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पेट्रोल और डीजल का नया विकल्प आएगा!


नई दिल्ली - केंद्र सरकार पेट्रोल एवं डीजल के विकल्प लाने पर विचार कर रही है। मेथानॉल को पेट्रोल का और डाई मिथाइल ईथर (डीएमई) डीजल का विकल्प बनाया जाएगा। पेट्रोल-डीजल की तरह ये खनिज नहीं हैं बल्कि हाइड्रोकार्बन पदार्थ हैं जो प्राकृतिक गैस, बायोमॉस एवं कोयले से प्राप्त होते हैं। सरकार का मानना है कि ये वैकल्पिक ईधन कम प्रदूषणकारी एवं सस्ते होंगे। नीति आयोग के वैज्ञानिक सलाहकार वीके सारस्वत के नेतृत्व में मेथानॉल एवं डीएमई के इस्तेमाल का रोडमैप तैयार करने के लिए कई टास्क फोर्स गठित की गई हैं।
एक टास्क फोर्स विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मंत्रालय की एजेंसी प्रौद्यौगिकी सूचना, पूर्वानुमान एवं मूल्यांकन परिषद (टाईफैक) के कार्यकारी निदेशक प्रभात रंजन के नेतृत्व में बनी है। पहली बैठक में रंजन ने कहा कि मेथानॉल एवं डीएमई को मौजूदा वाहनों में बिना किसी बदलाव के 15 फीसदी तक पेट्रोल एवं डीजल के साथ मिलाया जा सकता है। मेथानॉल एवं डीएमई का इस्तेमाल अभी देश में रसायन उद्योग में होता है। इनका खासा उत्पादन भी होता है। लेकिन जितना उत्पादन होता है खपत उससे ज्यादा है। इसलिए विदेशों से भी मंगाया जाता है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि ये ऐसे पदार्थ हैं जिन्हें जितनी मात्र में चाहें उत्पादन कर सकते हैं। दुनिया का 55 फीसदी मेथानॉल अकेले चीन पैदा करता है।
आपको बता दें कि विदेशों से आयातित मैथानॉल की कीमत 16 रुपये प्रति किलोग्राम है। नीति आयोग की योजना है कि 2022 तक पेट्रोल और डीजल में 15 फीसदी मेथानॉल एवं डीएमई मिलाया जाए। इसके बाद देश मेथानॉल अर्थव्यवस्था में क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।
क्या होंगे फायदे
हरित ईंधन- पूरी तरह से सल्फरमुक्त होने के कारण मेथानॉल पेट्रोल एवं डीजल की तुलना में यह काफी हद तक हरित ईंधन है।
प्रदूषण कम- ये ईंधन धुआं कम पैदा करते हैं साथ ही कम पीएम उत्सर्जित करते हैं। इन्हें कोयले और बायोमॉस से प्राप्त किया जाता है।
देश में उत्पादन- कोयला बिजली उत्पादन के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि उसमें 40 फीसदी तक राख है। लेकिन उससे मैथानॉल तैयार हो सकता है।
सस्ता विकल्प- मेथॉनाल और डीएमई की उत्पादन लागात पेट्रोल-डीजल की तुलना में काफी कम होने के कारण यह सस्ता विकल्प है।


नई दिल्ली - प्राइवेट सेक्टर के बैंक ICICI ने पेटीएम के साथ मिलकर एक करार किया है, जिसके तहत बिना ब्याज का छोटा लोन दिया जाएगा। इसके लिए आपको ICICI बैंक का कस्टमर होना होगा। इसके बाद यदि आप 20 हजार रुपए तक की खरीदारी पेटीएम के जरिए लोन लेकर करते हैं, तो आपको 45 दिनों तक कोई ब्याज नहीं देना होगा।
नई सेवा के जरिए अब कोई भी रोजमर्रा की चीजों का पेमेंट करने के लिए 20,000 रुपए तक डिजिटल क्रेडिट मिलेगा। इस नई सेवा को पोस्टपेड सेवा नाम दिया गया है। इसकी मदद से उपभोक्ता अपनी जरूरतों की चीजें जैसे बिजली-पानी का बिल, ग्रॉसरी का बिल डिजिटल क्रेडिट पर मिले इस लोन से कर सकेंगे।
बैंक के मुताबिक, 45 दिनों के बाद यदि पैसा वापस नहीं किया जाता है तो कस्टमर को 50 रुपए लेट फीस और 3 फीसद ब्याज के साथ रकम लौटानी होगी। पेटीएम-ICICI बैंक पोस्टपेड नाम का ये डिजिटल क्रेडिट अकाउंट तुरंत ऐक्टिवेट हो जाएगा और बैंक का दावा है कि जरूरत पड़ने पर ग्राहकों को तुरंत पैसा ट्रांसफर हो जाएगा।
एक बार में आप 20 हजार रुपए तक का लोन ले सकते हैं और अगली बार इसका इस्तेमाल बकाया चुकता होने पर ही कर सकते हैं। लोन कितनी बार ले सकते हैं इस पर कोई सीमा नहीं है, लेकिन पेटीएम-ICICI बैंक पोस्टपेड कार्ड पर बकाया राशि लिमिट तय है।
पेटीएम-ICICI बैंक पोस्टपेड के लिए किसी डॉक्युमेंटेशन या बैंक ब्रान्च में जाने की जरूरत नहीं है। यह एक प्राइवेट क्रेडिट कार्ड की तरह काम करता है। इस सर्विस के तहत ICICI बैंक ग्राहकों को 3000 रुपए से लेकर 20,000 रुपए तक का क्रेडिट मिल सकता है। हालांकि, यह लिमिट ग्राहक के क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करेगी। जिसका क्रेडिट स्कोर जितना अच्छा होगा, उसे उतना ज्यादा लोन मिलेगा।


नई दिल्ली - खुले बाजार में दालों की गिरती कीमतों के बीच सरकार ने गुरुवार को सभी तरह की दालों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध समाप्त कर दिए। इस व्यवस्था से किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर लाभ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिंमंडल की बैठक यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सभी प्रकार के दलहनों का निर्यात खोले जाने से किसानों को उनकी कृषि उपज के लिए लाभकारी दाम मिल सकेंगे। इससे उन्होंने बुवाई के रकबे को बढ़ाने में प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने सभी प्रकार की दलहनों के निर्यात पर लगी रोक हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसानों को अपने उत्पादों का विपणन करने के कई तरह के विकल्प प्राप्त हो सके। दलहनों का निर्यात, दलहनों के अतिरिक्त उत्पादन के लिए एक वैकल्पिक बाजार प्रदान करेगा। इससे देश और निर्यातकों को उनका निर्यात बाजार फिर से हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव की अगुवाई वाली समिति को दलहन निर्यात एवं आयात नीति की समीक्षा करने के लिए अधिकत किया गया। उन्हें मात्रात्मक प्रतिबंध, पूर्व पंजीकरण और घरेलू उत्पादन एवं मांग के आधार पर आयात शुल्क में बदलाव, स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय कीमतें तथा वैश्विक व्यापार के आकार जैसे उपायों उप विचार करने को कहा गया।

 


नई दिल्ली - फोर्ब्स मैगजीन ने बुधवार को 50 सबसे अमीर परिवारों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का परिवार एशिया का सबसे अमीर परिवार में शामिल है। अंबानी परिवार के पास 2.91 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है। पिछले साल की तुलना में इसमें 74% यानी 1.23 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। इनकी कुल संपत्ति 45.43 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। एक साल पहले की तुलना में यह 35% बढ़ी है।
इस लिस्ट में सबसे ज्यादा 18 परिवार भारत के हैं। दूसरे नंबर पर हांगकांग है, जहां के 9 परिवार एशिया की टॉप 50 फैमिली में शामिल हैं। वहीं अगर लिस्ट की बात की जाए तो दूसरे स्थान पर साउथ कोरिया की ली फैमिली है। जिनकी संपत्ति 2.65 लाख करोड़ है। ली परिवार कोरिया की सबसे बड़ी कंपनी सैमसंग का प्रमोटर है। तीसरे स्थान पर हांगकांग का क्वोक परिवार है। जिनकी संपत्ति 2.62 लाख करोड़ है।
इस लिस्ट में भारत के सहगल और वाडिया समेत छह परिवार पहली बार शामिल हुए हैं। जिसमें अजीम प्रेमजी फैमिली, एल.एन. मित्तल, साइरस मिस्त्री, कुमारमंगलम बिड़ला, गोदरेज, बजाज, जिंदल, बरमन, भांगर, पटेल फैमिली, पिरामल फैमिली, मुंजल फैमिली शामिल हैं। फोर्ब्स ने नेटवर्थ के आकलन में 31 अक्टूबर की स्टॉक वैल्यू को लिया है।


नई दिल्ली - रेलवे बोर्ड ने अपने अफसरों और ट्रेन परिचालन से जुड़े कर्मचारियों को क्लोस्ड यूजर ग्रुप (सीयूजी) में 3जी और 4जी इंटरनेट सुविधा देने का फैसला किया है। इस सुविधा का लाभ रेलवे के तीन लाख कर्मियों को होगा। रेलवे बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि 14 नवंबर से रेलकर्मियों को 3जी और 4जी इंटरनेट सुविधा देनी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीयूजी कनेक्शन में कर्मचारियों को 2जी इंटरनेट मिलता था। इसके इस्तेमाल से मोबाइल का बिल अधिक आता था। जिससे अक्सर कर्मचारियों के वेतन से पैसा काट लिया जाता था।
इसलिए अधिकांश कर्मचारियों ने संबंधित कंपनियों का दूसरा सिम ले रखा था। इसका वह इंटरनेट के लिए प्रयोग करते थे। लेकिन नई सुविधा मिलने से कर्मचारियों को दो सिम रखने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं ट्रेन परिचालन के काम में आसानी होगी।


नई दिल्ली - रोजमर्रा के इस्तेमाल के सैकड़ों सामान समेत 213 वस्तुओं के टैक्स में कमी का फैसला बुधवार से लागू हो गया है। बड़े खुदरा बाजारों ने खाने-पीने, किचन, सौंदर्य उत्पादों पर दाम घटाना शुरू कर दिया है। हालांकि उपभोक्ता भी खरीदारी में सतर्कता बरतते हुए उत्पाद के अधिक दाम न देने की सलाह दी गई है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, आज से 200 से अधिक वस्तुओं पर नई दरें लागू होंगी। हालांकि नई एमआरपी की वस्तुएं बाजार में आने के लिए उपभोक्ताओं को इंतजार करना होगा। कंपनियों का कहना है कि अभी बाजार में पहले से मौजूदा वस्तुओं पर पुरानी दरें अंकित हैं, जिनमें घटी दरें लागू करने को कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि समय की कमी के चलते अधिकतर कंपनियां अपने उत्पादों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को तत्काल नहीं हटा पाएंगी, लेकिन उन्हें थोक और खुदरा व्यापारियों को कीमतें कम करने को कहना होगा।
ये बातें ध्यान रखें
-घर पर पुरानी वस्तुओं के दाम देकर खरीदारी के लिए निकलें
-उत्पादों पर नए रेट का स्टिकर है या नहीं यह जरूर देखें
-शॉपिंग मॉल हो या रिटेल स्टोर, नई दरों के बारे में जरूर पूछें
-अधिक दरें वसूले जाने की शिकायत संबंधित विभाग से करें
रेस्तरां में खाना-पीना सस्ता
सरकार ने एसी-गैर एसी रेस्तरां का अंतर खत्म करते हुए टैक्स पांच प्रतिशत कर दिया है। यह पहले एसी रेस्तरां पर 18 और गैर एसी पर 12 फीसदी थी। 7500 रुपये से ज्यादा किराये के कमरे वाले होटलों के रेस्तरां पर भी टैक्स 18 फीसदी होगा।
किचन से लेकर ऑफिस का सामान पर टैक्स घटा
घर का सामान सस्ता
डिटर्जेंट, धुलाई-सफाई के सामान, हैंडवॉश, साबुन, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, शेविंग क्रीम, डियोड्रेंट, नहाने के सामान, सुगंधित उत्पाद, कॉस्मेटिक, रेजर-ब्लेड्स, स्टोव्स, कुकर पर टैक्स 28 से 18 प्रतिशत हुआ। चश्मा, कैमरा, दूरबीन, खेल के उपकरण, वाद्य यंत्र, सिलाई की मशीन भी सस्ती। कलाई घड़ियां, दीवाल घड़ी, वॉच मूवमेंट, वॉच केस, स्ट्रैप और पार्ट्स, हैंड-ट्रैवल बैग, लेदर के कपड़े भी सस्ते हुए।
खाने-पीने के सामान
च्युइंगम, कॉफी, चॉकलेट, कस्टर्ड पाउडर, नारियल बटर, वसा, ऑयल पाउडर, रिफाइन्ड शुगर पर टैक्स 28 से 18 हुआ। कंडेंश्ड मिल्क, शुगर क्यूब्स, पास्ता, करी पेस्ट, सलाद ड्रेसिंग, डायबिटिक फूड पर टैक्स 18 से 12 प्रतिशत हुआ। पफ्ड राइस, आलू के आटे से बनी चीजें, चटनी पाउडर, फ्लाई ऐश, सल्फर के इस्तेमाल वाले क्रूड, 90 फीसदी से ज्यादा मात्रा वाले फ्लाई ऐश पर कर 12 से 5 प्रतिशत हुआ। ग्वार के खाद्य पदार्थ, स्वीट पोटैटो सहित सूखी सब्जियां, फ्रोजेन मछली, खांडसारी सुगर पर कर पांच से शून्य हुआ।
सौंदर्य प्रसाधन और सैनिटरी का सामान
साज-सज्जा, परफ्यूम, सौंदर्य प्रसाधन, पंखे, पंप, कंप्रेशर, लैंप, लाइट फिटिंग, बैटरी, सैनिटरी के सामान जैसे मैट, बाथ, शॉवर, शिंक, वॉशबेसिन, सीट, मार्बल और ग्रेनाइट, सिरेमिक टाइल्स, वैक्यूम फ्लास्क, लाइटर्स, फरस्किन, काठी, कटलरी में भी 28 से 18 प्रतिशत टैक्स हुआ। लाख की चूड़ियों पर 3% जीएसटी को शून्य कर दिया गया है।
बिजली और फर्नीचर के सामान
तार, केबल, इंसुलेट कंडक्टर, इलेक्ट्रिकल इंसुलेटर, प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिलेज, इलेक्ट्रिक कनेक्टर, बोर्ड, पैनल, कंसोल्स, कैबिनेट, फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड, लकड़ी के सामान, फ्रेम, पेविंग ब्लॉक, फर्नीचर, मैट्रेस, गद्दे, ट्रंक, सूटकेस, वैनिटी केस, ब्रीफकेस, पर दरें 28 से 18 प्रतिशत हुईं।

नई दिल्ली - दिग्गज मोबाइल कंपनी एप्पल ‘एंटी स्पैम एप’ बनाने में भारत की मदद करने के लिए राजी हो गई है। इसके साथ ही टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के साथ एक साल से चल रहा कंपनी का विवाद भी खत्म हो गया है। नए करार के तहत कंपनी अब ट्राई के साथ ‘एंटी स्पैम एप’ बनाने और अपने स्टोर पर उसे अपलोड करने को तैयार है। रिपोर्ट…
नई दिल्ली - सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने सहयोगी बैंकों से साथ विलय के बाद 10,000 नई नौकरियां खत्म कर दी हैं। साथ ही नई नियुक्तियों की संख्या को भी सीमित कर दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मार्च, 2017 के दौरान बैंक के कर्मचारियों की कुल संख्या 2,79,803 थी जो कि सितंबर महीने के…
नई दिल्ली - चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में वोडाफोन इंडिया का मुनाफा 39.2 फीसद गिरा है। कंपनी को इस अवधि में 4,075 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो के प्रवेश से कई प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ा है।जियो और अन्य कंपनियों से प्राइस वार के चलते कंपनी का राजस्व भी इस दौरान 15.8 फीसद घटकर 19,002 करोड़ रुपये रह गया। जीएसटी और…
नई दिल्ली - कर्ज में डूबी एयर इंडिया को बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) से 1500 करोड़ रुपए का लोन प्राप्त हुआ है। एयर इंडिया को यह लोन उसके रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए मिला है। विमानन कंपनी से जुड़े एक सूत्रों ने यह जानकारी दी है।दिलचस्प बात यह है कि यह लोन कार्यगत पूंजी की तत्काल जरूरतों की पूर्ति के लिए निविदा निकाले जाने के महीने भर…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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