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विदेश मंत्रालय ने हीरा व्यापारी नीरव मोदी और उसके कारोबारी साझेदार मेहुल चोकसी का पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से चार हफ्तों के लिए निलंबित कर दिया है, हालांकि मंत्रालय को यह जानकारी नहीं है कि नीरव अभी कहां हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दावोस में प्रधानमंत्री के साथ नीरव मोदी की कोई बैठक नहीं हुई ।
कांग्रेस ने दावोस में प्रधानमंत्री के साथ नीरव मोदी के चित्र का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया है कि यह घोटाला पीएमओ के नाक के नीचे हुआ। नीरव मोदी पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं।
विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी का पासपोर्ट चार सप्ताह के लिये निलंबित करते हुए कहा कि उनसे इस पर एक हफ्ते में जवाब मांगा है कि उनका पासपोर्ट रद्द क्यों नहीं किया जाए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवादाताओं से कहा, ''अगर वे दिए गए समय में जवाब देने में विफल रहते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास कोई जवाब नहीं है और विदेश मंत्रालय (पासपोर्ट) रद्द करने पर आगे बढ़ेगा।
'नहीं पता नीरव कहां है'
यह पूछे जाने पर नीरव मोदी अभी कहां है, प्रवक्ता ने कहा, '' मुझे यह जानकारी नहीं है कि वह अभी कहां है। इस बारे में एजेंसी जांच कर रही है और उन्हें जांच करने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नीरव जिस देश में हैं वहीं रहेंगे, पासपोर्ट सस्पेंड होने के बाद कहीं नहीं जा सकते।
इस बारे में कई सवालों के जवाब में कुमार ने कहा, '' हम परिदृश्य में तब आते हैं जब एजेंसी से आग्रह आता है । जैसे जैसे अन्य जानकारी आयेगी, सुझाव आयेंगे, उसके अनुरूप काम करेंगे ।
नीरव के साथ प्रधानमंत्री के समूह चित्र संबंधी कांग्रेस के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह पहले से तय नहीं थी, यह अचानक हुआ, यह तब हुआ जब प्रधानमंत्री एक बैठक से दूसरे बैठक में जा रहे थे। प्रधानमंत्री मुश्किल से पांच सेकेंड रूके और किसी तरह का अदान प्रदान नहीं हुआ।
पासपोर्ट सस्पेंड
पासपोर्ट को निलंबित करने की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की सलाह पर विदेश मंत्रालय के तहत आने वाले पासपोर्ट कार्यालय ने शुक्रवार को नीरव दीपक मोदी और मेहुल चिनुभाई चोकसी का पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से चार हफ्तों के लिए निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पासपोर्ट अधिनियम की धारा 10 (ए) के तहत की गई है।
इसमें कहा गया है कि पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 10 (3) (सी) के तहत उन्हें यह जवाब देने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया गया है कि उनका पासपोर्ट जब्त या रद्द क्यों नहीं किया जाए।
सीबीआई और ईडी ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय में अलग अलग आवेदन भेजकर मांग की थी कि नीरव मोदी और उसके मामा तथा उसके कारोबारी साझेदार मेहुल चोकसी का पासपोर्ट रद्द किया जाए। चोकसी गीतांजलि जूलरी चेन का प्रमोटर है। दोनों 280 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी हैं।


किसी खास मौके के लिए किसी ट्रेन के पूरे एक कोच की बुकिंग या किसी विशेष ट्रेन की बुकिंग अब ऑनलाइन संभव हो सकेगी। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों में यह जानकारी दी गई है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी एक सर्कुलर के मुताबिक आईआरसीटीसी की (एकल खिड़की बुकिंग व्यवस्था) के माध्यम से पूर्ण शुल्क दर (एफटीआर) पर विशेष ट्रेनों, रेलवे कोच और सैलून की बुकिंग की जा सकती है।
यह परिपत्र इस महीने की शुरुआत में जारी किया गया था। इसमें कहा गया है कि अब से कोई भी व्यक्ति या समूह जो एफटीआर पर ट्रेन या कोच बुक करना चाहता है, उन्हें आईआरसीटीसी से संपर्क करेंगे और आईआरसीटीसी उनकी ओर से ऑनलाइन बुकिंग कर देगा। वर्तमान में इस तरह की बुकिंग के लिए संबंधित पक्ष को उस स्टेशन के स्टेशन मास्टर या मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक के पास जाना होता है जहां से वह यात्रा शुरू करेगा और यात्रा के विवरण समेत एक लिखित आवेदन देना होता है।
पैसा जमा करने के बाद उन्हें एक रसीद दी जाती है जिसपर एक विशिष्ट एफटीआर संख्या दर्ज होती है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया बहुत जटिल है जिस कारण बदलाव किया जाना अनिवार्य था। हालांकि अब कुल किराये पर 30 प्रतिशत सेवा शुल्क के अलावा पांच प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा।

 


नई दिल्ली - पंजाब नेशनल बैंक में देश का बड़ा बैंकिंग घोटाला हुआ है। ये घोटाला करीब साढ़े 11000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इस घोटाले में कारोबारी नीरव मोदी का नाम सामने आया है। घोटाला सामने आने के बाद पीएनबी ने अपने 10 अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया। पीएनबी ने गुरुवार को कहा कि यह घोटाला 2011 से ही चल रहा था। इसका पता इस साल जनवरी के तीसरे हफ्ते में चला। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2011 से चल रही इस धांधली का कैसे पता चला। यहां जानिए कि कैसे ये हेराफेरी सबसे सामने आई-
आमतौर पर किसी भी बैंक में कम से कम दो कर्मचारी ट्रांजैक्‍शन को अथॉराइज करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में नीरव मोदी और उनके सहयोगी पीएनबी में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के लिए आए तो पीएनबी के कर्मचारियों ने उनको एलओयू जारी कर दिया। नियम के तहत पीएनबी को इस एलओयू को बैंक की बुक में दर्ज करना चाहिए था यानी बैंक के कोर बैंकिंग सिस्‍टम में दर्ज करना चाहिए था। लेकिन कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया।
क्या है लेटर ऑर अंडरटेकिंग यानी एलओयू
लेटर ऑफ अंडरटेकिंग किसी अंतरराष्ट्रीय बैंक या किसी भारतीय बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखा की ओर से जारी किया जाता है। इस लेटर के आधार पर बैंक, कंपनियों को 90 से 180 दिनों तक के शॉर्ट टर्म लोन मुहैया कराते हैं। इस लेटर के आधार पर कोई भी कंपनी दुनिया के किसी भी हिस्से में राशि को निकाल सकती है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर आयात करने वाली कंपनियां विदेशों में भुगतान के लिए करती हैं। लेटर ऑफ अंडरटेकिंग किसी भी कंपनी को लेटर ऑफ कम्फर्ट के आधार पर दिया जाता है। लेटर ऑफ कम्फर्ट कंपनी के स्थानीय बैंक की ओर से जारी किया जाता है।
कर्मचारियों ने स्विफ्ट फार्मेट में कोडेड मैसेज दूसरे बैंक को जारी कर दिया। और इसके साथ ही पार्टी ने अपने लिए भी इलेक्‍ट्रॉनिक मैसेज जारी करा लिया। जारी होने के बाद इन एलओयू की जानकारी स्विफ्ट कोड मैसेजिंग के जरिए सभी जगह भेज दी गई। इन एलओयू को नीरव मोदी ने विदेशों में अलग अलग सरकारी और निजी बैंक की शाखाओं से भुना लिया। भुनाई हुई राशि करीब 11000 करोड़ रुपए की थी।
नियम के अनुसार किसी पार्टी को एलओयू जारी करने से पहले उसकी लिमिट देखी जानी चाहिए थी। इस मामले में नीरव मोदी के पास कोई लिमिट नहीं थी। जब पीएनबी का एक कर्मचारी रिटायर हो गया और उसकी जगह पर दूसरा कर्मचारी आया तो उसने देखा कि इस पार्टी को बिना लिमिट के ही एलओयू जारी किया जा रहा है।


नई दिल्ली - हीरा कारोबारी फर्म ने साख पत्र जारी कराकर पंजाब नेशनल बैंक को हजारों करोड़ का चूना लगाया। पीएनबी ने 11500 करोड़ रुपये के घपला के मामले में अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और आभूषण बनाने वाली कंपनी के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई है। आइए अब जानते हैं बैंक को चूना लगाने वाला नीरव मोदी आखिर है कौन।
कौन है नीरव मोदी
पंजाब नेशनल बैंक ने बैंकिंग सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े घोटाले को पकड़ा है। ये घोटाला 11 हजार 500 करोड़ करोड़ रुपए से ज्यादा का है। पीएनबी फ्रॉड केस में शामिल नीरव मोदी एक हीरा कारोबारी हैं। उनका लालन पालन बेल्जियम के एंटवर्प शहर में हुआ है। 1999 में उन्होंने फायरस्टार कंपनी बनाई।
फोर्ब्स सूची में नीरव मोदी का नाम
फोर्ब्स के मुताबिक नीरव मोदी की नेटवर्थ 11 हजार करोड़ रुपए है। फोर्ब्स की अमीरों की सूची में मोदी का 85वां स्थान है। उनके ज्वेलरी स्टोर लंदन, न्यूयॉर्क, लास वेगास, हवाई, सिंगापुर, बीजिंग जैसे 16 शहरों में है। भारत में भी दिल्ली और मुंबई में उनके स्टोर हैं। नीरव मोदी ने 2010 में अपने नाम से डायमंड कंपनी बनाई थी।
प्रियंका चोपड़ा करती हैं प्रमोट
2013 से फोर्ब्स की अमीरों की सूची में अपना नाम बनाए हुए हैं। उनके ब्रांड को प्रियंका चोपड़ा, एंड्रिया डायाकोनु और रोजी हंटिंगटन प्रोमोट करते हैं। 46 साल के नीरव मोदी वॉर्टन ड्रॉपआउट हैं। उनकी ज्वेलरी के दाम 5 लाख से 50 करोड़ रुपए तक हैं।
बॉलीवुड में नीरव मोदी की धाक
बॉलीवुड से भी नीरव मोदी के गहरे संबंध हैं। मोदी के पिता हीरा कारोबारी थे जो भारत से एंटवर्प चले गए। हालांकि मोदी वापस मुंबई आ गए। मुंबई में उन्होंने अपने चाचा मेहुल चौकसी से व्यापार करना सीखा। पीएनबी फ्रॉड में मेहुल चौकसी का भी नाम शामिल है।
मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, जब नीरव मोदी का नाम इस फ्रॉड में सामने आया कई ज्वेलरों ने उनके बारे में बोलने से मना कर दिया। कई ने तो उनसे संबंध की बात से ही इंकार कर दिया।
सीबीआई ने दर्ज किया मामला
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के मुताबिक बैंक से उसे दो शिकायतें मिलीं हैं जिनमें आरोप लगाया गया कि बैंक ने 11400 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी लेन-देन का पता चला है जिसमें मोदी और उनसे जुड़ी आभूषण कंपनियां शामिल हैं। पीएनबी की शाखा में 280 करोड़ रुपये के कथित ठगी और धोखाधड़ी मामले में वह पहले से ही सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं।
वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी धन शोधन के मामले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। ईडी ने पीएनबी में हुई 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में नीरव मोदी एवं अन्य के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया गया है। सीबीआई ने 31 जनवरी को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनकी पत्नी, भाई और एक व्यापारिक भागीदार के खिलाफ पीएनबी के साथ 280.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
ऐसे की धोखाधड़ी
पीएनबी के अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े फर्मों को साख पत्र (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) दिया। इससे उन्होंने विदेशों में निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों से रुपया भुनाया। यह सब 2011 से काम कर रहे उप-महाप्रबंधक के स्तर के अधिकारियों के साथ साठगांठ कर किया गया।
नीरव मोदी से जुड़े तीन फर्म, मे. डायमंड्स आर यूएस, मे. सोलर एक्सपोर्ट्स, मे. स्टेलर डायमंड्स ने बैंक को संपर्क कर बायर्स क्रेडिट की मांग की जिससे वे अपने विदेश के कारोबारियों को भुगतान कर सकें। शिकायत के मुताबिक नीरव मोदी, निश्चल मोदी, अमी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी इन फर्म में पार्टनर थे।
इन फर्म को बैंक के बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से बायर्स क्रेडिट प्रदान की गई, जबकि उनका कोई पुराना बेहतर क्रेडिट रिकॉर्ड नहीं था। इसके बाद हांगकांग की बैंक शाखाओं में धन का स्थानांतरण किया गया।
बायर्स क्रेडिट छोटी अवधि का क्रेडिट ( 90 से 180 दिनों) का होता है जिसे अंतरराष्ट्रीय बैंक प्रदान करते हैं। यह आयात करने वाले बैंक से प्राप्त पत्र के आधार पर जारी होता है।
सेबी कर सकता है खामी की जांच
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) पीएनबी में हुई 11 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कई आभूषण कंपनियों समेत बैंकों द्वारा खुलासा करने में हुई खामियों की जांच करेगा। अधिकारियों ने बताया कि सेबी और शेयर बाजार इन कंपनियों और उनके शीर्ष अधिकारियों के कारोबारी आंकड़े का विश्लेषण करेंगे। इनमें से कुछ भेदिया कारोबार एवं अन्य उल्लंघन को लेकर पहले ही जांच के घेरे में हैं।
देश के बड़े रईस हैं नीरव मोदी
2016 की फोर्ब्स की सूची के मुताबिक, 11, 237 करोड़ की संपत्ति के मालिक नीरव देश के सबसे रईस लोगों की गिनती में 46वें पायदान पर हैं। ज्वैलरी की दुनिया खासकर हीरा कारोबार में मशहूर नाम नीरव मोदी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। उनके पिता हीरे के व्यापार से जुड़े थे और इसे ही नीरव मोदी ने आगे बढ़ाया। नीरव तब खासे चर्चा में आए जब क्रिस्टी ज्वैलरी नीलामी (2010) में नीरव मोदी की कंपनी फायर स्टार डायमंड का गोलकुंडा नेकलेस 16.29 करोड़ रुपये में बिका।
बैंक को धोखा
-2018 के जनवरी में पीएनबी के ब्रैडी हाउस मुंबई स्थित मिड कारपोरेट शाखा में घोटाला सामने आया।
-2011 में पंजाब नेशनल बैंक के मुंबई शाखाओं में धोखाधड़ी की शुरुआत हुई।
-280 करोड़ के घोटाला में पीएनबी ने 28 जनवरी को सीबीआई में नीरव मोदी और कंपनियों पर मामला दर्ज कराया।
-11,400 करोड़ रुपये का घोटाला का मामला दर्ज कराया गया 13 फरवरी को।

 


नयी दिल्ली - पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,300 करोड़ रुपये से अधिक धोखाधड़ी को लेकर चिंतित वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को इस मामले से जुड़ी या इस प्रकार की घटनाओं के संबंध में इस सप्ताह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा है।
वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि मामला 'नियंत्रण के बाहर' नहीं है और इस बारे में उचित कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव लोक रंजन ने कहा 'मुझे नहीं लगता कि यह नियंत्रण से बाहर या इस समय कोई बड़ी चिंता की बात है।'
इससे पहले, दिन में पीएनबी ने 1.77 अरब डालर (करीब 11,334.4 करोड़ रुपये) मूल्य के धोखाधड़ी वाले लेन-देन का खुलासा किया।
पीएनबी का शेयर टूटा
इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पीएनबी का शेयर तकरीबन 10 फीसदी से ज्यादा टूट गया।
पीएनबी का बयान
पीएनबी ने एक बयान में कहा कि उसने मुंबई की अपनी एक शाखा में जाहिर तौर पर साठगांठ से कुछ धोखाधड़ी वाले लेन-देन का पता लगाया। बैंक ने कहा कि इन लेनदेन के आधार पर कुछ अन्य बैंकों ने भी संभवत: विदेशों में इन ग्राहकों को ऋण दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चूंकि मामले में एक से अधिक बैंक शामिल हैं, अत: वित्तीय सेवा विभाग ने सभी बैंकों से धोखाधड़ी को लेकर जल्दी स्थिति रिपोर्ट देने को कहा है।
सूत्रों के मुताबिक पीएनबी ने धोखाधड़ी कर अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी एंड एसोसिएट्स को गारंटी पत्र (लेटर आफ अंडरटेकिंग) दिया और उन्होंने इसे विदेशों में निजी एवं सार्वजनक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों से भुनाया।
उसने कहा कि यह सब 2011 से काम उप-महाप्रबंधक के स्तर के अधिकारियों के साथ साठगांठ कर किया गया।
10 कर्मचारी सस्पेंड
मामले में कदम उठाते हुए पीएनबी ने 10 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
इस बीच, बैंक ने अरबपति नीरव मोदी और आभूषण कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी को लेकर सीबीआई के पास शिकायत की है।


नई दिल्ली - अगर आपने अपने आधार को हल्के में लिया है तो आनेवाले दिनों में आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। म्युचुअल फंड में अगर आपका निवेश है तो वक्त रहते आधार से लिंक कर दीजिए नहीं तो आप उसमें कोई लेनदेन नहीं कर पाएंगे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने सभी म्यूचुअल फंड निवेशकों को यह निर्देश दिया है कि 31 मार्च 2018 तक अपने म्यूचुअल फंड एकाउंट को पैन और आधार से लिंक करें।
आधार से लिंक नहीं होने पर नहीं हो पाएगा ट्रांजैक्शन
बीएसई ने यह साफ कर दिया है कि 14 फरवरी तक निवेश करने वाले निवेशक अपने म्युचुअल फंड फोलियो को 31 मार्च 2018 तक लिंक करा सकते हैं। जो भी निवेशक ऐसा नहीं करेंगे उनके म्युचुअल फंड फोलियो सीज कर दिए जाएंगे। इसके बाद उसमें किसी तरह का कोई ट्रांजैक्शन नहीं हो पाएगा।
म्यूचुअल फंड फोलियो को ऐसे करें आधार से लिंक
आप तीन तरह म्युचुअल फंड फोलियो को आधार से लिंक कर सकते हैं। इसका एक आसान रास्ता है सीएएमएस। सीएएमएस 15 म्युचुअल फंड के लिए सुविधाएं देता है। सीएमएएस के जरिए म्यूचुअल फंड से आधार को लिंक करने के लिए वहां क्लिक करें। क्लिक करने के बाद आपको अपना पैन भरना है। पैन भरने के बाद एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आधार, मोबाइल नंबर, जन्म की तारीख सहित कुछ दूसरी जानकारियां भरने के बाद रजिस्टर्ड नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी भरने के बाद आपको यह एसएमएस आएगा कि आपका म्यूचुअल फंड फोलियो आधार से लिंक हो गया है।

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