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नई दिल्ली - बाजार नियामक सेबी सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा समय पर कर्ज अदायगी नहीं करने (लोन डिफॉल्ट) के मामलों में समयबद्ध और व्यापक खुलासे के लिये रूपरेखा पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य प्रतिभूति बाजार में पारदर्शिता की प्रक्रिया को मजबूत करना है। कुछ कंपनियां और रेटिंग एजेंसियां समय से ऋण चूक जोखिम के मामले के बारे में सूचित नहीं करने को लेकर सेबी की निगरानी में है।
सेबी ने कहा कि ऋण चूक के मामलों में खुलासा करने वाले मानदंडों को कड़ा करने से बैंकों को अपनी संकटग्रस्त संपत्तियों की पहचान करने में मदद मिलेगी और प्रतिभूति बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी। नियामक ने 2017-18 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा, सेबी पारदर्शिता बढ़ाने के लिये सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा ऋण चूक के मामले में समय पर और व्यापक खुलासे की शर्तों को निर्धारित करने की जांच-परख कर रही है।
सेबी के प्रमुख अजय त्यागी ने मार्च में कहा था कि सभी सूचीबद्ध कंपनियों को बड़े ऋण चूक के बारे में जल्द से जल्द खुलासा करने के प्रस्तावित नियमों पर फैसला ले लिया गया है। नये नियम पिछले वर्ष एक अक्तूबर से लागू होने थे लेकिन बैंकों द्वारा आपत्ति जताने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। प्रस्ताव के तहत सूचीबद्ध कंपनियों को ऋण भुगतान में चूक होने की स्थिति में उसकी सूचना एक कार्य दिवस में देना अनिवार्य किया गया था।

नई दिल्ली। डॉलर के मजबूत होने और रुपये की गिरावट के जारी रहने से न सिर्फ आम आदमी की चिंताएं बढ़ती है, बल्कि इससे आरबीआई भी हरकत में आने के संकेत दे देता है। भले ही आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा हो कि रुपये की इस गिरावट से चिंता की कोई बात नहीं, लेकिन इस संकट को नकारा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 70 के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है। दिन के कारोबार में रुपया 23 पैसे की बढ़त के साथ 69.68 पर खुला था। लेकिन थोड़ी ही देर में रुपया गोता लगाते हुए 70 तक जा पहुंचा।भारतीय रुपये में आई इस गिरावट की प्रमुख वजह तुर्की में जारी वित्तीय संकट को माना जा रहा है। बीते दिन तुर्की की मुद्रा लीरा में 40 फीसद तक की गिरावट देखने को मिली थी। वहीं डॉलर इंडेक्स में भी तेजी जारी है जो कि 96 के स्तर पर पहुंच गया, जिस वजह से लोग अब डॉलर को सेफ हैवन मान रहे हैं।
आयातकों के लिए बुरी खबर: रुपये में आई इस गिरावट से आयातकों को नुकसान होगा। क्योंकि रुपये में गिरावट से भारत आने वाले सामानों की लागत बढ़ जाएगी। जब रुपया कमजोर होता है तब आयातक विशेषकर तेल कंपनियों एवं अन्य आयात निर्भर कंपनियों को डॉलर के बराबर अपने रुपयों की निकासी करनी होती है। दूसरे शब्दों में कमजोर रुपया एक तरह के आयात शुल्क की तर्ज पर काम करता है।
निर्यातकों की चांदी: ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि रुपये की कमजोरी से सिर्फ नुकसान ही होते हैं, रुपये का कमजोर होना कई मायनों में देश के लिए फायदेमंद भी है। रुपये के कमजोर होने से सबसे बड़ा फायदा निर्यातकों को होता है। रुपये की कमजोरी यानी डॉलर के मजबूत होने से आईटी और फॉर्मा के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर को फायदा होता है। इन सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की ज्यादा कमाई एक्सपोर्ट बेस्ड होती है। ऐसे में डॉलर की मजबूती से टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसी आईटी कंपनियों को फायदा होता है। वहीं डॉलर की मजबूती से ओएनजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ऑयल इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियों को भी फायदा होता है क्योंकि ये डॉलर में फ्यूल बेचती हैं।

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) अपने पर्सनल फाइनेंस पोर्टफोलियो के अंतर्गत कई तरह की डिपॉजिट स्कीम चलाता है। एसबीआई की डिपॉजिट स्कीम्स में फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम से लेकर रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम (आरडी), टैक्स सेविंग स्कीम से लेकर मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट स्कीम एवं अन्य शामिल हैं।जब बात फिक्स्ड डिपॉजिट के चयन की आती है तब भी एसबीआई के पास इसके कई सारे विकल्प उपलब्ध हैं। एसबीआई का एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट भी फिक्स्ड डिपॉजिट का एक प्रकार है। इसमें यूजर्स को एक लंपसम अमाउंट जमा करना होता है और उसे ईएमआई के जरिए धनराशि मिलती रहती है। इसमें मूलधन के साथ साथ घटते मूलधन के पर ब्याज भी शामिल होता है।
जानें एसबीआई के एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट के बारे में प्रमुख बातें:
-एसबीआई के एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट के अंतर्गत जमा की जाने वाली न्यूनतम धनराशि 25,000 रुपये है। हालांकि इस स्कीम में जमा की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। वहीं -एसबीआई की एन्युटी डिपॉजिट स्कीम में नॉमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध होती है।
-एसबीआई के एन्युटी डिपॉजिट अकाउंट स्कीम में निवेश की कई अवधियां शामिल होती हैं जिनमें 36 महीने, 60 महीने, 84 महीने और 120 महीने प्रमुख हैं।
-इस पर मिलने वाली ब्याज दर वही होती है जो कि टर्म या मैच्योरिटी पीरियड वाले फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट पर लागू होती है, जिसे भी जमाकर्ता चुनता है। एसबीआई ने रिटेल फिक्स्ड डिपॉजिट दरों में संशोधन किया है जो कि 30 जुलाई 2018 से प्रभावी हैं। 1 करोड़ से नीचे की एफडी पर निम्नलिखित ब्याज दर मुहैया करवाया जाता है....
-इस तरह के सावधि जमा खाते में, जमाकर्ता की मृत्यु के मामले में समयपूर्व भुगतान की अनुमति है।
-एसबीआई के मुताबिक विशेष मामलों में जमा राशि के 75 फीसद हिस्से का लोन लेने की अनुमति है।

नई दिल्ली। रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने जानकारी दी है कि उसने आज फिर से 774 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी टेलिकॉम डिपार्टमेंट के पास रखवा दी है। कंपनी ने यह कदम दूरसंचार ट्रिब्यूनल की ओर से निर्धारित समय सीमा से काफी पहले उठाया है।कंपनी के इस कदम से उसका वो संकट काफी हद तक कम होगा जिसका सामना वो स्पेक्ट्रम और लाइसेंस रद्दीकरण के संबंध में दूरसंचार विभाग की ओर से मिले कारण बताओ नोटिस के बाद से कर रहा है। लेकिन यह कर्ज में लदी कंपनी के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना के लिए रास्ता साफ करता है।आरकॉम की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “आरकॉम और इसकी सहायक कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने आज दूरसंचार विभाग (डीओटी) के साथ 774 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी को बहाल कर दिया है, यानी दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीएसएटी) की ओर से दी गई अंतिम तारीख 10 सितंबर 2018 से चार हफ्ते पहले।”यह बताते हुए कि आरकॉम निर्धारित दिशानिर्देशों का पूरी तरह से अनुपालन कर रहा है, कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया, “बैंक गारंटी की बहाली सुनिश्चित करेगी कि 11,300 करोड़ रुपये का कंपनी का लाइसेंस और स्पेक्ट्रम मूल्य "पूरी तरह संरक्षित है"।”इसमें आगे कहा गया, “कंपनी की परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना जो कि करीब 25,000 करोड़ रुपये की है, जिसमें एमएनसी (मीडिया कन्वर्जेंस नोड्स), टॉवर, ऑप्टिक फाइबर और स्पेक्ट्रम की बिक्री की जानी है, सही रास्ते पर है और इसके शीध्र पूरा होने की उम्मीद है।

 

नई दिल्ली। निजी क्षेत्र की प्रमुख विमानन कंपनी एयर एशिया इंडिया स्वतंत्रता दिवस के मौके पर घरेलू उड़ान टिकटों पर 45 फीसद तक की छूट दे रही है। एयर एशिया की वेबसाइट airasia.com के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस पर यह ऑफर बेंगलुरू, कोलकाता, अमृतसर, नई दिल्ली, रांची और हैदराबाद के लिए है। ऑफर के तहत टिकट की बुकिंग 13 अगस्त से 19 अगस्त तक की जा सकती है। जबकि स्वतंत्रता दिवस पर बुक किए गए टिकटों पर यात्रा की तारीख 19 फरवरी 2019 से 13 अगस्त 2019 तक है।एयरएशिया फ्लाइट टिकटों पर यह ऑफर स्वतंत्रता दिवस की 71 वीं वर्षगांठ से पहले लेकर आया है। एयरएशिया इंडिया की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर घरेलू उड़ान टिकटों पर 45 फीसद तक की छूट दी जा रही है।
किन रुट्स पर भर पाएंगे उड़ान;-एयर एशिया के इस ऑफर के तहत बुक कराई गईं टिकिटों पर आप बेंगलुरू, कोलकाता, अमृतसर, नई दिल्ली, रांची और हैदराबाद के लिए टिकट बुक करा सकते हैं।
टिकट बुकिंग पर एयरएशिया की शर्तें:एयरएशिया की वेबसाइट airasia.com के अनुसार, इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को एडवांस बुकिंग करानी होगी। यह ऑफर पीक पीरियड के दौरान अपलब्ध नहीं होगा। एयरएशिया के मुताबिक, छूट केवल सीटों की उपलब्धता के आधार पर है और यह केवल सिलेक्टेड फ्लाइट के लिए है। विमानन कंपनी की ओर से दिया जा रहा यह ऑफर एयरएशिया के वेब और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।
इस ऑफर का लाभ कैसे लें:-एयरएशिया की ओर से मिल रहा ऑफर प्रमोशन स्कीम 'अधिक खरीद, अधिक बचत' के तहत है। इसका मतलब है कि आपका ट्रैवल ग्रुप जितना बड़ा होगा छूट उतनी अधिक मिलेगी।
बुकिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
-सबसे पहले आप अपने प्रस्थान और आगमन की फ्लाइट की तारीख तय कर लें।
-प्रमोशन यात्रा अवधि में बताई गई तारीख का चयन करें।
-एयरएशिया के मुताबिक, यदि आप फ्लाइट टिकट पर एक गेस्ट का चयन करते हैं, तो आपको 15 फीसद छूट मिलेगी, 2 गेस्ट पर 25 फीसद छूट, तीन गेस्ट पर 35 फीसद छूट और चार और अधिक गेस्ट पर 45 फीसद छूट (अधिकतम 9 गेस्ट) का आनंद ले सकते हैं।

नई दिल्ली। निवेश के लिहाज से म्युचुअल फंड को अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें निवेश करने के लिए सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) की प्रक्रिया काफी सरल है। हाल के वर्षों में देखा गया है कि लोगों के बीच म्युचुअल फंड की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि म्युचुअल फंड पर मिलने वाला रिटर्न बाजार में उपलब्ध निवेश के अन्य विकल्पों की तुलना में ज्यादा होता है। क्या आप जानते हैं कि इसमें महज 5000 रुपये के मासिक निवेश से आप करीब 34 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं?
चलिए आपको बताते हैं कि यह कैसे होगा:आपने कम उम्र में ही अगर ऐसी योजना बना ली है तो आपके लिए यह बेहतर है। मान लीजिए अगर आपने 25 साल में 5,000 रुपये केे मासिक निवेश के साथ शुरुआत की है और आपने इसे अगले 20 वर्षों तक जारी रखा, तो 15 फीसद के अनुमानित रिटर्न के लिहाज से आपके पास 33.4 लाख रुपये का फंड होगा। 45 वर्ष की उम्र में यह एक अच्छी खासी रकम होती है, जो कि आपके कई जरूरी खर्चों को पूरा कर सकती है।एसआईपी कैलकुलेटर पर खुद करें इसकी गणना: एसआईपी कैलकुलेटर पर गणना करें तो 20 वर्षों में आपकी ओर से करीब 12 लाख रुपये निवेश किये जाएंगे। इसपर महंगाई दर को ध्यान रखते हुए आपको मिलने वाली राशि करीब 33.4 लाख रुपये होगी। यानी कि आपको 21.6 लाख रुपये का फायदा हो सकता है।इसी तरह अगर यह निवेश पांच साल के लिए करते हैं तो आप 3.8 लाख रुपये, आठ साल में 7 लाख और 10 साल में 9.7 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।जानकारी के लिए बता दें चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में निवेशकों ने म्युचुअल फंड्स में 1.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई) के डेटा के मुताबिक इस साल जून के अंत तक 23.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है जो कि बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 20 फीसद ज्यादा है।
जानिए क्या होता है एसआईपी?:-निवेश और टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन का मानना है कि सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान पूंजी को बढ़ाने के लिए एक बेहतर निवेश विकल्प है। इसमें निवेश की शुरुआत महज 500 रुपये की राशि के साथ भी की जा सकती है। बढ़ती महंगाई और भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए इस निवेश राशि को अपनी आय में वृद्धि के अनुसार ही बढ़ाते रहना चाहिए। इस पर मिलने वाला रिटर्न शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विकल्प का चयन तभी करना चाहिए अगर आपके पास समय और जोखिम क्षमता दोनों है।

नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) देश का सबसे बड़ा ऋणदाता बैंक है जो कि बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट खातों पर कई तरह के ब्याज देता है। एसबीआई के पास कई तरह के प्लान हैं जिनमें एक प्लान रीइन्वेस्टमेंट प्लान है। यह प्लान एक निश्चित जमा की तरह काम करता है। एसबीआई फिक्स्ड डिपॉजिट और रीइन्वेस्टमेंट प्लान के बीच अंतर यह है कि एसबीआई फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान में जमा…
नई दिल्ली। देश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। सरकार इसको कम करने के लिए कई सारे प्रयास कर रही है लेकिन, वह नाकाफी साबित हो रहे हैं। जहां तक लोन की बात है, इसे पाना आसान नहीं होता है क्योंकि इसमें तमाम कसौटियों को पूरा करना होता है। मसलन लोन की गारंटी और सही दस्तावेज इत्यादि। हालांकि, सरकार उन लोगों के लिए लोन की कई स्कीम लेकर आई है…
नई दिल्ली। इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) 2016 में संशोधन के एक विधेयक को संसद से मंजूरी मिल गई। लोकसभा से 31 जुलाई को स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को राज्यसभा से भी ध्वनि मत से हरी झंडी दे दी गई। इस संशोधन से मकान खरीदारों को वित्तीय लेनदेन बनाने और छोटे उद्योगों के दिवालिया मामलों के लिए अलग तंत्र बनाने का रास्ता साफ हो गया।हालांकि सरकार ने इन संशोधनों…
पेशावर। पड़ोसी मुल्क में आतंकी घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। पूर्वी पाकिस्तान के गिलगिट इलाके में शनिवार सुबह पुलिस चेक पोस्ट पर आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई जबकि दो घायल हुए हैं। घायल जवानों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहल्ला मजनय इलाके में स्थित चेक पोस्ट पर शनिवार सुबह 8-10 आतंकियों…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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