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नई दिल्ली। आईपीएल 2018, पूर्व के सीजन्स के मुकाबले ज्यादा चर्चित हो रहा है। हाल ही में सामने आई व्यूअरशिप की रिपोर्ट इसकी पुष्टि भी करती है। अभी तक आईपीएल के कुल 10 सीजन पूरे हो चुके हैं, यह आईपीएल का 11वां सीजन है। हर बार के आईपीएल में कुछ न कुछ अलग होता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही है। आप इस बार आईपीएल की लाइव स्ट्रीमिंग को देखने के साथ ही कमाई भी कर सकते हैं। हम अपनी इस खबर में आपको जानकारी दे रहे हैं कि आप आखिर कैसे आईपीएल के मैच देखने के दौरान कमाई भी कर सकते हैं।

आईपीएल 2018 को ओपनिंग वीक में मिली 371 मिलियन की व्यूअरशिप: आईपीएल 2018 को ओपनिंग वीक में ही 371 मिलियन की व्यूअरशिप मिली है और इसकी लॉन्चिंग के बाद इसे अब तक सबसे ज्यादा बार हॉटस्टार पर स्ट्रीम किया गया है। आपको बता दें कि ये आईपीएल का 11वां सीजन है और इस सीजन में चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की दो साल बाद वापसी हुई है।टेलीविजन रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (बीएआरसी) के मुताबिक इस साल टेलिविजन व्यूअरशिप 288.4 मिलियन पर बनी रही, जबकि हॉटस्टार को 82.4 मिलियन व्यूअरशिप मिली। आईपीएल ब्रॉडकास्ट स्टार इंडिया की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “ये आईपीएल की लॉन्चिंग के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा व्यूअरशिप पाने वाला सप्ताह रहा है।” इसमें आगे कहा गया है कि टेलिविजन व्यूअरशिप में इजाफो को दक्षिण भारत में 30 फीसद अधिक पहुंच का फायदा मिला है।
जियो क्रिकेट प्ले-अलॉन्ग: जियो क्रिकेट प्ले अलॉन्ग एक लाइल मोबाइल गेम है, जिसे माई जियो एप पर खेला जा सकता है। इसे एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ही यूजर्स खेल सकते हैं। यह गेम काफी सारे क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। वहीं आप जियो सिम के बिना भी इस गेम को खेल सकते हैं। इस गेम शो को खेलने के दौरान आपके सिर्फ अनुमान लगाने होंगे, मसलन अगली गेंद पर क्या होने वाला है। अगर आप एकदम सही होंगे तो आपको प्वाइंट मिलेंगे, जिसका इस्तेमाल आप कुछ पुरस्कार खरीदने के लिए करेंगे। जियो ने विजेताओं के लिए मुंबई में घर, 25 कारें और अन्य प्राइज रखे हैं।
हॉटस्टार देखें और जीतें (हॉट स्टार वॉच एंड प्ले): अगर आप हॉटस्टार में मैच देख रहे हैं तो आप इस दौरान कॉन्टेस्ट में हिस्सा ले सकते हैं। हॉटस्टार में भी इसी तरह का गेम उपलब्ध करवाया गया है, जहां आपको हर गेंद पर क्या होने वाला है उसकी भविष्यवाणी करनी होगी। इनाम में आपको यात्रा, पेटीएम, ओयो, टून्स और फोन-पे के रिवार्ड कूपन्स मिल सकते हैं।

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम 55 महीने के अधिकतम स्तर पर पहुंच गई हैं। देश की राजधानी में पेट्रोल की कीमतें शुक्रवार को 74.08 रुपये और डीजल की 65.31 रुपये प्रति डीजल पर पहुंच गईं। पेट्रोल के मूल्य ने 74.10 रुपये प्रति लीटर का सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर सितंबर 2013 में छुआ था।पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दामों ने सरकार पर भी दबाव बढ़ा दिया है। बढ़ती कीमतों से आम जनता की परेशानियों को देखते हुए एक्साइज ड्यूटी में कमी कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग होने लगी है। जानकार मान रहे हैं कि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो महंगाई बढ़ने का भी खतरा ज्यादा होगा। कच्चा तेल ही नहीं बल्कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट भी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत को हवा दे रही है। दरअसल रुपया गिरने से आयातित कच्चे तेल का देश में मूल्य और बढ़ जाता है। इन वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों को लेकर कांग्रेस भी सरकार पर हमलावर हो गई है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि भाजपा देश के 22 राज्यों में सरकारें चला रही है। इसके बावजूद वह पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने को तैयार नहीं है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। सऊदी अरब की तरफ से कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचा रखने की खबर से ऐसा हो रहा है। हालांकि शुक्रवार को सऊदी अरब ने इस बात से इन्कार किया है कि उसने कीमतों को ऊंचा बनाये रखने का कोई संकेत तेल उत्पादक देशों को दिया है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 74 डॉलर प्रति बैरल (प्रति बैरल करीब 158 लीटर) के करीब पहुंच गई। इंडियन बास्केट में भी क्रूड के भाव 70 डॉलर के आसपास बने हुए हैं। पिछले दिनों इस बात की चर्चा थी कि इंडियन बास्केट में क्रूड के दाम 65 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने पर उत्पाद शुल्क में कटौती पर विचार किया जा सकता है। हालांकि बाद में सरकार ने ऐसी किसी संभावना से इन्कार कर दिया था। वित्त मंत्रालय के सूत्र भी बताते हैं कि खजाने की मौजूदा हालत को देखते हुए सरकार एक्साइज ड्यूटी में राहत देने की स्थिति में नहीं है

 

 

 

नई दिल्ली। बीएनपी (बैंक नोट प्रेस) को 500 समेत अन्य नोट ज्यादा से ज्यादा छापने का आदेश मिलने के बाद व्यवस्थाओं में ताबड़तोड़ बदलाव किए जा रहे हैं। तीन शिफ्ट, स्टेयरिंग लंच व्यवस्था लागू होने के साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी काम पर बुलाया जा रहा है। लेकिन, इस बार स्थायी कर्मचारियों ने स्पष्ट कह दिया है कि कोई भी सेवानिवृत्त कर्मचारी उनसे ऊपर की पोस्ट पर नहीं आएगा।केवल वर्कर श्रेणी के सेवानिवृत्तकर्मी को ही काम पर रखा जाए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीएनपी में नोटबंदी के समय भी कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को काम पर रखा गया था। जनवरी में नोट चोरी कांड के बाद 125 से ज्यादा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवा बंद कर दी गई थी। अब जब अधिक नोट छापने के आदेश आए तो बीएनपी प्रबंधन फिर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं ले रहा है। सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों प्रबंधन के साथ हुई बैठक में मजदूर संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा था कि जो भी सेवानिवृत्त कर्मचारी काम पर आए वो स्थायी कर्मचारियों का जूनियर बनकर काम करे। केवल वर्कर स्तर के सेवानिवृत्त कर्मियों को रखने पर ही सहमति बनी थी।
अब लंच टाइम और छुट्टी के दिन भी होगी नोटों की छपाई:-मध्य प्रदेश के देवास स्थित बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) में ज्यादा से ज्यादा नोट छप सकें, इसके लिए अब कर्मचारी लंच के समय में भी काम करेंगे। गुरुवार को स्टेयरिंग लंच व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसे लेकर बीएनपी प्रबंधन व मजदूर संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें लंच में काम करने के दौरान मिलने वाली राशि बढ़ाने के लिए सहमति बनी और कमेटी गठित करने का निर्णय हुआ। इसके अलावा अवकाश के दिनों में बीएनपी में कर्मचारी काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि नोटों की कमी को देखते हुए पिछले दिनों बीएनपी को 500 के नोट छापने के निर्देश मिले थे। इसके बाद बीएनपी में तीन शिफ्टों में काम शुरू करते हुए 500 रुपये के नोट छापना शुरू कर दिया था।

चोंगशिंग दूरसंचार उपकरण निगम यानी ज़ीटीई ने 20 अप्रैल को बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने ज़ीटीई व चोंगशिंग खांगश्वेन कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है। ज़ीटीई के ख्याल में यह एक बहुत बड़ा पक्षपात है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने 16 अप्रैल को बयान जारी कर कहा कि क्योंकि ज़ीटीई ने अमेरिकी सरकार के साथ प्राप्त सुलह समझौते का विरोध किया, इसलिये अमेरिका इस कंपनी पर सात साल का निर्यात प्रतिबंध लगाएगा।इसका मतलब है कि सात वर्षों तक अमेरिकी उद्यम ज़ीटीई को पार्ट्स समेत उत्पाद नहीं बेच सकते हैं। ज़ीटीई के बयान के अनुसार प्रतिबंध से ज़ीटीई पर गंभीर असर नहीं पड़ेगा, केवल बहुत अमेरिकी उद्यमों समेत ज़ीटीई के सभी सहयोग साझेदारों के हितों को नुकसान पहुंचेगा। बयान में यह भी कहा गया है कि ज़ीटीई वार्ता से इस मामले का समाधान करने की कोशिश करेगा, और सभी कानूनी तरीके से अपने वैध अधिकारों व हितों की रक्षा करेगा।

 

 

चीन में एक दौर एेसा भी था जब वहां के लोग सरकार को खुश करने के लिए इंसानी मांस खाने लगे थे। आपको बता दें कि चीन के सुप्रीम लीडर रहते हुए माओ त्से तुंग ने यहां पर कई ऐसी पॉलिसी लागू की थीं, जो सही साबित नहीं हुई। माओ का दौर काफी संवेदनाहीन व अत्याचारों से भरा रहा। इस समय चीन में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना सत्ता पर काबिज है। कम्युनिस्ट लीडर माओ त्से तुंग इसके फाउंडर मेंबर में से थे। माओ ने अपने ही 4 से साढ़े 7 करोड़ लोगों की जान ले ली थी। वहीं कई ऐसी पाबंदियां और ऑफर भी सामने आए थे, जिन पर विश्वास करना मुश्किल था।माओ के शासन में इंसानी मांस खाना एक बड़ी समस्या बन चुकी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के प्रति सपोर्ट दिखाने के लिए स्टूडेंट्स अपने नियम-कायदों को ताक पर रख देते थे। प्रतिद्वन्दियों पर जीत का जश्न मनाने के लिए वो उनकी डेड बॉडी भी खाने में नहीं हिचकिचाते थे। सरकारी कैफेटेरिया में भी कथित तौर पर गद्दारों की डेड बॉडी डिस्प्ले में लगा दी जाती थी। उनका मांस लंच में परोसा जाता था। हालांकि, इसमें कोई शक नहीं है कि भुखमरी भी इसके पीछे एक अहम कारण थी।1973 में माओ अपने आखिरी वक्त में अमेरिकी डिप्लोमैट हेनरी किसिंगर के साथ ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहे थे। किसिंगर गंभीर मुद्दे पर बात कर रहे थे, लेकिन माओ का दिमाग अलग ही ट्रैक पर था। माओ ने किसिंगर से कहा था कि चीन बहुत ही गरीब देश है और ट्रेड एग्रीमेंट में देने के लिए उसके पास ज्यादा कुछ नहीं है सिवाय महिलाओं के। माओ ने अमेरिका को 1 करोड़ महिलाएं देने का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा था कि ये देश में इतनी ज्यादा संख्या में हैं कि इनके चलते दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। इस पर उनके पार्टी के एक मेंबर ने उन्हें ऐसी बात पाब्लिक में न आने देने के लिए आगाह किया था।
छात्र अपने टीचर्स को पीटते थे:-लोगों को पुराने समाज की खराब आदतें छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। हालांकि, ऐसी बातें सामने नहीं आईं कि स्टूडेंट्स से टीचर्स को मारने के लिए कहा गया हो, लेकिन ऐसे कई मामले जरूर सामने आए। 1966 में 91 अलग-अलग स्कूल के स्टूडेंट्स ने टीचर्स को सड़क पर निकालकर पीटा था। इसके साथ ही कुछ जगहों पर टीचर्स के कपड़ों पर इंक डालने और उन्हें गले में बोर्ड टांगने के मामले सामने आए। स्टूडेंट्स के हाथों 18 टीचर्स की जान चली गई।

जोहांसबर्ग : दक्षिण अफ्रीकी देश स्वाजीलैंड के राजा मस्वाती तृतीय ने अपने देश का नाम बदलकर ‘द किंगडम ऑफ इस्वातिनी’ रखने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार देश की आजादी के 50 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में राजा ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। राजा मस्वाती तृतीय वर्षों से स्वाजीलैंड को इस्वातिनी कहते आ रहे थे। साल 2017 में संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए और साल 2014 में देश की संसद के उद्घाटन के वक्त भी उन्होंने इस नाम का इस्तेमाल किया था। देश का नाम बदले जाने से हालांकि वहां के कुछ लोग नाराज हैं।देश को नया नाम देने के मौके पर स्वाजीलैंड में होने वाली 'उम्हलांगा सेरेमनी' के बारे में हम आपको बताते हैं। आठ दिन का ये फेस्टिवल लुदजिजिनी शाही गांव में होता है। यहां लड़कियों को शादी के लिए तैयार किया जाता है। वहीं, शादी से पहले प्रेग्नेट होने वाली लड़कियों के परिवार पर जुर्माना लगाया जाता है। यहां के पारंपरिक रीड डांस करने वाली लड़कियों में से राजा अपने लिए नई रानी चुनता है।
अनमैरिड लड़कियां और बच्चियां होती हैं शामिल:-यहां पर ये फेस्टिवल हर वर्ष अगस्त और सितंबर में महारानी की मां के शाही गांव लुदजिजिनी में होता है। जिसमें 10 हजार से ज्यादा अनमैरिड लड़कियां और बच्चियां शामिल होती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें से यहां आई वर्जिन लड़कियों में से राजा अपनी नई रानी चुनता है। ये फेस्टिवल लड़कियों के लिए अपने देश की परंपराओं को समझने और सीखने का बेहतर मौका होता है।
लड़कियों को वर्जिनिटी बनाए रखने की देते हैं सीख:-यहां शादी से पहले प्रेग्नेंट होने वाली लड़कियों के परिवारों पर एक गाय देने का जुर्माना भी लगाया जाता है। फेस्टिवल में युवाओं को एचआईवी और कम उम्र में प्रेग्नेंसी जैसे सामाजिक मुद्दों पर बात करने का भी मौका मिलता है। फेस्टिवल में महिलाएं अपने लिए पारंपरिक कपड़े, हार, कोकून के पायल और स्कर्ट तैयार करती हैं।

 

कोलकाता। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने शुक्रवार को कोलकाता स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट क्लब में महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी पर डाक टिकट जारी किया। इस मौके पर झूलन भी मौजूद थीं।पांच रुपये के मूल्य वाले इस डाक टिकट पर झूलन के साथ विक्टोरिया मेमोरियल की तस्वीर है। उनकी उपलब्धियों के सम्मान में इसे जारी किया गया है। 35 वर्षीया झूलन के नाम अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट (203) लेने का कीर्तिमान दर्ज है। अपने 166वें मैच में झूलन गोस्वामी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना 200वां विकेट चटकाया था। झूलन ने द. अफ्रीका की सलामी बल्लेबाज लारा वूलवार्ट को आउट करके यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवाई थी। इसी साल फरवरी में वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी थीं। आपको बता दें कि पुरुषों में भारत के लिए सबसे पहले 200 विकेट कपिल देव ने 1991 में लिए थे।मई 2017 में झूलन महिला क्रिकेट की सबसे सफल गेंदबाज बनी थी। उन्होंने आस्ट्रेलिया की कैथरीन फिट्जपैट्रिक का लगभग एक दशक पुराना रिकार्ड तोड़ा था। झूलन ने 2002 में पदार्पण किया था और उन्हें 2007 में आइसीसी की साल की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर भी चुना गया।

 

नई दिल्ली। भारत के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने खुलासा किया है कि 2005 जिम्बाब्वे दौरे के दौरान सौरव गांगुली के खिलाफ तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल का ईमेल सबसे पहले उन्होंने देखा था। एक किताब के विमोचन के दौरान यहां फैनैटिक स्पोर्ट्स म्यूजियम में कहा, ग्रेग अपना ईमेल लिख रहे थे और मैं उनके बगल में बैठा था। मैंने देखा कि वह बीसीसीआइ को कुछ लिख रहे थे और मैंने दादा को जाकर इसके बारे में बताया। मैंने कहा कि वह बीसीसीआइ को लिख रहे हैं और यह बहुत ही गंभीर मामला है।ग्रेग चैपल को मई 2005 में भारत का कोच बनाया गया था और एक साल बाद जिम्बाब्वे दौरे के दौरान सौरव गांगुली को कप्तानी से हटा दिया था। सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा 'प्लेइंग इट माई वे' में भी चैपल के बारे में लिखा गया है, जिसमें हरभजन सिंह ने कहा है, भारतीय क्रिकेट को इतनी क्षति पहुंचाई कि उससे उबरने में कम से कम तीन वर्ष का समय लग गया। जहीर खान ने चैपल के बारे में कहा, उनका अपना व्यक्तिगत एजेंडा था।सहवाग से यह पूछे जाने पर कि एक क्रिकेटर के तौर पर उनके लिए सबसे यादगार पल कौन था? सहवाग ने कहा, मेरा पहला टेस्ट शतक। सहवाग ने 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 105 रन बनाए थे।सहवाग ने आगे कहा, जब मैं वनडे खेलता था तो लोग यह कहते थे कि मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल सकता। इसलिए जब मैं पहला शतक लगाया तो गांगुली को गले लगाया क्योंकि उन्होंने मुझे टेस्ट क्रिकेट में खेलने का मौका दिया। मैं खुद का साबित करना चाहता था।उन्होंने गांगुली और कोच जॉन राइट द्वारा सलामी बल्लेबाज के रूप में खिलाए जाने के प्रश्न पर कहा, मैंने उनसे कहा सचिन ने हमेशा बल्लेबाजी की शुरुआत की है और सौरव ने भी सलामी बल्लेबाज के रूप में ही खेला है। मुझे मध्यक्रम में ही बल्लेबाजी करने दीजिए। लेकिन सौरव और जॉन ने कहा कि आपको बाहर बैठना पड़ेगा क्योंकि टीम में तुम्हारे लिए यही एक जगह है।

रायबरेलीः कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश के रायबरेली में प्रस्तावित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मेगा रैली में कल पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमले करेंगे।स्थानीय जीआईसी मैन पर दोपहर 12.30 बजे शुरु होने वाली जनसभा में भाजपा के दिग्गज रायबरेली और अमेठी के पिछड़ेपन के लिये कांग्रेस और गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुये शब्दबाण छोड़ेंगे। इस रैली की खासियत यह भी होगी कि कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोग भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाये जा रहे हैं कि हरचंदपुर के कांग्रेस विधायक राकेश सिंह और उनके अनुज दिनेश भाजपा की सदस्यता हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह के भी भाजपा में शामिल होने की संभावना जतायी जा रही है। विधान पार्षद दिनेश सिंह ने अपने विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष भाईयों के साथ पिछली 10 अप्रैल को कांग्रेस से किनारा कर लिया था।

चंडीगढ़ : पंजाब कैबिनेट विस्तार को लेकर पंजाब के मुख्मयंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच बैठक दिल्ली में हुई। इस बैठक में राहुल गांधी ने कैबिनेट के विस्तार को मंजूरी दे दी है। पंजाब कैबिनेट का विस्तार शनिवार को किया जाएगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने कहा कि इस बैठक में 9 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल करने पर फैसला हुआ है। इस बैठक में डा. राज कुमार वेरका को भी दिल्ली बुलाया गया है।बैठक में पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ और पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी भी मौजूद रहीं। ओपी सोनी का भी मंत्री बनने की रेस में नाम निकलकर आ रहा है। इससे पहले वीरवार को भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़, पंजाब की प्रभारी आशा कुमारी और हरीश चौधरी के साथ बैठक हुई।लेकिन इस बैठक में कोई भी परिणाम नहीं निकल पाया था। इससे पहले भी इसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात हुई थी।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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