कारोबार

कारोबार (2103)


नई दिल्ली - सरकार ने सभी डाकघर जमा खातों के लिए बायोमीट्रिक पहचान संख्या आधार को अनिवार्य कर दिया है। अब डाकघरों में लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) तथा किसान विकास पत्र (केवीपी) के लिए अपना आधार नंबर देना जरूरी होगा। मौजूदा जमाकतार्ओं को 12 अंक की अपनी विशिष्ट पहचान संख्या देने के लिए 31 दिसंबर, 2017 तक का समय दिया गया है।
वित्त मंत्रालय ने चार अलग गजट अधिसूचनाएं जारी कर सभी डाकघर जमा खातों, पीपीएफ, एनएससी और केवीपी खाते खोलने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया है। 29 सितंबर को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को आधार नंबर नहीं मिला है तो उसे अपने आधार नामांकन का प्रमाण देना होगा। इसमें कहा गया है कि मौजूदा जमाकतार्ओं जिन्होंने आवेदन के समय अपना आधार नंबर नहीं दिया है वे संबंधित डाकघर बचत बैंक या संबंधित कायार्लय में इसे 31 दिसंबर 2017 या उससे पहले जमा कराएं।
सरकार बैंक जमा खातों, मोबाइल फोन और कई अन्य सुविधाओं के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने पर जोर दे रही है। इसके पीछे का मकसद बेनामी सौदों तथा कालेधन पर अंकुश लगाना है। पिछले महीने सरकार ने सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आधार नंबर हासिल करने की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी थी। इससे पहले यह समयसीमा 30 सितंबर थी। इस विस्तार के दायरे में 35 मंत्रालयों की 135 योजनाएं आएंगी। इनमें गरीब महिलाओं के लिए मुफ्त रसोई गैस, केरोसिन और उर्वरक सब्सिडी तथा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मनरेगा योजनाएं आएंगी।


नई दिल्ली - रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि देश में रेलवे के पारिस्थितकी तंत्र से जुड़े समूचे क्षेत्र में कामकाज से एक साल के भीतर ही 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने यह बात विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के भारत आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
गोयल ने कहा कि रीयल एस्टेट संपत्तियों के मौद्रिकरण और मौजूदा निवेश योजनाओं को रफ्तार देने से रेलवे और इसके आसपास के पारिस्थितकी तंत्र में रोजगार के काफी अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, मेरा खुद का मानना है कि बेशक ये रेलवे में सीधी नौकरियां नहीं होंगी, लेकिन लोगों को जोड़कर और पारिस्थितकी तंत्र के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर एक साल में कम से कम दस लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
मंत्री ने कहा, सरकार रेलवे ट्रैक और सुरक्षा रखरखाव कार्यक्रम पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रही है। इनसे अकेले दो लाख रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, यदि मैं पाइपलाइन के निवेश को देखूं और उसे क्रियाशील करूं, तो इससे मौजूदा परियोजनाओं में 2-2.5 लाख रोजगार पैदा किए जा सकते हैं।
गोयल ने कहा, भारत में निवेश की अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते कि लोगों की मानसिकता बदले। कोयला क्षेत्र में यह बदलाव आया है और अब रेलवे की बारी है। उन्होंने कहा, गत वर्षों में योग, आयुर्वेद, क्रिकेट या बॉलीवुड इस बदलाव की कहानी कहते हैं। ब्रांड भारत का निर्माण हो रहा है। दुनिया अब भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में करती है, जो ईमानदारी से अपने वादे को पूरा करता है। मंत्री ने कहा, बड़ी संरचनाएं कमजोर आधार पर तैयार नहीं होती। इसलिए भारत को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होना होगा। साथ ही विकास की ऐसी रूपरेखा तैयार करनी होगी, जिससे दशकों तक संपन्नता सुनिश्चित हो सके।


नई दिल्ली - उपभोक्ताओं को जल्द ही मोबाइल में दर्जनों ई वैलेट एप रखने के झंझट से मुक्ति मिलेगी, क्योंकि उन्हें पेटीएम, मोबिक्विक, जैसे वैलेट से दूसरे पर भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। इससे आम आदमी और छोटे कारोबारियों के लिए लेनदेन में सहूलियत होगी। अभी पेटीएम, मोबिक्विक, पेजैप, फोनपे जैसे ई वैलेट के ग्राहक एक-दूसरे से लेनदेन नहीं कर सकते। आरबीआई ने बुधवार को नीतिगत बैठक के दौरान कहा कि वह ई वैलेट कंपनियों को एक-दूसरे के बीच भुगतान की इजाजत देगा। अभी यह सुविधा केवल यूपीआई आधारित सरकारी वैलेटों और बैंकों के पास ही है।
आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ईै वैलेट और यूपीआई प्लेटफार्म नेटबैंकिंग से लेनदेन को तेजी से पीछे छोड़ रहा है। इससे डेबिट-क्रेडिट कार्ड के जरिये प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों का लेनदेन भी प्रभावित हो रहा है। ज्यादातर कंपनियां भी यूपीआई पेमेंटगेटवे से भुगतान की सुविधा देने लगी हैं। इससे काला धन और हवाला कारोबार पर भी अंकुश लगा है।
प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को लाभ
आरबीआई का मानना है कि फ्रीचार्ज, ओलामनी, अमेजनपे जैसे निजी ई वैलेटों को सरकारी व यूपीआई आधारित वैलेटों जैसी सुविधा मिलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कंपनियों पर सबसे बेहतर पेशकश, कैशबैक, छूट देने की होड़ बढ़ेगी, जिससे ग्राहकों को लाभ मिलेगा। आईटी, ई कॉमर्स कंपनियों के अलावा मैसेजिंग एप और फेसबुक जैसी सोशल साइटें भी अपना ई वैलेट ला रही हैं।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलेगा
केंद्रीय बैंक के इस कदम से भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलना तय है। पेटीएम, मोबिक्विक ने इस कदम को बेहद उत्साहवर्धक बताया है। उनका कहना है कि इससे उन्हें ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
अभी कारोबार में दिक्कतें
अभी आपके पास पेटीएम हैं और आप किसी ऐसे दुकानदार से खरीदारी करते हैं, जो केवल फ्रीचार्ज से भुगतान स्वीकार करता है तो ग्राहक या तो खरीदारी नहीं करता है या फिर उसे नकद भुगतान करना पड़ता है। मदरडेयरी जैसे कुछ उपक्रम विशिष्ट वैलेट का ही इस्तेमाल करते हैं।
वैलेट से भुगतान बढ़ा
मोबाइल वैलेट : 2759 करोड़
यूपीआई से : 5293 करोड़
डेबिट-क्रेडिट कार्ड : 45,708 करोड़
5.7 प्रतिशत की गिरावट डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान में
डिजिटल पेमेंट में लगातार बढ़ोतरी
124 लाख करोड़ डिजिटल भुगतान सितंबर में
109.82 लाख करोड़ रुपये था अगस्त माह में
13.5 फीसदी बढ़ा ऑनलाइन लेनदेन भारत में
86.59 करोड़ लेनदेन हुए सितंबर के दौरान
3.08 करोड़ लेनदेन यूपीआई से, 85 % बढ़ा


नई दिल्ली - रजनीश कुमार को देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान एसबीआई चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य की जगह लेंगे, जिनका बढ़ा हुआ कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो रहा है।
वर्तमान में एसबीआई के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत कुमार को बैंक की एनपीए से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 7 अक्तूबर से या कार्यभार संभालने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिये रजनीश कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। 59 वर्षीय कुमार 26 मई 2015 को एसबीआई बोर्ड से जुड़े थे।
जानिए रजनीश कुमार के बारे में
आधिकारिक बायोडेटा के मुताबिक इस नियुक्ति से पहले वह अनुपालन और जोखिम विभाग के प्रबंध निदेशक, एसबीआई कैपिटल मार्केटस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा प्रबंध निदेशक के पद पर थे। कुमार ने फाइनेंस परियोजना और लीजिंग स्ट्रैटेजिक बिजनेस यूनिट के मुख्य महाप्रबंधक के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा उन्होंने कनाडा और ब्रिटेन में दो अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाने समेत विभिन्न व्यापारिक कार्यक्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पिछले साल बढ़ाया गया था अरुंधति का कार्यकाल
भट्टाचार्य वर्ष 2013 में एसबीआई की पहली महिला चेयरमैन बनी थीं। पिछले साल अक्तूबर महीने में उनका कार्यकाल एक साल के लिये बढ़ाया गया था।
रजनीश के सामने चुनौती
उल्लेखनीय है कि बड़ी संख्या में बैंकों को गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) से जुड़े मामलों का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 के अंत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए बढ़कर 6.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो एक साल पहले 5.02 लाख करोड़ रुपये था।

 


नई दिल्ली - चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो को भारत में सिंगल ब्रांड रिटेल स्टोर्स खोलने के लिए ग्रीन सिग्नल मिल गया है। अब कंपनी सीधे भारतीय ग्राहकों को अपने मोबाइल फोन बेच सकेगी। बताते चलें कि स्मार्टफोन की खरीदारी के लिए भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है।
गौरतलब है कि फॉरेन इनवेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल (एफआईएफपी) ने मंगलवार को Oppo को भारत में अपने स्टोर्स खोलने की अनुमति दी थी। अब सरकार की तरफ से अंतिम मुहर लगने के बाद ओप्पो अपने मौजूदा होलसेल रिटेल रूट के अलावा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से अपने स्मार्टफोन भारत में बेच पाएगी। इससे पहले कंपनी कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर मॉडल का इस्तेमाल करते हुए फ्रेंचाइजीज के माध्यम से अपने स्मार्ट डिवाइस भारत में बेच रही थी।
मार्केट इंटेलीजेंस फर्म इंटरनेशनल डेटा कॉरर्पोरेशन (आईडीसी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक जून 2017 के आंकड़ों के मुताबिक ओप्पो भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चौथी सबसे बड़ी कंपनी है। ओप्पो की नोएडा में एसेंबली यूनिट है, जिसमें जुलाई 2016 से प्रॉडक्शन शुरू हुआ था। कंपनी अपने उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा कंपनी एक मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना भी बना रही है।


नई दिल्ली - दालों के बफर स्टॉक को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को सस्ती दर पर दाल देगी। केंद्र ने सभी राज्यों को सस्ती कीमत पर दाल खरीदने का प्रस्ताव दिया है, पर सिर्फ चार राज्यों ने ही इसमें दिलचस्पी दिखाई है। ऐसे में सरकार केंद्र की योजनाओं में दाल मुहैया कराने की तैयारी कर रही है। कैबिनेट जल्द इस बारे में फैसला कर सकती है।
पिछले साल दाल की कीमतों में जबरदस्त उछाल के बाद केंद्र सरकार ने दाल का बफर स्टॉक बनाने का फैसला किया था। ताकि, कीमत बढ़ने पर हस्तक्षेप कर कीमतों पर अंकुश लगा सके। पर इस बार दाम नियंत्रण में हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की बफर स्टॉक की दाल का कोई खरीदार नहीं है। सरकार अब इसे बाजार में बेचने पर भी विचार कर रही है। ताकि, खराब होने से पहले दाल बेची जा सके।
केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सरकार 5.5 लाख टन दाल राज्य और केंद्रीय योजनाओं में देगी। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक को सस्ती दर पर 3.5 लाख टन दाल दी गई है। इसके साथ करीब दो लाख टन दाल मिड डे मील सहित केंद्र सरकार की कई योजनाओं के लिए दी जा सकती है। इसके साथ नीलामी के जरिए कुछ दाल को खुले बाजार में भी बेचा गया है।
हॉलमार्क के गहने
त्योहार के मौसम में मिलावट और धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्रीय खाद्य मंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इस सीजन में लोग बड़ी तादाद में आभूषण खरीदते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के माध्यम से आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग की योजना है। ऐसे में राज्यों के संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को उत्तम गुणवत्ता के आभूषण उपलब्ध हों।
मंत्रालय का कहना है कि बीआईएस हॉलमार्किंग कर रहा है। पर इसे सभी आभूषणों पर अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है। अभी बाजार में 9 से लेकर 22 कैरेट के सोने के जेवर बिकते हैं। पर हॉलमार्क के नियम लागू होने के बाद सिर्फ 14, 18 और 22 कैरेट के जेवर ही बिकेंगे। इस साल दिसंबर तक आभूषणों पर बनाने वाली कंपनी का नाम हॉलमार्क का निशान और कैरेट साफ शब्दों में लिखना जरूरी होगा।

नई दिल्ली - स्ट्रीट फूड वेंडर को खाने की सुरक्षा और गुणवत्ता के बारे में बताने के लिए केएफसी एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। क्लीन स्ट्रीट फूड कैंपेन के तहत केएफसी ने ये बेड़ा उठा है कि वो 500 स्ट्रीट फूड वेंडरों को ट्रेंड करेंगे। इस ट्रेनिंग में वो वेंडर्स को खाद्ध सुरक्षा और खाने की गुणवत्ता के बारे में जानकारी देंगे।पहले चरण में केएफसी 5 महीनों के…
नई दिल्ली - कतर एयरवेज ने भारतीय यात्रियों को विशेष तोहफा दिया है। इस विशेष पेशकश से भारतीय नागरिक वाह-वाह कर उठेंगे। यह पेशकश महज 25 दिसंबर तक वैध है। इसलिए मौके का लाभ उठाने वाले यात्रियों को इस दिशा में थोड़ा जल्दी कदम उठाने की जरूरत होगी। इस मौके का फायदा उठाकर भारतीय अपनी मनपसंद जगह पर कम रुपयों में आसानी से सैर-सपाटा कर सकेंगे। यह भी तय है…
नयी दिल्ली - एशिया के सबसे बड़े कॉफी उत्पादक एवं नियार्तक भारत में रकबा बढ़ने के कारण विपणन वर्ष 2017-18 में कॉफी उत्पादन रिकॉर्ड 3.50 लाख टन होने का अनुमान है। कॉफी बोर्ड ने फसल का पहला पूवार्नुमान जारी करते हुए कहा कि फली लगने से पहले किये गये अनुमान के हिसाब से इस विपणन वर्ष में 3.50 लाख टन कॉफी का उत्पादन होगा। इसमें अरेबिका किस्म का उत्पादन 1.03…
नई दिल्ली - ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेजन ने बुधवार से एक बार फिर सेल की शुरुआत की है। इस सेल में वेबसाइट ने कई ऑफर्स दिए हैं। कंपनी एप्पल आईफोन 6 (32जीबी) पर तकरीबन आठ हजार रुपये का डिस्काउंट दे रही है। यह फोन ग्राहक को 20,999 रुपये में मिल रहा है। वहीं, 77,000 रुपये में लॉन्च हुए 256 जीबी वैरिएंट वाले आईफोन 8 की कीमत 74,999 रुपये रखी गई…
Page 9 of 151

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें