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लंदन। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भारतीय टीम को 86 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ही तीन मैचों की इस वनडे सीरीज़ में इंग्लैंड ने 1-1 की बराबरी कर ली है। इस हार के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भारत की हार की वजह बताते हुए कहा कि दूसरे वनडे मैच में उनकी टीम के लिए तीन ओवरों में तीन विकेट खोना नुकसानदायक रहा। कोहली ने कहा कि यह तीन विकेट खोने के कारण ही उनकी टीम कमजोर पड़ गई।इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतक पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट खोकर 322 रन बना दिए। इंग्लैंड की ओर से जो रूट की शानदार शतकीय पारी खेली। 323 रनों की विशाल चुनौती का पीछा करते हुए टीम इंडिया 50 ओवर में 236 रन पर ऑलआउट होकर 86 रन से यह मुकाबला हार गई। इसी के साथ इंग्लैंड ने तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। अब इस सीरीज़ का तीसरा और निर्णायक मैच दोनों टीमों के बीच 17 जुलाई को लीड्स मैदान पर खेला जाएगा।कोहली ने कहा, 'हमने काफी अच्छी शुरुआत की थी। पिच भी अच्छी थी, लेकिन यह तब धीमी पड़ गई जब हमने तीन ओवरों में अपने तीन विकेट गिरा दिए। इसी स्थिति में हमारी टीम कमजोर पड़ गई। गेंदबाजों ने अच्छा काम किया। वे अपने खेल पर अडिग रहे'।

किंग्सटन। वेस्टइंडीज़ और बांग्लादेश के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट मैच को विंडीज़ ने 166 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-0 से अपने नाम कर लिया है। वेस्टइंडीज़ की जीत के हीरो रहे कप्तान जेसन होल्डर। होल्डर ने दूसरी पारी में 59 रन देकर बांग्लादेश के 6 विकेट चटकाए।
4 साल बाद किया कमाल:-चार साल के बाद ये पहला मौका है जब वेस्टइंडीज़ की टीम ने 2014 के बाद से पहली बार वेस्टइंडीज ने अपने घर में सीरीज जीती है। सबीना पार्क में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में क्रेग ब्रैथवेट (110) और शिमरोन हेटमेर (86) की शानदार पारियों के दम पर 354 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद बांग्लादेश अपनी पहली पारी में कुछ खास कमाल नहीं कर पाई और होल्डर के आगे 149 रनों पर ही ढेर हो गई।वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में अधिक रन नहीं बनाए। शाकिब अल हसन ने 33 रनों में छह विकेट हासिल करते हुए प्रतिद्वंद्वी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया। ऐसे में बांग्लादेश को जीत के लिए 334 रनों का लक्ष्य हासिल करना था।इस लक्ष्य को बांग्लादेश होल्डर की गेंदबाजी के कारण हासिल नहीं कर पाई। होल्डर ने दूसरी पारी में बांग्लादेश के 6 विकेट चटकाए और उसकी दूसरी पारी 168 रनों पर ढेर हो गई। इस मैच की पहली पारी में भी होल्डर ने बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों की नाक में दम करते हुए पांच विकेट चटकाए थे।दूसरी पारी में बांग्लादेश की ओर से शाकिब ने सबसे अधिक 51 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। इसके अलावा, मुश्फिकुर रहीम ने 31 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए इस पारी में होल्डर के अलावा रॉस चेस ने दो विकेट लिए, वहीं गेब्रिएल और पॉल को एक-एक सफलता हाथ लगी।

नई दिल्ली। पहले वनडे मैच में आठ विकेट से मात खाने के बाद लॉर्ड्स के मैदान पर हुए दूसरे वनडे मुकाबले में इंग्लैंड के बल्लेबाज पूरी तैयारी से उतरे। नतीजा यह रहा कि इस मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जो रूट की शानदार शतकीय पारी के दम पर 50 ओवर में सात विकेट पर 322 रन ठोक डाले। जवाब में टीम इंडिया 50 ओवर में 236 रन पर ऑलआउट होकर 86 रन से यह मुकाबला हार गई। इसी के साथ इंग्लैंड ने तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। भले ही भारत इस मैच में हार गया हो, लेकिन इस मैच में ढेर सारे रिकॉर्ड बने, आइए जानते हैं इन रिकॉर्ड्स के बारे में-
धौनी ने पूरे किए 10 हज़ार रन;-महेंद्र सिंह धौनी ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में अपने 10000 रन पूरे किये और ऐसा करने वाले विश्व के 12वें और भारत के चौथा बल्लेबाज बने। धौनी से पहले सचिन तेंदुलकर, कुमार संगाकारा, रिकी पोंटिंग, सनथ जयसूर्या, महेला जयवर्धने, इंज़माम-उल-हक़, जैक्स कैलिस, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, ब्रायन लारा और तिलकरत्ने दिलशान ने यह रिकॉर्ड बनाया था।
ऐसे करने वाले बने दुनिया के पहले क्रिकेटर:-10000 रन बनाने वाले 12 खिलाडि़यों में धौनी अकेले ऐसे हैं, जिन्होंने नंबर पांच या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए ये रन बनाए हैं। इतनी ही नहीं धौनी कप्तान के रूप में वनडे विश्व कप जीतने वाले, 10 हजार वनडे रन बनाने वाले और विकेटकीपर के तौर पर 300 कैच लेने वाले दुनिया के अकेले खिलाड़ी हैं।
दस हज़ार रन बनाने वाले दूसरे विकेटकीपर- बल्लेबाज़:-धौनी से पहले सिर्फ एक ही विकेटकीपर बल्लेबाज़ वनडे क्रिकेट में 10 हज़ार रन का आंकडे को छू सका था। श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ी कुमार संगाकारा ने ये कमाल किया था। धौनी अब दुनिया के दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज़ बन गए हैं। जिन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है।
पांचवें नंबर पर पहुंचे धौनी:-धौनी ने 273वीं पारी में 10000 रन पूरे किये और वो इस मामले में पांचवें सबसे तेज़ खिलाड़ी बने। सबसे तेज़ 10000 रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर (259 पारी) के नाम है।
सनथ जयसूर्या से पीछे रह गए धौनी:-धौनी ने 11321 गेंदों का सामना करते हुए अपने 10000 रन पूरे किये और इस मामले में उनसे तेज़ सिर्फ सनथ जयसूर्या (11296) हैं। धौनी ने यह रिकॉर्ड 37 साल 7 दिन की उम्र में बनाया और उनसे ज्यादा उम्र में यह रिकॉर्ड सिर्फ ब्रायन लारा और तिलकरत्ने दिलशान ने बनाया था।
धौनी ने पकड़े 300 कैच:-महेंद्र सिंह धौनी ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में अपने 300 कैच पूरे किये और एडम गिलक्रिस्ट (417), मार्क बाउचर (402) और कुमार संगकारा (383) के बाद ऐसा करने वाले सिर्फ चौथे विकेटकीपर बने।
रोहित-धवन ने बनाया नया रिकॉर्ड:-भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज रोहित शर्मा व शिर धवन ने इंग्लैंड की धरती पर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। इन दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंड में ओपनिंग पार्टनर के तौर पर सबसे ज्यादा रन (893) बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले ये रिकॉर्ड जेसन रॉय और एलेक्स हेल्स (879) के नाम पर था।
जो रूट ने ठोका 12वां शतक:-जो रूट ने अपना 12वां शतक लगाया और इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा शतक के मामले में मार्क्स ट्रेस्कोथिक की बराबरी की।
कुलदीप ने की अगरकर की बराबरी:-22 मैचों के बाद कुलदीप यादव के नाम 48 विकेट हैं और इतने मैचों के बाद उनसे ज्यादा विकेट सिर्फ अजंता मेंडिस (55) के नाम हैं। कुलदीप ने इस मामले में अजीत अगरकर और मिचेल मैक्लेनेघन की बराबरी की।
विली ने भी बनाया ये रिकॉर्ड:-डेविड विली ने सिर्फ 30 गेंदों में अपना पहला अर्धशतक लगाया और यह भारत के खिलाफ इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज का सबसे तेज़ अर्धशतक है।

 

 

 

 

नई दिल्ली। शनिवार को लार्ड्स में खेले गए वनडे सीरीज के दूसरे मैच में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 86 रनों से हरा दिया। इस मैच में भारत के विकेट कीपर बल्लेबाज महेंद्रसिंह धौनी ने वनडे क्रिकेट में 10000 रन पूरा करते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मैच के दौरान दर्शकों की हूटिंग का सामना करना पड़ा। महेंद्र सिंह धौनी इस मैच में 10000 वनडे रन पूरे कर दुनिया के 12वें और भारत के चौथे खिलाड़ी बन गए, इस दौरान भारतीय ड्रेसिंग रूम में भी खामोशी छाई हुई थी क्योंकि लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर दर्शकों ने धौनी की जमकर हूटिंग की थी। दर्शकों ने की यह नाराजगी मैच के दौरान धौनी की धीमी बल्लेबाजी के चलते थी। जब वो बल्लेबाजी कर रहे थे तब भारत का रनरेट एकदम धीमा हो गया था जिसके चलते जरूरी रनरेट लगातार बढ़ता ही जा रहा था।वनडे क्रिकेट में ये नजारा शायद ही कभी दिखा हो कि धीमी बल्लेबाजी के लिए धौनी को दर्शकों की हूटिंग का सामना करना पड़ा हो। कप्तान विराट के आउट होने पर जब धौनी बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए तब भारत को जीत के लिए 23 ओवर में लगभग 8 के रनरेट से 183 रनों की जरूरत थी, और अगले 20 ओवर के बाद जब धौनी आउट हुए तब तक भारत ने मात्र 75 रन ही जोड़े ते जिसमें धौनी ने 59 गेंदों पर 37 रन बनाए थे।

नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मैच में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 86 रनों से हरा दिया। मेजबान टीम के कप्तान इयोन मोर्गन ने लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में जीत का श्रेय अपनी टीम की गेंदबाजी को दिया है। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन वनडे मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया है। इसके बाद सीरीज का तीसरा मैच दोनों टीमों के लिए अहम और रोमांचक होगा।मैच खत्म होने के बाद कप्तान इयोन मोर्गन ने कहा,‘हमारी टीम ने मेहमान टीम की गेंदबाजी को बेहतरीन तरीके से खेला। इसके पहले खेले गए नॉटिंघम के मुकाबले से हमने बहुत कुछ सीखा’ शनिवार को सीरीज के दूसरे वनडे में इंग्लैंड के लिए जो रूट ने शानदार पारी खेली उन्होंने सर्वाधिक 113 रन बनाए और अंत तक आउट नहीं हुए।कप्तान मोर्गन ने रूट की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए बताया कि, ‘जो रूट ने स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की जिसके चलते हम अपनी पारी का आधार तैयार कर पाए। इस जीत में रूट की बहुत अहम भूमिका रही।’इसके पहले नॉटिंघम में भारत के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने अपने करियर की सबसे बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 25 रन देकर मेजबानों के 6 विकेट चटकाए थे। जिसे ध्यान में रखते हुए रूट ने अपनी शतकीय पारी के दौरान कुलदीप यादव को बड़ी सहजता के साथ खेला। इंग्लैंड के लिए टेस्ट मैच की सीरीज से पहले यह बेहतर संकेत है।

नई दिल्ली। पांच साल पहले म्यूचुअल फंड नियामक ने सभी फंड को निर्देश दिया था कि वे डायरेक्ट टू द कस्टमर का विकल्प भी अनिवार्य रूप से दें। इन बीते वर्षो में हर जानकार निवेशक को यह समझ में आ गया है कि डायरेक्ट फंड का क्या फायदा है। उन्हें पता है कि निवेशक किसी भी फंड में डायरेक्ट निवेश कर सकते हैं। यह सस्ता पड़ता है, क्योंकि इस पर म्यूचुअल फंड कंपनी को रिटेलर को कुछ नहीं देना होता। इसीलिए कंपनी इस पर खर्च के रूप में कम पैसे काटती है।
क्या डायरेक्ट फंड हर निवेशक के लिए सर्वश्रेष्ठ चुनाव हैं?:-सस्ता होने का सीधा सा अर्थ है कि इससे रिटर्न ज्यादा मिलता है। सवाल है कि डायरेक्ट फंड निवेश से कितना ज्यादा रिटर्न मिलता है? इससे सालाना थोड़ी सी राशि ज्यादा मिलती है, लेकिन इसे कई साल में मिलाकर देखें, तो निश्चित रूप से ठीकठाक राशि बन जाती है। अब आपके मन में यह सवाल उठेगा कि क्या डायरेक्ट फंड हर निवेशक के लिए सर्वश्रेष्ठ चुनाव हैं? इस प्रश्न का उत्तर है, कदापि नहीं। रेगुलर प्लान और डायरेक्ट प्लान के रिटर्न में सालाना कुछ एक से दो फीसद का फर्क पड़ता है। आप समझ सकते हैं कि यह अंतर करीब उतना ही होता है, जितनी राशि उन्हें डिस्ट्रीब्यूटर को देनी पड़ती। ऐसे में सस्ते की ओर भागने की आदत हर निवेशक के लिए सही साबित हो, ऐसा जरूरी नहीं है। डायरेक्ट प्लान में निवेश के लिए निवेशक का जानकार होना जरूरी होता है।
इससे होने वाले रिटर्न पर जीएसटी भी लगता है:-म्यूचुअल फंड आपके लिए जो भी करते हैं, उसका शुल्क आपकी निवेश की हुई राशि में से काट लिया जाता है। इक्विटी फंड के लिए फंड कंपनियां 1.75 फीसद से 2.5 फीसद तक का शुल्क ले सकती हैं। इसके अलावा इस पर जीएसटी भी लगता है। कुल मिलाकर यह शुल्क सालाना तीन फीसद के आसपास बनता है। इस मद में हर महीने थोड़ी-थोड़ी राशि काटी जाती है। यही राशि फंड कंपनी को मिलती है। थोड़ा सा हिस्सा उस डिस्ट्रीब्यूटर को मिलता है, जो आपको फंड बेचता है। किसी म्यूचुअल फंड में निवेशकों से समान दर से शुल्क लिया जाता है।
निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प कौन है:-अब हम यह समझने का प्रयास करते हैं कि रेगुलर प्लान और डायरेक्ट प्लान में कौन बेहतर विकल्प हो सकता है? इसके लिए हमें यह समझना होगा कि निवेश करते समय किसी सलाहकार की क्या भूमिका होती है। एक पुरानी अमेरिकी फाइनेंशियल कंपनी ने में एक सूची तैयार की थी। इसके मुताबिक सलाहकार निम्नलिखित भूमिकाएं निभाता है :
1. भरोसा बढ़ाना
2. लक्ष्य के लिए योजना बनाना
3. पोर्टफोलियो तैयार करना
4. पोर्टफोलियो बैलेंस करना
5. योजना पर काम करना और रिस्क को एडजस्ट करना
6. बाजार में गिरावट के समय एक सलाहकार की भूमिका निभाना
यह सूची भले ही बड़ी लग रही हो, लेकिन अमूमन हर निवेशक को इनमें से कुछ मदद की जरूरत होती ही है। पहली बार निवेश करने जा रहे व्यक्ति के लिए सुगमता से लेनदेन कर सकना भी बड़ी आवश्यकता होती है। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि नए निवेशक को शुरुआत करने के लिए भी अक्सर किसी की जरूरत पड़ती है। बैंक के फिक्स्ड डिपोजिट से इतर म्यूचुअल फंड कोई ऐसी सुविधा नहीं है, जिसका आप पहले से इस्तेमाल कर रहे हों और उसमें कुछ विस्तार करने से म्यूचुअल फंड में निवेश हो जाए। अगर इसमें लगने वाली लागत पर आप ज्यादा ध्यान देंगे तो संभवत: कभी निवेश कर ही नहीं पाएंगे।
निवेशक को निवेश बाजार की कुछ जानकारी अवश्य होनी चाहिए:-यह सब जानने के बाद सवाल है कि आखिर किस तरह के निवेशकों को डायरेक्ट प्लान का रास्ता चुनना चाहिए? इसका उत्तर है कि निवेशक को निवेश बाजार की कुछ जानकारी अवश्य होनी चाहिए। निवेशक को पता होना चाहिए कि किस तरह की निवेश जरूरत के लिए किस तरह के म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए। निवेशक में जरूरत के मुताबिक म्यूचुअल फंड चुनने और उनकी सूची तैयार करने की क्षमता और जानकारी होनी चाहिए। निवेश की दुनिया में कदम रखने के बाद भी सलाहकार की बड़ी भूमिका रहती है। बाजार जब गिरावट में चल रहे हों, तो अक्सर उस दबाव के समय किसी सलाहकार की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, जो निवेशक को टिके रहने के लिए प्रेरित कर सके। कुल मिलाकर निवेशक को हर उस काम में सक्षम होना चाहिए, जो कोई सलाहकार कर सकता है।
अनुभव के बिना तो रेगुलर प्लान के रास्ते पर बढ़ना ही उचित होगा:-अगर इन सभी बातों का उत्तर आपके लिए ‘हां’ है, तो निश्चित रूप से आप डायरेक्ट प्लान को चुनकर अपना रिटर्न बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं। लेकिन अगर किसी भी स्तर पर आपको लगता है कि आप नए और अनुभवहीन निवेशक हैं तो आपको ऐसे फैसले से बचना होगा। जानकारी और अनुभव नहीं होने की स्थिति में आपके लिए रेगुलर प्लान के रास्ते पर बढ़ना ही उचित होगा। इस स्थिति में यह सवाल भी उठना जायज है कि हर व्यक्ति अच्छा सलाहकार कहां से चुने। लेकिन वह एक अलग मुद्दा है। इस पर विस्तार से विचार किया जा सकता है। बहरहाल रेगुलर प्लान और डायरेक्ट प्लान के बीच के चुनाव में किसको वरीयता देनी है, यह आप अपनी जानकारी का आकलन करते हुए आसानी से तय कर सकते हैं।म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए रेगुलर प्लान और डायरेक्ट प्लान दोनों का विकल्प रहता है। डायरेक्ट प्लान में बिना किसी डिस्ट्रीब्यूटर की मदद के निवेशक सीधे पैसे लगा सकता है। निसंदेह इसमें शुल्क की बचत होती है और रिटर्न थोड़ा सा बढ़ जाता है। यही वजह है कि बहुत से निवेशक सोचते हैं कि उन्हें डायरेक्ट प्लान ही अपनाना चाहिए, ताकि रिटर्न बढ़ाया जा सके। यह सोच सही नहीं है। डायरेक्ट प्लान के बारे में सोचने से पहले आपको अपनी जानकारी का आकलन भी कर लेना चाहिए। बिना जानकारी के निवेश की दुनिया में कदम रखने जा रहे निवेशक के लिए कई बार बाहरी सलाह जरूरी हो जाती है। ऐसे में रेगुलर प्लान में डिस्ट्रीब्यूटर आपकी सहायता के लिए उपलब्ध रहता है।

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान अपने पति सैफ अली खान और बेटे तैमूर अली खान के साथ पिछले कुछ हफ्तों से यूके में छुट्टियां मना रही थीं। हालांकि अब पटौदी खानदान का यह वैकेशन खत्म हो गया है और करीना कपूर खान अपने बेटे तैमूर अली खान के साथ मुंबई वापस लौट आई हैं।यूं तो तैमूर अली खान ने अपने फैंस को उन्हें मिस करने का बहुत ज्यादा मौका नहीं दिया। यूके वैकेशन से लगातार तैमूर अली खान की कोई न कोई तस्वीर रोज सोशल मीडिया पर आ ही जाती थी, जो उनके फैंस के दिलों को करार देती थी लेकिन जब तैमूर अली खान भारत में होते हैं तो बात ही कुछ और होती है। लगभग हर दिन तैमूर मीडिया के कैमरों के सामने आते हैं और फोटो खिंचवाते हैं, जिन्हें उनके फैंस बड़े ही चाव से देखते हैं।छुट्टियां मना कर लौटे तैमूर ने भारत आते ही यह सिलसिला दोबारा शुरू कर दिया। जैसे ही वो एयरपोर्ट से बाहर आये, वैसे ही उन्होंने मीडिया के कैमरों को सामने पाया। फिर क्या था…. तैमूर अली खान ने तुरंत ही कैमरों के सामने पोज देना शुरू कर दिया। ऐसा लग रहा था कि तैमूर अली खान पर घंटों लम्बे सफर का कोई असर ही नहीं पड़ा है।अगर आप तैमूर अली खान को ध्यान से देखें तो ऐसा लग रहा है कि उनका कद थोड़ा सा बढ़ गया है और उनका वजन घट गया है। हालांकि इसकी वजह से तैमूर अली खान की क्यूटनेस पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। वो इन शारीरिक बदलावों के बाद भी हमेशा की तरह प्यारे लग रहे हैं।

एक ओर जहां आराध्या बच्चन के पापा अभिषेक और दादू अमिताभ बच्चन फुटबॉल मैच का मजा लेने रशिया गए हुए हैं तो दूसरी ओर वो खुद मम्मा ऐश्वर्या के साथ पेरिस में डिज्नी लैंड का मजा ले रही हैं। ऐश्वर्या राय बच्चन दरअसल पेरिस में एक ब्रांड को एंडोर्स करने गई हुईं थी और इसी वक्त उन्होंने अपनी बेटी आराध्या को डिज्नी लैंड की भी सैर कराई। इस दौरान ऐश ने बेटी आराध्या के साथ एक बेहद प्यारी और सेंसेशनल फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर भी की। ये फोटो देखते ही देखते वायरल होने लगी है। इस फोटो में ऐश अपनी लाडली बेटी आराध्या को गोद में लेकर किस कर रही हैं जबकि पीछे डिज्नी लैंड का नजारा साफ देखने को मिल रहा है।ऐश जितना प्यार अपने प्रोफेशन और काम से करती हैं उससे कहीं ज्यादा प्यार वो अपनी बेटी आराध्या से करती हैं और ये ही वजह है कि वो अपने साथ अपनी बेटी को ले जाना नहीं भूलती। ऐश की एक ऐसी ही फोटो बेटी आराध्या के साथ उस वक्त भी वायरल हुई थी जब वो कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए गई हुईं थी। इस दौरान ऐश ने अपनी बेटी को अपने साथ ही रखा था और उनकी एक बेहद प्यारी फोटो वायरल हो गई थी। इस फोटो को भी ऐश ने ही शेयर किया था जिसमें मम्मा और बेटी एक दूसरे को लिप पर किस कर रहे थे।ऐश्वर्या इन दिनों अपनी फिल्म ‘फन्ने खां’ में भी बिजी है। इस फिल्म के अब तक दो गाने जारी हो चुके हैं और दोनों में ही ऐश की एनर्जी देखते बन रही है। ऐश्वर्या राय इस फिल्म में राजकुमार राव और अनिल कपूर के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने वाली है। फिल्म में ऐश का किरदार एक पॉप सिंगर का है। जिसमें वो बेहद कमाल दिख रही है। इस फिल्म में ऐश अनिल कपूर के साथ करीब 2 दशक बाद काम करने जा रही है। इससे पहले दोनों को ‘हम आपके दिल में रहते हैं’ और फिल्म ‘ताल’ में साथ देखा गया था। राजकुमार राव के साथ वो पहली बार स्क्रीन शेयर करने वाली है लेकिन ट्रेलर और गानों में इन दोनों की केमिस्ट्री देखने लायक है।

शाहिद कपूर की पत्नी दूसरी दफा प्रेंग्नेंट हैं और अपने दूसरे बच्चे के आने की तैयारियों में है। मीरा अपनी प्रेग्नेंसी का भरपूर लुत्फ भी उठा रही है। इन दिनों वो अपने पति शाहिद के साथ अक्सर स्पॉट हो जाती हैं और दूसरे बच्चे की खुशी उनके चेहरे पर देखते ही बनती है। हाल ही में मीरा को अपने दोस्तों के साथ ब्रंच पार्टी (दोपहर और सुबह के बीच खाने के वक्त) पर कैच किया गया। यहां मीरा अपने दोस्तों के साथ तो इन्जॉय कर ही रही थी लेकिन साथ ही उन्होंने फोटो जर्नलिस्ट्स को भी निराश नहीं किया और अपनी फोटोज क्लिक करवाईं। मीरा राजपूत बेहद प्यारी लग रही थीं और अपने इन खास दिनों के पल को बड़े आत्मविश्वास के साथ कैरी कर रही है।हाल ही में मीरा ने अपने फैंस को इंस्टाग्राम पर खुद से सवाल करने का मौका दिया था। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि वो क्या चाहती हैं बेटा या बेटी तो इसका मीरा ने बड़ा ही प्यारा सा और सटीक जवाब दिया। मीरा ने लिखा, ‘मुझे नहीं पता, इससे क्या फर्क पड़ता है।’मीरा और शाहिद की शादी साल 2015 में हुई थी और महज 1 साल बाद ही उनके घर नन्हे मेहमान ने कदम रख दिया था। मीरा और शाहिद प्यारी सी बेटी मीशा के प्राउड पैरेंट्स है। जिस वक्त मीरा दोबारा गर्भवती हुईं तो शाहिद ने इंस्टाग्राम पर बेटी मीशा की प्यारी सी फोटो शेयर कर इसकी जानकारी दी। शाहिद ने मीशा की फोटो को कैप्शन दिया था – बड़ी बहन।बता दें कि मीरा अभी महज 22 साल की है। वो अपनी शादीशुदा और प्रोफेशनल जिंदगी में एक बेहतरीन तालमेल बैठाना चाहती हैं इसीलिए परिवार पूरा करने के बाद काम शुरू करने की प्लानिंग कर रही है। अभी तो मीरा हाउस मेकर ही हैं लेकिन वो चाहती हैं कि परिवार और बच्चों को सही समय पर प्लान कर आराम से फिर पूरा ध्यान काम पर लगाया जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं मीरा किस काम पर फोकस करना चाहती हैं।तो इसका जवाब ये है कि मीरा खुद भी एक्टर ही बनना चाहती हैं।

‘बेपनाह’ में जेनिफर विंगेट ने जोया के किरदार में कहर ढाया हुआ है। जेनिफर की एक्टिंग और उनकी खूबसूरती की लोग तारीफ करते नहीं थकते। वैसे, ऐसा हो भी क्यूं नहीं, वो सच में बेहद खूबसूरत है। इतना ही नहीं उनके एक्स हसबैंड करण सिंह ग्रोवर भी उन्हें खूबसूरत मानते है। हाल ही में एक मजेदार वाकया हुआ।मुंबई में एक शो के दौरान करण सिंह ग्रोवर से जब एक रिपोर्टर ने पूछ लिया कि क्या उन्होंने जेनिफर विंगेट का शो ‘बेपनाह’ देखा है, और उन्हें ये शो कैसा लगा।इस पर करण कुछ भड़क गए और उन्होंने कहा, ‘मैने नहीं देखा है। क्या आपने देखा है, आप बताइए कि ये कैसा है।’ इसके बाद मीडिया में कुछ इस तरह की रिपोर्ट्स चल रही हैं कि करण सिंह ग्रोवर ने इस शो को बाद में देखा और वो अपनी एक्स वाइफ जेनिफर विंगेट को देखते ही रह गए।बता दें कि जेनिफर विंगेट और करण सिंह ग्रोवर ने साल 2012 में शादी कर ली थी। लेकिन ये रिश्ता ज्यादा चला नहीं और महज 2 साल बाद ही साल 2014 में उन दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद करण सिंह ग्रोवर ने ‘एलोन’ फिल्म में उनकी स्टार बिपाशा बसु के साथ तीसरी शादी कर ली।करण सिंह ग्रोवर की पहली शादी श्रद्धा निगम के साथ हुई थी लेकिन इसका अंजाम भी तलाक ही निकला था। खैर, ये तो बीते कल की बात हो गई, आज करण सिंह ग्रोवर अपनी पत्नी बिपाशा बसु के साथ बेहद खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। वहीं, जेनिफर अपने काम में बिजी हैं और टीवी सीरियल ‘बेपनाह’ में जोया के किरदार में खासी सुर्खियां बटोर रही है। इस सीरियल में जेनिफर और हर्षद चोपड़ा की ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को खासा पसंद आ रही है। वहीं, निजी जिंदगी में जेनिफर ने करण से तलाक के बाद अभी तक दोबारा शादी नहीं की है और अभी सिंगल ही हैं।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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