नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि वो एसबीआई जनरल इंश्योरेंस में अपनी 4 फीसद हिस्सेदारी बेच सकता है। उसने कहा कि वो स्मॉल पार्सल शेयर बिक्री (एसपीएसएस) के माध्यम से एक नॉन-प्रमोटर इकाई को बेचने का विचार बना रही है।एसबीआई जनरल इंश्योरेंस का गठन साल 2010 में हुआ था जो कि एसबीआई और ऑस्ट्रेलिया के इंश्योरेंस ग्रुप का संयुक्त उपक्रम है। एक बार बिक्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनरल इंश्योरेंस में एसबीआई की हिस्सेदारी 74 फीसद से घटकर 70 फीसद पर आ जाएगी। इस कदम को आईपीओ की लॉन्चिंग से पहले कीमत की खोज की दिशा में एक अभ्यास के रूप में माना जा सकता है।एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ पुशन महापात्रा ने अपने हालिया साक्षात्कार में बताया था कि उन्होंने वित्त वर्ष 2020 में आईपीओ को लाने की योजना बनाई है और इस ऑफर की पेशकश की तैयारी के लिए 12 से 15 महीनों का वक्त लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आईएजी ने इस ज्वाइंट वेंचर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई है।गौरतलब है कि इस कंपनी की देशभर में 111 शाखाएं हैं, जिनमें से 95 शहरी क्षेत्र में हैं। यह देखते हुए कि एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है, बीमाकर्ता देशभर में अपने ग्राहकों को बीमा उत्पादों को बेचने और विशाल बैंकिंग नेटवर्क पर पूंजीकरण करने में कामयाब रहा है।

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