कारोबार

कारोबार (1642)

जीमेल पर 25 एमबी से बड़ी फाइल भेजने के लिए गूगल ड्राइव का इस्तेमाल करना पड़ता है। यहां बड़ी फाइलें अपलोड करने में एक घंटे तक का समय लग सकता है। अगर आप अपने दोस्तों को बेहद आसानी से बड़ी फाइलें भेजना चाहते हैं तो इसके लिए इंटरनेट पर कई वेबसाइट मौजूद हैं। इन साइटों के जरिए कई जीबी की फाइल मिनटों में भेजी जा सकती है।
70 सेकेंड में अपलोड होगी एक जीबी की फाइल:-इंटरनेट पर मौजूद कुछ वेबसाइट जीमेल और याहू के मुकाबले कई गुना तेजी से फाइल अपलोड करती हैं। फाइलमेल डॉट कॉम के जरिए 15 एमबी साइज की फाइल को एक सेकेंड में अपलोड किया जा सकता है। यानि डेढ़ घंटे की औसत क्वालिटी की फिल्म को अपलोड करने में सिर्फ 50 सेकेंड का समय लगेगा। एक जीबी की फाइल को लगभग 70 सेकेंड में अपलोड किया जा सकता है। ‘प्लस ट्रांसफर’ वेबसाइट पर बिना अकाउंट बनाए 21 जीबी की फाइल भेज सकते हैं। इसी तरह फाइल्सटूफ्रेंड्स नाम की वेबसाइट से पांच जीबी की फाइल भेजी जा सकती है।
डाउनलोड लिंक भेजती हैं साइट:-ये वेबसाइट दूसरे व्यक्ति तक फाइल पहुंचाने के लिए क्लाउड सेवा का इस्तेमाल करती हैं। एक बार फाइल अपलोड होने के बाद इन साइट के क्लाउड सर्वर में सेव हो जाती हैं। इसके बाद भेजी गई फाइल की एक यूआरएल लिंक तैयार होती है। इस लिंक को ईमेल में भेजा जाता है। जिस व्यक्ति को फाइल भेजी गई है वह इस लिंक पर जाकर भेजे गए डाटा को डाउनलोड कर सकता है। यह लिंक अधिकतम सात दिन तक काम करती है। सुरक्षा की वजह से वेबसाइट सात दिन बाद अपलोड हुईं फाइलों को अपने क्लाउड सर्वर से डिलीट कर देती हैं।
एेसे करें इस्तेमाल:-बड़ी फाइल भेजनी वाली अधिकतर वेबसाइटों पर बिना अकाउंट बनाएं डाटा भेजा जा सकता है। इन साइट पर जाने के बाद उस व्यक्ति का ईमेल एड्रेस देना होगा जिसे फाइलें भेजनी हैं। उसके बाद सीधे फाइल अपलोड कर सकते हैं। फाइल के अलावा अपना मैसेज और ईमेल एड्रेस भी दे सकते हैं। एक बार फाइल अपलोड होने के बाद ये साइट खुद ही उस व्यक्ति को मेल भेज देती हैं जिनका ईमेल वेबसाइट को सबमिट किया है। उस व्यक्ति को मेल में एक यूआरएल लिंक मिलेगी जहां से वह सारी फाइलें डाउनलोड कर सकता है।
इन वेबसाइटों का करें इस्तेमाल
साइट यूआरएल
फाइलमेल www.filemail.com
फाइल्स टू फ्रेंड्स www.filestofriends.com
प्लस ट्रांसफर www.plustransfer.com
ड्रॉप सेंड www.dropsend.com ​

 

 

जी हां, आईफोन पर 20,000 रुपए का डिस्काउंट आपने सही सुना। फ्लिपकार्ट अपनी एप्पल डे सेल के तहत आईफोन, मैकबुकप्रो, ऐपल वॉच और एप्पल के दूसरे उत्पादों पर जबरदस्त डिस्काउंट दे रहा है। आपके पास यह मौका सिर्फ तीन दिन है। सोमवार को यह सेल शुरू हुई है और बुधवार तक चलेगी। इस सेल में सबसे बड़ा डिस्काउंट आईफोन 7 256GB वेरियंट पर 20,000 रुपए का डिस्काउंट है।इस सेल के तहत फ्लिपकार्ट से आईफोन-7 256GB सिल्वर, ब्लैक, जेट ब्लैक , गोल्ड और रोज गोल्ड कलर में 59,999 में खरीदा जा सकता है। यही नहीं यहां पर दूसरे डिस्काउंट भी उपलब्ध हैं। अगर आप अपना फोन एक्सचेंज करवाते हैं तो 19 हजार रुपये तक का अतिरिक्त डिस्काउंट भी मिल सकता है। लेकिन यह आपके फोन पर निर्भर करेगा। यही नहीं एक्सिस बैंक बज क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने पर आपको 5 पर्सेंट एक्सट्रा ऑफर भी मिलेगा।इसके अलावा आईफोन 6 16GB को 25,990 में खरीदा जा सकता है और इस पर एक्सिस बैंक का ऑफर शामिल होगा। इसके साथ ही आईफोन-6s, आईफोन एसई और आईफोन 5s पर भी डिस्काउंट मिल रहे हैं। एप्पल मैकबुक एयर की बात करें तो यह 54,990 में एक्सिस बैंक बज क्रेडिट कार्ड ऑफर के साथ खरीदा जा सकता है। नई ऐपल मैकबुक प्रो रेंज पर 15 हजार रुपये तक का एक्सचेंज ऑफर है। इसके साथ ही एप्पल को दूसरे प्रॉडक्ट जैसे आईपोड, आईपोड डिवाइस, बीट्स हेडफोन और दूसरे एक्सेसरीज भी उपलब्ध हैं।

कई लोग कोल्ड ड्रिंक के दुष्प्रभावों से बचने के लिए उसकी जगह डायट सोडा लेते हैं। लेकिन एक नए अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने चेताया है कि डायट सोडा भी याददाश्त के लिए घातक हो सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा, कई लोग सोचते हैं कि कोल्ड ड्रिंक में काफी चीनी होती है इसलिए वे हानिकारक होती हैं। ऐसे लोग कोल्ड ड्रिंक की बजाय डायट सोडा लेते हैं। यह सच है कि रोज-रोज शुगरयुक्त पेय लेने से याददाश्त खराब हो सकती है। लेकिन रोज रोज डायट सोडा पीना भी सुरक्षित नहीं है। इससे डिमेंशिया और आघात का खतरा काफी बढ़ सकता है।
लत से बचना जरूरी :‘जर्नल ऑफ अल्जाइमर्स एंड डिमेंशिया’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, जो लोग शुगर युक्त कोल्ड ड्रिंक ज्यादा पीते हैं उनकी याददाश्त खराब हो जाने की आशंका ज्यादा होती है। ऐसे लोगों के मस्तिष्क का आयतन अपेक्षाकृत छोटा हो सकता है। उनका हिप्पोकैंपस भी अपेक्षाकृत छोटा हो सकता है। हिप्पोकैंपस मस्तिष्क का याददाश्त और सीखने की क्षमता से जुड़ा हिस्सा है।
डायट सोडा विकल्प नहीं : शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के बाद एक और अध्ययन किया, जिसमें पाया गया कि शुगर युक्त कोल्ड ड्रिंक के दुष्प्रभाव से बचने के लिए डायट सोडा अपनाना भी खतरनाक हो सकता है। अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ता मैथ्यू पेस ने कहा, हमारे नतीजों ने दिखाया कि अत्यधिक शुगर वाले या कृत्रिम मिठास वाले, दोनों तरह के पेयों और मस्तिष्क के क्षय में गहरा संबंध है। इनके ज्यादा उपभोग से उपापचय संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिनसे डिमेंशिया और मस्तिष्क और रक्तवाहिनियों से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
ज्यादा सेवन, ज्यादा खतरा : पेस ने कहा, हमने पाया कि जो लोग प्रति दिन तीन बार डायट सोडा लेते हैं उनके डिमेंशिया और आघात की चपेट में आने का खतरा ज्यादा था। शोधकर्ताओं के अनुसार इसमें अल्जाइमर्स बीमारी और इस्कीमिक आघात का खतरा भी शामिल है। इस्कीमिक आघात में मस्तिष्क की रक्त वाहिनियां बाधित हो जाती हैं। जबकि अल्जाइमर्स डिमेंशिया का सबसे आम रूप है, जिसमें याददाश्त का क्षरण हो जाता है।शोधकर्ताओं ने चार हजार से भी ज्यादा लोगों का अध्ययन कर यह नतीजा निकाला है। ये सभी लोग 30 साल से अधिक उम्र के थे। शोधकर्ताओं ने एमआरआई तकनीक से इन प्रतिभागियों के मस्तिष्क की स्कैनिंग की तथा इनकी दिमागी क्षमता का परीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने इन प्रतिभागियों पर करीब दस साल तक नजर रखी। पता चला कि जो प्रतिभागी रोज रोज और ज्यादा मात्रा में डायट सोडा लेते थे उनमें डिमेंशिया और आघात का खतरा ऐसा नहीं करने वालों के मुकाबले ज्यादा था। उनके मधुमेह की चपेट में आने की संभावना भी ज्यादा पाई गई।

स्कोडा ने पिछले महीने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार विज़न ई कॉन्सेप्ट से पर्दा उठाया था, उस दौरान कंपनी ने कहा था कि आने वाला समय इलेक्ट्रिक कारों का होगा, इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने साल 2025 तक पांच नई फुली इलेक्ट्रिक कारें लाने की जानकारी दी थी। खैर ये बात तो पुरानी हो गई है, अब ताज़ा जानकारी जुड़ी है सुपर्ब से, जिसका स्कोडा प्लग-इन-हाइब्रिड वर्जन लाने वाली है, तो स्कोडा सुपर्ब हाइब्रिड कब लॉन्च होगी और इस में क्या खासियतें समाई होंगी, जानेंगे यहां...स्कोडा ने इंटरनेशनल मार्केट के लिए ईकोफ्रेंडली कारों की रेंज उतारने का लक्ष्य रखा है, इन में सुपर्ब भी एक है। cardekho.com के मुताबिक सुपर्ब हाइब्रिड, कंपनी की देश में पहली हाइब्रिड कार होगी। कंपनी का कहना है कि इसे भारत में साल 2019 में उतारा जाएगा। यह फॉक्सवेगन पसात वाले प्लेटफार्म पर बनी होगी।कई लोगों का मानना है कि स्कोडा, हाइब्रिड कार लाने में काफी देरी कर रही है, वहीं स्कोडा का मानना है कि साल 2019 तक हाइब्रिड कारों की मांग में तेजी आएगी जिससे कंपनी को बिक्री बढ़ाने में कामयाबी मिलेगी, वहीं ज्यादा मांग के चलते कार की लागत भी कम आएगी।मौजूदा समय में स्कोडा सुपर्ब यहां पेट्रोल और डीज़ल इंजन में उपलब्ध है, डीज़ल सुपर्ब की मांग ज्यादा है। यहां इसका मुकाबला टोयोटा कैमरी और होंडा अकॉर्ड से है। ये दोनों ही कारें हाइब्रिड अवतार में भी आती है। कैमरी में डीज़ल इंजन का विकल्प नहीं मिलता है फिर भी इसे हर महीने सुपर्ब के बराबर बिक्री के आंकड़े मिल रहे हैं।कैमरी में पेट्रोल इंजन के साथ हाइब्रिड टेक्नोलॉजी दी गई है। इसके माइलेज का दावा 19.16 किमी प्रति लीटर है, जो सुपर्ब डीज़ल के 18.19 किमी प्रति लीटर के माइलेज़ से ज्यादा ही है। डीज़ल कारों को लेकर भी ट्रेंड बदल रहा है, लिहाजा ये बात भी सुपर्ब हाइब्रिड के पक्ष में जाएगी और जाहिर तौर पर बिक्री बढ़ाने में कारगर साबित होगी। सुपर्ब को स्थानीय स्तर पर तैयार किया जाता है, ऐसे में हमें नहीं लगता कि कंपनी को हाइब्रिड वर्जन के प्रोडक्शन में ज्यादा मेहनत करनी होगी। स्थानीय स्तर पर बनी होने की वजह से कीमत कम रखने में भी मदद मिलेगी।

 

भारती एयरटेल और वोडाफोन सहित सात दूरसंचार ऑपरेटरों के मोबाइल फोन ग्राहकों की संख्या मार्च में 56.8 लाख बढ़कर 89.52 करोड़ के पार पहुंच गई। इसमें दिसंबर, 2016 तक के नई कंपनी रिलायंस जियो के आंकड़े भी शामिल हैं। यदि जियो को अलग किया जाए तो मार्च, 2017 के अंत तक कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या 82.31 करोड़ बैठेगी।सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के आंकड़ों के अनुसार मार्च, 2017 के अंत तक मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 89.52 करोड़ को पार कर गई है। मार्च महीने में शुद्ध रूप से ग्राहकों की संख्या में 56.8 लाख का इजाफा हुआ।समीक्षाधीन महीने में भारती एयरटेल ने 30 लाख नए ग्राहक बनाए। उसके कुल ग्राहकों की संख्या 27.36 करोड़ हो गई। एयरटेल की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर 33.25 प्रतिशत हो गई।वोडाफोन के ग्राहकों की संख्या 20.90 करोड, आइडिया सेल्युलर के 19.53 करोड़ रही। रिलायंस जियो के ग्राहकों की कुल संख्या 7.21 करोड़ रही। माह के दौरान टेलीनॉर के ग्राहकों की संख्या 11.3 लाख घटी है। टेलीनॉर के कारोबार का एयरटेल ने अधिग्रहण किया है।

जून माह में ट्रेन से संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर एक मेगा एप के जरिए मिल सकेंगे जिसका नाम हिंदरेल रखा जा सकता है। इस मेगा एप में रेलवे के अभी तक के सारे एप शामिल किए जाएंगे। भारतीय रेलवे एक ऐसा नया एप बना रहा है जो कि ट्रेनों के आने, जाने, लेट होने , रद्द होने, प्लेटफॉर्म नंबर, रनिंग स्टेटस और सीट उपलब्धता के बारे में पूरी जानकारी देगा।इसके अलावा इससे टैक्सी, लाने ले जाने की सुविधा, रिटायरिंग रूम, होटल, टूर पैकेज, ई कैटरिंग और यात्रा से जुड़ी अन्य जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है। रेलवे ये सारी सुविधाएं सेवा प्रदाताओं के साथ राजस्व साक्षाकरण मॉडल के तौर पर उपलब्ध कराएगा। रेलवे के पास ट्रेन के जुड़ी भरोसेमंद सूचनाएं नहीं मिलने की यात्रियों की शिकायतों का अंबार रहता है खास तौर पर ट्रेनों के लेट होने के संबंध में।रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने स्वीकार किया कि ट्रेनों के लेट होने से जुड़ी सटीक जानकारियां देने में समस्याएं हैं। लेकिन अब नया एप इन मुददों का निपटारा कर सकेगा। उन्होंने कहा, नया एप जून में लांच किया जाएगा जो न सिर्फ सूचनाएं देगा लेकिन इसके जरिए ट्रेनों पर भी निगाह रखी जा सकेगी।वर्तमान में भारतीय रेलवे कई ऐसे एप चला रही है जो विभिन्न प्रकार की सेवाएं देती हैं। इसमें सीएमएस एप फॉर कम्पेन मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। इस एप के नाम के बारे में पूछे जाने पर जमशेद ने कहा,हमें उसे एक उचित नाम देना है लेकिन उस पर निर्णय नहीं हुआ है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत में पहली बार आर्थिक सुधारों को व्यापक जन समर्थन प्राप्त हुआ है। हाल के चुनाव नतीजे इसका संकेत देते हैं। जेटली ने यहां उनके सम्मान में अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना द्वारा दिए गए भोज में कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था के बारे में आज अहम बात यह है कि जहां तक आर्थिक सुधारों की बात है तो शायद पहली बार…
इंडियन रेलवे अपनी सभी ट्रेनों से AC-2 कोच खत्म करने की योजना बना रही है। वहीं, रेलवे इसकी जगह AC-3 कोच बढ़ाएगी। हाल में रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सिर्फ AC-3 कोच ही सबसे ज्यादा मुनाफा कमा कर देता है। इसीलिए माना जा रहा है कि रेलवे नॉन-एसी स्लीपर कोच की संख्या घटाकर भी AC-3 कोच बढ़ाए जा सकते हैं और कम रिस्पॉन्स के चलते 143 ट्रेनों…
पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोल व डीजल की होम डिलीवरी शुरू करने पर विचार कर रहा है ताकि पेट्रोल पंपों पर भीड़ को कम किया जा सके। मंत्रालय ने सोशल मीडिया टिवटर पर यह जानकारी दी। इसके अनुसार पहले बुकिंग करवाने पर पेट्रोल व डीजल की होम डिलीवरी शुरू की जा सकती है।इसके अनुसार हर दिन 3.5 करोड़ लोग देश भर में 59,595 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल डीजल खरीदने जाते हैं। इस…
मार्च माह के 4जी स्पीड के आंकड़ों में नई दूरसंचार सेवाप्रदाता रिलायंस जियो ने शीर्ष स्थान पाया है। कंपनी की औसत 4जी डाउनलोड स्पीड 16.48 मेगाबिट प्रति सेकेंड (एमबीपीएस)रही जो उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी आइडिया सेल्युलर और भारती एयरटेल की इसी अवधि की औसत डाउनलोड से लगभग दोगुनी रही।दूरसंचार क्षेत्र नियामक भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अपनी मासिक रपट में यह जानकारी दी है। रपट के अनुसार मार्च में जियो…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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