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कारोबार (2928)

सैन फ्रांसिस्को:-डार्क वेब एक ऐसी जगह जहां सिर्फ खास सॉफ्टवेयर से ही मिलती है एंट्री। यहां हो रही है ट्विटर के 3.2 करोड़ अकाउंट के पासवर्ड की बिक्री। यानी वेब ब्राउजर प्रोग्राम से हटाए गए चोरी के लाखों टि्वटर अकाउंट्स को ऑनलाइन बिक्री के लिए रखा गया है। लीक डेटा से संबंधी एक सर्च इंजन ने यह जानकारी दी।बहरहाल, टि्वटर किसी भी तरह की जानकारी लीक होने या इंटरनेट पर बेजे जाने की बात से इनकार कर रहा है।ट्विटर ने कहा कि हैकरों ने उसकी कम्प्यूटर प्रणाली में घुसपैठ नहीं की और ना ही इंटरनेट पर बेचे जा रहे अकाउंट संबंधी किसी सूचना का वह स्रोत हैं। प्रवक्ता ने बताया कि हमें विश्वास है कि ये यूजर नेम्स और अकाउंट्स टिवटर के डेटा से नहीं लिए गए और ना ही हमारे सिस्टम्स में सेंध मारी गई।प्रवक्ता ने बताया, लिहाजा, हमलोग तो हाल में लीक हुए पासवर्ड से जो कुछ भी साझा किया गया था उसके खिलाफ अपने डाटा की जांच कर अकाउंट्स को सुरक्षित रखने में मदद के लिए काम कर रहे हैं। लीक्डसोर्स डॉट कॉम के अनुसार लाखों टि्वटर अकाउंटस को डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। डार्क वेब इंटरनेट का एक वर्ग है जिस तक विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से पहुंच बनाया जा सकता है।बताया जा रहा है कि इस डेटा सेट में 3.2 करोड़ से भी अधिक टि्वटर अकाउंट्स के डिटेल हैं। इनमें यूजरनेम, पासवर्ड या ईमेल एड्रेस से जुड़ी जानकारियां शामिल हो सकती हैं। लीक्डसोर्स ने एक ब्लॉग पोस्ट में दावा किया है कि उसके पास डेटा सेट की एक प्रति है और उसने यह भी कहा कि ये डेटा सेट टि्वटर यूजर्स के हैं न कि सान फ्रांसिस्को की मेसेजिंग सेवा कंपनी के।

कैलिफोर्निया:-इंटरनेट का दूसरा नाम बन चुके सर्च इंजन गूगल के सहसंस्थापक लैरी पेज अब फ्लाइंग कार बनाने में जुटे हैं। उन्होंने इसके लिए दो स्टार्टअप जी एरो और किटी हॉक में दस करोड़ डॉलर का निवेश किया है। ये दोनों ही कंपनियां हवा में उड़ने के साथ सीधे जमीन पर उतर सकने वाली फ्लाइंग कार बना रहे हैं।ब्लूमबर्ग बिजनेसवीक के मुताबिक, यह विद्युतचालित कार अगले कुछ वर्षों में हकीकत बन जाएगी। जी एरो की स्थापना 2010 में हुई थी। कैलिफोर्निया के सिलिकन वैली में गूगल या उसकी प्रवर्तक कंपनी एल्फाबेट के ठीक निकट कार्यालय के कारण पहले माना जा रहा था कि यह उसकी सहयोगी कंपनी है, मगर जी एरो ने इससे इनकार किया है। कंपनी के 150 से ज्यादा इंजीनियर होलिस्टर में एयरपोर्ट के निकट फ्लाइंग कार के प्रोटोटाइप के लगातार परीक्षण कर रहे हैं। वर्ष 2015 में किटी हाॠक भी इस होड़ में शामिल हुई। इसमें भी लैरी पेज ने निवेश किया है। जी एरो ने 2011 में ऐसी ही फ्लाइंग कार का डिजाइन पेटेंट कराया था, जो पुरानी कारों जैसी ही दिखती है।  

गूगल एक्स के प्रमुख भी योजना से जुड़े:-दिलचस्प बात है कि किटी हाॠक के अध्यक्ष सेबेस्टियन थ्रुन हैं, जो गूगल की सेल्फ ड्राइविंग कार योजना के भी प्रमुख हैं। वह कंपनी की शोध शाखा गूगल एक्स के संस्थापक भी हैं। हालांकि गूगल या पेज इस बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। एरोमोबिल, टेरीफुगिया जैसी कंपनियां भी फ्लाइंग कार पर काम कर रही है। 

डिजाइन को रखा गया है गोपनीय:-जी एरो ने अपनी कार का डिजाइन, तकनीक आदि का ब्योरा काफी गोपनीय रखा है। खबरों के मुताबिक, जी एरो ने नासा, बोइंग, स्पेसएक्स जैसी दिग्गज कंपनियों से एयरोस्पेस डिजाइनरों को अपनी टीम में शामिल किया है। नासा के इंजीनियर मार्क मूर ने कहा कि पिछले कुछ सालों में तकनीक में काफी बदलाव आया है और इससे सस्ती, सुरक्षित फ्लाइंग कार बनाना आसान हो गया है। हैरी पाॠटर समेत हाॠलीवुड की कई फिल्मों में ऐसी उड़ती कारें नजर आई हैं।

गूगल के इरादे:-रोबोट आर्मी तैयार कर रहा गूगल,सेल्फ ड्राइविंग कार बनेगी हकीकत

-वर्जिन और स्पेसएक्स की तरह अंतरिक्ष में भी पैर जमाने की कोशिश

-माॠड्यूलर फोन बना रहा गूगल, यानी विशेष कामों के लिए विशेष फोन

-अमर होने की गुत्थी भी सुलझा रहा,थ्रीडी मैपिंग प्रोजेक्ट पर भी काम

-गूगल स्मार्ट कांटैक्ट लेंस और पर्किन्सन जैसी गंभीर बीमारियों पर शोध

-इंटरनेट बैलून और विंड टरबाइन प्रोजेक्ट में भी गूगल ने किया निवेश

नई दिल्ली:-युवाओं में सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया साइटों पर पोस्ट करने का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। फोटो अच्छी आए तो दोस्तों के ‘लाइक’ और ‘कमेंट’ मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। अगर आप अपने स्मार्टफोन से खींची गई तस्वीरों से नाखुश हैं तो फिक्र छोड़िए। कुछ खास एप्लीकेशन के जरिए आप तस्वीरों में बेहतरीन इफेक्ट डाल सकते हैं। हाल ही में गूगल ने एक ऐसा एप पेश किया है, जो फोन कैमरे के हिलने के बावजूद फोटो को धुंधला नहीं होने देता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ खास एप के बारे में...

गूगल का मोशन स्टिल एप:-गूगल ने आईफोन यूजर  के लिए ‘मोशन स्टिल’ नाम का नया एप पेश किया है। यह उन तस्वीरों में भी जान डाल देता है, जो फोन का कैमरा हिल जाने के कारण अच्छे से नहीं खिंच पाती हैं। इतना ही नहीं, ‘मोशन स्टिल’ से किसी भी लाइव फोटो को जीआईएएफ इमेज में तब्दील किया जा सकता है। इंस्टेंट मैसेजिंग की दुनिया में जीआईएएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इस तरह की इमेज में मौजूद व्यक्ति, जानवर या अन्य वस्तुएं एक ही हरकत बार-बार करती नजर आती हैं।

पिक्सलर-फ्री फोटो एडिटर:-Pixlr–Free Photo Editor का इस्तेमाल एंड्रॉयड, आईओएस और विंडोज जैसे तीनों प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम पर किया जा सकता है। इसकी मदद  से तस्वीरों में खास इफेक्ट डाले जा सकते हैं। इतना ही नहीं फोटो के कोलाज बनाए जा सकते हैं और तस्वीरों के कई पहलुओं को एडजस्ट कर सकते हैं। इसका इंटरफेस भी यूजर फ्रेंडली बनाया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति इसे आसानी से इस्तेमाल कर सके। पिक्सलर एप पर पेंसिल स्केच फिनिश, ऑटो बैलेंस और कलर स्प्लैश जैसे कई फीचर भी मौजूद हैं, जो तस्वीर को अलग लुक देते हैं।

वीएससीओ कैम एप:-इस एप के जरिए किसी भी तस्वीर को खींचने से पहले ही उसे एडिट कर सकते हैं। दरअसल, vsco cam में कई ऐसे फिल्टर मौजूद हैं जिनसे तय किया जा सकता है कि फोटो किस अंदाज में खिंचे। यह एप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। गूगल प्लेस्टोर पर इसे 4.4 रेटिंग मिली हुई है। अभी तक यह एक करोड़ से अधिक बार डाउनलोड हो चुका है।

ओमाहा (अमेरिका):-अरबपति वारन बफे ने सैन फ्रांसिस्को के बेघर लोगों की मदद के लिए धन जुटाने के संबंध में एक बार फिर से अपने साथ दोपहर के भोजन की दावत नीलामी की है और इस बार सबसे अधिक बोली 34 लाख डॉलर की है। कल एक व्यक्ति ने रिकॉर्ड 34,56,789 डॉलर की बोली लगाई जो अपना नाम जाहिर नहीं करना चाहता। 2012 में इस विजेता ने परोपकार के लिए ईबे पर बेची जाने वाली किसी वस्तु के लिए रिकॉर्ड 34,56,789 डॉलर का भी भुगतान किया था।ई-बे पर नीलामी प्रक्रिया पिछले रविवार को शुरू हुई और कल रात पूरी हुई। पिछले आठ विजेताओं में से छह ने बर्कशायर हैथवे समूह के प्रमुख और मशहूर निवेशक, बफे के साथ भोजन करने के लिए 20 लाख डॉलर से अधिक का भुगतान किया है। बफे ने ग्लाइड फाउंडेशन के लिए दो करोड़ डॉलर से अधिक राशि जुटाई है।बफे ने ग्लाइड फाउंडेशन के गरीब और बेघर लोगों को भोजन, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार प्रशिक्षण, पुनर्वास और आवास आदि मुहैया कराने के काम के प्रशंसक हैं। उन्होंने इस नीलामी से पहले कहा था कि मुझे ऐसी किसी पहल का हिस्सा बनकर खुशी हो रही है जिससे सीधे तौर पर कई लोगों को मदद मिलती है।

नई दिल्ली:-कॉल ड्रॉप पर लगाम के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सरकार से उसे अधिक अधिकार दिए जाने की मांग की है। नियामक ने सरकार से कानून में संशोधन कर उसे नियामकीय व्यवस्थाओं के उल्लंघन के मामले में मोबाइल ऑपरेटरों पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने तथा कंपनी के कार्यकारियों को दो साल तक की जेल की सजा दिलाने का अधिकार दिए जाने की अपील की है।  उच्चतम न्यायालय ने ट्राई के उस आदेश को रदद कर दिया था जिसमें कॉल ड्रॉप के लिए ग्राहकों को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया था। ट्राई ने दूरसंचार विभाग को ट्राई कानून, 1997 के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन का सुझाव दिया है जिससे क्षेत्र को एक प्रभावी नियामक मिल सके।दूरसंचार विभाग को भेजे पत्र में ट्राई ने कहा है कि यदि सेवाप्रदाता कानून या लाइसेंस के नियम और शर्तों के तहत किसी निर्देश, आदेश या नियमनों का उल्लंघन करता है तो उस पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।  ट्राई ने प्रत्येक कॉल ड्रॉप पर उपभोक्ताओं को एक रुपये प्रति कॉल और एक दिन में अधिकतम तीन रुपये तक जुर्माना दिए जाने का आदेश दिया था। लेकिन उच्चतम न्यायालय ने उसके इस आदेश को रद्द कर दिया था।नियामक ने कहा कि आदेश की व्यापक समीक्षा के बाद उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए अधिक स्पष्टता की जरूरत महसूस हुई है। नियामक ने ट्राई कानून, 1997 की धारा 29 में संशोधन का प्रस्ताव किया है। यह धारा उसके निर्देशों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के बारे में है।फिलहाल, ट्राई के पास किसी उल्लंघन पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का अधिकार है। यदि यह उल्लंघन जारी रहता है तो वह आगे और दो लाख रुपये का जुर्माना लगा सकता है। फिलहाल उपभोक्ता और दूरसंचार आपरेटर के बीच विवाद उपभोक्ता अदालत में नहीं जाता, क्योंकि उच्चतम न्यायालय के 2009 के फैसले में उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ऐसी किसी राहत पर रोक लगाई गई है।

कानपुर:-बीस साल बाद बाजार में आए एक रुपए के खरे-खरे नोट फिर गायब हो गए है। एक साल के अंदर उनकी छपाई फिर बंद कर दी गई है। दिवाली के बाद एक के नए नोट आरबीआई ने रिलीज नहीं किए हैं। पिछले साल छह मार्च को एक रुपए के नए नोट जारी किए गए थे। बीस साल बाद एक के नोट बाजार में आए तो मारामारी मच गई।आरबीआई से बैंकों में एक की गडिडयां भेजी गईं लेकिन बैंकों के स्टाफ में ही उन्हें लेने की होड़ मच गई थी। ग्राहकों के पास मुश्किल से पांच फीसदी नोट ही पहुंच सके थे। पिछले साल मार्च के बाद आरबीआई में पहली बार 30 लाख के नोट भेजे गए थे। बाद में 10, 13 और 9 लाख की एक खेप और भेजी गई थी।नवम्बर में दिवाली के अवसर पर 16 लाख रुपए की एक की गड्डियां कानपुर आईं थी। उन्हें बैंकों में वितरित किया गया था। उन्हें पाने के लिए लूट मच गई थी। हाल यह हो गया कि एक बार जिसके हाथ में गड्डी गई, उसने लॉकर में सहज कर गड्डी रख दी। पिछले छह महीने से एक के नोट की आवक बंद हो गई है। आरबीआई से अन्य सभी नए नोट नियमित रूप से रिलीज हो रहे हैं लेकिन एक की गड्डी की सप्लाई बंद है। मालूम हो कि एक रुपए के नोट पर अधिकार भारत सरकार का है, जबकि अन्य मुद्राएं भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रित करता है। द सिक्योरिटी मिंटिंग एंड प्रिंटिंग कारपोरेशन आफ इंडिया के मुताबिक एक रुपए का एक नोट छापने की लागत 1.14 रुपए आती है। एक की गड्डी के आकर्षण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आनलाइन कंपनी ई-बे पर एक रुपए के नोट की गड्डी 2400 रुपए में बेची जा चुकी है। अभी भी ओएलएक्स और अमेजॉन में बीच-बीच में एक की गड्डी की कीमत लगती रहती है। 

नई दिल्ली:-सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग का ट्विटर और पिनट्रस्ट अकाउंट एक हैकर समूह द्वारा हैक कर लिया गया है। इस समूह का दावा है कि उन्होंने उनका पासवर्ड उनके 2012 के लिंक्टइन अकाउंट से निकाला है।न्यूयॉर्क डेली की खबर के मुताबिक हैकर समूह अवर माइन टीम के ट्विटर पर 40,000 से ज्यादा फॉलोअर हैं। समूह ने जुकरबर्ग के खाते से ट्वीट किया…
न्यूयार्क:-फोर्ब्स की विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में एसबीआई की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अरुंधती भट्टाचार्य और आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक चंदा कोचर समेत चार भारतीय महिलाएं शामिल हैं। इस सूची में विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाएं शामिल हैं जो अरबों डॉलर के ब्रांड बना रही हैं और वित्तीय बाजारों में अहम भूमिका निभा रही हैं।फोर्ब्स की 2016 की 100 सबसे अधिक शक्तिशाली महिलाओं में जर्मनी की…
नई दिल्ली:-दक्षिण कोरियोई इलेक्ट्रॉनिक्स उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनी एलजी ने भारतीय बाजार में मच्छरों को दूर रखने वाली टीवी सेट की सीरीज़ लांच किया है। कंपनी के मुताबिक यह टीवी सेट मच्छरों को भगाने का काम करती है। इसकी कीमत भारतीय बाजार में 26,900 से 47,500 रुपए के बीच है।एलजी इलेक्ट्रॉनिक ने एक बयान में बताया, एलजी मॉस्कीटो अवे टीवी भारतीय ग्राहकों को ध्यान में रखकर विकसित की गई…
नई दिल्ली:-ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन भारत में 300 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश 200 करोड़ डॉलर के पूर्व प्रस्तावित निवेश से अलग होगा। ये घोषणा अमेजॉन के संस्थापक और सीईओ जेफ बेजॉस ने किया। उन्होंने वॉशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में उनसे मुलाकात के बाद ये घोषणा की। यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) की बैठक के दौरान बेजॉस ने कहा, अमेजॉन भारत में अगले…

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