क्रिप्टो करेंसी को लेकर कई बार चेतावनी दे चुका है। हाल ही में इजरायल के केन्द्रीय बैंक ने भी कहा है कि इसमें निवेश करने वाले राशि डूबने पर खुद जिम्मेदार होंगे।

आप लखपति बनना चाहते हैं लेकिन आपकी कमाई कम है तो चिंता की बात नहीं। कमाई बढ़ने का इंतजार किए बगैर सिर्फ 500 रुपये हर महीने निवेश कर आप लखपति बन सकते हैं। सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिये आप लखपित बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।
सिर्फ 500 रुपये बन जाएंगे 4.5 लाख:-आप सिर्फ 500 रुपये हर महीने सिप में निवेश करते हैं तो 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न पर 20 साल में आपका निवेश बढ़कर 4.55 लाख रुपये हो जाएगा। इसमें आप 10 साल में महज 1.20 लाख रुपये जमा करते हैं और 3.35 लाख रुपये रिटर्न या फायदे के रूप में मिलते हैं।
जल्द शुरुआत पर तीन गुना कमाई;-आप बचत की शुरुआत जितनी जल्द करते हैं उसका उतना ही ज्यादा फायदा मिलता है। आप 500 रुपये सिप में निवेश कर 20 साल में 4.55 लाख रुपये ही जमा कर पाते हैं। जबकि आप सिर्फ 500 रुपये हर महीने सिप में निवेश करते हैं तो 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न पर 30 साल में आपका निवेश बढ़कर 15.26 लाख रुपये हो जाएगा। इसमें आपकी ओर से जमा की गई राशि महज 1.80 लाख रुपये होगी जबकि 13.46 लाख रुपये रिर्टन या लाभ के रूपये होंगे। इस तरह 10 साल पहले निवेश की शुरुआत करने से आपकी कमाई तीन गुना से अधिक बढ़ जाती है।
इस स्कीम ने निवेशकों को किया मालामाल:-पिछले साल सिप के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश से शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाकर मालामाल हुए हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा सिप के जरिये 2017 में जुटाई गई राशि 59,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वर्ष 2016 में यह 40,000 करोड़ रुपये थी। इस तरह पिछले साल इसमें निवेश डेढ़ गुना बढ़ा है। पिछले साल शेयर बाजार ने निवेशकों 25 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया है। सिप के जरिये बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों को भी तगड़ा मुनाफा हुआ है।
निवेश पर जोखिम भी घटाता है सिप;-आप शेयर बाजार में एकमुश्त 10 हजार रुपये सीधे निवेश करते हैं और बाजार में 10 फीसदी की गिरावट आती है तो आपकी रकम घटकर 9,000 रुपये हो जाएगी। लेकिन आप सिप के जरिये शेयर बाजार में एक हजार रुपये हर माह लगाते हैं और पहले माह 10 फीसदी की गिरावट आती है तो निवेश घटकर 900 रुपये हो जाएगा। अगले माह आप एक हजार रुपये और लगाते हैं तो कुल निवेश 1,900 रुपये हो जाएगा। अब दूसरे माह 10 फीसदी की तेजी आती है तो आपका निवेश 190 रुपये बढ़कर 2090 रुपये हो जाएगा। इस तरह आपको निवेश पर 4.5 फीसदा का फायदा हुआ। जबकि नुकसान की स्थिति में केवल एक हजार रुपये पर ही आपको घाटा होता है। इस तरह सिप की वजह से बाजार की तेजी का तो फायदा मिलता ही है। साथ ही गिरावट में औसत नुकसान भी कम हो जाता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ:-शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाने में छोटे निवेशक भी पीछे नहीं है वह सिप के जरिये इसमें जमकर पैसा लगा रहे हैं।कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह का कहना है कि सिप खुदरा निवेशकों द्वारा म्यूचुअल फंड में निवेश का पसंदीदा माध्यम है, क्योंकि इससे बाजार जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है। उनका कहना है कि सिप में अधिक रुचि की वजह इक्विटी योजनाओं का बेहतर प्रदर्शन और एम्फी द्वारा निवेशक जागरूकता के लिए चलाया जाने वाला अभियान है। वहीं एम्फी के चेयरमैन ए बालासुब्रमण्यन का कहना है कि सिप म्यूचुअल फंड निवेशकों का निवेश का पसंदीदा माध्यम बन गया है। इससे रुपये की लागत को औसत करने में मदद मिलती है और साथ ही इसमें अनुशासित तरीके से निवेश किया जा सकता है और बाजार उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं रहती।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को जिंस एक्सचेंज एनसीडीईएक्स में ग्वारसीड में विकल्प कारोबार का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि, इस नई पहल से किसानों को फायदा होगा और उन्हें आगामी दिनों में बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि, कुछ स्थानों पर कुछ कृषि जिंसों के ऊंचे उत्पादन की वजह से कीमतों में गिरावट आई है। वित्त मंत्री ने कहा कि, विकल्प कारोबार किसानों को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए एक प्रमुख कदम है।एमसीएक्स के बाद एनसीडीईएक्स जिंसों का विकल्प कारोबार शुरू करने वाला दूसरा एक्सचेंज है। अक्तूबर, 2017 में एमसीएक्स ने सोने का विकल्प कारोबार शुरू किया था। ग्वारसीड पहला कृषि जिंस है, जिसमें विकल्प कारोबार शुरू किया गया है। विकल्प एक ऐसा वायदा कारोबार होता है, जिसमें खरीदार के पास अधिकार तो होता है लेकिन उसे किसी निश्चित तारीख पर या उससे पहले विशिष्ठ दाम पर संपत्ति को खरीदने या बेचने दायित्व नहीं होता है। जेटली ने इस मौके पर कहा कि, ''मुझे उम्मीद है कि इस पहल से आगामी दिनों में किसानों को भारी फायदा मिलेगा।"किसानों के योगदान की सराहना करते हुए जेटली ने कहा कि, देश की सेवा के लिए उन्होंने कोई प्रयास नहीं छोड़ा है। उन्हें अनाज की कमी वाले देश को अधिशेष उत्पादन वाला देश बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। हालांकि, ऊंचे उत्पादन की वजह से अब उन्हें कीमतों में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि, ''कुछ स्थानों पर अधिक उत्पादन की वजह से हम कीमतों में गिरावट की समस्या का सामना कर रहे हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों को इस स्थिति से बाहर लाने के लिए पिछले कुछ सालों में कई कदम उठाए गए हैं।" उन्होंने कहा कि, विकल्प कारोबार भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि, शुरुआत में विकल्प कारोबार छोटा कदम लगेगा, लेकिन आने वाले दिनों में इसके बारे में जागरूकता बढ़ने के बाद इससे किसानों को फायदा होगा।

भारत का बजट कैसे बनता है और इसे कौन बनाता है। इस प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल हैं और किस प्रिटिंग प्रेस में इसकी छपाई होती है। बजट की सूचनाएं लीक न हों, इसके लिए क्या इंतजाम किये जाते हैं। आपको पांच प्वाइंट्स में बताते हैं पूरी प्रक्रिया। 1) वित्त मंत्रालय आम बजट के लिए काफी पहले से तैयारी करना शुरू कर देता है। मंत्रालय सबसे पहले विभिन्न विभागों से उनकी…
बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार रिकार्ड तेजी के साथ नई ऊंचाई बंद हुए। शेयरों में तेजी की बदौलत कोल इंडिया और इन्फोसिस में निवेशकों ने सबसे अधिक कमाई की। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 439 अंकों या 1.28 फीसदी की तेजी के साथ 34,592 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 122 अंकों या 1.16 फीसदी की तेजी के साथ 10,681 पर बंद हुआ। सिर्फ एक हफ्ते में 10 फीसदी रिटर्न:-बंबई शेयर बाजार…
खाद्य पदार्थों के दामों में उछाल की वजह से खुदरा महंगाई अनुमान से भी ऊपर निकल गई है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई दिसंबर में 5.21 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह मुद्रास्फीति का 17 माह का उच्चतम स्तर है।केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने ये आंकड़े जारी किए। इसमें कहा गया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई पांच फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों, अंडे,…
वाहन निर्माता कंपनी स्कोडा ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने गुरप्रताप बोपाराय को नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। कंपनी की एक विज्ञप्ति के मुताबिक बोपाराय 2 अप्रैल से पदभार संभाल लेंगे।वह इससे पहले फिएट इंडिया ऑटोमोबाइल्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। उनके पास अंतरराष्ट्रीय वाहन उद्योग में काम करने का काफी अनुभव है। कंपनी भारत में अभी चार मॉडल ऑक्टेविया, सुपर्ब, रैपिड व कोडियाक की बिक्री करती है। (adsbygoogle…
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