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कारोबार (2091)

वरिष्ठ पार्टी नेता व पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा द्वारा केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना पर भाजपा ने बुधवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सिन्हा के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है और बीते तीन साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीयता स्थापित हुई है।गृह मंत्री राजनाथ सिंह आमतौर पर आर्थिक मामलों में कम बोलते हैं लेकिन बुधवार को उन्होंने यशवंत सिन्हा के लेख में सरकार पर हमले से बचाव किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पूरी दुनिया स्वीकार करती है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। किसी को यह तथ्य नहीं भूलना चाहिए। अर्थव्यवस्था के मामले में अंतरराष्ट्रीय फलक पर भारत की विश्वसनीयता स्थापित हुई है।
गोयल ने मोर्चा संभाला
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार किसी आलोचना से डिगने वाली नहीं है और अर्थव्यवस्था में बदलाव का अपना काम जारी रखेगी। उन्होंने सिन्हा की टिप्पणियों को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि उन्हें अपनी राय जाहिर करने का हक है। उन्होंने कहा कि जब बड़े पैमाने पर बदलाव किए जाते हैं तो कुछ अनिश्चितता होनी तय है। अर्थव्यवस्था को इन बदलावों को ग्रहण करने में वक्त लग सकता, लेकिन यह दौर भी गुजर जाएगा। चुनौतियां आती हैं लेकिन हम अपनी राह पर कायम रहेंगे। सरकार कालेधन और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी आलोचना से यह डिगने वाली नहीं है। अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए किसी आर्थिक पैकेज के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विकल्प को अपनाना अभी जल्दबाजी है और अभी पूरा ध्यान जीएसटी पर है। उन्होंने कहा कि 6 अक्तूबर को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक के बाद निर्यात जैसे मुद्दों से जुड़ी कुछ घोषणाएं की जा सकती हैं। उन्होंने नोटबंदी की आलोचना को भी खारिज किया और कहा कि इससे सभी उद्देश्य पूरे हुए और एक संदेश गया कि कालाधन और भ्रष्टाचार से निपटने के मामले में सरकार गंभीर है।गौरतलब है कि वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने अपने लेख में अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने लिखा कि पहले से डांवाडोल अर्थव्यवस्था नोटबंदी और जीएसटी की वजह से और बिगड़ी है।


नई दिल्ली - जल्द ही जापान के बैंक अपनी क्रिप्टोकरेंसी बाजार में उतारने वाले हैं। इस क्वॉइन का नाम जे-क्वॉइन हो सकता है। जापान के बैंक जल्द ही जापान की जनता को कैशलेस होने की सुविधा देने जा रहे हैं। मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप वह पहला संस्थान है जो इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बैंक के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में है। अन्य संस्थानों के साथ अध्ययन बैठकों का दौर जारी है। इस प्रोजेक्ट में बैंकों का संघ भी शामिल है जिसमें बैंक ऑफ जापान भी है। उम्मीद की जा रही है कि यह जे-क्वॉइन 2020 टोक्यो ओलंपिक के समय जारी हो सकता है।
हालांकि मिजुहो बैंक ने भागीदार संस्थानों और जे-क्वॉइन लांच करने की समयसीमा का खुलासा करने से इनकार कर दिया है। बैंक के प्रवक्ता ने कहा है कि अभी इस प्रोजेक्ट को रेगुलेटर की इजाजत नहीं मिली है और इससे जुड़ी और जानकारी मांगी गई है। जापानी मुद्रा येन के सामने इसे उतारा जाएगा और उम्मीद है कि मोबाइल एप पर यह डिजिटल करेंसी काम करेगी।
मिजुहो पिछले कई महीनों से डिजिटल करेंसी पर काम कर रहा है। वह ब्लॉकचेन तकनीक पर भी काम कर रहा है जो क्रिप्टोकरेंसी के लिए जरूरी है। इस साल की शुरुआत में बैंक जापान से ऑस्ट्रेलिया अपनी एक ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से खास डाक्यूमेंट को भेजने का काम पूरा करके देख चुका है। गौरतलब है कि जापान ने इस साल की शुरुआत में बिटक्वॉइन को मंजूरी दे दी थी और बड़े रिटेलर इसे स्वीकार कर रहे हैं। फिर भी जापान में काफी बड़ी संख्या में लोग कैश का इस्तेमाल करते हैं। सरकार इसे रोकने के लिए जे-क्वॉइन की मदद लेने के मूड में दिख रही है।


नई दिल्ली - एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान पहले के 7.4 प्रतिशत से घटाकर 7.0 कर दिया है। एडीबी के मुताबिक निजी खपत, कारखानों के उत्पादन और कारोबारी निवेश कमजोर रहने की वजह से वृद्धि दर की गति रहने का अनुमान है। बैंक ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए भी अपने वृद्धि के अनुमान को पहले के 7.6 प्रतिशत से कम करके 7.4 प्रतिशत कर दिया। हालांकि, उसने चीन की वृद्धि का अनुमान बढ़ा दिया है। एशियाई विकास बैंक ने अपनी एशियाई विकास परिदृश्य 2017 की अद्यतन रपट में कहा है कि चालू वित्त वर्ष यानी 2017-18 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 7.0 रहने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2016-17 के 7.1 से कम है। इससे पहले उसने जुलाई में भारत की वृद्धि दर 7.4 रहने का अनुमान लगाया था। इसी प्रकार वित्त वर्ष 2018-19 के लिए वृद्धि दर का आंकड़ा घटाकर 7.4 किया गया है जो कि जुलाई में 7.6 रहने का अनुमान था।
हालांकि, बैंक ने चीन की आर्थिक वृद्धि के लिए संशोधित अनुमान वर्ष 2017 के लिए कुछ बढ़ाकर 6.7 कर दिया जो कि पहले 6.5 था। इसी प्रकार वर्ष 2018 के लिए उसने चीन की वृद्धि दर का अनुमान 6.4 कर दिया जो पहले 6.2 रखा था। एडीबी ने भारत में सुधारों के आधार पर वृद्धि तेज रहने के आसार जताए हैं और कहा, मुद्रास्फीति के नीचे रहने और मेहनताने में संभावित वृद्धि से निजी उपभोग बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही नई कर व्यवस्था के साथ उद्योग क्षेत्र का सामंजस्य स्थापित होने पर विनिमार्ण में भी फिर से तेजी आ सकती है। नोटबंदी और नई माल एवं सेवाकर व्यवस्था को लागू करने का प्रभाव भारत की आर्थिक वृद्धि पर पड़ा है। यही वजह है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की आर्थिक वद्धि तीन साल के सबसे निचले स्तर पर यानी 5.7 पर रही है। रपट में कहा गया है कि निजी उपभोग, विनिमार्ण उत्पादन और कारोबारी निवेश में कमजोर रुख से अल्पावधि में देश के वृद्धि परिदृश्य पर असर पड़ा है। लेकिन उम्मीद की जाती है कि मध्यम अवधि में इन पहलों से वृद्धि लाभांश अर्जित होगा।
जून तिमाही में निजी और उद्योग उपभोग पिछली तिमाहियों के मुकाबले गिरा है। स्थायी पूंजी का निमार्ण भी 1.6 की धीमी गति से बढ़ा है जो निजी निवेश में भारी सुस्ती को दशार्ता है। हालांकि, सरकारी उपभोग एवं सेवाओं के क्षेत्र में हालांकि गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।


नई दिल्ली - सरकार ने आज उच्च स्तरीय 5जी समिति गठित की। समिति को 2020 तक प्रौद्योगिकी क्रियान्वित करने के लिये रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी है।
दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, हमने उच्च स्तरीय 5जी कमेटी गठित की है जो 5जी के बारे में दष्टिकोण, मिशन और लक्ष्यों को लेकर काम करेगी। दुनिया में 2020 में जब 5जी प्रौद्योगिकी लागू होगी, मुझे भरोसा है कि भारत उनके साथ खड़ा रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार सरकार 5जी से जुड़ी गतिविधियों के लिये 500 करोड़ रपये का कोष सजित करने पर काम कर रही है। यह कार्य मुख्य रूप से शोध और उत्पाद विकास का होगा। 5जी प्रौद्योगिकी के तहत सरकार का शहरी क्षेत्रों में 10,000 मेगाबाइट प्रति सेकेंड (एमबीपीएस) और ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 एमबीपीएस की गति उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
इस समिति में दूरसंचार, इलेक्ट्रानिक्स और आईटी मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव शामिल हैं।

 


नई दिल्ली - भारतीय महिलाएं दुनियाभर में धूम मचा रही हैं। दुनिया की प्रतिष्ठित मैगजीन फॉर्च्यून ने इस बार की सूची मेंतीन भारतीय महिलाओं को उच्चतम श्रेणी में रखा है। भारत की टॉप बैंकर चंदा कोचर और शिखा शर्मा अमेरिका से बाहर 5 वीं और 21 वीं सबसे शक्तिशाली महिला हैं जबकि अमेरिका में भारतीय मूल की इंदिरा नूई टॉप-2शक्तिशाली महिलाओं में शामिल हैं। चंदा कोचर पिछले साल भी 5वीं सबसे शक्तिशाली महिला थीं। पत्रिका ने अमेरिका और अमेरिका से बाहर रह रहीं महिलाओं की अलग से रैंकिंग जारी की है।
इंदिरा नूई दूसरी सबसे शक्तिशाली महिला
अमेरिकी कंपनी पेप्सिको की सीईओ इंदिरा नूई अमेरिका की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में नंबर दो पर काबिज हैं। नूई नंबर एक पर अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स की सीईओ मैरी बारा से थोड़े ही अंकों से पीछे हैं। अमेरिका की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में लॉकहीड मार्टिन की चेयरमैन और सीईओ मैरीलीन ह्यूसन ने तीसरा स्थान हासिल की हैं। अंतरराष्ट्रीय सूची में जीएसके की सीईओ एमा वाल्मस्ले को दूसरा स्थान हासिल हुआ है जबकि इंजी की सीईओ इजाबेले तीसरे स्थान पर काबिज रही हैं।
एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा डिजिटल पेमेंट को दे रही हैं तरजीह
फॉर्च्यून पत्रिका ने कोचर के बारे में लिखा है कि चंदा पिछले 8 साल से आईसीआईसीआई बैंक का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने अपने कुशल नेतृत्व से आईसीआईसीआई बैंक को भारत का सबसे बड़ा निजी ऋण प्रदाता बैंक बना दिया है। वहीं एक्सिस बैंक की सीईओ और एमडी शिखा शर्मा के बारे में पत्रिका ने लिखा है कि शिखा शर्मा फिर से एक्सिस बैंक की सीईओ बन गई हैं। शिखा इस बार बैंक की डिजिटल सर्विसेज को ज्यादा तरजीह दे रही हैं। बैंक अपने डिजिटल पेमेंट ऐप के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
11 नई शक्तिशाली महिलाओं की एंट्री
पिछले 17 साल से फॉर्च्यून पत्रिका अमेरिका से बाहर सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची जारी कर रही है। इस बार इस सूची में 50 वैश्विक बिजनेस वूमेन को शामिल किया है, जो 17 देशों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसमें इस साल 11 नई शक्तिशाली महिलाओं ने दस्तक दी हैं। रैंकिंग को बनाने में चार मानकों को ध्यान में रखा जाता है। जिस कंपनी का नेतृत्व महिला के हाथ में है, उसका आकार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में उस महिला का कितना महत्व है, बिजनेस का नेतृत्व कैसे करती हैं, महिला का कॅरियर किस हद तक कंपनी को आगे ले जा रहा है और महिला ने सामाजिक और सांस्कृतिक दायरे को किस तरह प्रभावित किया है।
कौन हैं चंदा कोचर
चंदा कोचर 1983 से आईसीआईसीआई से जुड़ी हुई हैं। 2001 में वह बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से जुड़ीं और तब से विभिन्न सीढ़ियों को चढ़ती हुई 2009 में बैंक की सीईओ और एमडी बन गईं। चंदा ने आईसीआईसीआई को देश का सबसे बड़ा निजी बैंक बना दिया। 55 साल की चंदा ने जयपुर से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद मुंबई में जयहिंद कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली। बेहद मेधावी छात्रा रहीं चंदा जमनालाल बजाज मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से गोल्ड मैडलिस्ट रहीं। उन्होंने दो-दो विषयों में गोल्ड मेडलिस्ट हासिल की है। 1984 से ही वे आईसीआईसीआई बैंक से जुड़ी हैं।


मुंबई - बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और डी-मार्ट के राधाकिशन दमनी का नाम भारत के अमीरों की सूची में शामिल हो गया है। उद्योगपति मुकेश अंबानी अब भी सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं।
पिछले छह साल से अमीरों की सूची तैयार कर रही शोध इकाई हुरन ने बयान में कहा, ‘एफएमसीजी कंपनी पतंजलि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बालकृष्ण अब देश के शीर्ष 10 अमीरों में शामिल हो गए हैं।’ रिटेल सेक्टर के नए सितारे दमनी सबसे लंबी छलांग लगाने वाले अमीर रहे। उनकी संपत्ति में 320 प्रतिशत का इजाफा हुआ। एवेन्यू सुपरमार्ट्स की शानदार सूचीबद्धता से अमीरों की सूची में आठ नए लोगों को जगह मिली।
बालकृष्ण पिछले साल 25वें स्थान पर थे जबकि इस बार वह आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनकी संपत्ति 173 प्रतिशत बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गई है। पिछले वित्त वर्ष में पतंजलि का कारोबार 10,561 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वह कई विदेशी ब्रांडों को टक्कर दे रही है।
मुकेश अंबानी सबसे अमीर भारतीय बने रहे। वैश्विक स्तर पर वह पहली बार शीर्ष 15 में जगह बनाने में कामयाब रहे। शेयर बाजार में आए उछाल से रिलायंस के शेयर बढ़े हैं, जिससे अंबानी की संपत्ति 58 प्रतिशत बढ़कर 2570 अरब रुपये पर पहुंच गई है। उनकी यह संपत्ति यमन देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से 50 प्रतिशत अधिक है।

मुंबई - भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बचत खातों (सेविंग बैंक अकाउंट) में मिनिमम बैलेंस (minimum average monthly balance - MAB) की सीमा को 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है। देश के सबसे बड़े बैंक ने इसके साथ ही इस सीमा का पालन नहीं करने पर जुर्माना भी घटा दिया है। बैंक ने बयान में कहा कि संशोधित सीमा अनिवार्यता और शुल्क अक्टूबर से लागू होंगे। इन…
नई दिल्ली - सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं नैचुरल गैस निगम (ओ.एन.जी.सी.) सरकार की एच.पी.सी.एल. में 51.11 पर्सेंट की पार्टनरशिप के साथ खरीदेगी। यह सौदा बाजार मूल्य पर नवंबर या दिसंबर में संभव होगा।एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार सरकार चाहती है कि यह सौदा अक्तूबर में हो जाए। हालांकि ओ.एन.जी.सी. सौदे के लिए जरूरी धन जुटाने के लिए समय चाहती है। सरकार को इस सौदे से मौजूदा बाजार भाव…
रिलायंस जियो के नए 4जी फीचर फोन, जियोफोन की डिलीवरी रविवार 24 सिंतबर से शुरू हो जाएगी। कंपनी ने लीक से हटकर जियोफोन को पहले छोटो शहरों और कस्बों के बाजारों में उतारने का प्लान बनाया है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियोफोन को देश में डिजिटल गैप भरने वाला मोबाइल फोन बताया था। इसी वजह से कंपनी पहले ग्रामीण और सबअर्बन इलाकों पर फोकस कर रही है।क्या है…
वैश्विक बाजारों में कमजोरी के संकेत के बीच स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की सुस्त मांग के कारण राजाधानी के सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच बीते सप्ताह सोने की कीमत मामूली गिरावट के साथ 30,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं का उठाव कम होने के कारण चांदी की कीमत भी 900 रुपये की गिरावट के साथ 41,000 रुपये के स्तर से नीचे 40,500 रुपये…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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