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नई दिल्ली - आदित्य बिरला के आइडिया पेमेंट बैंक ने काम करना शुरू कर दिया है। अगस्त 2015 में पेमेंट बैंक का संचालन शुरू करने के लिए करीब 11 कंपनियों को लाइसेंस दिए गए थे। इससे पहले तीन और कंपनियां अपने पेमेंट बैंक का संचालन शुरू कर चुकी हैं। रिजर्व बैंक की ओर से जारी की गई रिलीज में कहा गया है कि आदित्य बिरला का आइडिया पेमेंट बैंक 22 फरवरी 2018 से ही संचालन में आ चुका है।
आइडिया का पेमेंट बैंक चौथी कंपनी: पेमेंट बैंक की सेवा देने के मामले में आइडिया चौथी कंपनी है। इससे पहले एयरटेल पेमेंट बैंक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक और फिनो पेमेंट बैंक अपना संचालन शुरू कर चुके हैं। इंडिया पोस्ट का पेमेंट बैंक भी जल्द ही अपनी सेवाएं शुरू कर सकता है।
पेमेंट बैंक खोलने वाली दूसरी टेलिकॉम कंपनी बनी आइडिया: टेलिकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपन भारती एयरटेल पहली ऐसी टेलिकॉम कंपनी थी जिसने नवंबर 2016 में अपना संचालन शुरू कर दिया था। इस कड़ी में इस तरह के क्षेत्र में उतरने वाली आदित्य बिरला की आइडिया सेल्युलर दूसरी टेलिकॉम कंपनी है।
RBI ने किन्हें दिया था लाइसेंस:
-आदित्य बिरला नूवो लिमिटेड
-एयरटेल एम कॉमर्स सर्विस लिमिटेड
-कोलमंडलम डिस्ट्रीब्यूशन सर्विस लिमिटेड
-डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट
-फीनो पेटैक लिमिटेड
-नेशनल सिक्योरिटी डिपॉडिटरी लिमिटेड
-रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड
-दिलीप शांतिलाल शांघवी
-विजय शेखर शर्मा
-टेक महिंद्रा लिमिटेड
-वोडाफोन एमपैसा लिमिटेड
जियो और नेशनल सिक्योरिटी डिपॉडिटरी लिमिटेड भी तैयार: यह जानकारी भी सामने आ रही है कि रिलायंस जियो भी जल्द अपना पेमेंट बैंक शुरू कर सकती है। वहीं नेशनल सिक्योरिटी डिपॉडिटरी लिमिटेड का पेमेंट बैंक मार्च के अंत तक शुरू हो सकता है।
क्या होते है पेमेंट बैंक: ये छोटे प्रकार के बैंक होते हैं, जो मुख्य रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाते हैं, इसमें सुविधाओं का लाभ लेने के लिए परंपरागत रुप से बैंक ब्रांच तक पहुंचने की जरूरत नहीं होती है।

 

नई दिल्ली - पंजाब नेशनल बैंक में करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद अब करीब 10,000 क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों के डेटा लीक होने की खबरें आ रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार डेबिट और क्रेडिट कार्डधारकों की संदेवदनशील जानकारी कहीं बेची जा रही थीं।
तीन महीने से लीक हो रहा है डेटा
एशिया टाइम्स रिपोर्ट के मुताबिक सिक्योरिटी एक्सपर्ट का मानना है कि लगातार तीन महीने से पीएनबी के ग्राहकों की जानकारी एक वेबसाइट के जरिए बेची जा रही थी। हॉन्ग कॉन्ग के इस इंग्लिश के अखबार की मानें तो बुधवार रात को बैंक को क्लाउडसेक इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ने इस बात की सूचना दी। ये कंपनी सिंगापुर में रजिस्टर्ड है और इसका एक ऑफिस बेंगलुरू में भी है। ये फर्म डेटा ट्रांजेक्शन पर निगरानी रखती है।
डार्क-डीप वेब से हुआ खुलासा
न्यूज साइट के चीफ टेक्निकल ऑफिसर का कहना है कि हमारा क्राउलर जो डार्क-डीप वेब में है। ये वो वेबसाइट्स है जो इंटरनेट पर हैं लेकिन गूगल में या फिर किसी और सर्च इंजन में इंडेक्स नहीं है। ये डेटा को गैर कानूनी तरीकों से खरीदती और बेचती हैं। हमारे क्राउलर ने ऐसे डेटा को पहचाना और इसे हमारे मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर में भेजा। अगर ये संदेहास्पद होता है या फिर क्लाइंट के हित में है तो हम इस पर तत्काल कार्रवाई करते हैं। खबरों की मानें तो पीएनबी के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी टीडी वीरवानी ने कहा कि बैंक डेटा के मामले में सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।
डेटा लीक से ऐसे बचें
मजबूत पासवर्ड
आपका पासवर्ड मजबूत होना चाहिए। नाम, पता, डेट ऑफ बर्थ का इस्तेमाल कभी मत करें। पासवर्ड बनाते वक्त इनके कैरेक्टर बड़े-छोटे क्रम में रखें। कैपिटल-स्मॉल लेटर्स, नंबर्स-स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल जरूर करें। लंबा और उलझाऊ पासवर्ड आपके पैसों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कुछ समय बाद पासवर्ड बदलना ना भूलें। हर अकाउंट का पासवर्ड अलग-अलग बनाना चाहिए।
हमेशा लॉक रखें डिवाइस
लैपटॉप, मोबाइल-टैबलेट सभी को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड, पैटर्न, पिन, फेस आईडी, फिंगरप्रिंट स्कैनर जैसी सुरक्षाओं के विकल्प का इस्तेमाल करें।
ऐप को जानने के बाद ही परमिशन दीजिए
किसी भी नए ऐप को डाउनलोड इंस्टॉल करने से पहले उसके बारे में रिसर्च कर लें। सुरक्षा के मायनों में खरा उतरने के बाद ही इंस्टॉल पर क्लिक करें। अगर आपको लगता है कि परमिशन नहीं देनी चाहिए तो उस ऐप को डाउनलोड मत करें। पुराने ऐप्स जिन्हें आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं उन्हें जरूर अनइंस्टॉल कर दें। ऐसे ऐप आपके सिस्टम में पड़े-पड़े आपकी डिटेल्स जुटाते रहते हैं।
वाईफाई है रिस्की
पब्लिक कनेक्शन से कनेक्ट होने से पहले कई बार सोचें। पब्लिक स्पेस का वाईफाई इस्तेमाल करना आपकी सुरक्षा को कमजोर करता है। खुद का डेटा इस्तेमाल करना बेहतर और सुरक्षित विकल्प है। ऐसा इसलिए क्योंकि पब्लिक वाईफाई कनेक्शन कमजोर होते हैं और यह आसानी से हैक किए जा सकते हैं। पब्लिक वाईफाई इस्तेमाल कर भी रहे हैं तो इस दौरान निजी जानकारी मत डालें। किसी बैंकिंग-महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट में लॉगिन मत करें।

 


होली आने वाली है और ऐसे समय कई एयरलाइन्स टिकटों पर भारी डिस्काउंट दे रही है। इस बार होली शुक्रवार को है और इसके साथ ही वीकेंड भी आ गया है। ऐसे में एयरलाइन्स कंपनियां कई ऑफर लेकर आई है।
इन कंपनियों ने निकाला ऑफर
जिन कंपनियों ने होली पर अपना खास ऑफर निकाला है, उनमें जेट एयरवेज, गो एयर और एयर एशिया शामिल हैं। गो एयर में जहां 990 से किराये की शुरुआत हैं, वहीं एयर एशिया भी 20 फीसदी की छूट दे रहा है। जेट एयरवेज भी प्रीमियम और इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने पर 20 फीसदी की छूट दे रहा है।
गो एयर का 990 रुपए का ऑफर
गोएयर पर 990 रुपये से फेयर शुरू हो रहा है। कुछ रूट्स पर इसका किराया 1400 रुपये भी है। किराये पर यात्रियों को 10 फीसदी की छूट भी मिलेगी। बागडोगरा से गुवाहाटी का किराया 990 रुपये है, वहीं चेन्नई से कोच्च‍ि 1,120 रुपये, गुवाहाटी से बागडोगरा 1,291 रुपये, बंगलूरू से कोच्च‍ि 1,390 रुपये और कोच्च‍ि से बंगलूरू 1,390 रुपये है।
विदेश यात्रा पर 20 फीसदी की छूट
एयर एशिया ने विदेश यात्रा के लिए इच्छुक लोगों के लिए 20 फीसदी की छूट दे रही है। इसके लिए आपको 25 फरवरी तक टिकट बुक कराना होगा। घरेलू फ्लाइट की टिकट बुक कराने के लिए भी यही नियम लागू होगा। इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए आपको इस ऑफर के तहत शामिल रूट चुनने होंगे।
जेट एयरवेज का ऑफर
23 फरवरी तक जेट एयरवेज ने अपने यात्रियों के लिए ऑफर निकाला है। इस दौरान आप 24 फरवरी से 24 मार्च के बीच सफर करने के लिए टिकट बुक कर सकते हैं। बाकी रूट्स और अन्य नियम और शर्तो के बारे में आप जेट एयरवेज की साइट पर जाकर के जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


नई दिल्ली - अब तक की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी से जूझ रहे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने कहा है कि उसके पास इतनी परिसंपत्ति और पूंजी है कि वह इस मामले में सभी देनदारियां पूरी कर सकता है। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) ने इस मामले में पीएनबी ने स्पष्टीकरण मांगा था।
नीरव मोदी का तर्क गलत
पीएनबी ने बीएसई द्वारा 11,400 करोड़ रुपये की फर्जी लेनदेन का बैंक की वित्तीय और संचालन स्थिति पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में गुरुवार को यह बयान दिया। बीएसई ने यह भी पूछा था कि मामले के मुख्य आरोपी नीरव का कहना है कि पीएनबी ने इसे सार्वजनिक करके ऋण वसूली के सभी विकल्प खत्म कर दिए हैं। इस पर बैंक ने कहा कि नीरव मोदी का यह तर्क गलत है क्योंकि बैंक ने अपनी ऋण वसूली के लिए सिर्फ कानूनी रास्ता ही अपनाया है।
शुरुआत में राशि कम बताने पर उठाया सवाल
स्टॉक एक्सचेंज ने कहा कि शुरुआत में बैंक ने 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी रिपोर्ट की लेकिन इसके बाद उसने बीएसई को 11,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी दी। इस पर पीएनबी ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने अपने निदेशक मंडल और बीएसई तथा एनएसई को पांच फरवरी को 280.70 करोड़ रुपये की धोखधड़ी की जानकारी दी। लेकिन, आगे की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यह राशि बढाकर 11,394.02 करोड रुपये (1.77 अरब डॉलर) की गई । इसी के बाद 13 फरवरी की शाम को केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) में एफआईआर दर्ज कराया गया और अगले दिन 14 फरवरी की सुबह दोनों शेयर बाजारों को इस बाबत जानकारी दी गई। पीएनबी ने यह भी बताया कि उसने पहले बीएसई और एनएसई को एफआईआर की जानकारी नहीं दी क्योंकि इस बाबत सार्वजनिक खुलासा होने से धोखाधड़ी करने वाला सचेत हो जाता जिससे ऋण वसूली पर असर पड़ता।


नई दिल्ली - भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पेमेंट बैंकों के लिए केवाईसी नि‍यमों को सख्‍त कर दि‍या है। आरबीआई ने एक नोट में कहा है कि जिन टेलि‍कॉम कंपनि‍यों के पास पेमेंट बैंक का लाइसेंस है उन्‍हें स्वतंत्र तरीके (अलग) से अपने ग्राहक की केवाईसी औपचारि‍कताओं को पूरा करना होगा। टेलि‍कॉम यूजर बेस के लि‍ए कि‍या गया केवाईसी आरबीआई की गाइडलाइंस के तहत वैध नहीं है।
इस नियम के तहत करनी होगी केवाईसी
पेमेंट बैंकों के लि‍ए आरबीआई की ओर से जारी कि‍ए गए एक नोट में कहा गया है कि‍ टेलि‍कॉम कंपनि‍यां आरबीआई के तहत रेग्‍युलेटेड कंपनि‍यां नहीं है, इसलि‍ए केवाईसी को अनुमति‍ नहीं दी जा सकती और इन बैंकों को बैंक खाता खोलने के लि‍ए अपने ग्राहक की दोबारा से केवाईसी करनी होगी जोकि‍ एंटी मनी लॉन्‍डरिंग (PML) कानून के अधीन है।
टेलीकॉम कंपनी की केवाईसी पर भरोसा नहीं
रिजर्व बैंक ने कह है कि टेलि‍कॉम कंपनि‍यां आरबीआई द्वारा रेग्‍युलेटेड नहीं है और एंटी मनी लॉन्‍डरिंग एक्‍ट में नहीं आती हैं। इसलि‍ए पेमेंट बैंकों की ओर से कि‍ए गए केवाईसी पर भरोसा नहीं कि‍या जा सकता है। हालांकि, आरबीआई ने नोट में यह भी कहा कि‍ रेग्‍युलेटेड कंपनि‍यां कस्‍टमर्स की पहचान करने के लि‍ए थर्ड पार्टी का वि‍कल्‍प चुन सकती हैं।


नई दिल्ली - क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर सर्विस ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद उसकी साख के मौजूदा स्तर को तौलना शुरु किया है और एजेंसी सरकारी क्षेत्र के इस बैंक की साख घटा सकती है। जबकि एक अन्य एजेंसी फिच ने भी रेटिंग घटाने के संकेत दिए हैं। साख घटने का मतलब है कि बाजार से धन उठाने की उसकी लागत बढ़ सकती है।
क्या है मौजूदा स्थिति
पीएनबी को मूडीज ने अभी स्थिर परिदृश्य के साथ बीएए2 रेटिंग दिया हुआ है। मूडीज ने कहा कि उसने बैंक की साख की समीक्षा शुरू की है और इसमें घोटाले के वित्तीय प्रभाव के समय एवं परिमाण, बैंक की पूंजीगत स्थिति को सुधारने के लिए उठाये गये कदम तथा नियामकों द्वारा बैंक के खिला की गई कार्रवाइयों पर को ध्यान में रखा जाएगा।
बढ़ सकती हैं बैंक की मुश्किलें
मूडीज ने कहा है कि धोखाधड़ी से हुए नुकसान का आकलन नियमों के आधार पर किया जाना है लेकिन हमारा मानना है कि इसके बड़े हिस्से के बराबर पूंजी का प्रावधान पीएनबी को करना पड़ेगा। इससे बैंक का मुनाफा भी दबाव में आएगा। मूडीज ने कहा कि यदि बैंक को पूरी पूंजी का प्रबंध करना पड़ा तो उसकी स्थिति काफी खराब होगी और नियामकीय जरूरतों के स्तर से नीचे आ जाएगी।
फिच ने निगेटिव श्रेणी में डाला
रेटिंग एजेंसी फिच ने 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले के सामने आने के बाद पीएनबी को रेटिंग वाच निगेटिव श्रेणी में रख दिया। यह पीएनबी की रेटिंग घटाने का संकेत हो सकता है। उसने कहा कि बैंकिंग इतिहास के इस सबसे बड़े घोटाले से आंतरिक एवं बाह्य जोखिम नियंत्रण तथा प्रबंधकीय निगरानी पर सवाल खड़े होते हैं क्योंकि कई साल तक यह पकड़ में नहीं आ सका। फिच के अनुसार व्यावहारिकता रेटिंग से किसी वित्तीय संस्थान की ऋण विश्वसनीयता का पता चलता है तथा यह संबंधित निकाय की असफलता का सूचक होता है।
रेटिंग का विश्लेषण होगा
फिच ने कहा है कि फिच नियंत्रण की असफलता के बारे में चीजें स्पष्ट होने तथा पीएनबी की वित्तीय स्थिति पर इसके असर को देखने के बाद एक बार फिर रेटिंग वाच का विश्लेषण करेगा। फिच ने कहा कि इस घोटाले से बैंक की छवि को धक्का पहुंचा है और इसका पूंजी बाजार पर भी असर हुआ है। उसने कहा कि वह पीएनबी की जिम्मेदारियों, संभावित वसूली तथा आंतरिक एवं बाह्य स्रोतों से नयी अतिरिक्त पूंजी के प्रबंध की निगरानी करेगा ताकि वह तय कर सके कि बैंक की वित्तीय स्थिति मौजूदा रेटिंग के स्तर की है या नहीं। हालांकि फिच ने कहा कि इस घोटाले से बैंक के सपोर्ट रेटिंग फ्लोर पर असर पड़ने की आशंका कम है क्योंकि दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक होने के नाते यह बैंकिंग प्रणाली में काफी महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली - वेनेजुएला ने गहराते आर्थिक संकट से बाहर आने की कोशिशों के बीच गैरपारंपरिक कदम उठाते हुए तेल आधारित क्रिप्टोकरेंसी 'पेट्रो की शुरुआत की है। यह सरकारी मान्यता प्राप्त विश्व की पहली क्रिप्टोकरंसी है।20 घंटे में पेट्रो को 73.5 करोड़ डॉलर के मिले खरीदारवेनेजुएला की वामपंथी सरकार ने शुरुआती बिक्री के लिए पेट्रो की 3.84 करोड़ इकाइयां पेश की हैं। इसकी बिक्री 19 मार्च तक चलेगी। प्रधानमंत्री निकोलस…
नई दिल्ली - देश में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या जून तक बढ़कर 50 करोड़ के पार पहुंच जाएगी। यह गत दिसंबर में 48 करोड़ 10 लाख थी। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में 64.84 प्रतिशत आबादी इंटरनेट का इस्तेमाल करती है और उनकी संख्या जून तक बढ़कर 30 करोड़ 40 लाख पर…
नई दिल्ली - कायदे-कानून का पालन किए बिना संचालित जमा योजनाओं के जरिए भोले भाले निवेशकों के साथ ठगी पर रोक लगाने के उद्येश्य से केंद्र सरकार संसद में एक नया विधेयक पेश करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 'चिट फंड अधिनियम' में संशोधन का भी निर्णय लिया गया ताकि लोगों को अन्य वित्तीय निवेश योजनाओं में धन लगाने का एक अधिक व्यवस्थित अवसर…
नई दिल्ली - आयकर विभाग ने करीब दो लाख खाताधारकों को नोटिस जारी किया है। इन लोगों ने नोटबंदी के बाद अपने खाते में 20 लाख रुपये से अधिक रकम कराने के बावजूद टैक्‍स रिटर्न नहीं भरा है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसे लोगों को नोटिस भेजा गया है जिन्‍होंने अपने खाते में बड़ी राशि जमा कराई है और टैक्‍स रिटर्न फाइल भी नहीं किया…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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