कारोबार

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नई दिल्ली:-टाटा स्टील की वित्तीय स्थिति खस्ता हाल हो गई है। या फिर ये भी कह सकते हैं कि पूरे ब्रिटेन में आर्थिक मंदी के दौर का असर है कि टाटा स्टील ने अपना पूरा कारोबार बेचने का फैसला किया है। यह फैसला कंपनी की मुंबई में हुई बोर्ड मीटिंग में लिया गया।ब्रिटेन की सबसे बड़ी स्टील मेकर कंपनी टाटा स्टील ने अब अपने लगातार हो रहे घाटों से उबरने के लिए पूरे कारोबार को बेचने या विनिवेश करने का फैसला किया है। मुंबई में हुई मैराथन बोर्ड मीटिंग के बाद बुधवार को कंपनी ने वक्तव्य जारी किया कि पिछले कुछ महीनों में कंपनी की यूके के कारोबार में जबरदस्त गिरावट आई। यह पिछले कई वर्षों से खराब होती हालत के बाद आया है। इसके पीछे कंपनी ने कारण बताते हुए कहा, निर्माण की कीमत, स्थानीय बाजार में कमजोरी और यूरोप में चीन की कंपनी से लगातार आयात बढ़ने से ऐसी स्थिति आई।परिणाम स्वरूप टाटा ने अपने यूरोपीय ब्रांच को कह दिया है, या तो टाटा स्टील यूके में मजबूत विनिवेश की उम्मीदों को तलाशें, या फिर दूसरे अन्य विकल्पों के अनुसार इस संदर्भ में फैसला लें। गौरतलब है कि यूरोप में टाटा स्टील में करीब 15000 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। 2007 में टाटा ने यूरोप में कारोबार को फैलाने के लिए एंग्लो डच स्टील मेकर कोरस का अधिग्रहण किया था। तभी से कंपनी लगातार घाटे में जा रही थी।

क्या है टाटा स्टील की हैसियत:-पूरे यूरोप में टाटा स्टील दूसरी सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी है।

-कंपनी की स्थापना 108 साल पहले 25 अगस्त 1907 को हुई थी।

-साल 2015 की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का कुल राजस्व 135278 करोड़ था।

-पिछले साल कंपनी को कुल 3955 करोड़ का नुकसान हुआ था।

-टाटा स्टील में पूरी दुनिया में कुल 80 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं।

-छह महाद्वीपों के कुल 100 देशों में कारोबार कर रहा है टाटा

-वर्तमान में करीब 150 देशों को निर्यात कर रहा है टाटा ग्रुप

-टाटा समूह का विदेश में कारोबार 73.4 बिलियन डॉलर का है इसमें 67.5 प्रतिशत कारोबार सिर्फ यूके और अमेरिका में ही है

नई दिल्ली:-सरकार ने ऑनलाइन खुदरा बाजार मंच के क्षेत्र में स्वत (मंजूरी के जरिये 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) एफडीआई: की अनुमति दे दी। सरकार के इस फैसले से फिलफकार्ट और आमेजन जैसी देशी-विदेशी कंपनियांे को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का यह फैसला केवल उन्हीं ई-कॉमर्स कंपनियों पर लागू होगा जहां कंपनियां केवल खरीदार और विक्रेताओं के लिये अपना प्लेटफार्म उपलब्ध करायेंगी। ऐसा खुदरा प्लेटफार्म उपलब्ध कराने वाली कंपनियों में ही स्वत: मंजूरी के रास्ते शत प्रतिशत एफडीआई की अनुमति होगी। इससे जहां एक तरफ फिलिपकार्ट और स्नैपडील जैसी घरेलू कंपनियों को और विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी वहीं इस फैसले से अलीबाबा जैसे विदेशी खुदरा कंपनियो के लिये कारोबार शुरू करने का रास्ता भी खुल जायेगा। सरकार के इस फैसले का हालांकि ऑनलाइन खुदरा बाजार मंच उपलब्ध कराने वाली कंपनियों ने खुलकर स्वागत किया है वहीं देश के खुदरा एवं थोक व्यापारियों की संस्था कैट ने इस फैसले का कड़े शब्दों में विरोध किया है। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की संस्था नकारात्मक ने कहा है कि 25 प्रतिशत की सीमा इसके लिये प्रतिबंधात्मक हो सकती थी। स्नैपडील ने कहा है कि इस नियम से भारत के तेजी से बढ़ते ई-वाणिज्य उद्योग में स्पष्टता आयेगी। औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) के दिशानिर्देशों से यह स्पट है कि माल रख कर ई-कामर्स के जरिए उसकी खुदरा बिक्री के मॉडल में एफडीआई की अनुमति नहीं होगी। डीआईपीपी के प्रेस नोट में कहा गया है कि ई-कामर्स मार्केट प्लेस हालांकि विक्रेता को भंडारगह, लाजिस्टिक्स, आर्डर को पूरा करने, कॉल सेंटर, भुगतान लेने और अन्य सेवाओं के रूप में समर्थन की सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि, इस तरह की इकाइयों का माल गोदाम पर स्वामित्व का अधिकार नहीं होगा। इस तरह के स्वामित्व से कारोबारी माडल माल आधारित माॠडल हो जाएगा। दिशानिर्देश में हालांकि, कहा गया है कि ई-कामर्स कंपनी को अपने मार्केट प्लेस पर किसी एक वेंडर या अपने समूह की कंपनी को कुल बिक्री का 25 फीसदी से अधिक करने की अनुमति नहीं होगी। इस कदम पर स्नैपडील ने कहा कि इन नियमों से देश के तेजी से बढ़ते ई-कामर्स उद्योग में स्पष्टता आएगी। उसने कहा, इन दिशानिर्देशों में भारतीय बाजार में ई-कामर्स मार्केटप्लेट की बदलाव लाने की भूमिका को पहचाना गया है। यह एक वहद घोषणा है जिससे क्षेत्र के विकास को तेज किया जा सकेगा। कर सलाहकार फर्म पीडब्ल्यूसी ने कहा कि एक वेंडर के लिए 25 प्रतिशत बिक्री की सीमा से मार्केटप्लेस परवेंडरों का आधार व्यापक हो सकेगा।  भारत का ई-कामर्स क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह 60 प्रतिशत से अधिक की वद्धि दर्ज कर रहा है। अध्ययनों में कहा गया है कि 2016 तक यह क्षेत्र 38 अरब डालर पर पहुंच जाएगा और इसके 2020 तक 50 अरब डालर के आंकड़े को छू जाने की उम्मीद है।  सरकार बिजनेस टु बिजनेस (बी2बी) ई-कामर्स में पहले ही 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दे चुकी है। व्यापारियों के संगठन कैट ने सरकार के ई-वाणिज्य में 100 प्रतिशत एफडीआई के फैसले को सरकार का यू-टर्न बताया। संगठन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जिसका पहले जमकर विरोध किया अब उन्हीं मुददों को सरकार में आने के बाद लागू किया जा रहा है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी़सी़ भरतिया और महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने आज जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा कि सरकार का यह फैसला खुदरा व्यापार में विदेशी कंपनियों को पिछले दरवाजे से प्रवेश देने का प्रयास है। 

नई दिल्ली:-विजय माल्या और उनके समूह की बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइन्स लिमिटेड ने बैंकों का बकाया धन चुकाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मोहरबंद लिफाफे में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया है कि वे स्टेट बैंक और अन्य बैंकों के सिंडिकेट द्वारा दिये गये 6,903 करोड़ रुपए के ऋण में से 4000 करोड़ रुपए सितंबर तक लौटाने को तैयार हैं।न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की पीठ ने बैंकों को उनके इस प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई सात अप्रैल को होगी।किंगफिशर और माल्या की ओर से खड़े हुए वकील सी एस बैद्यनाथन ने पीठ की कार्यवाही शुरू होते ही बताया कि उन्होंने बैंकों की टोली को एक प्रस्ताव दिया है कि इस समय जो परिस्थितियां हैं उसमें क्या किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव की प्रतियां बैंकों को दे दी गयी है।बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि वह पहले इस प्रस्ताव को पढ़ना चाहेंगे, उसके बाद ही इसका जवाब दिया जा सकता है।

नई दिल्ली:-मोबाइल वालेट और पेमेंट ऐप का इस्तेमाल करने वालों की लगातार बढ़ रही संख्या के साथ ही नकद रहित भुगतान सेवा के प्रति लोगों की बढ़ती चाहत के बल पर वित्त वर्ष 2020 तक देश में ऑनलाइन भुगतान के 9.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने की उम्मीद है।शोध सलाह देने वाली कंपनी केन रिसर्च की सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आसान उपलब्धता के साथ ही इंटरनेट की स्पीड में हो रही बढ़ोतरी से देश में ऑनलाइन या प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) जैसे माध्यमों से बिलों के भुगतान में काफी तेजी आ रही है।रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2010 से 2015 के दौरान देश में बिलों का ऑनलाइन भुगतान बाजार का आकार 15.5 फीसदी सालाना की दर से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में मोबाइल वालेट के जरिये सबसे अधिक लेनदने हुआ।इस माध्यम से कुल 1000 अरब रुपये के लेनदेन का निपटारा किया गया। इसके जरिये करीब 50 प्रतिशत लेनदेन शॉपिंग के लिये हुआ। वहीं, शेष 50 फीसदी लेनदेन मोबाइल बिल, डायरेक्ट टू होम (डीटीएच), डाटा कार्ड बिल के साथ ही यात्रा टिकट एवं सिनेमा की टिकट खरीदने के लिए हुआ।

न्यूयार्क:-इंटरनेट की दिग्गज कंपनी गूगल एंड्रायड डिवायसों के पर अपने आधिकारिक कैमरा एप पर गूगल गॉगल सुविधा देने जा रही है। इस एप की मदद से किसी चीज की तस्वीर खींचकर उसके बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है।यह प्रणाली कोई नई प्रणाली नहीं है, क्योंकि सर्च इंजन गूगल पहले से ही गूगल गॉगल का प्रयोग करती आ रही है। गूगल गॉगल एक आभासी वास्तविकता (अगमेंटेट रियल्टी) एप है जो प्रयोक्ता को तस्वीर खींचकर उसके बारे में सर्च करने की सुविधा देती है।एंड्रायडअथॉरिटीडॉटकॉम ने रविवार को यह जानकारी दी। गूगल गॉगल फिलहाल अंग्रेजी, फ्रेंच, इटालियन, जर्मन, स्पैनिश, पोर्टगुइज, रूसी और तुर्की भाषाओं को पढ़ सकता है और उसका अन्य भाषाओं में अनुवाद कर सकता है। इसके अलावा यह बारकोड स्कैनर के रूप में भी काम कर सकता है।हालांकि गूगल गॉगल से तस्वीर खींचकर सर्च करने पर कई चीजें एक साथ आ जाती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें एक नया फीचर जोड़ा गया है, जिससे मनचाही चीज के चारो तरफ घेरा बनाकर उससे संबंधित जानकारी सर्च की जा सकती है।गूगल ने वर्ष 2009 में गॉगल की शुरुआत की थी। लेकिन कुछ सालों बाद कंपनी ने इसे अपडेट करना छोड़ दिया और यह परियोजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। लेकिन अब गूगल ने एक बार इसकी सुध ली है और कैमरा एप के साथ जोड़ा है, ताकि सभी एंड्रायल प्रयोक्ताओं के फोन में यह सुविधा मुहैया कराई जा सके। 

नई दिल्ली:-गूगल के पास तमाम एप, डिवाइस और सेवाएं हैं लेकिन उसका मुख्य स्रोत है गूगल का सर्च। आज पूरी दुनिया गूगल सर्च पर न सिर्फ निर्भर है बल्कि उसकी आदी भी हो चुकी है। इसी क्रम में एक नई कोशिश गूगल करने जा रहा है। तस्वीर लेकर सर्च करने का विकल्प।ताजा खबरों के मुताबिक गूगल कैमरा एप में एक नई सुविधा शुरू होने वाली है। वास्तव में यह कुछ नया नहीं है बस एक तरह का सर्च है। एंड्राएड कैमरा एप में गूगल ग्लास जैसी एक सुविधा दी जाने वाली है। इसके तहत आप किसी की तस्वीर लेकर सीधे उससे जुड़ी बातों को गूगल पर सर्च कर सकते हैं।वास्तव में यह एक शानदार एप है लेकिन अभी ये किसी भी फोन में सुविधा देने वाला नहीं है। गूगल नेक्सस फोन में इस तरह की सुविधा दिए जाने की खबर अभी आ रही है। गूगल अपने इस यूनीक फीचर को साधारण फोन के एंड्रायड बेस पर नहीं देना चाहेगा।इस फीचर के तहत आप सिर्फ तस्वीर लेकर उस एरिया को आउट लाइन कर दें, जिसकी जानकारी आपको गूगल सर्च से चाहिए। इसके बाद जैसे ही आप अप्लाई करेंगे, गूगल आपको इमेज सर्च तकनीक के माध्यम से उससे जुड़ी जानकारी आपको दे देगा।अभी तक गूगल ग्लास में इस तरह की सुविधा है लेकिन पूरी तस्वीर के साथ न कि तस्वीर के किसी हिस्से या मन चाहे हिस्से के बारे में।

नई दिल्ली:-सुप्रीम कोर्ट ने मार्केट रेग्यूलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) से सहारा की संपत्तियां बेचने को कहा ताकि सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को जेल से रिहा करने के लिए जरूरी राशि जुटाई जा सके।तीन सदस्यीय बैंच ने यह देखने के बाद यह आदेश किया कि ग्रुप सहारा चीफ सुब्रत राय की जमानत राशि 10,000 करोड़ रुपए जुटाने मे असफल रहा है।सुप्रीम कोर्ट ने सेबी से कहा कि…
नई दिल्ली:-देश में ब्याज दरों का स्तर असाधारण रूप से ऊंचा है और यदि ब्याज दरें ऊंची बनी रहीं तो भारत की अर्थव्यवस्था के सबसे सुस्त अर्थव्यवस्था बन जाने का खतरा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और डाकघर आधारित छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को कम करने के हाल के निर्णय को उचित ठहराते हुए सोमवार को यह बात कही।जेटली ने कहा कि छोटी…
न्यूयॉर्क:-अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है, जो आपके हर भोजन पर और उसके माध्यम से इकट्ठा हुई कैलोरी पर नजर रखता है।यह एप किसी भी भोजन में मौजूद अवयवों की विवेचना कर कैलोरी का हिसाब-किताब रखता है और यह उन लोगों के लिए काफी लाभदायक है जो वजन घटाने के लिए कैलोरी गिनते रहते हैं।मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के शोधकर्ताओं ने इस एप को विकसित…
नई दिल्ली:-अपना यूजर बेस बढ़ाने के लिए ट्विटर और फेसबुक ने लाइव वीडियो शेयरिंग की सेवा लॉन्च की। इसी के मद्देनजर टेक जगत की दिग्गज कंपनियों में से एक गूगल ने भी वीडियो शेयरिंग सेवा लाने का फैसला किया है। टेक वल्र्ड की खबरों के मुताबिक गूगल ‘यूट्यूब कनेक्ट’ नाम से एक एप बना रहा है जो लाइव वीडियो शेयरिंग का काम करेगा। यह लाइव वीडियो शेयरिंग यूट्यूब पर होगा…

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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